नई दिल्ली:
दिल्ली की एक प्रमुख बिजली वितरण कंपनी 'टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन
लिमिटेड' (टीपीडीडीएल) ने शुल्क दरें घटाने के उपाय सुझाते हुए दावा किया
है कि इससे दिल्ली में बिजली सस्ती हो सकती हैं।
गौरतलब है कि सरकार ने 25 फरवरी को एक बैठक में बिजली वितरण कंपनियों से कहा था कि वे बिजली लागत घटाने के तौर-तरीके सुझाएं। कंपनी ने पिछले महीने बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन को चिट्ठी लिखी, जिसमें कई उपाय सुझाये गए हैं।
इसमें कंपनी ने शुल्क दर घटाने के लिए चार उपाय सुझाए हैं। इनमें अरावली बिजली संयंत्र को कोयला ब्लॉक का आवंटन, दिल्ली की बिजली उत्पादन कंपनियों में गैस का फिर से आवंटन और पुराने बिजलीघरों से बिजली का फिर से आवंटन अथवा छोड़ना शामिल है। कंपनी के अनुसार इन कदमों से शुल्क दर में लगभग 2.70 रुपये तक की कमी आ सकती है।
टीपीडीडीएल ने चिट्ठी में कहा है कि एनटीपीसी का बदरपुर, दादरी संयंत्र, एनटीपीसी का गैस आधारित दादरी, ओरैया संयंत्र तथा राजघाट और प्रगति पॉवर प्लांट काफी पुराने हो चुके हैं और इनकी लागत परिवर्तनशील बनी रहती है।
गौरतलब है कि सरकार ने 25 फरवरी को एक बैठक में बिजली वितरण कंपनियों से कहा था कि वे बिजली लागत घटाने के तौर-तरीके सुझाएं। कंपनी ने पिछले महीने बिजली मंत्री सत्येंद्र जैन को चिट्ठी लिखी, जिसमें कई उपाय सुझाये गए हैं।
इसमें कंपनी ने शुल्क दर घटाने के लिए चार उपाय सुझाए हैं। इनमें अरावली बिजली संयंत्र को कोयला ब्लॉक का आवंटन, दिल्ली की बिजली उत्पादन कंपनियों में गैस का फिर से आवंटन और पुराने बिजलीघरों से बिजली का फिर से आवंटन अथवा छोड़ना शामिल है। कंपनी के अनुसार इन कदमों से शुल्क दर में लगभग 2.70 रुपये तक की कमी आ सकती है।
टीपीडीडीएल ने चिट्ठी में कहा है कि एनटीपीसी का बदरपुर, दादरी संयंत्र, एनटीपीसी का गैस आधारित दादरी, ओरैया संयंत्र तथा राजघाट और प्रगति पॉवर प्लांट काफी पुराने हो चुके हैं और इनकी लागत परिवर्तनशील बनी रहती है।
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