राज्य में विदर्भ क्षेत्र के किसानों से मिलने के लिए पदयात्रा की शुरूआत
करने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कई किसानों ने बताया कि बीमा
कंपनियां धोखाधड़ी कर रही हैं और फसलों के नुकसान के लिए उन्हें अनिवार्य
मुआवजा नहीं दिया गया।
राहुल ने आज सुबह महाराष्ट्र के अमरावती जिले के गुंजी गांव से संवाद यात्रा की शुरूआत की। यह यात्रा क्षेत्र में किसानों और कषि क्षेत्र के संकटों को रेखांकित करने के लिए है।
राहुल गुंजी से रामगांव के बीच कुल पांच गांवों में जाएंगे और बेमौसम बारिश के कारण फसलों का नुकसान क्षेलने वाले किसानों से मुलाकात करेंगे। वह उन किसानों के परिवारों से भी मुलाकात करेंगे, जिन्होंने फसल नष्ट होने के कारण खुदकुशी कर ली है।
हीरापुर गांव के एक मंदिर में जूट से बनी चटाई पर बैठे कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पीड़ित किसानों के एक समूह की बात बहुत धैर्य से सुनी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनियां मुआवजा देने के लिए कुछ चुनिंदा इलाकों का ही चयन कर रही हैं और बाकी किसानों को उनके बकाया लाभ से वंचित रखा जा रहा है।
एक ग्रामीण पांडुरंग ने राहुल से शिकायत की कि बीमा कंपनियां अपने एजेंटों को भेज देती हैं, जो इन विदेशी बीमा कंपनियों के लिए धंधा बटोरते हैं। इससे उन्हें तो फायदा होता है, लेकिन आखिरकार किसान को नुकसान उठाना पड़ता है।
इनमें से कई किसानों ने कहा कि उन्हें कीटनाशक और उर्वरक बेहद उंचे दामों पर दिए जा रहे हैं जबकि इन चीजों की उत्पादन लागत काफी कम है। ग्रामीणों ने राहुल का ध्यान बेमौसम बारिश के कारण उनकी सोया फसल को पहुंचे नुकसान की ओर भी खींचा। एक अन्य किसान ने कहा कि नुकसान के कारण सोयाबीन की कीमतों में भारी गिरावट आई है।
भूमि अधिग्रहण विधेयक, 2015 का विरोध संसद में करने की राहुल की पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें इस बात का डर है कि खेतों पर उद्योगों का अधिकार हो जाएगा। ग्रामीणों ने कांग्रेस नेता को बताया कि वर्ष 2006 से 2014 तक जिले के धमनगांव तालुका में लगभग 171 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
तेज धूप के बीच राहुल एक गांव से दूसरे गांव तक पैदल ही गए। इस पदयात्रा में कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल थे। इनमें खासतौर पर युवा कांग्रेस के सदस्य थे। इन लोगों के हाथों में पार्टी के झंडे, बैनर और पोस्टर थे।
राहुल ने आज सुबह महाराष्ट्र के अमरावती जिले के गुंजी गांव से संवाद यात्रा की शुरूआत की। यह यात्रा क्षेत्र में किसानों और कषि क्षेत्र के संकटों को रेखांकित करने के लिए है।
राहुल गुंजी से रामगांव के बीच कुल पांच गांवों में जाएंगे और बेमौसम बारिश के कारण फसलों का नुकसान क्षेलने वाले किसानों से मुलाकात करेंगे। वह उन किसानों के परिवारों से भी मुलाकात करेंगे, जिन्होंने फसल नष्ट होने के कारण खुदकुशी कर ली है।
हीरापुर गांव के एक मंदिर में जूट से बनी चटाई पर बैठे कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पीड़ित किसानों के एक समूह की बात बहुत धैर्य से सुनी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनियां मुआवजा देने के लिए कुछ चुनिंदा इलाकों का ही चयन कर रही हैं और बाकी किसानों को उनके बकाया लाभ से वंचित रखा जा रहा है।
एक ग्रामीण पांडुरंग ने राहुल से शिकायत की कि बीमा कंपनियां अपने एजेंटों को भेज देती हैं, जो इन विदेशी बीमा कंपनियों के लिए धंधा बटोरते हैं। इससे उन्हें तो फायदा होता है, लेकिन आखिरकार किसान को नुकसान उठाना पड़ता है।
इनमें से कई किसानों ने कहा कि उन्हें कीटनाशक और उर्वरक बेहद उंचे दामों पर दिए जा रहे हैं जबकि इन चीजों की उत्पादन लागत काफी कम है। ग्रामीणों ने राहुल का ध्यान बेमौसम बारिश के कारण उनकी सोया फसल को पहुंचे नुकसान की ओर भी खींचा। एक अन्य किसान ने कहा कि नुकसान के कारण सोयाबीन की कीमतों में भारी गिरावट आई है।
भूमि अधिग्रहण विधेयक, 2015 का विरोध संसद में करने की राहुल की पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें इस बात का डर है कि खेतों पर उद्योगों का अधिकार हो जाएगा। ग्रामीणों ने कांग्रेस नेता को बताया कि वर्ष 2006 से 2014 तक जिले के धमनगांव तालुका में लगभग 171 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।
तेज धूप के बीच राहुल एक गांव से दूसरे गांव तक पैदल ही गए। इस पदयात्रा में कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल थे। इनमें खासतौर पर युवा कांग्रेस के सदस्य थे। इन लोगों के हाथों में पार्टी के झंडे, बैनर और पोस्टर थे।
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