'कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती'... कविता की ये पंक्ति अक्सर
कई आयोजनों और समारोहों में सुनने को मिलती है। कहा जाता है कि ये पंक्ति
कवि डॉ. हरिवंश राय बच्चन की है। इस पंक्ति के साथ बार-बार कवि डॉ. बच्चन
का नाम आने के बाद बॉलीवुड स्टार अमिताभ बच्चन ने फेसबुक पर लिखा है, "ये
कविता बाबूजी की लिखित नहीं है, इसके रचयिता हैं सोहन लाल द्विवेदी....
कृपया इस कविता को बाबूजी डॉ. हरिवंश राय बच्चन के नाम से न दें... ये
उन्होंने नहीं लिखी है।"
यही नहीं, ऐसे और भी कई उदाहरण हैं, जिसमें मूल लेखक कोई और होता है
और नाम किसी का लिखा जाता है। ये तो हुई कविता की बात। इसी तरह से बॉलीवुड
फिल्मों में ऐसे कई गाने भी हैं, जिनका मूल लेखक कोई और है, लेकिन इसमें
नाम किसी और का लिखा है। इतना ही नहीं, कुछ गीतकारों ने किसी कवि या शायर
की कविताओं और शे'रों से कुछ पक्तियां लेकर भी गाने लिखे हैं।
dainikbhaskar.com आपको ऐसे ही कुछ उदाहरण बताने जा रहा है।
'ससुराल गेंदा फूल...'
फिल्म 'दिल्ली-6' का गाना 'सास गारी देवे देवर जी समझा लेवे ससुराल गेंदा फूल...' मूल रूप से छत्तीसगढ़ी लोक गीत है। ऐसा कहा जाता है कि ये गीत गंगाराम शिवरे ने लिखा है। लेकिन फिल्म में इस गाने के लेखक प्रसून जोशी है।
फिल्म 'दिल्ली-6' का गाना 'सास गारी देवे देवर जी समझा लेवे ससुराल गेंदा फूल...' मूल रूप से छत्तीसगढ़ी लोक गीत है। ऐसा कहा जाता है कि ये गीत गंगाराम शिवरे ने लिखा है। लेकिन फिल्म में इस गाने के लेखक प्रसून जोशी है।
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