हैदराबाद।
तेलंगाना राज्य के नलगोंडा जिले में एक भीषण मुठभेड़ में दो गैंगस्टर मारे
गए हैं। मुठभेड़ में एक पुलिस सिपाही भी शहीद हो गया। बताया गया कि ये
वही आतंकी हैं जो दो साल पहले 2013 में मध्य प्रदेश की खंडवा जेल से भाग गए
थे। तब कुल पांच आंतकी जेल से भागे थे। बताया गया कि मारे गए आतंकियों के
नाम असलम और एजाज ऐजाज हैं।
हालांकि
तेलंगाना के गृह मंत्री एन. नरसिम्हा रेड्डी ने मुठभेड़ में मारे गए दो
गैंगस्टरों का संबंध आतंकवादियों से होने से इंकार किया। उन्होंने
संवाददाताओं को बताया कि दोनों गैंगस्टरों का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के एक
गिरोह से होने की आशंका है। फिलहाल इस संबंध में जांच जारी है।
कुछ
मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि मारे गए दोनों गैंगस्टर प्रतिबंधित
स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्य थे। इस बारे में पूछे
जाने पर नरसिम्हा ने कहा कि उनका आतंकवादी गतिविधियों से संबंध नहीं था।
इसका कोई सवाल ही नहीं उठता। वे अंतरराज्यीय डकैत थे।
पुलिस
ने बताया कि नलगोंडा जिले के मोठकुर मंडल में जानकीपुर गांव के करीब हुई
इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। यह जगह हैदराबाद से करीब
175 किलोमीटर दूर है।
मुठभेड़
में मारे गए दोनों गैंगस्टर ने गुरुवार को नलगोंडा जिले में ही दो
पुलिसकर्मियों और सिपाही की हत्या की थी। मुठभेड़ में घायल हुए एक सर्किल
इंस्पेक्टर और उप निरीक्षक को हैदराबाद के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया
है। उप निरीक्षक की हालत नाजुक बताई गई है। पुलिस को घटनास्थल से दो
पिस्तौल और एक कार्बाइन (छोटी बंदूक) मिली है। यह अतंकियों ने पुलिस से
छीनी थी।
गुरुवार
सुबह पुलिस सूर्यापेट में विजयवाड़ा से हैदराबाद आ रही बस को रुकवाकर
उसमें सवार संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही थी, उसी दौरान संदिग्धों ने
पुलिस पर अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी थी। इस घटना में पुलिस के एक
सिपाही और एक होमगार्ड की जान चली गई थी। वहीं सर्किल और होम गार्ड का एक
जवान घायल हो गया था।
पुलिस
ने भाग निकलने में कामयाब रहे दोनों गैंगस्टरों की तलाश में जिले में बड़े
स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया था। पुलिस संदिग्धों की मौजूदगी की
सूचना मिलने के बाद ही शनिवार सुबह जानकीपुर गांव पहुंची थी।
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