इस सप्ताह शनिवार बहुत खास रहेगा। इस दिन 3 दुर्लभ योग बन रहे हैं।
ये हैं 3 योग
1. शनिवार को चंद्र ग्रहण रहेगा। ये ग्रहण भारत के कई क्षेत्रों में देखा जा सकेगा और कुछ क्षेत्रों में ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
2. शनिवार को पूर्णिमा है। शनिवार और पूर्णिमा के योग में किए
गए पूजन कर्म से सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त होती है। शाम के समय
चंद्र ग्रहण रहेगा, इस कारण पूजन आदि कर्म सुबह-सुबह ही कर लेना श्रेष्ठ
रहेगा। रात के समय चंद्र ग्रहण और सूतक काल समाप्ति के बाद भी पूजन किया जा
सकता है।
3. शनिवार को हनुमान जयंती भी है। शास्त्रों की मान्यता है कि
त्रेता युग में चैत्र माह की पूर्णिमा पर ही हनुमानजी का जन्म हुआ था। इस
कारण शनिवार को हनुमानजी की पूजा से शनि के दोष भी दूर हो सकते हैं। पूजन
सूतक काल में न करें।
इन 3 कारणों से शनिवार खास हो गया है। इस दिन चंद्रग्रहण होने से दिन
में सूतक रहेगा। चंद्रग्रहण शाम को होगा, लेकिन ग्रहण के समय से करीब 9
घंटे पहले ही सूतक काल प्रारंभ हो जाता है। सूतक के समय में पूजन आदि कर्म
नहीं करना चाहिए। ग्रहण के काल में मंत्रों का मानसिक जप करना चाहिए।
मानसिक जप यानी मंत्र जोर-जोर से नहीं बोलना चाहिए। मन ही मन मंत्रों का
उच्चारण किया जा सकता है।
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