अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने पिछले साल अफ्रीका में फैली महामारी इबोला वायरस डिजीज (ईवीडी) से निपटने के लिए पांच जनवरी तक 38.49 करोड़ डॉलर की राशि खर्च की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इस राशि में से 31.23 करोड़ डॉलर अमेरिकी सेना के सैन्य, चिकित्सा कर्मचारियों के प्रशिक्षण और चिकित्सा सुविधा इंजीनियरिंग में खर्च हुए।
4.7 करोड़ डॉलर सहकारी खतरों के न्यूनीकरण उपायों में खर्च हुए, जबकि वैक्सीन शोध और विकास में 2.56 करोड़ डॉलर की राशि खर्च हुई।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता स्टीव वारेन ने एक बयान में बताया कि अमेरिकी सेना के इबोला नियंत्रण प्रयासों में 2,367 कर्मचारी शामिल थे।
इन कर्मचारियों में से लगभग 2,174 कर्मचारी लाइबेरिया की राजधानी मोनरोविया में थे। शेष 193 सैनिक समुद्री पुलिस के सदस्य और तटीय अभियान के सदस्य हैं, जो पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल की राजधानी डाकर में काम कर रहे हैं।
वारेन ने बताया कि अमेरिकी सेना इबोला रोगियों के उपचार में शामिल नहीं थी। सेना की भूमिका सैन्य सहयोग और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण, चिकित्सकीय नमूनों की जांच करने और इबोला उपचार इकाइयों का निर्माण करने में थी।
पिछले साल 27 अक्टूबर से प्रशिक्षण शुरू होने के बाद से सेना और वायुसेना की 40 सदस्यीय टीम 1,539 स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर चुकी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक बयान के मुताबिक, इबोला से मरने वालों की संख्या 8,153 तक पहुंच चुकी है।
इस सप्ताह जारी इस रिपोर्ट में बताया गया कि ईवीडी के 20,656 मामले सामने आ चुके हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इस राशि में से 31.23 करोड़ डॉलर अमेरिकी सेना के सैन्य, चिकित्सा कर्मचारियों के प्रशिक्षण और चिकित्सा सुविधा इंजीनियरिंग में खर्च हुए।
4.7 करोड़ डॉलर सहकारी खतरों के न्यूनीकरण उपायों में खर्च हुए, जबकि वैक्सीन शोध और विकास में 2.56 करोड़ डॉलर की राशि खर्च हुई।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता स्टीव वारेन ने एक बयान में बताया कि अमेरिकी सेना के इबोला नियंत्रण प्रयासों में 2,367 कर्मचारी शामिल थे।
इन कर्मचारियों में से लगभग 2,174 कर्मचारी लाइबेरिया की राजधानी मोनरोविया में थे। शेष 193 सैनिक समुद्री पुलिस के सदस्य और तटीय अभियान के सदस्य हैं, जो पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल की राजधानी डाकर में काम कर रहे हैं।
वारेन ने बताया कि अमेरिकी सेना इबोला रोगियों के उपचार में शामिल नहीं थी। सेना की भूमिका सैन्य सहयोग और स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण, चिकित्सकीय नमूनों की जांच करने और इबोला उपचार इकाइयों का निर्माण करने में थी।
पिछले साल 27 अक्टूबर से प्रशिक्षण शुरू होने के बाद से सेना और वायुसेना की 40 सदस्यीय टीम 1,539 स्वास्थ्य कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर चुकी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक बयान के मुताबिक, इबोला से मरने वालों की संख्या 8,153 तक पहुंच चुकी है।
इस सप्ताह जारी इस रिपोर्ट में बताया गया कि ईवीडी के 20,656 मामले सामने आ चुके हैं।
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के रक्षा मंत्रालय ने पिछले साल अफ्रीका में फैली महामारी इबोला वायरस
डिजीज (ईवीडी) से निपटने के लिए पांच जनवरी तक 38.49 करोड़ डॉलर की राशि
खर्च की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इस राशि में से
31.23 करोड़ डॉलर अमेरिकी सेना के सैन्य, चिकित्सा कर्मचारियों के प्रशिक्षण
और चिकित्सा सुविधा इंजीनियरिंग में खर्च हुए।
4.7 करोड़ डॉलर सहकारी खतरों के न्यूनीकरण उपायों में खर्च हुए, जबकि वैक्सीन शोध और विकास में 2.56 करोड़ डॉलर की राशि खर्च हुई।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता स्टीव वारेन ने एक
बयान में बताया कि अमेरिकी सेना के इबोला नियंत्रण प्रयासों में 2,367
कर्मचारी शामिल थे।
इन कर्मचारियों में से लगभग 2,174 कर्मचारी लाइबेरिया
की राजधानी मोनरोविया में थे। शेष 193 सैनिक समुद्री पुलिस के सदस्य और
तटीय अभियान के सदस्य हैं, जो पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल की राजधानी डाकर
में काम कर रहे हैं।
वारेन ने बताया कि अमेरिकी सेना इबोला रोगियों के उपचार
में शामिल नहीं थी। सेना की भूमिका सैन्य सहयोग और स्वास्थ्य कर्मियों को
प्रशिक्षण, चिकित्सकीय नमूनों की जांच करने और इबोला उपचार इकाइयों का
निर्माण करने में थी।
पिछले साल 27 अक्टूबर से प्रशिक्षण शुरू होने के बाद से
सेना और वायुसेना की 40 सदस्यीय टीम 1,539 स्वास्थ्य कर्मचारियों को
प्रशिक्षित कर चुकी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक बयान के मुताबिक, इबोला से मरने वालों की संख्या 8,153 तक पहुंच चुकी है।
इस सप्ताह जारी इस रिपोर्ट में बताया गया कि ईवीडी के 20,656 मामले सामने आ चुके हैं।
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http://www.livehindustan.com/news/videsh/international/article1-ebola-america-2-2-466823.html#sthash.5wxatD4L.dpuf
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डिजीज (ईवीडी) से निपटने के लिए पांच जनवरी तक 38.49 करोड़ डॉलर की राशि
खर्च की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इस राशि में से
31.23 करोड़ डॉलर अमेरिकी सेना के सैन्य, चिकित्सा कर्मचारियों के प्रशिक्षण
और चिकित्सा सुविधा इंजीनियरिंग में खर्च हुए।
4.7 करोड़ डॉलर सहकारी खतरों के न्यूनीकरण उपायों में खर्च हुए, जबकि वैक्सीन शोध और विकास में 2.56 करोड़ डॉलर की राशि खर्च हुई।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता स्टीव वारेन ने एक
बयान में बताया कि अमेरिकी सेना के इबोला नियंत्रण प्रयासों में 2,367
कर्मचारी शामिल थे।
इन कर्मचारियों में से लगभग 2,174 कर्मचारी लाइबेरिया
की राजधानी मोनरोविया में थे। शेष 193 सैनिक समुद्री पुलिस के सदस्य और
तटीय अभियान के सदस्य हैं, जो पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल की राजधानी डाकर
में काम कर रहे हैं।
वारेन ने बताया कि अमेरिकी सेना इबोला रोगियों के उपचार
में शामिल नहीं थी। सेना की भूमिका सैन्य सहयोग और स्वास्थ्य कर्मियों को
प्रशिक्षण, चिकित्सकीय नमूनों की जांच करने और इबोला उपचार इकाइयों का
निर्माण करने में थी।
पिछले साल 27 अक्टूबर से प्रशिक्षण शुरू होने के बाद से
सेना और वायुसेना की 40 सदस्यीय टीम 1,539 स्वास्थ्य कर्मचारियों को
प्रशिक्षित कर चुकी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक बयान के मुताबिक, इबोला से मरने वालों की संख्या 8,153 तक पहुंच चुकी है।
इस सप्ताह जारी इस रिपोर्ट में बताया गया कि ईवीडी के 20,656 मामले सामने आ चुके हैं।
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डिजीज (ईवीडी) से निपटने के लिए पांच जनवरी तक 38.49 करोड़ डॉलर की राशि
खर्च की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इस राशि में से
31.23 करोड़ डॉलर अमेरिकी सेना के सैन्य, चिकित्सा कर्मचारियों के प्रशिक्षण
और चिकित्सा सुविधा इंजीनियरिंग में खर्च हुए।
4.7 करोड़ डॉलर सहकारी खतरों के न्यूनीकरण उपायों में खर्च हुए, जबकि वैक्सीन शोध और विकास में 2.56 करोड़ डॉलर की राशि खर्च हुई।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता स्टीव वारेन ने एक
बयान में बताया कि अमेरिकी सेना के इबोला नियंत्रण प्रयासों में 2,367
कर्मचारी शामिल थे।
इन कर्मचारियों में से लगभग 2,174 कर्मचारी लाइबेरिया
की राजधानी मोनरोविया में थे। शेष 193 सैनिक समुद्री पुलिस के सदस्य और
तटीय अभियान के सदस्य हैं, जो पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल की राजधानी डाकर
में काम कर रहे हैं।
वारेन ने बताया कि अमेरिकी सेना इबोला रोगियों के उपचार
में शामिल नहीं थी। सेना की भूमिका सैन्य सहयोग और स्वास्थ्य कर्मियों को
प्रशिक्षण, चिकित्सकीय नमूनों की जांच करने और इबोला उपचार इकाइयों का
निर्माण करने में थी।
पिछले साल 27 अक्टूबर से प्रशिक्षण शुरू होने के बाद से
सेना और वायुसेना की 40 सदस्यीय टीम 1,539 स्वास्थ्य कर्मचारियों को
प्रशिक्षित कर चुकी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक बयान के मुताबिक, इबोला से मरने वालों की संख्या 8,153 तक पहुंच चुकी है।
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डिजीज (ईवीडी) से निपटने के लिए पांच जनवरी तक 38.49 करोड़ डॉलर की राशि
खर्च की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इस राशि में से
31.23 करोड़ डॉलर अमेरिकी सेना के सैन्य, चिकित्सा कर्मचारियों के प्रशिक्षण
और चिकित्सा सुविधा इंजीनियरिंग में खर्च हुए।
4.7 करोड़ डॉलर सहकारी खतरों के न्यूनीकरण उपायों में खर्च हुए, जबकि वैक्सीन शोध और विकास में 2.56 करोड़ डॉलर की राशि खर्च हुई।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता स्टीव वारेन ने एक
बयान में बताया कि अमेरिकी सेना के इबोला नियंत्रण प्रयासों में 2,367
कर्मचारी शामिल थे।
इन कर्मचारियों में से लगभग 2,174 कर्मचारी लाइबेरिया
की राजधानी मोनरोविया में थे। शेष 193 सैनिक समुद्री पुलिस के सदस्य और
तटीय अभियान के सदस्य हैं, जो पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल की राजधानी डाकर
में काम कर रहे हैं।
वारेन ने बताया कि अमेरिकी सेना इबोला रोगियों के उपचार
में शामिल नहीं थी। सेना की भूमिका सैन्य सहयोग और स्वास्थ्य कर्मियों को
प्रशिक्षण, चिकित्सकीय नमूनों की जांच करने और इबोला उपचार इकाइयों का
निर्माण करने में थी।
पिछले साल 27 अक्टूबर से प्रशिक्षण शुरू होने के बाद से
सेना और वायुसेना की 40 सदस्यीय टीम 1,539 स्वास्थ्य कर्मचारियों को
प्रशिक्षित कर चुकी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक बयान के मुताबिक, इबोला से मरने वालों की संख्या 8,153 तक पहुंच चुकी है।
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खर्च की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इस राशि में से
31.23 करोड़ डॉलर अमेरिकी सेना के सैन्य, चिकित्सा कर्मचारियों के प्रशिक्षण
और चिकित्सा सुविधा इंजीनियरिंग में खर्च हुए।
4.7 करोड़ डॉलर सहकारी खतरों के न्यूनीकरण उपायों में खर्च हुए, जबकि वैक्सीन शोध और विकास में 2.56 करोड़ डॉलर की राशि खर्च हुई।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता स्टीव वारेन ने एक
बयान में बताया कि अमेरिकी सेना के इबोला नियंत्रण प्रयासों में 2,367
कर्मचारी शामिल थे।
इन कर्मचारियों में से लगभग 2,174 कर्मचारी लाइबेरिया
की राजधानी मोनरोविया में थे। शेष 193 सैनिक समुद्री पुलिस के सदस्य और
तटीय अभियान के सदस्य हैं, जो पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल की राजधानी डाकर
में काम कर रहे हैं।
वारेन ने बताया कि अमेरिकी सेना इबोला रोगियों के उपचार
में शामिल नहीं थी। सेना की भूमिका सैन्य सहयोग और स्वास्थ्य कर्मियों को
प्रशिक्षण, चिकित्सकीय नमूनों की जांच करने और इबोला उपचार इकाइयों का
निर्माण करने में थी।
पिछले साल 27 अक्टूबर से प्रशिक्षण शुरू होने के बाद से
सेना और वायुसेना की 40 सदस्यीय टीम 1,539 स्वास्थ्य कर्मचारियों को
प्रशिक्षित कर चुकी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक बयान के मुताबिक, इबोला से मरने वालों की संख्या 8,153 तक पहुंच चुकी है।
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डिजीज (ईवीडी) से निपटने के लिए पांच जनवरी तक 38.49 करोड़ डॉलर की राशि
खर्च की है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इस राशि में से
31.23 करोड़ डॉलर अमेरिकी सेना के सैन्य, चिकित्सा कर्मचारियों के प्रशिक्षण
और चिकित्सा सुविधा इंजीनियरिंग में खर्च हुए।
4.7 करोड़ डॉलर सहकारी खतरों के न्यूनीकरण उपायों में खर्च हुए, जबकि वैक्सीन शोध और विकास में 2.56 करोड़ डॉलर की राशि खर्च हुई।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता स्टीव वारेन ने एक
बयान में बताया कि अमेरिकी सेना के इबोला नियंत्रण प्रयासों में 2,367
कर्मचारी शामिल थे।
इन कर्मचारियों में से लगभग 2,174 कर्मचारी लाइबेरिया
की राजधानी मोनरोविया में थे। शेष 193 सैनिक समुद्री पुलिस के सदस्य और
तटीय अभियान के सदस्य हैं, जो पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल की राजधानी डाकर
में काम कर रहे हैं।
वारेन ने बताया कि अमेरिकी सेना इबोला रोगियों के उपचार
में शामिल नहीं थी। सेना की भूमिका सैन्य सहयोग और स्वास्थ्य कर्मियों को
प्रशिक्षण, चिकित्सकीय नमूनों की जांच करने और इबोला उपचार इकाइयों का
निर्माण करने में थी।
पिछले साल 27 अक्टूबर से प्रशिक्षण शुरू होने के बाद से
सेना और वायुसेना की 40 सदस्यीय टीम 1,539 स्वास्थ्य कर्मचारियों को
प्रशिक्षित कर चुकी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के एक बयान के मुताबिक, इबोला से मरने वालों की संख्या 8,153 तक पहुंच चुकी है।
इस सप्ताह जारी इस रिपोर्ट में बताया गया कि ईवीडी के 20,656 मामले सामने आ चुके हैं।
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