Thursday, 30 April 2015

साउथ अभिनेत्री अनुष्का शेट्टी का एमएमएस लीक!

मुंबई आजकल सिनेजगत में अभिनेत्रियों के एमएमएस लीक होने की खबरें आती रहती हैं। ऐसे में अब दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में भी इन दिनों एक के बाद एक अभिनेत्रियों के एमएमएस लीक हो रहे हैं।
अब इस कड़ी में अनुष्का शेट्टी का नाम और जुड गया है। इससे पहले हंसिका मोटवानी, राधिका आप्टे और वसुंधरा कश्यप भी ऎसे इंटरनेट जालसाजों की शिकार बन चुकी हैं, जिनकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे।
अब अनुष्का की जैसे दिखने वाली इस युवती का "गंदा" एमएमएस इंटरनेट पर वायरल हो गया है। यह वीडियो बडी तेजी से व्हाट्सएप और सोशल मीडिया में फैल रहा है।
पुराने लीक एमएमएस की जैसे इस वीडियो की क्वालिटी भी खराब है और लग रहा है कि छुपे हुए कैमरे से ऎसी शर्मनाक करतूत की गई है।
अधिकतर लोगों को मानना है कि अनुष्का की छवि खराब करने के लिए यह फर्जी वीडियो बनाया गया है। अनुष्का की ओर से अभी तक इस एमएमएस को लेकर कोई बयान नहीं आया है। पिछले माह हंसिका का भी ऎसा ही वीडियो सामने आया था, जिसमें वे नहाती हुई दिख रही थीं। उससे भी कुछ समय पहले राधिका की नग्न तस्वीरों के सामने आने से हल्ला मचा था।

10 साल का बच्चा बना एक दिन के लिए जयपुर पुलिस कमिश्नर

जयपुर 10 साल के बच्चा जो की पुलिस कमिश्नर बनने की तमन्ना रखता है उसकी ये ख्वाहिश जयपुर पुलिस ने पूरी कर दी है ।
दरअसल हरियाणा के सिरसा का रहने वाला गिरीश शर्मा किडनी से संबंधित गंभीर बीमारी से पीड़ित है। और उसकी तमन्ना है कि वो पुलिस कमिश्नर बने भले ही एक दिन के लिए।
उसकी इस ख्वाहिश को दोपहर 3.30 बजे पूरा किया गया जब उसे जयपुर कमिश्नर की कुर्सी पर बैठाकर सलामी दी गई ।

उसकी इस ख्वाहिश को संस्था मेक अ विश फाउंडेशन पूरा करवा रही है। एनजीओ जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे बच्चों की ख्वाहिश पूरी करवाती है। ये संस्था इन गंभीर रुप से बीमार बच्चों को उनके पसंदीदा सेलेब्रिटी से भी मिलवाती है।
देश में इससे पहले एक बच्चे सादिक को हैदराबाद में पिछले अक्टूंबर में पुलिस कमिश्नर बनाया गया था । पुलिस आयुक्त महेंद्र रेड्डी ने उसे एक दिन का कमिश्नर बनाकर उसकी ख्वाहिश पूरी की थी ।

फांसी से गजेंद्र सिंह की मौत : पोस्टमार्टम रिपोर्ट

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी की रैली में गत दिनों राजस्थान के दौसा के किसान गजेंद्र सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में फांसी लगाने से मौत की पुष्टि हुई है।
गजेंद्र की मौत पर इस बात की शंका बनी हुई थी कि उसकी मौत फांसी लगने से या पेड़ से गिरने की वजह से हुई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसके शरीर के किसी हिस्से की हड्डी नहीं टूटी है।
पुलिस आयुक्त बी एस बस्सी ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले में चश्मदीद बेहत महत्वपूर्ण हैं। आप के नेताओं से इस मामले में पूछताछ के जवाब में उन्होंने कहा कि जांच अधिकारी को जरूरत पड़ी तो पूछताछ करेंगे।
उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में जो संबंधित होगा उससे पूछताछ की जाएगी। जांच जब पूरा हो जाएगी तब इस बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
 पुलिस सूत्रों ने बताया कि चश्मदीदों ने पुलिस को बताया कि आप के कार्यकर्ताओं ने गजेंद्र को पेड़ पर चढऩे के लिए उकसाया था लेकिन उसकी मौत एक हादसा था। पुलिस रिपोर्ट में भी कहा गया है कि आप के कार्यकर्ताओं ने ही उसे पेड़ पर चढऩे के लिए उकसाया था।

नेपाल: मलबे से गर्लफ्रेंड को निकाला, मंदिर में की शादी

काठमांडू. अमिता नेपाली और नरेंद्र तिवारी ने बुधवार को शादी की। शनिवार को आए भूकंप में इनका सब कुछ तबाह हो गया। इसके बावजूद, दोनों ने तयशुदा तारीख पर शादी करने का फैसला किया। न केवल शादी हुई, बल्कि बरात भी निकली और हनीमून भी मनाया। चूंकि भूकंप से घर तबाह हो गया था तो शादी की पहली रात राहत शिविर में गुजारी। इसके बावजूद, कपल बेहद खुश हैं और आने वाली जिंदगी की चुनौतियों का सामना करने को तैयार हैं।
29 को शादी 25 को भूकंप
अमिता और नरेंद्र काठमांडू में सालों से रहते हैं। पहले दोनों के बीच प्यार हुआ, जिसके बाद दोनों ने शादी का फैसला किया। शादी की तारीख 29 अप्रैल तय हुई। 25 अप्रैल को आए विनाशकारी भूकंप में दोनों के घर तबाह हो गए। अमिता अपने घर के मलबे में फंस गई। नरेंद्र के मुताबिक, एक पल के लिए उन्हें लगा कि उनका सब कुछ तबाह हो गया, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। नरेंद्र सबसे पहले अमिता के घर पहुंचे और उसे और उसके परिवारवालों को मलबे से बाहर निकाला।
जख्मी अमिता ने लिया शादी का फैसला
अमिता काफी जख्मी हो गई थीं। शुरुआत में वह और उनका परिवार शादी के लिए तैयार नहीं थे। हालांकि, जब नरेंद्र ने समझाया तो वे राजी हो गए। इसके बाद तयशुदा 29 अप्रैल को दोनों ने पशुपतिनाथ मंदिर में शादी कर ली। अमिता ने बताया कि शादी में बाराती के तौर पर 36 लोग शामिल हुए जो 18 मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए। इनमें परिवार के लोग भी शामिल थे।

सैमसंग को लगा झटका, बिक्री 12.4 फीसदी गिरी

नई दिल्ली  मोबाइल फोन बाजार में अपनी बादशाहत बचाने में जुटी कोरियाई कंपनी सैमसंग को इस साल जनवरी-मार्च तिमाही में बड़ा झटका लगा है। इस दौरान इसकी वैश्विक बिक्री 12.4 प्रतिशत कम होकर नौ करोड़ 90 लाख रह गई है।
शोध सलाह देने वाली कंपनी काउंटर प्वाइंट रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2014 की पहली तमाही में सैमसंग ने वैश्विक स्तर पर 11 करोड़ 30 लाख मोबाइल फोन की बिक्री की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान अमरीकी हाईएंड मोबाइल फोन कंपनी एप्प्ल और चीन की कंपनी शियोमी ने बिक्री में क्रमश: 40 प्रतिश्त और 39.1 प्रतिशत की दमदार बढ़ोतरी के साथ सैमसंग को कड़ी चुनौती दी है।
2015 की पहली तिमाही में एप्पल की बिक्री पिछले वर्ष की इसी तिमाही के चार करोड़ 37 लाख से बढ़कर छह करोड़ 12 लाख और शियोमी की एक करोड़ 10 लाख से बढ़कर एक करोड़ 53 लाख पर पहुंच गई।
रिपोर्ट के अनुसार नोकिया को खरीदकर मोबाइल फोन कारोबार में उतरी सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में आलोच्य अविध में बिक्री में सबसे बड़ी 36 प्रतिशत की गिरावट रही और उसकी बिक्री पहले के पांच करोड़ 20 लाख से लुढ़ककर तीन करोड़ 33 लाख पर आ गई।
रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की मोबाइल फोन निर्माता कंपनी हुवावेई ने बेहतर प्रदर्शन किया है और उसकी बिक्री 21.2 प्रतिशत बढ़कर एक करोड़ 72 लाख पर पहुंच गई है।
साथ ही एलजी की बिक्री 15.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ एक करोड़ 90 लाख, लेनेवो एवं मोटोरोला की 1.27 प्रतिशत बढ़कर दो करोड़ 22 लाख और टीसीएसल अल्काटेल की बिक्री 12 प्रतिशत बढ़कर एक करोड़ 49 लाख पर पहुंच गई।

चिलचिलाती धूप में राहुल की पंचायत, फडणवीस ने दागे सवाल

किसानों के मुद्दे पर राहुल गांधी मोदी सरकार को चौतरफा घेर रहे हैं। गुरुवार को राहुल महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में पदयात्रा पर हैं। यह वह इलाका है जहां कर्ज से दबे किसानों ने सबसे ज्यादा खुदकुशी की है। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल से कुछ लोगों ने कहा कि इंश्योरेंस कंपनिया उनके साथ धोखाधड़ी कर रही हैं। किसानों ने राहुल से शिकायत की है कि फसल बर्बाद होने के बावजूद ये कंपनियां उन्हें मुआवजा नहीं दे रही हैं।

गुरुवार सुबह महाराष्ट्र के अमरावती जिले के गुंज गांव से राहुल ने 'संवाद यात्रा' की शुरुआत की। इस दौरान किसानों ने खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं से राहुल को अवगत कराया। कांग्रेस पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले राहुल गुंज गांव से लेकर रामगांव तक पहुंचे। इस दौरान वह पांच गावों में पैदल पहुंचे। राहुल ने इन गांवों में उन किसानों से मुलाकात की जिनकी फसलें बेमौसम बारिश के कारण बर्बाद हो गई हैं। हिरापुर गांव में एक मंदिर के पास जूट की चटाई पर बैठे राहुल किसानों की समस्याओं को सब्र से सुनते रहे। इस बैठक में हाशिए के किसानों का एक ग्रुप शामिल हुआ।राहुल की इस यात्रा पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कुछ तीखे सवाल पूछे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल से पूछा, 'हम महाराष्ट्र में महज 6 महीने से सत्ता में हैं। आप यहां लगातार 15 सालों से सत्ता में थे। किसानों की इस हालत के लिए क्या आप जिम्मेदार नहीं हैं?' फडणवीस ने कहा कि वह किसानों को मुफलिसी की हालत से उबारने के लिए दृढ़ हैं। फडणवीस ने कहा कि राहुल जी को किसानों की स्थिति की समीक्षा करने का पूरा हक है। यदि वह कोई रचनात्मक सलाह देते हैं तो हम गौर भी करेंगे।

चिलचिलाती धूप में राहुल की पंचायत, फडणवीस ने दागे सवाल

चिलचिलाती धूप में राहुल की पंचायत
चिलचिलाती धूप में राहुल की पंचायत
शेयर करें
अमरावती
किसानों के मुद्दे पर राहुल गांधी मोदी सरकार को चौतरफा घेर रहे हैं। गुरुवार को राहुल महाराष्ट्र के विदर्भ इलाके में पदयात्रा पर हैं। यह वह इलाका है जहां कर्ज से दबे किसानों ने सबसे ज्यादा खुदकुशी की है। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल से कुछ लोगों ने कहा कि इंश्योरेंस कंपनिया उनके साथ धोखाधड़ी कर रही हैं। किसानों ने राहुल से शिकायत की है कि फसल बर्बाद होने के बावजूद ये कंपनियां उन्हें मुआवजा नहीं दे रही हैं।

गुरुवार सुबह महाराष्ट्र के अमरावती जिले के गुंज गांव से राहुल ने 'संवाद यात्रा' की शुरुआत की। इस दौरान किसानों ने खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं से राहुल को अवगत कराया। कांग्रेस पार्टी में नंबर दो की हैसियत रखने वाले राहुल गुंज गांव से लेकर रामगांव तक पहुंचे। इस दौरान वह पांच गावों में पैदल पहुंचे। राहुल ने इन गांवों में उन किसानों से मुलाकात की जिनकी फसलें बेमौसम बारिश के कारण बर्बाद हो गई हैं। हिरापुर गांव में एक मंदिर के पास जूट की चटाई पर बैठे राहुल किसानों की समस्याओं को सब्र से सुनते रहे। इस बैठक में हाशिए के किसानों का एक ग्रुप शामिल हुआ।



राहुल की इस यात्रा पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कुछ तीखे सवाल पूछे हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राहुल से पूछा, 'हम महाराष्ट्र में महज 6 महीने से सत्ता में हैं। आप यहां लगातार 15 सालों से सत्ता में थे। किसानों की इस हालत के लिए क्या आप जिम्मेदार नहीं हैं?' फडणवीस ने कहा कि वह किसानों को मुफलिसी की हालत से उबारने के लिए दृढ़ हैं। फडणवीस ने कहा कि राहुल जी को किसानों की स्थिति की समीक्षा करने का पूरा हक है। यदि वह कोई रचनात्मक सलाह देते हैं तो हम गौर भी करेंगे।



गांव वालों ने राहुल से इंश्योरेंस कंपनियों को बारे में शिकायत की। किसानों ने कहा कि इंश्योरेंस कंपनियां कुछ खास सैंपल के आधार पर मुआवजा बांट रही हैं जबकि ज्यादातर किसान जिनकी फसल बर्बाद हुई है वे मुआवजे से वंचित हैं। एक ग्रामीण पांडुरंग ने राहुल से शिकायत की कि इंश्योरेंस कंपनियां अपने एजेंट को भेज देती हैं लेकिन ये अपना बिजनस चमकाने का काम करते हैं। इस ग्रामीण ने कहा कि किसानों के मुआवजा नहीं मिल पा रहा है।

कुछ किसानों ने कहा कि कीटनाशक और खाद उन्हें ऊंची कीमत पर मिल रहे हैं जबकि जो पैदा कर रहे हैं उनकी कीमत लागत से काम मिल रही है। ग्रामीणों ने बेमौसम बारिश के कारण सोया फसल की बर्बादी के बारे में भी राहुल को बताया। एक किसान ने कहा कि सोयाबीन की कीमत उन्हें न के बराबर मिल रही है।

गांव वालों ने भूमि अधिग्रहण बिल, 2015 का राहुल द्वारा पुरजोर विरोध किए जाने का स्वागत किया। इन्होंने कहा कि इस बिल के पास हो जाने से हमारी जमीनें छीन ली जाएंगी। गांव वालों ने कांग्रेस नेता से कहा कि 2006 से 2014 के बीच धमनगांव ताल्लुका में 171 किसानों ने खुदकुशी कर ली है। चिलचिलाती धूप में राहुल गांव से गांव पैदल पहुंचते रहे। इस दौरान उन्होंने 15 किलोमीटर पैदल यात्रा की। इस पदयात्रा में भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल हुए। इसमें यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता सबसे ज्यादा दिखे।

राहुल गांधी ने इस यात्रा के दौरान केंद्र की मोदी सरकार को भी निशाने पर लिया। राहुल ने कहा कि मोदी सरकार किसान विरोधी नीतियों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बेमौसम बरसात के कारण किसान मुश्किल में हैं लेकिन मोदी सरकार इन्हें इग्नोर कर रही है। राहुल ने कहा कि हम किसानों के मोर्चे पर मोदी सरकार को बख्शेंगे नहीं।

पंजाब: छेड़खानी का विरोध करने पर चलती बस से मां-बेटी को फेंका

चलती बस में कथित तौर पर छेड़छाड़ करने और धक्का मारकर बस से नीचे गिराए जाने के कारण एक किशोरी की मौत हो गयी और उसकी मां गंभीर रूप से घायल हो गयी।

पुलिस ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के परिवार के मालिकाना हक वाली कथित कंपनी से जुड़ी बस के कंडक्टर और खलासी को मोगा-कोटकपुरा रोड पर गिल गांव के निकट कल शाम हुयी खौफनाक घटना के मामले में आज गिरफ्तार कर लिया।

मोगा के एसपी एच एस पन्नू ने बताया कि घायल महिला ने अपने बयान में बताया कि वह और उनकी 16 वर्षीय बेटी से बस में कंडक्टर, खलासी और एक और अज्ञात व्यक्ति ने कथित तौर पर छेड़छाड़ की और परेशान किया।

उन्होंने कहा, आरोपियों ने चलती बस में उन्हें धक्का देकर बाहर फेंक दिया। इससे पहले पुलिस ने कहा कि छेड़छाड़ करने वालों से बचने के लिए दोनों बस से कूद गयी थीं।

विपक्षी दलों ने बादल परिवार पर निशाना साधा है। कांग्रेस ने यह कहते हुए न्यायिक जांच की मांग की है कि स्थानीय प्राधिकार राजनीतिक जुड़ाव के कारण कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ काम नहीं कर पाएगा।

मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने घटना को बेहद दुखद बताया और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करने का वादा किया। साथ ही जोर देकर कहा कि कंपनी के मामलों में उनका कोई हित नहीं है और वह कभी उसके कार्यालय भी नहीं गए हैं।

लोकसभा में मामला उठाते हुए आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सदस्यों ने हंगामा किया, जिसके बाद कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित हुयी।

पन्नू ने बताया कि बस को जब्त कर लिया गया है और आईपीसी की धाराओं 302, 307, 354, 34 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

मोगा के एसएसपी जीतेंद्र सिंह खैरा ने बताया, बस कंडक्टर सुखविंदर और खलासी गुरदीप को गिरफ्तार कर लिया गया है। हम मामले में तीसरे आरोपी को भी पकड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

पुलिस ने दावा किया कि महिला ने बस ड्राइवर के खिलाफ कोई आरोप नहीं लगाया है। उन्होंने कहा, बस ड्राइवर को जब पता चला तो उसने बस सड़क के एक तरफ रोक दी। पहले वह डर गया कि लोग उसकी पिटाई न कर दे लेकिन बाद में उसने जांचकर्ताओं की मदद की और अपना बयान दर्ज कराया।

ड्राइवर भी आरोपियों के साथ मिला हुआ था, इन आरोपों पर पन्नू ने कहा, वह आरोपियों की हमारी सूची में नहीं है। लड़की की 38 वर्षीय मां को मोगा के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया गया।

उन्होंने बताया कि मां और बेटी मोगा से बागापुराना एक बस में जा रही थीं जो लगभग खाली थी। बस के खलासी ने मां से छेड़छाड़ करनी शुरू कर दी और मना किये जाने पर भी वह अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहा था। इसी बीच कुछ और आरोपी आ गए और इसके बाद तीनों ने कथित तौर पर उसकी बेटी से भी छेड़छाड़ की।

महिला का 10 वर्षीय बेटा भी घटना के वक्त उनके साथ था। वह बस में सीट पर ही बैठा रहा और बाद में पुलिस ने उसे परिवार को सौंप दिया। महिला और उसकी बेटी को घटना के बाद वहां जमा हुए लोगों ने अस्पताल पहुंचाया।

घायल महिला से मिलने के लिए मोगा पहुंचे पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय को इस मामले का स्वत: संज्ञान लेना चाहिए। उन्होंने कहा, जिला प्रशासन और पुलिस कभी भी इस परिवहन कंपनी के खिलाफ कुछ नहीं करेंगे। न्याय के हित में मुख्य न्यायाधीश से मेरा अनुरोध है कि मानवीय आधार पर कपया आप स्वत: इस मामले का संज्ञान लीजिए और निर्धारित समय के भीतर संपन्न होने वाली न्यायिक जांच का आदेश दीजिए।

आप के सांसद भगवंत मान ने मांग की है कि बादल परिवार को इस मुददे पर रूख साफ करना चाहिए। उन्होंने कहा, पंजाब अपराधियों का ठिकाना बन गया है।

मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। चंडीगढ़ में उन्होंने संवाददाताओं से कहा, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना है। मैं इसकी निंदा करता हूं। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अन्य आरोपियों को भी जल्द पकड़ा जाएगा।

उन्होंने कहा, मैं मानता हूं कि यह एक जघन्य अपराध है। लेकिन, जब किसी ने अपराध कर दिया तो मैं और क्या कर सकता हूं। दो गिरफ्तारियां हो चुकी है तथा औरों को पकड़ने की प्रकिया चल रही है।

उन्होंने कहा, मुझे यह सुनकर दुख हुआ है। पूरी मानवता को चोट पहुंची है। बताया जाता है कि बस ऑरबिट कंपनी की थी। इसका मालिकाना हक बादल परिवार के पास है।

बादल ने कहा, मैंने कभी ऑरबिट कंपनी के मामले में दिलचस्पी नहीं ली। मुझे परिवहन कंपनी के बारे में कुछ नहीं पता और मैं कभी इसके कार्यालय नहीं गया।

87 वर्षीय मुख्यमंत्री ने कहा, कानून अपना काम करेगा। हत्या का एक मामला दर्ज कर लिया गया है और घायल महिला के बयान के आधार पर अन्य धाराएं लगायी गयी है।

पंजाब में बादल भाजपा-शिरोमणि अकाली दल सरकार का नेतत्व करते हैं और उनके बेटे सुखबीर उपमुख्यमंत्री हैं। सुखबीर की पत्नी हरसिमरत कौर बादल मोदी सरकार में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री हैं।

केंद्रीय मंत्री हरसिमरत ने घटना की निंदा की और कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की है और शासन सुनिश्चित करेगा कि दोषियों को कड़ी सजा मिले।

फॉर्म में हैं राहुल गांधी, महाराष्ट्र के किसानों से मिल कर जाना हाल

राज्य में विदर्भ क्षेत्र के किसानों से मिलने के लिए पदयात्रा की शुरूआत करने वाले कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को कई किसानों ने बताया कि बीमा कंपनियां धोखाधड़ी कर रही हैं और फसलों के नुकसान के लिए उन्हें अनिवार्य मुआवजा नहीं दिया गया।

राहुल ने आज सुबह महाराष्ट्र के अमरावती जिले के गुंजी गांव से संवाद यात्रा की शुरूआत की। यह यात्रा क्षेत्र में किसानों और कषि क्षेत्र के संकटों को रेखांकित करने के लिए है।

राहुल गुंजी से रामगांव के बीच कुल पांच गांवों में जाएंगे और बेमौसम बारिश के कारण फसलों का नुकसान क्षेलने वाले किसानों से मुलाकात करेंगे। वह उन किसानों के परिवारों से भी मुलाकात करेंगे, जिन्होंने फसल नष्ट होने के कारण खुदकुशी कर ली है।

हीरापुर गांव के एक मंदिर में जूट से बनी चटाई पर बैठे कांग्रेस उपाध्यक्ष ने पीड़ित किसानों के एक समूह की बात बहुत धैर्य से सुनी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनियां मुआवजा देने के लिए कुछ चुनिंदा इलाकों का ही चयन कर रही हैं और बाकी किसानों को उनके बकाया लाभ से वंचित रखा जा रहा है।

एक ग्रामीण पांडुरंग ने राहुल से शिकायत की कि बीमा कंपनियां अपने एजेंटों को भेज देती हैं, जो इन विदेशी बीमा कंपनियों के लिए धंधा बटोरते हैं। इससे उन्हें तो फायदा होता है, लेकिन आखिरकार किसान को नुकसान उठाना पड़ता है।

इनमें से कई किसानों ने कहा कि उन्हें कीटनाशक और उर्वरक बेहद उंचे दामों पर दिए जा रहे हैं जबकि इन चीजों की उत्पादन लागत काफी कम है। ग्रामीणों ने राहुल का ध्यान बेमौसम बारिश के कारण उनकी सोया फसल को पहुंचे नुकसान की ओर भी खींचा। एक अन्य किसान ने कहा कि नुकसान के कारण सोयाबीन की कीमतों में भारी गिरावट आई है।

भूमि अधिग्रहण विधेयक, 2015 का विरोध संसद में करने की राहुल की पहल की सराहना करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें इस बात का डर है कि खेतों पर उद्योगों का अधिकार हो जाएगा। ग्रामीणों ने कांग्रेस नेता को बताया कि वर्ष 2006 से 2014 तक जिले के धमनगांव तालुका में लगभग 171 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।

तेज धूप के बीच राहुल एक गांव से दूसरे गांव तक पैदल ही गए। इस पदयात्रा में कांग्रेस के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल थे। इनमें खासतौर पर युवा कांग्रेस के सदस्य थे। इन लोगों के हाथों में पार्टी के झंडे, बैनर और पोस्टर थे।

बोले सांसद- 'बेटा पैदा कराने' वाली दवा बेचते हैं रामदेव, सरकार बोली - जांच होगी


 
नई दिल्ली। बाबा रामदेव की कंपनी ‘दिव्य फार्मेसी’ द्वारा बनाई जा रही एक दवा को लेकर गुरुवार को राज्यसभा में जमकर हंगामा हुआ। जेडीयू सांसद केसी त्यागी यह दवा सदन में लेकर आए और उन्होंने इस पर तुरंत बैन लगाने की मांग की। गुलाम नबी आजाद, जया बच्चन और जावेद अख्तर समेत पूरे विपक्ष ने सरकार से रामदेव के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके बाद सरकार की ओर से स्वास्थ्य मंत्री ने जांच का आश्वासन और कार्रवाई का भरोसा दिया है।
दिव्य फार्मेसी ने दी सफाई
दिव्य फार्मेसी के मुताबिक 'दिव्य पुत्र बीजक' दवा महिलाओं के मासिक चक्र को नियमित करने के साथ ही हार्मोन्स को नियंत्रित करती है। महिलाओं में बांझपन (इन्‍फर्टिलिटि) की समस्‍या दूर करने के लिए यह दवा बनाई गई है। फार्मेसी का दावा है कि यह दवा बेटा पैदा करने के लिए नहीं बनाई गई है। 35 रुपए की यह दवा कमजोरी दूर करती है और महिलाओं में सेक्स की इच्छा बढ़ाती है।
हरियाणा में मांग ज्यादा

वैसे खास बात यह है कि इस दवा की हरियाणा में काफी मांग है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण तथ्य है कि देश में सबसे कम लिंगानुपात हरियाणा में ही है। बता दें कि हरियाणा सरकार ने कुछ दिन पहले ही रामदेव को राज्य का ब्रांड एंबेसडर बनाया है। इतना ही नहीं सरकार ने योग को प्रमोट करने के लिए उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी दिया हालांकि रामदेव ने इसे लेने से इनकार करते हुए कहा कि वह बाबा हैं और बाबा ही रहना चाहते हैं।

sachkahoonteam

sachkahoonteam

sachkahoonteam

sachkahoonteam

sachkahoonteam

sachkahoonteam

sachkahoonteam

sachkahoonteam

sachkahoonteam

sachkahoonteam

sachkahoonteam

sachkahoonteam

मंत्री का दामाद करता था गाड़ियों की चोरी


नवाब वारसी नाम का शातिर अपराधी अब दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में है. वारसी अपने गुर्गों के साथ मिलकर न सिर्फ गाड़ियों की लूटपाट में शामिल रहता था, बल्कि गाड़ियों को चोरी करके उसके नकली कागजात बनाकर भी गाड़ियों को बेचा करता था.
ट्रांस्पोर्ट विभाग से पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग गाड़ियों के फर्जी कागजात बनाकर उन्हें बेचने की तैयारी में हैं, जिसके बाद पुलिस ने इस धरपकड़ को अंजाम दिया और गिरोह के चार बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया.
हैरानी की बात तो ये है कि वारसी के ससुर उत्तराखंड में एक दर्जा प्राप्त मंत्री हैं. हांलाकि सूत्रों की मानें तो वारसी की आपराधिक गतिविधियों के ही चलते अब वारसी के अपने ससुराल में संबंध खत्म हो चुके हैं. वारसी और उसका गिरोह महंगी गाड़ियों और यहां तक ट्रकों को भी ना सिर्फ चोरी करते थे, बल्कि चोरी किए गए ट्रकों को खरीदकर उनको बेचा भी करते थे.
ये गिरोह इतना खतरनाक है इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गिरोह के बारे में एक सूचना बुलंदशहर इलाके में पुलिस के मुखबिर ने पुलिस तक पहुंचाई, लेकिन उसके बाद उस मुखबिर को गिरोह के बदमाशों ने जलाकर मार दिया.
पुलिस ने गिरोह के कब्जे से करीब 16 महंगी लग्जरी गाड़ियों के अलावा चोरी के दो ट्रक तक बरामद किए हैं. पुलिस को उम्मीद है कि इस गिरोह से जुड़े कुछ नए खुलासे तफ्तीश के दौरान सामने आ सकते हैं.

रणथम्भौर में वन्यजीवों की गिनती शुरू

इन दिनों रणथम्भौर बाघ परियोजना क्षेत्र में वन्यजीवों की गिनती की जा रही है. इसकी शुरुआत साइन सर्वे के जरिए की गई है.
पार्क क्षेत्र में साइन सर्वे का काम 27 अप्रैल से शुरू किया गया है, जो 29 अप्रैल तक चलेगा. उसके बाद 30 अप्रैल से 4 मई तक ट्राजिंट लाइन के माध्यम से वन्यजीवों का सर्वे किया जाएगा. साथ ही विभाग कैमरे से फोटो 'ट्रैप' करके भी वन्यजीवों की‍ गिनती करेगा. एनटीसीए द्वारा मई में वन्यजीवों की गणना की जाएगी, जो 60 दिनों तक चलेगी.
विभागीय अधि‍कारियों का कहना है कि साइन सर्वे के दौरान बीट गार्ड अपने क्षेत्र में 5 किलोमीटर तक पैदल चलेगा. इस दौरान पार्क क्षेत्र में विचरण करने वाले वन्यजीवों के फुटमार्क जमा करेगा, जिससे वन्यजीवों के बारे में जानकारी मिल सके. उसके बाद ट्राजिट लाइन के माध्यम से सर्वे किया जाएगा.
रणथम्भौर नेशनल पार्क को 93 बीट में बांटा गया है. गणना के लिए हर रेंज में 20-20 गार्डों को प्रशिक्षण दिया गया है. वन्यजीवों की गणना के साथ ही पार्क की भौगोलिक स्थिति का पता लगाने के लिए कई उपकरण भी दिए जाएंगे. मॉनिटरिंग के लिए अधिकारी नियुक्त किए गए है.
वैसे तो हर साल पार्क क्षेत्र में वन्यजीवों की गणना की जाती है, मगर हर बार बाघों की संख्या को लेकर वनविभाग असमंजस में रहता है.

हाथ-पैर नहीं, लेकिन खूबसूरत पेंटिंग कर बनाई पहचान

मध्य प्रदेश के नर्मदा में 28 साल की गोंड आदिवासी महिला के दोनों हाथ-पांव नहीं है, लेकिन उसे पेंटिंग करता देख सब हैरान हो जाते हैं. ये महिला नर्मदा नदी के किनारे रहती है और घंटों अपने दांतों के बीच ब्रश दबाए पेंट कर सकती है.
नरबादिया के अंदर ये टैलेंट बचपन से ही था. अपने छठे जन्मदिन से ही वह गांव में सबके बीच चर्चित हो गई थी. वो पेंसिल को एक लंबी छड़ी में बांधकर अपने दांतों के बीच फंसाती और कई घंटों स्केच करती रहती. उसने कहा, 'मैं बचपन से पेंटिंग कर रही हूं. मेरा सपना है कि लोग मुझे मेरी पेंटिंग की वजह से जाने.' नरबादिया कभी शहर नहीं गई है, बस, वो एक बार अपने भाई के साथ जिला मुख्यालय तक गई है. यहां तक कि वो स्कूल भी नहीं गई है.
यही वजह है कि उसकी पेंटिंग्स में ज्यादातर पेड़, पौधे, जानवर, पक्षी, नदी और भगवान होते हैं. उसने बताया, 'मैं दीयों की रोशनी में पेंटिंग करती है और इससे मेरी आंखें खराब हो गई.' नरबादिया के गांव में बिजली, हैंड पंप, टायलेट और रोड नहीं है. संकरी गलियों से गुजरकर उसका घर आता है, लेकिन फिर भी लोग दूसर से आते हैं और उसकी पेंटिंग को देखकर सराहना करते हैं.
नरबादिया अपने ये काम रात को करती है. उसका कहना है कि रात को हलचल नहीं होती, शांति में काम अच्छा होता है. नरबादिया कई बार भीड़ से बच भी नहीं पाती है, क्योंकि लोग आते हैं और उसकी पेंटिंग खरीदते हैं और उसे उन पैसों की बहुत जरूरत भी होती है. वो अपने भाई को रंग और कागज मंगवाने के लिए ये पैसे देती है.
उसने कहा, 'मैं सप्ताह में 100 से 200 रुपये गांव वालों को पेंटिंग बेचकर कमा लेती हूं. ये पैसे मेरी शैंपू, साबुन और तेल जैसी जरूरतों को पूरी कर देता है.' उसने कहा, 'मेरा बड़ा भाई मोहन सिंह गोंड स्कूल में टीचर था. वो मुझे प्रेरित करता था, लेकिन पिछले साल उसकी मौत हो गई. अब मैं उस दुख से निकल आई हूं.'
नरबादिया का छोटा भाई किसान है. इन्होंने अपने पिता को कई साल पहले ही खो दिया था. नरबादिया का सपना है कि वह दुनिया घूमकर पेंटिंग करे.

भूकंप से कराह रहे नेपाल को पाकिस्तान ने राहत में भेजा बीफ मसाला

नेपाल में आई त्रासदी से पूरी दुनिया आहत है. भूकंप से पड़ोसी मुल्क में 5 हजार से अधि‍क लोगों की मौत हो गई है और हर ओर से राहत व बचाव कार्य जारी है. लेकिन इन सब के बीच पाकिस्तान ने नेपाल को राहत के तौर पर ऐसे पैकेट भेजे हैं, जिसे कोई हाथ लगाने से भी बच रहा है. हरे रंग के इन पैकेट में 'बीफ मसाला' है.
पाकिस्तान की ओर से राहत का यह पैकेज इन मायनों में आंखें तरेरने पर मजबूर करता है कि नेपाल एक हिंदू राष्ट्र था. यही नहीं, अभी भी नेपाल में हिंदू बहुसंख्यक हैं. पड़ोसी देश में गौ हत्या और गोमांस पर कड़ा प्रतिबंध है. ऐसे में पाकिस्तान की यह कारस्तानी दक्षिण एशियाई संगठन (सार्क) के सदस्य देशों के बीच राजनयिक कटुता को बढ़ाने की क्षमता रखता है.
काठमांडू के बीर अस्पताल में भारतीय डॉक्टर के समूह ने बताया कि मंगलवार को पाकिस्तान की ओर से जो राहत सामग्री भेजी गई, उसमें बीफ मसाला के पैकेट हैं. 34 सदस्यीय डॉक्टरों के दल में शामिल डॉ. ब‍लविंदर सिंह ने कहा, 'जब हम खाद्य सामग्री लेने एयरपोर्ट पहुंचे तो हमाने पाया कि इनमें बीफ मसाले के पैकेट भी हैं.'

लोगों ने पैकेट से किया किनारा
डॉ. सिंह ने बताया कि अधिकतर स्थानीय लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं है, लेकिन जब उन्हें यह बात समझ आई सभी ने इससे किनारा कर लिया. डॉ. सिंह कहते हैं, 'पाकिस्तान ने नेपाल की धार्मिक भावनाओं का मजाक उड़ाया है.'
हम मुद्दे को आगे ले जाएंगे: नेपाल
नेपाल सरकार के एक अधिकारी ने बताया, 'पैकेट के बारे में प्रधानमंत्री सुशील कोइराला और खुफिया प्रमुख को जानकारी दे दी गई है. हम इस ओर तथ्यों की पुष्टि के लिए एक जांच भी शुरू करने वाले हैं. अगर रिपोर्ट में यह बात स्पष्ट होती है तो हम राजनयिक स्तर पर पाकिस्तान के साथ इस मुद्दे को उठाएंगे. भारत हमारा साथी है इसलिए मामले में डवलपमेंट से भारत को भी अवगत करवाया जाएगा.'
PAK विदेश मंत्रालय को नहीं है जानकारी
दूसरी ओर, पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता तसनीम असलम का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है. तसनीम ने कहा, 'मुझे इस मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है. मैं ऐसे किसी डि‍स्पैच के लिए उत्तरदायी भी नहीं हूं. राहत सामग्री राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधि‍करण द्वारा भेजा जाता है.'

पेशाब पीकर जिंदा रहा 82 घंटे, नेपाल त्रासदी की 3 कहानियां

नेपाल में भूकंप ने भारी तबाही मचाई है। 73 जिलों में से 30 जिले प्रभावित हुए हैं और इनमें से 12 जिलों की दशा बहुत दयनीय है। भूकंप में मरने या घायल होने वालों के बारे में किसी के पास कोई स्पष्ट आंकड़ा नहीं है। शहर से ज्यादा तबाही गांवों और दूर-दराज के क्षेत्रों में हुई है। तमाम स्थानों पर राहत एवं बचाव दल भी नहीं पहुंच पाए हैं।

इसलिए नुकसान और तबाही का आकलन करने में अभी करीब चार-पांच दिन लग सकते हैं। जबकि सही तस्वीर धीरे-धीरे सामने आएगी। तबाही काफी हुई है। रास्ते बंद हैं। सड़कें कट गई हैं। लोग अभी भी इस तबाही से बदहवासी की स्थिति में हैं। राहत एवं बचाव कार्य में संतुलन बिठाना कठिन हो रहा है।

पढ़िए नेपाल की त्रासदी की चंद कहानियां, ‌जो भायवह तबाही की बानगी भर हैं।

वाह! 17 साल के इस धुरंधर ने सबको किया हैरान

नई दिल्ली। खेल से उम्र का कोई लेना देना नहीं है इसका एक नमूना क्रिकेट फैंस सचिन तेंदुलकर के रूप में देख चुके हैं। 16 साल में करियर शुरू करने वाले मुंबई के उस दिग्गज ने 24 सालों तक फैंस को दीवाना बनाकर रखा। अब मुंबई का एक और युवा खिलाड़ी कुछ ऐसा ही करने की फिराक में नजर आ रहा है। राजस्थान और बैंगलोर के बीच हुए मुकाबले में आइपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र के इस खिलाड़ी ने विरोधी टीम को हैरान किया जबकि घरेलू फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया। आलम ये था कि विराट कोहली ने पारी खत्म होने के बाद खुद मैदान में जाकर मजाक में हाथ जोड़ते हुए इस खिलाड़ी के सामने सिर झुकाया और उनकी पारी के लिए खास अंदाज में बधाई दी।

- उम्र 17 की, जलवा दिग्गजों जैसाः

हम बात कर रहे हैं रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के 17 वर्षीय खिलाड़ी सरफराज खान की। सरफराज ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 21 गेंदों पर नाबाद 45 रनों की धुआंधार पारी खेली जिसमें 1 छक्का और 6 चौके शामिल रहे। ये यूं तो आइपीएल इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी हैं लेकिन जब बारी आई बल्लेबाजी की तो उन्होंने राजस्थान के धुरंधर से धुरंधर गेंदबाज की क्लास लगा दी और उनके दम पर ही बैंगलोर 200 रन के आंकड़े तक पहुंचने में सफल रही। ये सरफराज का पहला आइपीएल है।

- कौन है सरफराज खान?:

सरफराज खान 27 अक्टूबर 1997 को मुंबई में जन्मे थे। वो अब तक मुंबई अंडर-19 और इंडिया अंडर-19 टीमों की तरफ से खेलते हुए अपना जलवा दिखा चुके हैं। दिलचस्प बात ये है कि अब तक इस खिलाड़ी ने कुल तीन प्रथम श्रेणी मैच ही खेले हैं। मुंबई की तरफ से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 3 मैचों में 95 रन बनाए हैं। वो पहली बार उसी हैरिस शील्ड ट्रॉफी से चर्चा में आए थे जहां से कभी सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेट को पहचान दी थी। कुछ सालों पहले तक सरफराज के नाम ही हैरिस शील्ड का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर दर्ज था। उन्होंने अंडर-16 हैरिस शील्ट टूर्नामेंट में खेलते हुए 439 रनों की पारी खेली थी जिस रिकॉर्ड को बाद में मुंबई के ही अरमान जाफर ने 498 रन बनाकर तोड़ दिया था।

- 50 लाख में खरीदा थाः

बैंगलोर ने इस ऑलराउंडर खिलाड़ी को 50 लाख रुपये में खरीदा था लेकिन जिस अंदाज में वो खेल रहे हैं उससे आगे उनकी छवि और मजबूत होना तय है।

नई दिल्ली। खेल से उम्र का कोई लेना देना नहीं है इसका एक नमूना क्रिकेट फैंस सचिन तेंदुलकर के रूप में देख चुके हैं। 16 साल में करियर शुरू करने वाले मुंबई के उस दिग्गज ने 24 सालों तक फैंस को दीवाना बनाकर रखा। अब मुंबई का एक और युवा खिलाड़ी कुछ ऐसा ही करने की फिराक में नजर आ रहा है। राजस्थान और बैंगलोर के बीच हुए मुकाबले में आइपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र के इस खिलाड़ी ने विरोधी टीम को हैरान किया जबकि घरेलू फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया। आलम ये था कि विराट कोहली ने पारी खत्म होने के बाद खुद मैदान में जाकर मजाक में हाथ जोड़ते हुए इस खिलाड़ी के सामने सिर झुकाया और उनकी पारी के लिए खास अंदाज में बधाई दी।

- उम्र 17 की, जलवा दिग्गजों जैसाः

हम बात कर रहे हैं रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के 17 वर्षीय खिलाड़ी सरफराज खान की। सरफराज ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 21 गेंदों पर नाबाद 45 रनों की धुआंधार पारी खेली जिसमें 1 छक्का और 6 चौके शामिल रहे। ये यूं तो आइपीएल इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी हैं लेकिन जब बारी आई बल्लेबाजी की तो उन्होंने राजस्थान के धुरंधर से धुरंधर गेंदबाज की क्लास लगा दी और उनके दम पर ही बैंगलोर 200 रन के आंकड़े तक पहुंचने में सफल रही। ये सरफराज का पहला आइपीएल है।

- कौन है सरफराज खान?:

सरफराज खान 27 अक्टूबर 1997 को मुंबई में जन्मे थे। वो अब तक मुंबई अंडर-19 और इंडिया अंडर-19 टीमों की तरफ से खेलते हुए अपना जलवा दिखा चुके हैं। दिलचस्प बात ये है कि अब तक इस खिलाड़ी ने कुल तीन प्रथम श्रेणी मैच ही खेले हैं। मुंबई की तरफ से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 3 मैचों में 95 रन बनाए हैं। वो पहली बार उसी हैरिस शील्ड ट्रॉफी से चर्चा में आए थे जहां से कभी सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेट को पहचान दी थी। कुछ सालों पहले तक सरफराज के नाम ही हैरिस शील्ड का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर दर्ज था। उन्होंने अंडर-16 हैरिस शील्ट टूर्नामेंट में खेलते हुए 439 रनों की पारी खेली थी जिस रिकॉर्ड को बाद में मुंबई के ही अरमान जाफर ने 498 रन बनाकर तोड़ दिया था।

- 50 लाख में खरीदा थाः

बैंगलोर ने इस ऑलराउंडर खिलाड़ी को 50 लाख रुपये में खरीदा था लेकिन जिस अंदाज में वो खेल रहे हैं उससे आगे उनकी छवि और मजबूत होना तय है।
- See more at: http://www.jagran.com/cricket/headlines-sarfaraz-khan-plays-innings-to-remember-against-rajasthan-royals-12314609.html?src=p1#sthash.eQsx30hi.dpuf
नई दिल्ली। खेल से उम्र का कोई लेना देना नहीं है इसका एक नमूना क्रिकेट फैंस सचिन तेंदुलकर के रूप में देख चुके हैं। 16 साल में करियर शुरू करने वाले मुंबई के उस दिग्गज ने 24 सालों तक फैंस को दीवाना बनाकर रखा। अब मुंबई का एक और युवा खिलाड़ी कुछ ऐसा ही करने की फिराक में नजर आ रहा है। राजस्थान और बैंगलोर के बीच हुए मुकाबले में आइपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र के इस खिलाड़ी ने विरोधी टीम को हैरान किया जबकि घरेलू फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया। आलम ये था कि विराट कोहली ने पारी खत्म होने के बाद खुद मैदान में जाकर मजाक में हाथ जोड़ते हुए इस खिलाड़ी के सामने सिर झुकाया और उनकी पारी के लिए खास अंदाज में बधाई दी।

- उम्र 17 की, जलवा दिग्गजों जैसाः

हम बात कर रहे हैं रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के 17 वर्षीय खिलाड़ी सरफराज खान की। सरफराज ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 21 गेंदों पर नाबाद 45 रनों की धुआंधार पारी खेली जिसमें 1 छक्का और 6 चौके शामिल रहे। ये यूं तो आइपीएल इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी हैं लेकिन जब बारी आई बल्लेबाजी की तो उन्होंने राजस्थान के धुरंधर से धुरंधर गेंदबाज की क्लास लगा दी और उनके दम पर ही बैंगलोर 200 रन के आंकड़े तक पहुंचने में सफल रही। ये सरफराज का पहला आइपीएल है।

- कौन है सरफराज खान?:

सरफराज खान 27 अक्टूबर 1997 को मुंबई में जन्मे थे। वो अब तक मुंबई अंडर-19 और इंडिया अंडर-19 टीमों की तरफ से खेलते हुए अपना जलवा दिखा चुके हैं। दिलचस्प बात ये है कि अब तक इस खिलाड़ी ने कुल तीन प्रथम श्रेणी मैच ही खेले हैं। मुंबई की तरफ से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 3 मैचों में 95 रन बनाए हैं। वो पहली बार उसी हैरिस शील्ड ट्रॉफी से चर्चा में आए थे जहां से कभी सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेट को पहचान दी थी। कुछ सालों पहले तक सरफराज के नाम ही हैरिस शील्ड का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर दर्ज था। उन्होंने अंडर-16 हैरिस शील्ट टूर्नामेंट में खेलते हुए 439 रनों की पारी खेली थी जिस रिकॉर्ड को बाद में मुंबई के ही अरमान जाफर ने 498 रन बनाकर तोड़ दिया था।

- 50 लाख में खरीदा थाः

बैंगलोर ने इस ऑलराउंडर खिलाड़ी को 50 लाख रुपये में खरीदा था लेकिन जिस अंदाज में वो खेल रहे हैं उससे आगे उनकी छवि और मजबूत होना तय है।
- See more at: http://www.jagran.com/cricket/headlines-sarfaraz-khan-plays-innings-to-remember-against-rajasthan-royals-12314609.html?src=p1#sthash.eQsx30hi.dpuf
नई दिल्ली। खेल से उम्र का कोई लेना देना नहीं है इसका एक नमूना क्रिकेट फैंस सचिन तेंदुलकर के रूप में देख चुके हैं। 16 साल में करियर शुरू करने वाले मुंबई के उस दिग्गज ने 24 सालों तक फैंस को दीवाना बनाकर रखा। अब मुंबई का एक और युवा खिलाड़ी कुछ ऐसा ही करने की फिराक में नजर आ रहा है। राजस्थान और बैंगलोर के बीच हुए मुकाबले में आइपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र के इस खिलाड़ी ने विरोधी टीम को हैरान किया जबकि घरेलू फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया। आलम ये था कि विराट कोहली ने पारी खत्म होने के बाद खुद मैदान में जाकर मजाक में हाथ जोड़ते हुए इस खिलाड़ी के सामने सिर झुकाया और उनकी पारी के लिए खास अंदाज में बधाई दी।

- उम्र 17 की, जलवा दिग्गजों जैसाः

हम बात कर रहे हैं रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के 17 वर्षीय खिलाड़ी सरफराज खान की। सरफराज ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 21 गेंदों पर नाबाद 45 रनों की धुआंधार पारी खेली जिसमें 1 छक्का और 6 चौके शामिल रहे। ये यूं तो आइपीएल इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी हैं लेकिन जब बारी आई बल्लेबाजी की तो उन्होंने राजस्थान के धुरंधर से धुरंधर गेंदबाज की क्लास लगा दी और उनके दम पर ही बैंगलोर 200 रन के आंकड़े तक पहुंचने में सफल रही। ये सरफराज का पहला आइपीएल है।

- कौन है सरफराज खान?:

सरफराज खान 27 अक्टूबर 1997 को मुंबई में जन्मे थे। वो अब तक मुंबई अंडर-19 और इंडिया अंडर-19 टीमों की तरफ से खेलते हुए अपना जलवा दिखा चुके हैं। दिलचस्प बात ये है कि अब तक इस खिलाड़ी ने कुल तीन प्रथम श्रेणी मैच ही खेले हैं। मुंबई की तरफ से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 3 मैचों में 95 रन बनाए हैं। वो पहली बार उसी हैरिस शील्ड ट्रॉफी से चर्चा में आए थे जहां से कभी सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेट को पहचान दी थी। कुछ सालों पहले तक सरफराज के नाम ही हैरिस शील्ड का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर दर्ज था। उन्होंने अंडर-16 हैरिस शील्ट टूर्नामेंट में खेलते हुए 439 रनों की पारी खेली थी जिस रिकॉर्ड को बाद में मुंबई के ही अरमान जाफर ने 498 रन बनाकर तोड़ दिया था।

- 50 लाख में खरीदा थाः

बैंगलोर ने इस ऑलराउंडर खिलाड़ी को 50 लाख रुपये में खरीदा था लेकिन जिस अंदाज में वो खेल रहे हैं उससे आगे उनकी छवि और मजबूत होना तय है।
- See more at: http://www.jagran.com/cricket/headlines-sarfaraz-khan-plays-innings-to-remember-against-rajasthan-royals-12314609.html?src=p1#sthash.eQsx30hi.dpuf
नई दिल्ली। खेल से उम्र का कोई लेना देना नहीं है इसका एक नमूना क्रिकेट फैंस सचिन तेंदुलकर के रूप में देख चुके हैं। 16 साल में करियर शुरू करने वाले मुंबई के उस दिग्गज ने 24 सालों तक फैंस को दीवाना बनाकर रखा। अब मुंबई का एक और युवा खिलाड़ी कुछ ऐसा ही करने की फिराक में नजर आ रहा है। राजस्थान और बैंगलोर के बीच हुए मुकाबले में आइपीएल इतिहास के सबसे कम उम्र के इस खिलाड़ी ने विरोधी टीम को हैरान किया जबकि घरेलू फैंस को झूमने पर मजबूर कर दिया। आलम ये था कि विराट कोहली ने पारी खत्म होने के बाद खुद मैदान में जाकर मजाक में हाथ जोड़ते हुए इस खिलाड़ी के सामने सिर झुकाया और उनकी पारी के लिए खास अंदाज में बधाई दी।

- उम्र 17 की, जलवा दिग्गजों जैसाः

हम बात कर रहे हैं रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के 17 वर्षीय खिलाड़ी सरफराज खान की। सरफराज ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 21 गेंदों पर नाबाद 45 रनों की धुआंधार पारी खेली जिसमें 1 छक्का और 6 चौके शामिल रहे। ये यूं तो आइपीएल इतिहास के सबसे युवा खिलाड़ी हैं लेकिन जब बारी आई बल्लेबाजी की तो उन्होंने राजस्थान के धुरंधर से धुरंधर गेंदबाज की क्लास लगा दी और उनके दम पर ही बैंगलोर 200 रन के आंकड़े तक पहुंचने में सफल रही। ये सरफराज का पहला आइपीएल है।

- कौन है सरफराज खान?:

सरफराज खान 27 अक्टूबर 1997 को मुंबई में जन्मे थे। वो अब तक मुंबई अंडर-19 और इंडिया अंडर-19 टीमों की तरफ से खेलते हुए अपना जलवा दिखा चुके हैं। दिलचस्प बात ये है कि अब तक इस खिलाड़ी ने कुल तीन प्रथम श्रेणी मैच ही खेले हैं। मुंबई की तरफ से प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने 3 मैचों में 95 रन बनाए हैं। वो पहली बार उसी हैरिस शील्ड ट्रॉफी से चर्चा में आए थे जहां से कभी सचिन तेंदुलकर ने अपने क्रिकेट को पहचान दी थी। कुछ सालों पहले तक सरफराज के नाम ही हैरिस शील्ड का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर दर्ज था। उन्होंने अंडर-16 हैरिस शील्ट टूर्नामेंट में खेलते हुए 439 रनों की पारी खेली थी जिस रिकॉर्ड को बाद में मुंबई के ही अरमान जाफर ने 498 रन बनाकर तोड़ दिया था।

- 50 लाख में खरीदा थाः

बैंगलोर ने इस ऑलराउंडर खिलाड़ी को 50 लाख रुपये में खरीदा था लेकिन जिस अंदाज में वो खेल रहे हैं उससे आगे उनकी छवि और मजबूत होना तय है।
- See more at: http://www.jagran.com/cricket/headlines-sarfaraz-khan-plays-innings-to-remember-against-rajasthan-royals-12314609.html?src=p1#sthash.eQsx30hi.dpuf

Friday, 24 April 2015

मुंबई के छोरे ने दिल्ली के लिए किया धमाल, बताया कैसे खेली आतिशी पारी



हाफ सेन्चुरी लगाने के बाद श्रेयस अय्यर।
हाफ सेन्चुरी लगाने के बाद श्रेयस अय्यर।
खेल डेस्क. आईपीएल-8 में मुंबई इंडियन्स के खिलाफ दिल्ली डेयरडेविल्स ने शानदार जीत दर्ज की। इस जीत में मुख्य भूमिका निभाने वाले युवा खिलाड़ी श्रेयस अय्यर (83 रन) ने शानदार पारी का क्रेडिट टीम के असिस्टेंट कोच प्रवीण आमरे को दिया। अय्यर ने 56 गेंदों में 7 चौके और 5 छक्कों की मदद से 83 रन बनाए। मुंबई की तरफ से रणजी मैच खेलने वाले अय्यर आईपीएल-8 में दिल्ली डेयरडेविल्स की तरफ से 6 मैचों में 227 रन बना चुके हैं। मैच के बाद अय्यर ने कहा, "इसका सारा श्रेय आमरे को जाता है, क्योंकि उन्होंने मेरे पीछे काफी मेहनत की। मेरी स्किल्स और टेक्निक पर काम किया। यही कारण है कि वो अच्छी बैटिंग कर पा रहे हैं।"

मैच के बाद अय्यर ने कहा कि वो आक्रामक पारी डुमिनी की मदद से ही खेल सके। उन्होंने कहा, “हमारा पहला विकेट तो जल्दी गिर गया, लेकिन जेपी डुमिनी ने क्रीज पर उनकी काफी मदद की। जब डुमिनी जैसा अनुभवी बैट्समैन क्रीज पर रहता है तो बहुत कुछ आसान हो जाता है। समय-समय पर वे मुझे टिप्स देते रहे। एक समय मैं काफी धीमा हो गया था पर डुमिनी ने आक्रामक पारी खेलकर टीम की मजबूत स्थिति बनाए रखी।"
ये थी रणनीति
श्रेयस अय्यर के अनुसार, "डुमिनी और मैंने यह डिसाइड किया कि दोनों को 15 ओवर्स तक टिककर खेलना है। अगर हम ऐसा कर पाए तो स्कोर काफी बड़ा हो जाएगा। इसके लिए लगातार स्ट्राइक रोटेट की। इसका फायदा हमें मिला और दोनों ने अच्छी बैटिंग की। मेरे हर शॉट्स पर डुमिनी आकर शाबासी देते थे।"
मुंबई के खिलाफ खेलने पर अय्यर ने कहा, "मुंबई के खिलाफ खेलने को लेकर मैं काफी एक्साइटेड था। जिस टीम के लिए मैं रणजी खेलना हूं, उसके खिलाफ रन बनाना अच्छा लगा। मुंबई को हराने के साथ हमने यह भ्रांति भी दूर कर दी कि आईपीएल में हम फिसड्डी टीम हैं।

इन 5 गलतियों के कारण दिल्ली से हारी मुंबई, मैच के ये रहे 3 टर्निंग प्वाइंट

खेल डेस्क. आईपीएल-8 में मुंबई इंडियन्स एक और मैच हार गई। इस बार उसे दिल्ली डेयरडेविल्स ने 37 रनों से हराया। मुंबई की यह पांचवीं हार है और इस हार के साथ ही वह अंक तालिका में सबसे नीचे है। वैसे, देखा जाए तो यह मैच पूरी तरह से एकतरफा ही रहा। मैच में कुछ ऐसी गलतियां हुईं, जिसने मुंबई को मैच में कभी बने ही नहीं रहने दिया। दिल्ली के मुकाबले मुंबई की टीम ज्यादा मजबूत है, बावजूद इसके उसने दोयम दर्जे की टीम जैसा परफॉर्मेंस किया। दिल्ली डेयरडेविल्स ने पहले बैटिंग करते हुए श्रेयस अय्यर (56 गेंद, 83 रन) और कप्तान जेपी डुमिनी (50 बॉल, 78 रन) की धमाकेदार पारियों की बदौलत निर्धारित 20 ओवर्स में 4 विकेट के नुकसान पर 190 रन बनाए। जवाब में मुंबई इंडियन्स 9 विकेट के नुकसान पर 153 रन ही बना सकी। मुंबई की तरफ से कोई भी बैट्समैन हाफ सेन्चुरी भी नहीं लगा सका। Dainikbhaskar.com मुंबई इंडियन्स की ऐसी पांच गलतियों के बारे में बता रहा है, जिसके कारण उसे बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा।
पहली गलती : रोहित शर्मा में कॉन्फिडेंस की कमी
मैच जीतने के लिए टीम से कहीं अधिक कप्तान को कॉन्फिडेंट होने की जरूरत होती है। कप्तान कॉन्फिडेंट होता है तो टीम में कॉन्फिडेंस आता है, पर रोहित शर्मा टॉस के वक्त ही असमंजस में थे। टॉस जीतने के बाद उन्होंने कहा कि वे पिच के बारे में कुछ कह नहीं सकते। उन्हें नहीं पता कि यह पिच पहले बैटिंग करने वाले की मदद करेगी या बाद में बैटिंग करने वाली की। इस लिहाज से उन्होंने पहले बॉलिंग करना ही उचित समझा। मैच से ठीक पहले पिच को नहीं पढ़ पाना एक कप्तान की नाकामी है। इसका साफ मतलब है कि उन्होंने पिच को ठीक तरीके से देखा ही नहीं और उनकी कोई प्लानिंग ही नहीं थी, तभी तो दिल्ली की पिच पर उन्होंने पहले बॉलिंग करना ही उचित समझा।
दूसरी गलती : विकेट लेने की बजाय रन रोकने पर ज्यादा फोकस
मुंबई इंडियन्स की तरफ से दूसरी गलती उनके बॉलर्स ने की। उन्होंने विकेट लेने की बजाय रन रोकना उचित समझा, जो टी 20 में कभी कारगर साबित नहीं हो सकता। 20 ओवर्स के खेल में अगर आपके पास विकेट बचे हैं तो आप आसानी से बड़ा स्कोर खड़ा कर सकते हैं। दिल्ली ने ऐसा ही किया। मुंबई को पहली सफलता तो दो रन के स्कोर पर ही मिल गया, जब मयंक अग्रवाल एक रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन उसके बाद मुंबई को जल्दी विकेट नहीं मिला। वे बैट्समैन को रन नहीं बनाने देने की कोशिश में जुट गए। ऐसा करने में मुंबई इंडियन्स के बॉलर्स 10 ओवर्स तक तो कामयाब रहे, लेकिन उसके बाद उनकी खूब धुनाई हुई। 10 ओवर्स तक दिल्ली का स्कोर सिर्फ 65 रन था। उसने आखिरी 10 ओवर्स में 125 रन जुटाए। यह सिर्फ इसलिए हो पाया, क्योंकि दिल्ली के पास 9 विकेट बचे हुए थे।
तीसरी गलती : रोहित शर्मा का ओपनिंग में नहीं आना
रोहित शर्मा ओपनिंग करने नहीं उतरे। उन्होंने पार्थिव पटेल के साथ लिंडल सिमंस को भेज दिया, जबकि बड़े टारगेट का पीछा करने के लिए अच्छी शुरुआत की जरूरत होती है और रोहित पटेल के साथ मिलकर ऐसा कर सकते थे। खैर, सिमंस को जिस काम के लिए उन्होंने भेजा था, वो तो हो नहीं पाया और सिमंस सिर्फ 15 रन बनाकर आउट हो गए। रोहित शर्मा चौथे नंबर पर बैटिंग करने आए, तब तक टीम पर काफी दबाव बढ़ चुका था। वे भी कुछ खास नहीं कर सके और 30 रन बनाकर आउट हो गए।

Tuesday, 21 April 2015

वाशिंगटन के ग्लोबल वुमन्स मेंटरिंग पार्टनशिप में फिक्की की चेयरपर्सन अपरा कुच्छल का चयन

जयपुर।
फिक्की लेडीज ऑर्गेनाइजेशन जयपुर चैप्टर की चेयरपर्सन अपरा कुच्छल वॉशिंगटन डीसी और न्यूयॉर्क में होने वाले चार सप्ताह के मेंटरिंग प्रोग्राम में भाग लेंगी। इसके लिए वे 24अप्रेल को न्यूयॉर्क रवाना होंगी। चार सप्ताह का यह कार्यक्रम द फॉर्च्यून और यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट की ओर से 27 अप्रैल से 20 मई तक आयोजित किया जाएगा। जो दुनियाभर की उभरती महिला लीडर्स को एक स्थान पर लाकर उन्हें आगे बढ़ाने और उनके प्रोफेशनल नेटवर्क व कौशल विकास करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में कुच्छल के मेंटर में यूएस पब्लिक अफेयर्स एंड क्रायसिस प्रेक्टिसेज के चेयर, बर्सन मार्सटेलर के एन. डेविसन और बर्सन मार्सटेलर के विशव के वाइस चेयर, कारेन ह्यूजेस होंगे।
 वॉशिंगटन डीसी में चार दिवसीय कार्यक्रम में ओरिएंटेशन, लीडरशिप व स्किल ट्रेनिंग तथा न्यूयॉर्क में दो सप्ताह का मेंटरशिप असाइनमेंट, इंटेंस एक्टिविटी और दो दिवसीय कम्यूनिकेशन ट्रेनिंग एवं डीब्रीफिंग शामिल है।

भारतीय मूल की लड़की को पाने के लिए पाकिस्तान से अफ्रीका शिफ्ट हुए थे इमरान ताहिर

गालिब ने क्या खूब फरमाया है कि 'ये इश्क नहीं आसां बस इतना समझ लीजे, इक आग का दरिया है और डूब के जाना है'. सच में, मोहब्बत इंसान से क्या न कराए. ये दीवानगी कभी कभी दीवानों को सात समंदर पार जाने को भी मजबूर कर देती है. ऐसी कुछ कहानी है साउथ अफ्रीका के लेग स्पिनर इमरान ताहिर की. जो अपनी मोहब्बत की तलाश में पाकिस्तान से साउथ अफ्रीका पहुंच गए.1998 में इमरान ताहिर पाकिस्तान अंडर-19 टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर गए थे. उसी दौरे के दरमियान वह साउथ अफ्रीका में सेटल्ड एक भारतीय मूल की लड़की सुमैय्या दिलदार को अपना दिल दे बैठे. फिर क्या था मोहब्बत का जूनून इस कदर हावी था कि 2006 में ताहिर ने दक्षिण अफ्रीका शिफ्ट होने का फैसला कर लिया. टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में इमरान ताहिर ने कहा कि पहले कुछ साल साउथ में बड़े संघर्षपूर्ण रहे. उन्होंने कहा कि उनके दोस्त और दक्षिण अफ्रीका की घरेलू टीम के खिलाड़ी गुलाम बोदी से उन्हें काफी सहयोग मिला.
साउथ अफ्रीका शिफ्ट होने के बाद ताहिर ने वहां घरेलू क्रिकेट खेलना शुरू किया. घरेलू मैचों में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने का फल उन्हें मिला और 2011 में पहली बार उनको दक्षिण अफ्रीका के लिए खेलने का मौका मिला. शुरुआत में उन्हें एक टेस्ट स्पेशलिस्ट बॉलर के रूप में देखा जा रहा था. लेकिन उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत से न सिर्फ एकदिवसीय टीम में जगह बनाई बल्कि खूब सफलता भी बटोरी.
सुमैय्या से शादी के बाद इमरान ताहिर को एक बेटा है. जिसका नाम उन्होंने गिबरान रखा है. ताहिर कहते हैं कि क्रिकेट में इतना व्यस्त रहने के चलते वह अपनी फैमिली को समय नहीं दे पाते जिसका उन्हें काफी दुख है. फिलहाल ताहिर आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स के लिए खेल रहे हैं.

जम्मू-कश्मीर बंद, चौथे दिन भी जनजीवन बुरी तरह प्रभावित

श्रीनगर।
जम्मू कश्मीर में बडगाम जिले के नरबल में गत शनिवार को सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक युवक की मौत के विरोध में हुर्रियत कांफ्रेंस के दोनों धड़ों की ओर से बंद के आह्वान के मंगलवार को चौथे दिन नरबल और इससे लगे इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। हड़ताल की वजह से दुकानें एवं अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं और स्थानीय स्कूलों में सन्नाटा पसरा पडा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इस इलाके में निषेधाज्ञा हटा ली गई है लेकिन कानून एवं व्यवस्था के मद्देनजर अतिरिक्त पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के जवानों को तैनात किया गया है।
उल्लेखनीय है कि इस घटना के परिप्रेक्ष्य में एक सहायक पुलिस उपनिरीक्षक सहित दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया गया है तथा संबंधित थाना क्षेत्र के प्रभारी लाइन से अटैच कर दिया गया है। इसके साथ ही घटना की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दे दिए गए हैं।

चुनावी वादों पर केजरीवाल का यू-टर्न, पांच साल में 50 फीसदी भी पूरे हो जाएं तो बड़ी बात

नई दिल्ली।
दिल्ली विधानसभा चुनाव में बड़े-बड़़े चुनावी वादे करके सत्ता हासिल करने वाले आम आदमी पार्टी के संयोजक और राज्य के सीएम को अब अपने द्वारा किए गए वादे पूरे होते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। एक निजी टीवी चैनल के मुताबिक सोमवार को दिल्ली के सीएम केजरीवाल ने कहा कि पहले ये डर लगता था कि जनता से किए गए वादे पूरे होंगे भी या नहीं, लेकिन अब ऐसा लगता है कि चालीस-पचास प्रतिशत वादे तो पांच साल में पूरे हो ही जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर 50 प्रतिशत वादे भी पूरे होते हैं तो भी ये बड़ी बात होगी।
पढ़ें: यादव, भूषण, अजीत और आनंद आप से निष्कासित
गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले केजरीवाल ने बड़े-बड़े चुनाव वादे किए थे। साथ ही यह भी कहा था कि उनके द्वारा किए गए सभी वादे पांच साल में पूरे किए जाएंगे, लेकिन केजरीवाल के इस बयान से लगता है कि उन्हें खुद इन वादों के पूरा होने की उम्मीद नहीं है।
पढ़ें: AAP विधायक एवं पूर्व मंत्री राखी बिड़ला के भाई पत्नी से मारपीट करने में फंसे!
केजरीवाल द्वारा चुनाव में किए गए वादे
- पूरी दिल्ली में फ्री वाई-फाई देने का वादा।
- दिल्ली वालों को 20 हजार लीटर तक पानी मुफ़्त और 24 घंटे बिजली आधे दामों पर।
- पूरी दिल्ली में 15 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे।
- 12वीं के बाद बच्चों को पढ़ाई के लिए सरकार की गारंटी पर बैंक लोन दिलाएंगे।
- दिल्ली के गांवों में 20 नए कॉलेज खोले जाएंगे।
- महिलाओं के ख़िलाफ अपराधों से निपटने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
- हर बस में सिक्यॉरिटी गार्ड होंगे। साथ ही होम गार्डों की नौकरी पक्की की जाएगी।
- दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की कोशिश।
- दिल्ली सरकार के कर्मचारियों के लिए हाउसिंग स्कीम और मेडिकल योजना।
- बुजुर्गों के इलाज की जिम्मेदारी लेगी दिल्ली सरकार।
- झुग्गी झोपड़ियों की जगह 5 लाख मकान।

''आप' बन गई है एक खाप पंचायत, उसमें है एक तानाशाह'

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी से सोमवार को निकाले जाने के बाद संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे प्रशांत भूषण ने मंगलवार को 'आप' पर हमला किया।पार्टी से बाहर निकाले जाने के फैसले पर उन्होंने कहा कि उनके निष्कासन को लेकर जो पत्र उनको मिले हैं, उसमें इस बात की जिक्र ही नहीं है कि कारण बताओ नोटिस का जवाब देने वाला बातों में कौन से बिंदू विरोधाभाषी थे।उन्होंने कहा कि यह पूरा ड्रामा 2 महीने पूर्व शुरु हुआ था, जब उन लोगों को राष्ट्रीय कार्यकारिणी से निकालने का प्रयास किया गया था। भगवान का शुक्र है कि उस ड्रामे का अंत हो गया।भूषण ने कहा कि दुर्भाग्यवश सभी सपने बिखरे हुए प्रतीत होते हैं। एक तानाशाह आज पूरी पार्टी पर नियंत्रण स्थापित किए हुए है। कभी आप के राजनीतिक चाणक्य माने जाने वाले योगेंद्र यादव ने भी पार्टी से निकाले जाने पर कहा कि जब कोई आपको आपके घर से घसीटकर निकाल दे तो पहले गुस्सा आता है कि कौन लोग हैं ये? ये क्या कर रहे हैं? फिर दुख होता है कि आप पलटकर देखते हैं। फिर थोड़ी ममता होती है कि अच्छा चलो, इसके पास घर है। अब ठीक से रहे। 
उन्होंने कहा कि स्वराज संवाद के समय सबकी राय से यह तय हुआ था कि हम आप को नहीं छोड़ेंगे क्योंकि यह हमारा घर है।
गौरतलब है कि आप ने सोमवार को प्रशांत भूषण, योंगेद्र यादव, अजीत झा और प्रोफेसर आनंद कुमार को पार्टी से निकाल दिया था। आप की अनुशासन समिति के कारण बताओ नोटिस का यादव, भूषण सहित अन्य दो नेताओं ने जो जवाब दिया था, उसे पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना गया था। 

पढ़ने के लिए तपती रेत पर नंगे पांव चल रहे आदिवासियों के बच्चे

नया सानवाड़ा/सिरोही/जयपुर। गांव घाटीफली के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जाने का उबड़-खाबड़ कच्च्चा रास्ता। तपती दोपहर में सिर पर चमकता सूरज आौर तवे सी जलती जमीन। नंगे पैर पगडंड़ी पर चल रहे सात-आठ बच्चे आपको इस धुंधली सी तस्वीर में दिख रहे होंगे। इसी तरह से राजस्थान की गर्मी में नंगे पांव स्कूल आना-जाना इन बच्चों का रोज का काम है। लेकिन ये चाहते हैं कि ये पढ़ें ताकि भविष्य में इनके बच्चे इस तरह धूप में सिर पर किताबें रखकर स्कूल ना जाएं। आदिवासी परिवारों से आए ये बच्चे आर्थिक रूप से इतने कमजोर हैं कि मां-बाप से भी कभी चप्पलों की मांग नहीं करते।
गर्मी हो या बरसात, नंगे पांव करते सफर
दो से पांच किमी की दूरी तय कर रोजाना ये आदिवासी बच्चे स्कूल पहुंचते हैं। इनको कॉपी-किताब तो स्कूल से मिल जाती है। पर, गर्मी-पानी से बचने के लिए जूतों की व्यवस्था करना उनके लिए टेढ़ी खीर है। इस स्कूल में पांचवीं तक दस-ग्यारह साल तक के बच्चे पढऩे के लिए आते है। स्कूल में विद्यार्थियों का नामांकन भी 72 है। पर, सिर्फ दस विद्यार्थी ही चप्पलें या जूते पहनें आ रहे है। यह बच्चे हर रोज इसी तरह नंगे पैर स्कूल आते है।
किसे बयां करे दर्द
आदिवासी क्षेत्रों में स्थित स्कूल तो होता है, लेकिन इन स्कूलों में पढ़ाई करने वाले बच्चे फलियों से आते हैं। विद्यार्थी बताते हैं कि घर पहुंचते-पहुंचते करीब आधे घंटे तक समय लग जाता है। ऐसे में पैरों के नीचे जलन होती है। इससे स्कूल आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्कूल अच्छा लगता है
स्कूल में पढऩे वाले तेजा व अन्य बच्चों ने कहा कि चप्पल भले ही नहीं है। पर, हम स्कूल रोज आते हैं और रोज आएंगे भी। इनमें से अधिकांश के अभिभावक मजदूरी और खेती का काम करते हैं।
बजट नहीं आता...
बच्चों के जूते, चप्पल के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कोई बजट नहीं आता है। जनसहयोग से विद्यार्थियों के लिए व्यवस्था करवा देंगे।

तो यह है उमेश यादव की शानदार गेंदबाजी का राज

 नई दिल्ली
विश्वकप में जबर्दस्त प्रदर्शन के बाद आईपीएल में अपनी गेंदबाजी का करिश्मा दिखा रहे कोलकाता नाइटराइडर्स के तेज गेंदबाज उमेश यादव ने कहा है कि आईसीसी टूर्नामेंट से मिले अनुभव ने उन्हें परिपक्व बनाया है और अब वह अपनी लाइन और लेंथ पर पूरी मेहनत कर रहे हैं।
दिल्ली डेयरडेविल्स के खिलाफ सोमवार को मुकाबले में 18 रनों पर दो विकेट चटका केकेआर की जीत के हीरो और मैन ऑफ द मैच उमेश ने कहा कि मैं अभी अपना पूरा ध्यान अपनी लाइन और लेंथ को सुधारने पर लगा रहा हूं।
उन्होंने कहा कि विश्वकप में अपने प्रदर्शन के बाद मेरे अंदर बहुत आत्मविश्वास आया है और मेरे खेल में परिपक्वता आई है। दिल्ली के खिलाफ मैच में मैंने यहां की तेज और उछाल भरी पिचों का फायदा उठाने की कोशिश की।
उमेश ने पारी के 18वें और 20वें ओवर में लाजवाब यार्कर डालते हुए दो विकेट निकाले और दिल्ली की पारी को 146 रनों पर समेट दिया। इसके बाद केकेआर ने छह विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया। 
27 वर्षीय उमेश ने पिछले महीने संपन्न हुए आईसीसी क्रिकेट विश्वकप के आठ मुकाबलों में 18 विकेट झटके और टूर्नामेंट में सबसे अधिक विकेट लेने वाले तीसरे गेंदबाज रहे।

अचानक ग्रीन हो गए रेल सिग्नल, ब़़डी दुर्घटना टली

भोपाल। विदिशा-गंजबासौदा के बीच गुलाबगंज स्टेशन पर सभी रेल लाइन के सिग्नल अचानक ग्रीन हो गए। सिग्नल को कंट्रोल करने वाले पैनल (सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग) में खराबी की वजह से यह दिक्कत आई। ट्रेनों को रोकने के लिए फौरन ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) बंद की गई।

सिग्नल ग्रीन होने की वजह से कई ट्रेनों की आपस में टक्कर होने की आशंका थी। सूत्रों ने बताया कि तीसरी लाइन के लिए पिछले साल अगस्त में यहां लगाए गए पैनल में सोमवार दोपहर 12:30 बजे गड़बड़ी आ गई। इस वजह से स्टेशन से गुजर रही सभी लाइनों के सिग्नल ग्रीन हो गए। इन्हें फिर से सही करने की कोशिश की गई, लेकिन पैनल के बटन काम नहीं कर रहे थे।

इसकी सूचना डीआरएम कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम को दी गई। यहां से दोनों ओर से आ रही ट्रेनों को रोकने के लिए 12:55 बजे ओएचई में बिजली की सप्लाई बंद करा दी गई। इसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। सिग्नल ग्रीन होने का संकेत मिलने पर ट्रेन को बिना किसी कॉशन आर्डर तय स्पीड से चलाया जाता है। ऐसे में पहले से खड़ी किसी ट्रेन से टक्कर होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

20 मिनट तक ओएचई लाइन बंद रही, जिससे अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। इसके पहले गंजबासौदा में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। यहां पूरे सिग्नल बंद (ब्लैक) हो गए थे, लेकिन रेलवे ने किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। यहां भी तीसरी लाइन के निर्माण के बाद नया पैनल लगाया गया है। इस संबंध में रेलवे का पक्ष जानने के लिए डीआरएम आलोक कुमार को फोन किया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही मैसेज का जवाब दिया
- See more at:
भोपाल। विदिशा-गंजबासौदा के बीच गुलाबगंज स्टेशन पर सभी रेल लाइन के सिग्नल अचानक ग्रीन हो गए। सिग्नल को कंट्रोल करने वाले पैनल (सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग) में खराबी की वजह से यह दिक्कत आई। ट्रेनों को रोकने के लिए फौरन ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) बंद की गई।
सिग्नल ग्रीन होने की वजह से कई ट्रेनों की आपस में टक्कर होने की आशंका थी। सूत्रों ने बताया कि तीसरी लाइन के लिए पिछले साल अगस्त में यहां लगाए गए पैनल में सोमवार दोपहर 12:30 बजे गड़बड़ी आ गई। इस वजह से स्टेशन से गुजर रही सभी लाइनों के सिग्नल ग्रीन हो गए। इन्हें फिर से सही करने की कोशिश की गई, लेकिन पैनल के बटन काम नहीं कर रहे थे।
इसकी सूचना डीआरएम कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम को दी गई। यहां से दोनों ओर से आ रही ट्रेनों को रोकने के लिए 12:55 बजे ओएचई में बिजली की सप्लाई बंद करा दी गई। इसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। सिग्नल ग्रीन होने का संकेत मिलने पर ट्रेन को बिना किसी कॉशन आर्डर तय स्पीड से चलाया जाता है। ऐसे में पहले से खड़ी किसी ट्रेन से टक्कर होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
20 मिनट तक ओएचई लाइन बंद रही, जिससे अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। इसके पहले गंजबासौदा में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। यहां पूरे सिग्नल बंद (ब्लैक) हो गए थे, लेकिन रेलवे ने किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। यहां भी तीसरी लाइन के निर्माण के बाद नया पैनल लगाया गया है। इस संबंध में रेलवे का पक्ष जानने के लिए डीआरएम आलोक कुमार को फोन किया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही मैसेज का जवाब दिया
- See more at: http://www.jagran.com/news/national-all-signals-goes-green-at-gulabganj-railway-station-bhopal-due-to-technical-error-in-12287289.html?src=p1#sthash.azhb1NqH.dpuf
भोपाल। विदिशा-गंजबासौदा के बीच गुलाबगंज स्टेशन पर सभी रेल लाइन के सिग्नल अचानक ग्रीन हो गए। सिग्नल को कंट्रोल करने वाले पैनल (सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग) में खराबी की वजह से यह दिक्कत आई। ट्रेनों को रोकने के लिए फौरन ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) बंद की गई।
सिग्नल ग्रीन होने की वजह से कई ट्रेनों की आपस में टक्कर होने की आशंका थी। सूत्रों ने बताया कि तीसरी लाइन के लिए पिछले साल अगस्त में यहां लगाए गए पैनल में सोमवार दोपहर 12:30 बजे गड़बड़ी आ गई। इस वजह से स्टेशन से गुजर रही सभी लाइनों के सिग्नल ग्रीन हो गए। इन्हें फिर से सही करने की कोशिश की गई, लेकिन पैनल के बटन काम नहीं कर रहे थे।
इसकी सूचना डीआरएम कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम को दी गई। यहां से दोनों ओर से आ रही ट्रेनों को रोकने के लिए 12:55 बजे ओएचई में बिजली की सप्लाई बंद करा दी गई। इसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। सिग्नल ग्रीन होने का संकेत मिलने पर ट्रेन को बिना किसी कॉशन आर्डर तय स्पीड से चलाया जाता है। ऐसे में पहले से खड़ी किसी ट्रेन से टक्कर होने से इनकार नहीं किया जा सकता।
20 मिनट तक ओएचई लाइन बंद रही, जिससे अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। इसके पहले गंजबासौदा में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। यहां पूरे सिग्नल बंद (ब्लैक) हो गए थे, लेकिन रेलवे ने किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। यहां भी तीसरी लाइन के निर्माण के बाद नया पैनल लगाया गया है। इस संबंध में रेलवे का पक्ष जानने के लिए डीआरएम आलोक कुमार को फोन किया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही मैसेज का जवाब दिया
- See more at: http://www.jagran.com/news/national-all-signals-goes-green-at-gulabganj-railway-station-bhopal-due-to-technical-error-in-12287289.html?src=p1#sthash.azhb1NqH.dpufभोपाल। विदिशा-गंजबासौदा के बीच गुलाबगंज स्टेशन पर सभी रेल लाइन के सिग्नल अचानक ग्रीन हो गए। सिग्नल को कंट्रोल करने वाले पैनल (सॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग) में खराबी की वजह से यह दिक्कत आई। ट्रेनों को रोकने के लिए फौरन ओवर हेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) बंद की गई।

सिग्नल ग्रीन होने की वजह से कई ट्रेनों की आपस में टक्कर होने की आशंका थी। सूत्रों ने बताया कि तीसरी लाइन के लिए पिछले साल अगस्त में यहां लगाए गए पैनल में सोमवार दोपहर 12:30 बजे गड़बड़ी आ गई। इस वजह से स्टेशन से गुजर रही सभी लाइनों के सिग्नल ग्रीन हो गए। इन्हें फिर से सही करने की कोशिश की गई, लेकिन पैनल के बटन काम नहीं कर रहे थे।

इसकी सूचना डीआरएम कार्यालय स्थित कंट्रोल रूम को दी गई। यहां से दोनों ओर से आ रही ट्रेनों को रोकने के लिए 12:55 बजे ओएचई में बिजली की सप्लाई बंद करा दी गई। इसके चलते बड़ा हादसा होने से टल गया। सिग्नल ग्रीन होने का संकेत मिलने पर ट्रेन को बिना किसी कॉशन आर्डर तय स्पीड से चलाया जाता है। ऐसे में पहले से खड़ी किसी ट्रेन से टक्कर होने से इनकार नहीं किया जा सकता।

20 मिनट तक ओएचई लाइन बंद रही, जिससे अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं। इसके पहले गंजबासौदा में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। यहां पूरे सिग्नल बंद (ब्लैक) हो गए थे, लेकिन रेलवे ने किसी को इसकी भनक तक नहीं लगने दी। यहां भी तीसरी लाइन के निर्माण के बाद नया पैनल लगाया गया है। इस संबंध में रेलवे का पक्ष जानने के लिए डीआरएम आलोक कुमार को फोन किया पर उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया और न ही मैसेज का जवाब दिया
- See more at:

Monday, 20 April 2015

प्रोड्यूसर बनेंगी अनुष्का शर्मा

जिंग।
लगता है बॉलीवुड में अब सभी एक्टर के साथ-साथ प्रोड्यूसर बनने की ख्वाहिश रखते हैं, अब एक के बाद एक सेलेब्रिटी अच्छी फिल्मों पर खर्च करके रिस्क लेना चाहते हैं। फिल्म एनएच-10 की सफलता के बाद अभिनेत्री अनुष्का शर्मा अब प्रोड्यूसर भी बनने की तैयारी कर रही हैं। यानी अब वो फिल्मों में एक्टिंग के अलावा उन पर बड़ी रकम लगाकार प्रोड्यूस भी करेंगी। आपको बता दें कि अनुष्का ने ये बातें विजिंग फेस्टिवल के दौरान कहीं, पर वे अपनी फिल्म एनएच-10 की स्क्रीनिंग के लिए गई थीं।
उन्होंने कहा कि जब उनके सामने इस फिल्म की स्क्रिप्ट आई तो उस समय उन्हें लगा कि उन्होंने जितनी फिल्में की हैं ये भी उन्हीं फिल्मों की तरह थी, लेकिन सही मायने में देखा जाए तो एनएच-10 काफी अलग है। इस फिल्म को लेकर अनुष्का काफी उत्साहित थीं, यही वजह है कि फिल्म को सराहा गया।
निर्देशक नवदीप सिंह और लेखक सुदीप शर्मा को इस बेहतरीन फिल्म के लिए श्रेय देते हुए अनुष्का ने कहा, अभिनेत्री से निर्माता बनना, मेरे अनुसार परिवर्तन की एक बेहतरीन प्रक्रिया है।
उन्होंने कहा, भविष्य में भी हम ऐसी फिल्मों को समर्थन देना जारी रखेंगे, जिन्हें थोड़ा रिस्की माना जाता है क्योंकि उनमें नाच.गाना नहीं होता। हालांकि अनुष्का ही ये रिस्क नहीं उठा रही हैं, इसके पहले सलमान, आमिर, अरबाज, सनी देओल जैसे सुपरस्टार भी बतौर प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं।

अपना शहर चुनें


अभिषेक और ऐश्वर्या ने पूरे किए 8 साल का सफर, आज है सालगिरह

मुंबई।
क्या आप जानते हैं कि आज बॉलीवुड के सबसे डैशिंग कपल ऐश्वर्या राय और अभिषेक बच्चन के लिए आज का दिन खास क्यों है, तो हम बताते हैं। आज वो दिन है जिस दिन इन दोनों ने हमेशा के लिए एक दूसरे का दामन थामा था। जी हां आज इस डेशिंग कपल की आठवीं मैरिज एनीवर्सरी है, ये वो दिन है जिस दिन ऐश्वर्या राय से  ऐश्वर्या बच्चन बनी थीं। ये वो जोड़ी है जिसने बॉलीवुड सितारों से लेकर अपने प्रशंसकों के दिलों पर हमेशा ही राज किया है। कभी पिल्मों के जरिए तो कभी किसी इंवेट के जरिए। जब ये दोनों साथ में दिखते हैं तो मीडिया से लेकर हर किसी की निगाहें सिर्फ इन दोनों पर ही पड़ती है। तो क्यों आज इनके रील से मिले रियल सफरनामे पर चर्चा की जाए।
2000 में फिल्म ढाई अक्षर के सेट पर इन दोनों की पहली मुलाकात हुई, लेकिन सेट पर दोनों मिले थे, उस समय इनमें से किसी ने नहीं सोचा था कि ये दोनों कभी एक दूजे का दामन थामेंगे। उस दरमियान इन दोनों के बीच प्यार मोहब्बत जैसी कोई बात नहीं थी।  क्योंकि उस समय जहां ऐश सलमान और अभि करिश्मा के साथ रिलेशनशिप में थे। लेकिन कहते हैं जोड़ी तो रब ही ऊपर से बनाकर भेजता है फिर इन दोनों को एक होने से आखिर कौन सी दीवार रोक सकती थी।
ढाई अक्षरों प्रेम के फिल्म के बाद दोनों ने एक साथ कई फिल्में की। इनमें कुछ ना कहो, बंटी और बबली, उमरावजान, धूम टू, और रावन। इनमें से उन दोनों के बीच प्यार के किस्से मीडिया में सुनाई दिए। आखिरकार इस प्यार को दोनों अंजाम देने में भी लगे थे।
फिर क्या 20 अप्रैल 2007 को शादी के बंधन में हमेशा के लिए बंध गए। वैसे तो शहंशाह ने इन दोनों की शादी बेहद प्राइवेट तरीके से आयोजित की, लेकिन फिर भी इनकी शादी जितना कवरेज किसी दूसरी सेलिब्रटी में भी नहीं आया। आखरिकार ऐश शहंशाह की बहु जो बनने जा रही है।
शादी के बाद फिर दोनों की केमेस्ट्री एक बार सिल्वर स्क्रीन पर देखने को मिली। जब इन्होंने एक साथ सरकार राज, रावन, टाइम मशीन, लेडीज एंड जेंटलमेन जैसी फिल्मे दी है, हालांकि इन दोनों की रील लाइफ केमेस्ट्री को ज्यादा सराहना नहीं मिली लेकिन रियल लाइफ में इन डेशिंग कपल को काफी सरहाना मिलती हैं।
इसके बाद 16  नवंरबर 2011 में शहंशाह के घर में एक नन्हीं परी यानी आराध्या का जन्म हुआ, जिसके चर्चे अक्सर बिग बी अपने दोस्तों के साथ कभी अपने ऑफिशियल ब्लॉग पर तो कभी किसी इवेंट में। गौरतलब है कि आज भी अराध्या मीडिया की खबरों में अपनी जगह बनाए हुए है।

...तो सनी के बोल्डनेस से डर गए शाहिद!

मुंबई। फिल्म फेयर में "हैदर" के लिए बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीत चुके अभिनेता शाहिद कपूर ने एकता कपूर की फिल्म में काम करने से मना कर दिया है...तो सनी के बोल्डनेस से डर गए शाहिद!
और इसकी वजह हैं अभिनेत्री सनी लियोन। खबर है कि शाहिद कपूर जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले है और ऎसे में वे ऎसा कुछ नहीं करना चाहते, जिससे उनकी गर्लफ्रेंड नाराज हो जाए। या फिर यूं कह सकते है कि क्या शाहिद सनी के बोल्डनेस से डर गए है।

इसलिए शाहिद ऎसी फिल्मों से कन्नी काटने में लगे हुए है। सूत्रों के मुताबिक एकता कपूर ने शाहिद कपूर को अपनी फिल्म "ङग्ङग्ङग्" के लिए ऑफर दिया था, लेकिन शाहिद ने ये फिल्म करने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि फिल्म ना करने की वजह हैं सनी लियोन का लीड रोल में होना। गौरतलब है कि बॉलीवुड में सनी की इमेज काफी बोल्ड है हाल ही में रिलीज हुई सनी की फिल्म "एक पहेली लीला" में सनी काफी बोल्ड अंदाज में नजर आई थीं। फिल्म ने कमाई भी खूब की। वहीं 8 मई को सनी की फिल्म "कुछ कुछ लोचा है" रिलीज होने वाली है। - 
मुंबई। फिल्म फेयर में "हैदर" के लिए बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीत चुके अभिनेता शाहिद कपूर ने एकता कपूर की फिल्म में काम करने से मना कर दिया है और इसकी वजह हैं अभिनेत्री सनी लियोन। खबर है कि शाहिद कपूर जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले है और ऎसे में वे ऎसा कुछ नहीं करना चाहते, जिससे उनकी गर्लफ्रेंड नाराज हो जाए। या फिर यूं कह सकते है कि क्या शाहिद सनी के बोल्डनेस से डर गए है।

इसलिए शाहिद ऎसी फिल्मों से कन्नी काटने में लगे हुए है। सूत्रों के मुताबिक एकता कपूर ने शाहिद कपूर को अपनी फिल्म "ङग्ङग्ङग्" के लिए ऑफर दिया था, लेकिन शाहिद ने ये फिल्म करने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि फिल्म ना करने की वजह हैं सनी लियोन का लीड रोल में होना। गौरतलब है कि बॉलीवुड में सनी की इमेज काफी बोल्ड है हाल ही में रिलीज हुई सनी की फिल्म "एक पहेली लीला" में सनी काफी बोल्ड अंदाज में नजर आई थीं। फिल्म ने कमाई भी खूब की। वहीं 8 मई को सनी की फिल्म "कुछ कुछ लोचा है" रिलीज होने वाली है। - See more at: http://www.aapkisaheli.com/news/ekta-kapoor-of-the-film-made-of-the-sunny-shahid-225-78382.html#sthash.1fl4I83c.dpuf
मुंबई। फिल्म फेयर में "हैदर" के लिए बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीत चुके अभिनेता शाहिद कपूर ने एकता कपूर की फिल्म में काम करने से मना कर दिया है और इसकी वजह हैं अभिनेत्री सनी लियोन। खबर है कि शाहिद कपूर जल्द ही शादी के बंधन में बंधने वाले है और ऎसे में वे ऎसा कुछ नहीं करना चाहते, जिससे उनकी गर्लफ्रेंड नाराज हो जाए। या फिर यूं कह सकते है कि क्या शाहिद सनी के बोल्डनेस से डर गए है।

इसलिए शाहिद ऎसी फिल्मों से कन्नी काटने में लगे हुए है। सूत्रों के मुताबिक एकता कपूर ने शाहिद कपूर को अपनी फिल्म "ङग्ङग्ङग्" के लिए ऑफर दिया था, लेकिन शाहिद ने ये फिल्म करने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि फिल्म ना करने की वजह हैं सनी लियोन का लीड रोल में होना। गौरतलब है कि बॉलीवुड में सनी की इमेज काफी बोल्ड है हाल ही में रिलीज हुई सनी की फिल्म "एक पहेली लीला" में सनी काफी बोल्ड अंदाज में नजर आई थीं। फिल्म ने कमाई भी खूब की। वहीं 8 मई को सनी की फिल्म "कुछ कुछ लोचा है" रिलीज होने वाली है। - See more at: http://www.aapkisaheli.com/news/ekta-kapoor-of-the-film-made-of-the-sunny-shahid-225-78382.html#sthash.1fl4I83c.dpuf