Tuesday, 20 January 2015

अवैध खनन मामला: जी. जर्नादन रेड्डी को मिली जमानत -चार साल से जेल में थे बंद

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने अवैध खनन के आरोप में पिछले चार साल से जेल में बंद कर्नाटक के पूर्व मंत्री जी. जर्नादन रेड्डी को जमानत पर रिहा करने का मंगलवार को आदेश दिया। मुख्य न्यायाधीश एच.एल. दत्तू, न्यायमूर्ति ए.के. सिकरी और न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा की खंडपीठ ने रेड्डी को सशर्त जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। न्यायालय ने कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता को जमानत पर रिहा किए जाने के अनुरोध पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई है, इसलिए रेड्डी को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है। हालांकि शीर्ष अदालत ने रेड्डी की जमानत पर रिहाई के लिए कुछ शर्तें भी रखीं। न्यायालय ने उन्हें अपना पासपोर्ट जमा कराने तथा विदेश जाने से पहले उससे अनुमति लेने को कहा है। न्यायमूर्ति दत्तू ने पूर्व मंत्री को दस-दस लाख रुपये के दो मुचलके जमा कराने के भी आदेश दिए। न्यायालय ने रेड्डी को आगाह किया कि वह मामले के गवाहों को प्रभावित करने का प्रयास कतई न करें। इससे पहले सीबीआई की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने दलील दी कि रेड्डी के खिलाफ जांच एजेंसी की जांच पूरी हो चुकी है और मूल आरोप पत्र और पूरक आरोप पत्र भी दायर हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में याचिकाकर्ता की याचिका पर सीबीआई को कोई आपत्ति नहीं है। रेड्डी की ओर से जिरह कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता दुष्यंत दवे ने दलील दी कि उनके मुवक्किल 2011 से जेल में बंद हैं और अब सीबीआई जांच पूरी हो गई तो उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया जाना चाहिए। इस पर न्यायालय ने कहा कि जब याचिकाकर्ता की जमानत याचिका को लेकर सीबीआई को कोई आपत्ति नहीं है तो उन्हें जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है।

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