पीएम नरेंद्र मोदी का कहना है कि क्लाइमेट के लिए
दुनियाभर के नेताओं को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए। लेकिन उनकी एक मंत्री
ने इस पर अलग बयान दिया है। महिला और बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने
गुरुवार को कहा कि क्लाइमेट चेंज के लिए भारत भी जिम्मेदार है।
मेनका गांधी ने क्या कहा?
- एक न्यूज चैनल से बातचीत के दौरान मेनका ने कहा- क्लाइमेट चेंज के लिए हमें पश्चिम के देशों को जिम्मेदार नहीं ठहराना चाहिए।
- मेनका ने कहा- इन देशों ने यह सब तकरीबन 100 साल पहले किया था। मौजूदा हालात में भारत क्लाइमेट को बिगाड़ने वाला ‘मेन प्लेयर’ है।
- मेनका बोलीं- भारत, ब्राजील और चीन मीथेन गैस के सबसे बड़े उत्पादक
देश हैं। लेकिन हम लोग मीथेन के इफेक्ट के बारे में सोच ही नहीं रहे हैं।
- उन्होंने कहा कि मीथेन कार्बन डाय ऑक्साइड की तुलना में 26 गुना ज्यादा तेजी से क्लाइमेट को नुकसान पहुंचाती है।
चेन्नई की बाढ़ को बताया क्लाइमेट चेंज का नतीजा
- मेनका ने चेन्नई में बारिश के बाद आई बाढ़ पर भी अपनी राय दी है।
- उन्होंने कहा- चेन्नई में हो रही भारी बारिश क्लाइमेट चेंज का ही
नतीजा है। उन्होंने चेताया कि आने वाले 10 दिन में वहां इससे भी ज्यादा
बारिश होने की आशंका है।
मोदी ने पेरिस में क्या कहा था?
- पेरिस समिट में मोदी ने क्लाइमेट चेंज के मामले में डेवलपल्ड
कंट्रीज के नेताओं से कहा कि वे भारत जैसे तरक्की कर रहे देशों पर
जिम्मेदारी डाल कर इससे बच नहीं सकते।
- मोदी ने कहा था- डेवलपल्ड कंट्रीज यदि कार्बन उत्सर्जन कम करने के
मामले में डेवलपिंग कंट्रीज देशों पर ही दबाब डालते रहे तो यह नैतिक रूप से
गलत होगा।
- मोदी ने कहा था कि हमें उम्मीद है कि विकसित देश
कार्बन इमिशन कम करने के लिए एक टारगेट तय करेंगे और उसे हासिल करने की
कोशिश करेंगे, क्योंकि उनके पास असर दिखाने के लिए बड़ा दायरा है।
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