बाबा रामदेव ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुत्रजीवक दवा पर अपनी सफाई दी। इस
दवा पर कल राज्यसभा में जेडीयू सांसद केसी त्यागी ने सवाल खड़े किए थे
जिसके बाद से ही सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा हो रही है।
बाबा रामदेव ने अपनी सफाई में कहा कि ये दवा बेटा पैदा करने की दवा नहीं है। उन्होंने कहा कि सवाल खड़े करने वाले लोग पहले आयुर्वेद को समझें।
बाबा रामदेव ने कहा कि उनके पास दवा का लाइसेंस है।
उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा,"कुछ लोग अज्ञान और स्वार्थ के कारण हमें और आयुर्वेद को बदनाम करने के लिये सुनियोजित प्रयास कर रहे हैं, सत्यता यह है कि आयुर्वेद में निःसंतान और बाँझपन के रोगियों की संतान प्राप्ति के लिये हजारों वर्षों पहले से पुत्रजीवक औषधि प्रयोग की जा रही है।"
राज्यसभा में हुआ था हंगामा
इससे पहले गुरुवार को राज्यसभा में विपक्ष ने योगगुरू बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी द्वारा बेची जा रही कथित तौर पर बेटा पैदा करने वाली एक दवा पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
विपक्ष का आरोप है कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ अभियान चला रही है, दूसरी तरफ बाबा की फार्मेसी द्वारा ऐसी दवाएं बेची जा रही हैं जिनसे बेटा पैदा करने का दावा किया जा रहा है। विपक्ष के हंगामे पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करेगी।
जदयू के केसी त्यागी ने गुरुवार को शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाया। प्रतिपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, सपा की जया बच्चन, तृणमूल के सुखेंदु राय, माकपा के सीताराम येचुरी ने भी त्यागी का समर्थन किया और तुरंत जांच की मांग की।
विपक्ष ने कहा कि जांच पूरी होने तक दवा की बिक्री को प्रतिबंधित किया जाए। त्यागी ने सदन में दवा का एक पैकेट भी दिखाया और कहा कि उन्होंने इसे दिव्य फार्मेसी से खरीदा है। 14 अप्रैल को यह पैकेट उन्होंने खरीदा है जिसकी रसीद भी उनके पास है।
केंद्र पर निशाना साधते हुए त्यागी ने कहा कि सरकार एक ओर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करती है वहीं हरियाणा सरकार द्वारा नियुक्त ब्रांड अंबेस्डर ऐसे उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने इसे अवैध और असंवैधानिक बताया। हालांकि रामदेव का नाम नहीं लिया। इसी दौरान सपा की जया बच्चन ने के.सी त्यागी से वह पैकेट लेकर वहां मौजूद स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा को दे दिया।
आजाद ने कहा कि इसकी जांच की जाए कि ऐसी दवा को बिक्री की अनुमति कैसे मिल गई। जबकि येचुरी ने कहा कि ऐसी दवा की बिक्री लिंगानुपात कानूनों के खिलाफ तो है ही वैज्ञानिक सोच के भी विरुद्ध है। जबकि जावेद अख्तर ने सरकार से दो टूक पूछा कि वे बताएं कि लिंग अनुपात बिगाड़ने वाली दवा गैरकानूनी है या नहीं। जबकि जया बच्चन ने कहा कि तुरंत फार्मेसी का लाइसेंस रद्द होना चाहिए।
उपसभापति पी. जे. कुरियन ने कहा कि लिंग चयन या प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण कानून तथा संविधान के खिलाफ है लेकिन इस मामले में आसन कुछ नहीं कर सकता। बाद में स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा कि यह आयुष विभाग में आता है लेकिन सरकार इसकी जांच करेगी और उचित कार्रवाई करेगी।
बाबा रामदेव ने अपनी सफाई में कहा कि ये दवा बेटा पैदा करने की दवा नहीं है। उन्होंने कहा कि सवाल खड़े करने वाले लोग पहले आयुर्वेद को समझें।
बाबा रामदेव ने कहा कि उनके पास दवा का लाइसेंस है।
उन्होंने अपने फेसबुक पेज पर लिखा,"कुछ लोग अज्ञान और स्वार्थ के कारण हमें और आयुर्वेद को बदनाम करने के लिये सुनियोजित प्रयास कर रहे हैं, सत्यता यह है कि आयुर्वेद में निःसंतान और बाँझपन के रोगियों की संतान प्राप्ति के लिये हजारों वर्षों पहले से पुत्रजीवक औषधि प्रयोग की जा रही है।"
राज्यसभा में हुआ था हंगामा
इससे पहले गुरुवार को राज्यसभा में विपक्ष ने योगगुरू बाबा रामदेव की दिव्य फार्मेसी द्वारा बेची जा रही कथित तौर पर बेटा पैदा करने वाली एक दवा पर तुरंत प्रतिबंध लगाने की मांग की गई।
विपक्ष का आरोप है कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ अभियान चला रही है, दूसरी तरफ बाबा की फार्मेसी द्वारा ऐसी दवाएं बेची जा रही हैं जिनसे बेटा पैदा करने का दावा किया जा रहा है। विपक्ष के हंगामे पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करेगी।
जदयू के केसी त्यागी ने गुरुवार को शून्यकाल के दौरान यह मामला उठाया। प्रतिपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, सपा की जया बच्चन, तृणमूल के सुखेंदु राय, माकपा के सीताराम येचुरी ने भी त्यागी का समर्थन किया और तुरंत जांच की मांग की।
विपक्ष ने कहा कि जांच पूरी होने तक दवा की बिक्री को प्रतिबंधित किया जाए। त्यागी ने सदन में दवा का एक पैकेट भी दिखाया और कहा कि उन्होंने इसे दिव्य फार्मेसी से खरीदा है। 14 अप्रैल को यह पैकेट उन्होंने खरीदा है जिसकी रसीद भी उनके पास है।
केंद्र पर निशाना साधते हुए त्यागी ने कहा कि सरकार एक ओर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ की बात करती है वहीं हरियाणा सरकार द्वारा नियुक्त ब्रांड अंबेस्डर ऐसे उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। उन्होंने इसे अवैध और असंवैधानिक बताया। हालांकि रामदेव का नाम नहीं लिया। इसी दौरान सपा की जया बच्चन ने के.सी त्यागी से वह पैकेट लेकर वहां मौजूद स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा को दे दिया।
आजाद ने कहा कि इसकी जांच की जाए कि ऐसी दवा को बिक्री की अनुमति कैसे मिल गई। जबकि येचुरी ने कहा कि ऐसी दवा की बिक्री लिंगानुपात कानूनों के खिलाफ तो है ही वैज्ञानिक सोच के भी विरुद्ध है। जबकि जावेद अख्तर ने सरकार से दो टूक पूछा कि वे बताएं कि लिंग अनुपात बिगाड़ने वाली दवा गैरकानूनी है या नहीं। जबकि जया बच्चन ने कहा कि तुरंत फार्मेसी का लाइसेंस रद्द होना चाहिए।
उपसभापति पी. जे. कुरियन ने कहा कि लिंग चयन या प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण कानून तथा संविधान के खिलाफ है लेकिन इस मामले में आसन कुछ नहीं कर सकता। बाद में स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा कि यह आयुष विभाग में आता है लेकिन सरकार इसकी जांच करेगी और उचित कार्रवाई करेगी।
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