जम्मू। जम्मू कश्मीर के सियासी इतिहास में अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन के कारण सरकार के गठन में कोई भूमिका न रहने का नेशनल कांप्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला का दर्द छलक गया। विधानसभा चुनाव में हुई हार के बाद यहां राज्यपाल एन एन वोहरा को अपना इस्तीफा सौंपने के बाद राजभवन के बाहर संवाददाताओं के यह पूछने पर कि क्या वह सरकार के गठन पर बातचीत के लिए दिल्ली जा रहे है, अब्दुल्ला ने कहा कि वह विलायत जा रहे हैं।
सरकार बनाने में अहम भूमिका न रहने की अब्दुल्ला की टीस उस समय जाहिर
हो गयी जब उन्होने कहा कि वैसे भी मेरा यहां रहना और न रहना बराबर है।
अब्दुल्ला ने बताया कि वह अपने बीमार मां-बाप से मिलने विलायत जा रहे
हैं। चुनावी व्यस्तता के कारण वे चाहकर भी उनसे मिलने नहीं जा सके थे।
अब्दुल्ला ने कहा मेरे माता पिता की सर्जरी हुई है। मैं उनसे मिलने को
बेचैन हूं। मैं कुछ वक्त उनके साथ गुजारूंगा। अब्दुल्ला पूर्व मुख्यमंत्री
फारूक अब्दुल्ला और ब्रिटिश महिला मोली के बेटे हैं। मोली ने पति को अपना
गुर्दा दिया जिसे फारूक अब्दुल्ला में प्रत्यारोपित किया गया है।
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