इंदौर। मकर
संक्रांति शहर में जोरशोर से मनाई जा रही है। सूर्य उत्तरायण के साथ ही
पर्व की शुरुआत हुई। आज दिनभर पुण्यकाल रहेगा। लोग दान-पुण्य कर रहे हैं।
कई मंदिरों में तिल-गुड़ से बने व्यंजनों का भोग लगा। इस मौके पर लोग
पतंगबाजी का मजा ले रहे हैं। कोई मैदान पर तो कोई छत पर सुबह से ही जमें
हुए हैं। कुछ लोगों ने गिल्ली डंडे पर भी हाथ आजमाया। पंडितों के अनुसार,
14 जनवरी को शाम 7.27 बजे सूर्य ने धनु से मकर राशि में प्रवेश किया। धर्म
शास्त्रों की मान्यता है जब सूर्य का राशि परिवर्तन सूर्यास्त के बाद तो हो
पुण्य (पर्व) काल दूसरे दिन मनाया जाता है। ऐसे में संक्रांति का पुण्यकाल
गुरुवार को सुबह 7.09 से शाम 6.03 बजे तक रहेगा।
खास है इस बार की मकर संक्रांति - पंडितों के अनुसार मकर
संक्रांति हाथी पर सवार होकर आई है। ऐसे में पर्व सुख-समृद्धि लेकर आया है।
पं. आनंदशंकर व्यास (उज्जैन) के अनुसार, इस दिन किए गए दान का फल 100 गुना
होकर मिलता है। मकर संक्रांति देवताओं का प्रभातकाल भी है।
सूर्यदेव मंदिर में अभिषेक-महायज्ञ - कैट रोड स्थित सूर्यदेव मंदिर
नवग्रह तीर्थ में मकर संक्रांति पर गुरुवार सुबह से धार्मिक आयोजन शुरू
हुए। मंदिर के प्रचार प्रमुख प्रकाश राजदेव ने बताया सुबह पूजन-अभिषेक, 10
बजे हवन हुआ। मंदिर में सूर्यदेव सात अश्व के रथ पर सवार हैं। उनके सारथी
अरुण देव हैं। वास्तु सिद्धांत के अनुसार उड़ीसा के कलाकारों ने संगमरमर की
13 फीट ऊंची मूर्ति बनाई थी। मंदिर के बाहर कमल कुंड है। इसके अलावा
नवग्रह मंदिर भी है।
पतंगों से छाया आसमान : मकर संक्रांति पर शहर का आसमान पतंगों से
छा गया। सुबह से ही विभिन्न जगहों पर बच्चों और युवतियों ने भी पतंगबाजी के
साथ सितोलिया, कंचे, गुल्ली-डंडा में हाथ आजमा रहे हैं। स्कीम नं. 54
स्थित गुजराती समाज परिसर में स्टूडेंट्स ने संक्रांति पर्व मनाया। वहीं
ऑल्टियस कॉलेज में भी स्टूडेंट्स ने देसी खेलों का आनंद लिया। इस दौरान कई
युवाओं ने सेल्फी का भी मजा लिया। कोई अकेले तो कोई ग्रुप में सेल्फी लेता
नजर आया।
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