Saturday, 4 April 2015

जानिये, आपके शहर में कब से कब तक रहेगा चंद्रग्रहण का असर


नयी दिल्लीः   पूर्ण चन्द्रग्रहण - चैत्र शुक्ल पूर्णिमा , शनिवार वि0 सं0 2072( 4 अप्रैल 2015) को लगनेवाला चद्रग्रहण मुख्य रूप से एशिया के अधिकांश भाग , ऑस्ट्रेलिया , उत्तरी दक्षिणी अमेरिका, अंटार्कटिका, भारतीय एवं पेस्फिक समुद्री क्षेत्र में दिखायी गयी. चंद्रग्रहण प्रारंभ काल में चंद्रास्तके समय अर्जेटिना  , ब्राजील का पश्चिमी भाग यूनाइटेड स्टेट ऑफ अमेरिका के पूर्वी भाग और कनाडा में तथा समाप्ति काल में चंद्रोदय के समय कजाकिस्तान , पाकिस्तान एवं रूप से कुछ भागों में छाया रूप में दिखायी देगा. ग्रहण समाप्ति के समय पूर्ण रूप  से पूर्वोत्तर भारत, अंडमान और निकोबार द्विपसूमह तथा अरुणांचल प्रदेश के पूर्वी भाग में दृश्य होगा..पूरे भारत में इसका व्यापक प्रभाव शाम के 5.30 बजे से लेकर 7.15 मिनट तक दिखेगा.
 
जानिये, आपके शहर में कितने से कितने बजे तक रहेगा ग्रहण का प्रभाव
 
दिल्लीः शाम  6.39 मिनट से शाम 7.15 मिनट तक 
 
पटनाः शाम 6.05 मिनट से शाम 7.15 मिनट तक
 
रांचीः शाम   6.03 मिनट से  शाम 7.15 मिनट तक
 
कोलकाताः शाम 5.51 मिनट से  7.15 मिनट तक
 
अगरतल्लाः शाम 5.93 मिनट से  7.15 मिनट तक
 
दार्जलिंगः शाम 5.53 मिनट से  7.15 मिनट तक
 
इहालाबादः शाम 6.20 मिनट से  7.15 मिनट तक
 
गयाः शाम 6.07 मिनट से 7.15 मिनट तक
 
शिमलाः शाम  6.41 मिनट  से 7.15 मिनट तक
 
बेंगलुरुः शाम 6.32 मिनट से  7.15 मिनट तक
 
उज्जैनः शाम 6.44 मिनट से  7.15 मिनट तक
 
देहरादूनः शाम 6.37 मिनट से  7.15 मिनट तक
 
हरिद्वारः शाम 6.36 मिनट से  7.15 मिनट तक
 
रायपुरः शाम 6.18 मिनट से  7.15 मिनट तक
 
इंफालः शाम 5.30 मिनट से  7.15 मिनट तक
 
चेन्नईः शाम 6.20 मिनट से  7.15 मिनट तक
 
 
ग्रहण के दौरान और ग्रहण के बाद क्या करें 
चंद्रमा व राहु के मंत्रों का जप करें. ऐसा करने से ग्रहण योग की प्रतिकूलता से मुक्ति मिलेगी. साथ ही इस दिन उड़द व मूंग दाल, चावल, काला तिल व नीले-काले एवं श्वेत  रंगों के वस्त्रों का दान करना शुभ होगा.
 
क्या है चंद्रग्रहण
चंद्रमा व सूर्य के बीच में पृथ्वी के आ जाने को चंद्रग्रहण कहते हैं. तब सूर्य व चंद्रमा के बीच पृथ्वी इस प्रकार से आ जाती है कि पृथ्वी की छाया से चंद्रमा का पूरा या आंशिक भाग ढक जाता है.

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