नई दिल्ली. मानसून सेशन के दो सप्ताह में एक भी दिन सही तरीके
से नहीं चलने वाली संसद में एआईएडीएमके सांसद ए.अरुणमोक्षीथिवन ने अजीब
सवाल पूछा। उन्होंने लिखित सवाल पूछा कि देश में कब्ज (कॉन्सटिपेशन) से
पीड़ित लोगों की संख्या क्या है और इस बारे में सरकार की प्लानिंग क्या
है? हेल्थ मिनिस्ट्री ने इसका जवाब दिया और कहा कि ऐसी कोई स्टडी नहीं
कराई।
कब्ज पर सांसद का क्या था सवाल
सांसद ए.अरुणमोक्षीथिवन ने सरकार से 'कब्ज' की बीमारी को लेकर अवेयरनेस फैलाने की प्लानिंग की भी जानकारी मांगी। आईडीएमके सांसद ने शहरी इलाकों में कब्जियत की समस्या से परेशान लोगों की तादाद और इस बीमारी को रोकने को लेकर उठाए जा रहे कदम के बारे में भी पूछा।
सांसद ए.अरुणमोक्षीथिवन ने सरकार से 'कब्ज' की बीमारी को लेकर अवेयरनेस फैलाने की प्लानिंग की भी जानकारी मांगी। आईडीएमके सांसद ने शहरी इलाकों में कब्जियत की समस्या से परेशान लोगों की तादाद और इस बीमारी को रोकने को लेकर उठाए जा रहे कदम के बारे में भी पूछा।
सरकार ने दिया जवाब
एआईएडीएम के सांसद ए.अरुणमोक्षीथिवन के सवाल का जवाब केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने दिया। शुक्रवार को जवाब में सरकार ने की ओर से उन्होंने बताया कि इस बारे में देश में कोई स्टडी नहीं की गई है। सरकार के पास ऐसा कोई आंकडा नहीं है जिससे बताया जा सके कि देश के शहरी इलाकों में कितने लोग 'क्रोनिक कब्ज' से पीड़ित हैं।
एआईएडीएम के सांसद ए.अरुणमोक्षीथिवन के सवाल का जवाब केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री श्रीपद नाइक ने दिया। शुक्रवार को जवाब में सरकार ने की ओर से उन्होंने बताया कि इस बारे में देश में कोई स्टडी नहीं की गई है। सरकार के पास ऐसा कोई आंकडा नहीं है जिससे बताया जा सके कि देश के शहरी इलाकों में कितने लोग 'क्रोनिक कब्ज' से पीड़ित हैं।
'राज्य का सब्जेक्ट है हेल्थ'
हेल्थ मिनिस्ट्री ने अपने जवाब में कहा कि हेल्थ राज्यों का मामला है। राज्य को अपने लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। साथ ही संबंधित डिपार्टमेंट को इस प्राब्लम का इलाज करने के लिए कहना चाहिए। नाइक ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के हॉस्पिटल्स में फैसिलिटी बढ़ा रही है लेकिन अपने लोगों को हेल्थ रिलेटेड और उन्हें फिट रखने की जानकारी राज्य सरकारों को ही देनी होगी।
हेल्थ मिनिस्ट्री ने अपने जवाब में कहा कि हेल्थ राज्यों का मामला है। राज्य को अपने लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए। साथ ही संबंधित डिपार्टमेंट को इस प्राब्लम का इलाज करने के लिए कहना चाहिए। नाइक ने स्पष्ट किया है कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के हॉस्पिटल्स में फैसिलिटी बढ़ा रही है लेकिन अपने लोगों को हेल्थ रिलेटेड और उन्हें फिट रखने की जानकारी राज्य सरकारों को ही देनी होगी।
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