नई दिल्ली: पूर्व
सैनिकों की लंबित मांग वन रैंक-वन पेंशन का ऐलान रक्षा मंत्री मनोहर
पर्रिकर दोपहर तीन बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस में करेंगे। बीजेपी महासचिव राम
माधव ने यह जानकारी दी। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सेना प्रमुख भी शामिल
रहेंगे।
वन रैंक-वन पेंशन योजना का ऐलान किए जाने से पहले पूर्व सैनिकों ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात भी की। रक्षा मंत्री से मिलने के बाद मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सतबीर सिंह ने बताया कि उनकी रक्षा मंत्री के साथ अच्छे वातावरण में बैठक हुई। बताया कि वन रैंक, वन पेंशन कॉन्सेप्ट को सरकार ने मंज़ूर किया है। सरकार मोटे तौर पर पूर्व सैनिकों की बातों से सहमत हो गई है। वीआरएस वालों को भी फ़ायदा मिलेगा। बाकी आज सरकार की तरफ से वन रैंक-वन पेंशन पर बयान आने के बाद वे अपना रूख साफ करेंगे।
उधर, पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मिलने उनके आवास पहुंचे।
रक्षा मंत्री से मुलाकात से पूर्व जंतर-मंतर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व सैनिकों ने साफ कह दिया कि वह वीआरएस लेने वालों, फैमिली पेंशनरों और विकलांग पेंशनरों के मामले में कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा, अगर सरकार की पेंशन योजना का खाका उनके मुद्दों से नहीं मिला तो वे इसे नहीं मानेंगे।
पूर्व सैनिकों ने आगे कहा कहा कि हमें सरकार से कुछ संकेत मिले हैं। हम खुले मन से रक्षा मंत्री से मिलने के लिए जाएंगे और उनकी बात सुनने के बाद निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा, हमारी मांग है कि सारे पेंशनरों को फायदा मिलना चाहिए। वीआरएस लेने वाले सैनिकों को भी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए।
दरअसल, पूर्व सैनिकों की यह लंबित मांग आज पूरी होने की संभावना है। सूत्रों के हवाले से ख़बर आ रही है कि आज सरकार वन रैंक वन पेंशन का एलान कर सकती है। रक्षा मंत्री दोपहर तीन बजे इसका साउथ ब्लॉक में एलान कर सकते हैं। खबर है कि रक्षा मंत्री ने आज अपना दिल्ली से बाहर जाने का दौरा भी रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने पूर्व सैनिकों की 98 फ़ीसदी मांगे मान ली हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार पेंशन का रिविजन हर पांच साल में करेगी, लेकिन पूर्व सैनिक अभी भी इस बात को लेकर अड़े है कि ये रिविजन हर साल होनी चाहिए। इसके लागू होने से जवानों, विधावाओं और अपाहिज जवानों को ज्यादा फायदा पहुंचेगा। सरकार के मुताबिक, वह कोश्यारी कमेटी के सुझावों से आगे की बात भी मान चुकी है।
वन रैंक-वन पेंशन पर यह हो सकता है ऐलान : सूत्र
दरअसल, ये करीब 40 साल से चला आ रहा पुराना मुद्दा है, जिसका सरकार सम्मानजनक हल निकालने में जुटी है। सरकार उम्मीद कर रही है कि इस ऐलान के बाद करीब तीन महीने से चला आ रहा पूर्व सैनिकों का आंदोलन खत्म हो जाएगा। सरकार इसलिए भी ये ऐलान जल्द कर रही है, क्योंकि अगले हफ्ते किसी भी दिन बिहार चुनाव का ऐलान हो सकता है और उसके बाद वह वन रैंक-वन पेंशन का ऐलान नही कर सकती।
पूर्व सैनिक कह रहे हैं कि सरकार पहले ऐलान करे, फिर हम देखते हैं। अन्यथा 12 सितंबर को तो वह जंतर मंतर पर अपनी ताकत दिखा रहे हैं।
इससे पहले खबर थी कि सरकार ने इसके लिए मसौदा समझौता भी तैयार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार के ड्राफ़्ट में हर पांच साल में पेंशन की समीक्षा की बात है, लेकिन पूर्व सैनिकों का कहना है कि ये ड्राफ़्ट इकतरफ़ा है और इसमें पूर्व सैनिकों की सहमति नहीं है।
उधर, वन रैंक-वन पेंशन के मुद्दे पर जंतर मंतर पर पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन जारी है। कल ही पूर्व सैनिकों ने कहा था सरकार एक साल में पेंशन की समीक्षा को तैयार नहीं हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं होगा तो ये वन रैंक-वन पेंशन नहीं होगा।
हालांकि उन्होंने कहा कि वो दो साल में समीक्षा के लिए तैयार हैं, लेकिन तीन साल या पांच साल मानने का कोई सवाल ही नहीं है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार का कहना है कि थोड़े पैसे बचाने हैं, इसलिए अगर वो वन रैंक-वन पेंशन को एक जून 2014 से लागू करती है तो भी उन्हें एेतराज़ नहीं होगा। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार से बातचीत हुई है और वो चाहते हैं कि मीडिया भी उनकी बात सरकार तक पहुंचा दे।
वन रैंक-वन पेंशन योजना का ऐलान किए जाने से पहले पूर्व सैनिकों ने रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर से मुलाकात भी की। रक्षा मंत्री से मिलने के बाद मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) सतबीर सिंह ने बताया कि उनकी रक्षा मंत्री के साथ अच्छे वातावरण में बैठक हुई। बताया कि वन रैंक, वन पेंशन कॉन्सेप्ट को सरकार ने मंज़ूर किया है। सरकार मोटे तौर पर पूर्व सैनिकों की बातों से सहमत हो गई है। वीआरएस वालों को भी फ़ायदा मिलेगा। बाकी आज सरकार की तरफ से वन रैंक-वन पेंशन पर बयान आने के बाद वे अपना रूख साफ करेंगे।
उधर, पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात करने के बाद रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से मिलने उनके आवास पहुंचे।
रक्षा मंत्री से मुलाकात से पूर्व जंतर-मंतर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूर्व सैनिकों ने साफ कह दिया कि वह वीआरएस लेने वालों, फैमिली पेंशनरों और विकलांग पेंशनरों के मामले में कोई समझौता नहीं करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा, अगर सरकार की पेंशन योजना का खाका उनके मुद्दों से नहीं मिला तो वे इसे नहीं मानेंगे।
पूर्व सैनिकों ने आगे कहा कहा कि हमें सरकार से कुछ संकेत मिले हैं। हम खुले मन से रक्षा मंत्री से मिलने के लिए जाएंगे और उनकी बात सुनने के बाद निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा, हमारी मांग है कि सारे पेंशनरों को फायदा मिलना चाहिए। वीआरएस लेने वाले सैनिकों को भी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए।
दरअसल, पूर्व सैनिकों की यह लंबित मांग आज पूरी होने की संभावना है। सूत्रों के हवाले से ख़बर आ रही है कि आज सरकार वन रैंक वन पेंशन का एलान कर सकती है। रक्षा मंत्री दोपहर तीन बजे इसका साउथ ब्लॉक में एलान कर सकते हैं। खबर है कि रक्षा मंत्री ने आज अपना दिल्ली से बाहर जाने का दौरा भी रद्द कर दिया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने पूर्व सैनिकों की 98 फ़ीसदी मांगे मान ली हैं।
सूत्रों के मुताबिक, सरकार पेंशन का रिविजन हर पांच साल में करेगी, लेकिन पूर्व सैनिक अभी भी इस बात को लेकर अड़े है कि ये रिविजन हर साल होनी चाहिए। इसके लागू होने से जवानों, विधावाओं और अपाहिज जवानों को ज्यादा फायदा पहुंचेगा। सरकार के मुताबिक, वह कोश्यारी कमेटी के सुझावों से आगे की बात भी मान चुकी है।
वन रैंक-वन पेंशन पर यह हो सकता है ऐलान : सूत्र
- पेंशन निर्धारण का आधार वर्ष 2013 होगा
- जुलाई 2014 से लागू होगा वन रैंक-वन पेंशन
- चार छमाही क़िस्तों में दिया जाएगा एरियर
- पांच साल में होगा पेंशन का संशोधन
- विसंगतियां दूर करने के लिए एक सदस्यीय कमेटी
- शहीदों की विधवाएं भी दायरे में
- वीआरएस लेने पर फ़ायदा नहीं
दरअसल, ये करीब 40 साल से चला आ रहा पुराना मुद्दा है, जिसका सरकार सम्मानजनक हल निकालने में जुटी है। सरकार उम्मीद कर रही है कि इस ऐलान के बाद करीब तीन महीने से चला आ रहा पूर्व सैनिकों का आंदोलन खत्म हो जाएगा। सरकार इसलिए भी ये ऐलान जल्द कर रही है, क्योंकि अगले हफ्ते किसी भी दिन बिहार चुनाव का ऐलान हो सकता है और उसके बाद वह वन रैंक-वन पेंशन का ऐलान नही कर सकती।
पूर्व सैनिक कह रहे हैं कि सरकार पहले ऐलान करे, फिर हम देखते हैं। अन्यथा 12 सितंबर को तो वह जंतर मंतर पर अपनी ताकत दिखा रहे हैं।
इससे पहले खबर थी कि सरकार ने इसके लिए मसौदा समझौता भी तैयार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार के ड्राफ़्ट में हर पांच साल में पेंशन की समीक्षा की बात है, लेकिन पूर्व सैनिकों का कहना है कि ये ड्राफ़्ट इकतरफ़ा है और इसमें पूर्व सैनिकों की सहमति नहीं है।
उधर, वन रैंक-वन पेंशन के मुद्दे पर जंतर मंतर पर पूर्व सैनिकों का प्रदर्शन जारी है। कल ही पूर्व सैनिकों ने कहा था सरकार एक साल में पेंशन की समीक्षा को तैयार नहीं हैं, लेकिन अगर ऐसा नहीं होगा तो ये वन रैंक-वन पेंशन नहीं होगा।
हालांकि उन्होंने कहा कि वो दो साल में समीक्षा के लिए तैयार हैं, लेकिन तीन साल या पांच साल मानने का कोई सवाल ही नहीं है। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार का कहना है कि थोड़े पैसे बचाने हैं, इसलिए अगर वो वन रैंक-वन पेंशन को एक जून 2014 से लागू करती है तो भी उन्हें एेतराज़ नहीं होगा। पूर्व सैनिकों ने कहा कि सरकार से बातचीत हुई है और वो चाहते हैं कि मीडिया भी उनकी बात सरकार तक पहुंचा दे।
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