Saturday, 1 August 2015

क्या आपको मालूम है अपनी घड़ी के बारे में हर चीज़?

जैसे समय काफी कीमती होता है वैसे ही इन्हें बताने वाली घड़ियां भी कम कीमती नहीं होती - चाहे इसे आप खुद खरीदें या किसी ने आपको गिफ्ट किया हो. घड़ियां हमारे स्टाइलिश और खूबसूरत लुक के लिए बेहद ही ज़रूरी एलीमेंट है, जिससे कि Fashion101 का भी मन नहीं भरता है. हालांकि हम घड़ी को सिर्फ एक घड़ी के तौर पर ही देखते हैं लेकिन क्या आप कभी भी उन कई छोटी-सी-छोटी चीजों को जानना चाहा है जिससे मिलकर ये घड़ियां बनती हैं और हमारी पर्सनैलिटी को और भी निखारती हैं. हम आपको बताते हैं इसके बारे में.
1. स्ट्रैप - बेहद खास तरीके से बना घड़ी का वो पीस जो इसे कलाई पर टिके रहने में मदद करता है, स्ट्रैप कहलाता है. आमतौर पर ये लेदर या मेटल से बनता है, लेकिन आजकल नकली लेदर से बने स्ट्रैप भी मार्केट में आने लगे हैं क्योंकि इन्हें बनाने में ज्यादा पैसे खर्च नहीं होता. कुछ सालों से कैरेमिक स्ट्रैप भी आजकल काफी फैशन में है. अब ये कई तरह के लॉकिंग टेक्नीक के साथ आने लगा हैं.
2. लग्स: इसे हॉर्न के नाम से भी जाना जाता है. लग्स वो मेटल पीसेज़ हैं, जो घड़ी में एक उभार की तरह होते है और ये घड़ी के पिन और स्ट्रैप को पकड़ के रखने में मदद करते हैं.
3. बेज़ल: आमतौर पर मेटल से बना, बेज़ल घड़ी का वो मज़बूत मेटैलिक बाउन्डरी या रिम होता है, जो घड़ी के ग्लास और उसके अंदर की चीज़ों को कवर करके रखता है. घड़ी के लुक को बढ़ाने के अलावा बेज़ल का असली काम होता है इसके ग्लास को उसके सही जगह पर बनाए रखना. कई बार ये क्रिस्टल्स, स्टोन्स, डासमंड्स और यहां तक की लेदर ट्रीमिंग्स से सजे रहते हैं.
4. डायल - अगर इसे घड़ी का बेस कहें तो ज़्यादा बेहतर होगा. ये घड़ी के और भी कई एलीमेंट्स को जोड़ कर रखता है. घड़ी की सूइयां और इसमें बनाए गए नंबर्स भी डायल में ही मौज़ूद रहते हैं.
5. ऐपर्चर - विंडो के नाम से जाना जाने वाला ऐपर्चर, घड़ी के डायल में एक छोटे से स्टॉक्स के रूप में मौज़ूद रहता है. इसमें कुछ खास जानकारियां रहती हैं. आमतौर पर इसे दिन या तारीख और कभी-कभी दोनों को हाइलाइट करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है.
6. क्राउन - घड़ी की साइड में घुमावदार डंडे की तरह मौज़ूद क्रॉउन को आमतौर पर घड़ी की रीडिंग को मैनुअली बदलने के लिए इस्तेमाल करते हैं. ज़्यादातर, इसे तारीख और समय को एडजस्ट करने के लिए इस्तेमाल करते हैं लेकिन कई बार इसे घड़ी की सूइयों की पोजिशन बदलने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है.
7. घड़ी की सूइयां - घड़ी में मौज़ूद नंबर को दर्शोने के लिए (जिससे हमें समय का पता चलता है) इसमें तीन तरह की सूइयां होती हैं. इनमें से एक सूई घंटा, एक मिनट और एक सेकेंड को बताने के लिए होती है.
8. पुशर - ज़्यादातर क्रोनोग्राफर्स और मल्टी-फंक्शनल घड़ियों में पाया जाने वाला पुशर, जैसा कि नाम से ही मालूम चलता है एक पुश बटन की तरह होता. इसका इस्तेमाल, घड़ी में किसी खास फंक्शन को चलाने के लिए किया जाता है.
9. सब-डायल - एक्सट्रा नोटिफिकेशन के लिए मेन डायल में मौज़ूद एक और डायल को सब-डायल कहते हैं. आमतौर पर सब-डायल दिन, घंटे और महीने जैसी जानकारियां देता है.
10. क्रिस्टल - घड़ी का सबसे ऊपरी लेयर क्रिस्टल कहलाता है. ग्लास, प्लास्टिक या सिंथेटिक के लिए इस्तेमाल किए जाने वाला शब्द क्रिस्टल को घड़ी के डायल को कवर करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. ये न सिर्फ एक एंटी-ग्लेयर की तरह काम करता है बल्कि घड़ी में मौज़ूद दूसरे एलीमेंट्स के लिए एक प्रोटेक्टिव लेयर की तरह भी काम करता है.

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