नई दिल्ली। भारत में अब 83 करोड़ मतदाता हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान मतदाताओं की संख्या से यह तकरीबन दो करोड़ ज्यादा है। मुख्य चुनाव आयुक्त एच.एस. ब्रह्मा ने मंगलवार को यहां कहा कि पांच जनवरी की स्थिति के मुताबिक भारत में अब तकरीबन 83 करोड़ मतदाता हैं। उन्होंने कहा कि मतदाताओं की कुल संख्या यूरोप की आबादी से भी ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले पांच वर्षों में मतदाताओं की संख्या आसानी से 85 करोड़ के आंकड़े तक पहुंच जाने की संभावना है। पिछले साल जनवरी में चुनाव आयोग ने कहा था कि लोकसभा चुनाव में 81 करोड़ से ज्यादा मतदाताओं द्वारा अपने मताधिकार का इस्तेमाल किए जाने की उम्मीद है, जिनमें चार करोड़ ऐसे युवा मतदाता शामिल हैं जो पहली बार मतदान करेंगे। 2014 के लोकसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या 2009 के आम चुनाव के समय के योग्य मतदाताओं के मुकाबले करीब दस करोड़ ज्यादा थी। राष्ट्रीय मतदाता दिवस से पहले यहां मतदाता उत्सव कार्यक्रम के शुभारंभ के मौके पर ब्रहमा ने कहा कि 1951 में पहले लोकसभा चुनाव के दौरान देश में मतदाताओं की तादाद 17 करोड़ 32 लाख थी। देश में हर साल 25 जनवरी को राष्ट्रीय मतदाता दिवस मनाया जाता है। उसी दिन 1950 में चुनाव आयोग की स्थापना हुई थी।
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