एचआईवी संक्रमित होने के चलते उन्हें अपनी नौकरी गंवानी पड़ी। गौतम ने हार नहीं मानी और एक एनजीओ के साथ मिलकर अपने हक के लिए लड़ाई की। इस तरह से उन्होंने अपनी नौकरी वापस हासिल कर ली, हालांकि अब वो नौकरी छोड़कर समाजसेवा
में जुट चुके हैं। समाजसेवा के जरिए गौतम ने अपने जैसे लोगों की
मदद की।
ये है गौतम की कहानी...
गौतम को कक्षा पांच में पता चला कि उसका रुझान लड़कों की तरफ है। स्कूल से निकाल दिया गया, जिससे पढ़ाई नहीं हो पाई। 2009 में एचआईवी संक्रमित होने से मुश्किलें और बढ़ गईं। गौतम जिस कंपनी में काम करता था उसने कड़े मानकों का सहारा लेकर उन्हें नौकरी छोड़ने पर मजबूर कर दिया। इंटरनेट के जरिए उन्हें पता चला कि एलजीबीटी संगठन ऐसे लोगों की मदद करता है। उसकी सहायता से नौकरी दोबारा हासिल की लेकिन फिर गौतम को समाजसेवा से जुड़ने की प्रेरणा मिली। गौतम को अब अपने जैसे लोगों की मदद करके सुकून मिलता है।
ये है गौतम की कहानी...
गौतम को कक्षा पांच में पता चला कि उसका रुझान लड़कों की तरफ है। स्कूल से निकाल दिया गया, जिससे पढ़ाई नहीं हो पाई। 2009 में एचआईवी संक्रमित होने से मुश्किलें और बढ़ गईं। गौतम जिस कंपनी में काम करता था उसने कड़े मानकों का सहारा लेकर उन्हें नौकरी छोड़ने पर मजबूर कर दिया। इंटरनेट के जरिए उन्हें पता चला कि एलजीबीटी संगठन ऐसे लोगों की मदद करता है। उसकी सहायता से नौकरी दोबारा हासिल की लेकिन फिर गौतम को समाजसेवा से जुड़ने की प्रेरणा मिली। गौतम को अब अपने जैसे लोगों की मदद करके सुकून मिलता है।
No comments:
Post a Comment