जयपुर। राजस्थान
मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से प्रदेश के ९ जिलों में
गर्भवती महिलाओं को लगाने के लिए जानवरों के इंजेक्शन भेजने पर चिकित्सा
मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने मंगलवार को वास्तविक रिपोर्ट मांगी है। हालांंकि
अस्पताल में किसी भी मरीज के इंजेक्शन लगने से इंकार किया है।
आरएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल सेल के प्रभारी मनोज नाग के अनुसार क्वारेन टाइम में रखे गए इंजेक्शन की जांच के लिए सैंपल भेजे जा चुके है। 29 दिसंबर को भेजे गए सैंपल की नियमानुसार 21 दिन में रिपोर्ट आने के हिसाब से 20 जनवरी तक रिपोर्ट आने की संभावना है। नाग ने बताया कि रिपोर्ट में सैंपल फेल होने पर हिमाचल प्रदेश की कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज होगा तथा ठीक आने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
आरएमएससी के क्वालिटी कंट्रोल सेल के प्रभारी मनोज नाग के अनुसार क्वारेन टाइम में रखे गए इंजेक्शन की जांच के लिए सैंपल भेजे जा चुके है। 29 दिसंबर को भेजे गए सैंपल की नियमानुसार 21 दिन में रिपोर्ट आने के हिसाब से 20 जनवरी तक रिपोर्ट आने की संभावना है। नाग ने बताया कि रिपोर्ट में सैंपल फेल होने पर हिमाचल प्रदेश की कंपनी के खिलाफ मामला दर्ज होगा तथा ठीक आने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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