Monday, 19 January 2015

प्रख्यात बुद्धिजीवी रजनी कोठारी का निधन


नई दिल्ली। प्रख्यात राजनीति शास्त्री एवं विचारक रजनी कोठारी का सोमवार को यहां अपने निवास पर निधन हो गया। वह 84 वर्ष के थे और काफी दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके परिवार में दो बेटे हैं। उनकी पत्नी का निधन कई वर्ष पूर्व हो गया था। उनका अंतिम संस्कार मंगलवार को होगा। कोठारी की गिनती देश के जाने-माने बुद्धिजीवियों में होती थी। वह सेंटर फार स्टडी आफ डेवलपिंग सोसायटीज (सीएसडीएस) के संस्थापक थे, जो देश की अग्रणी शोध संस्था मानी जाती है। वह लोकनायक जयप्रकाश के निकट संपर्क में थे और तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कटु आलोचक भी थे। उनकी चर्चित पुस्तकों में ‘पोलिटिक्स इन इंडिया’ (1970), ‘कास्ट इन इंडिया पालिटिक्स’ (1973) तथा रीथिंकिंग डमोक्रेसी (2005) हैं। उनको लोकायन संस्था भी बनाई थी, जिसे ‘राइट लाइवहूड अवार्ड’ नोबल पुरस्कार माना जाता है। कोठारी दिल्ली विश्वविद्यालय में राजनीति शास्त्र के प्रोफेसर भी थे और पीपुल्स यूनियन फार सिविल लिबर्टीज के महासचिव तथा अध्यक्ष भी थे। उन्होंने अपना कैरियर बड़ोदरा के महाराजा सयाजीराव विश्व विद्यालय से शुरू किया था।

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