Thursday, 3 December 2015

गरीबी में पले-बढ़े, अब गेल से लेकर विराट तक हैं इनके खेल के दीवाने

भारत अंडर 19 टीम के स्टार क्रिकेटर सरफराज खान एक बार फिर मैच विनिंग परफॉर्मेंस देकर सुर्खियों में हैं। उन्होंने ट्राई सीरीज के फाइनल मैच में बांग्लादेश के खिलाफ तूफानी बैटिंग करते हुए अपनी टीम को जबरदस्त जीत दिलाई। मात्र 117 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के तीन विकेट 42 रन पर ही गिर गए थे। इसके बाद क्रीज पर आए सरफराज ने 27 बॉल पर शानदार 59* रन बना डाले। इस दौरान उन्होंने 9 चौके और तीन छक्के जड़े। इस इनिंग में सरफराज का स्ट्राइक रेट 218.51 रहा। इससे पहले आईपीएल-8 में भी सरफराज अपनी तूफानी बैटिंग का नजारा पेश कर चुके हैं।
मुश्किल में गुजरा बचपनः
सरफराज के पिता आजमगढ़ से हैं और क्लब क्रिकेटर रहे हैं। उन्होंने कपड़े बेचकर बेटे के सपने को पूरा करने की ठानी और आज सरफराज स्टार क्रिकेटर हैं। कुछ समय पहले एक इंटरव्यू में सरफराज के पिता नौशाद खान ने कहा था कि 2001 से 2008 तक का सफ़र काफी कठिन रहा। परिवार का खर्च रेलवे की छोटी-सी नौकरी से उठाना मुश्किल था। बेटे के क्रिकेट के जुनून को देखते हुए दिल्ली, मेरठ से लाकर कपड़े (किट, लोअर, ट्रैक सूट) लाकर पार्ट टाइम बेचते थे। बड़ा अजीब लगता था जूते, लोवर, ट्रैक सूट खिलाड़ियों को बेचना, मगर परिस्थितियां विपरीत थीं। सस्ते धर्मशाला में रुकना पड़ता था। सुबह पांच बजे उठकर नौशाद दोनों बेटों को क्रिकेट सिखाते थे और फिर आजाद मैदान ले जाते थे। सरफराज को प्राइवेट कोचिंग लेनी पड़ती थी क्योंकि वो रेग्युलर स्कूल नहीं जा पाते थे। कई लोगों ने उनकी मदद की। मुंबई में बारिश में प्रैक्टिस के लिए जाना मुश्किल होता था तो उन्होंने घर पर ही सिंथेटिक पिच बना ली।
पिता नौशाद क्रिकेट कोच हैं
सरफराज के पिता नौशाद एक क्रिकेट कोच हैं और वे मोटरसाइकिल से अपने दोनों बेटों सरफराज और मुशीर को लाने डेली कुर्ला से आजाद मैदान जाते थे। सरफराज कहते हैं, "बाइक पर दो क्रिकेट किट बैग के साथ सफर तय करने से हमेशा खतरा बना रहा था, लेकिन ट्रेन से भी जाना आसान काम नहीं था। समय से प्रैक्टिस सेशन में पहुंचने के लिए मोटरसाइकिल का सहारा लेना ही पड़ता है।"
सबसे अधिक पिता को करते हैं प्यार
सबसे अधिक अपने पिता नौशाद को प्यार करने वाले सरफराज ने आईपीएल से पहले कहा था कि वे उनके लिए एक कार लेंगे। उन्होंने कहा था, "मेरी लाइफस्टाइल में कोई बदलाव नहीं आएगा, लेकिन मैं सबसे पहले अपने पिता के लिए एक एसयूवी कार खरीदूंगा।" 2010 की घटना को याद करते हुए सरफराज ने बताया था, "एक रोड एक्सीडेंट में मेरे पिता का कंधा फ्रैक्चर हो गया था। उस वक्त मैं काफी डर गया था। मैं अपने पिता को सुरक्षित देखना चाहता हूं। एक्सीडेंट के बाद हमेशा मेरे पिता के घुटनों में दर्द रहता है।" आईपीएल के बाद सरफराज ने अपने पिता के लिए लग्जरी कार खरीदी भी थी।
विराट हुए थे नतमस्तकः
2015 में हुए आईपीएल-8 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के क्रिकेटर सरफराज खान ने राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 21 बॉल पर 45* रन बनाए थे। इस इनिंग के बाद सरफराज खान टॉकिंग प्वाइंट बन गए थे। खचाखच भरे स्टेडियम के बीच कप्तान विराट ने पहले सरफराज को हाथ जोड़ कर नमस्कार किया और फिर इस युवा बैट्समैन की पीठ थपथपाई थी। पारी के आखिरी ओवरों में सरफराज की जबरदस्त बैटिंग के कारण रॉयल चैलेंजर्स 200 रनों तक पहुंच सका था। टीम ने आखिरी पांच ओवरों में 70 रन बटोरे थे।
विराट-गेल जैसे दिग्गज करते हैं तारीफः
वेस्ट इंडीज और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के अटैकिंग बैट्समैन क्रिस गेल सरफराज की काफी तारीफ करते हैं। आउट ऑफ द फील्ड वे उनके साथ काफी मस्ती करते हैं। गेल ने उन्हें अपना फेवरेट यंग इंडियन क्रिकेटर कहा था। वहीं, टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर और आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के कैप्टन विराट कोहली भी सरफराज के खेल की तारीफ कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि सरफराज काफी अच्छा खेलते हैं। उनमें सीखने की ललक दिखती है। वे अगर ऐसे ही खेलते रहे तो बहुत जल्दी इंडियन टीम में भी सिलेक्ट हो जाएंगे।
सरफराज के फैन हैं गावसकर, करोड़ों में किया था साइनः
आईपीएल के बाद ही जुलाई 2015 में पूर्व इंडियन क्रिकेटर सुनील गावसकर की कंपनी ने सरफराज को डेढ़ से दो करोड़ रुपए में साइन किया था। इस डील के साथ ही सरफराज करोड़पति बने गए थे। गावसकर के को-ओनर वाली कंपनी प्रोफेशनल मैनेजमेंट ग्रुप (PMG) ने सरफराज के साथ तीन साल की डील की थी। सुनील गावसकर तब से सरफराज के फैन हैं जब उन्होंने 2009 हैरिस शील्ड टूर्नामेंट में 439 रनों की पारी खेली थी।
भारत की अंडर 19 वर्ल्ड कप टीम के सदस्य थे
सरफराज 2014 में भारत की अंडर 19 वर्ल्ड कप टीम के सदस्य भी थे और रणजी ट्रॉफी में मुंबई की टीम से इसी सीजन में अपना पहला मैच खेला।

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