चेन्नई। कब्रिस्तान में लाशों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आने पर
तमिलनाडु काडर का आईएएस अफसर कब्रिस्तान के अंदर ही जाकर लेट गया।
हमारे देश में नौकरशाहों पर हमेशा भ्रष्ट होने के आरोप लगते रहते हैं लेकिन ऐसा कतई नहीं है कि देश में ईमानदार अफसरों की कोई कमी है। एक ऐसे ही ईमानदार व जुझारू आईएएस अधिकारी का कारनामा सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
तमिलनाडु के मदुरई जिले के एक गांव की तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है जिसमें एक सजीला युवक कब्रिस्तान में खाट पर लेटा हुआ है। आपको यह जानकर हैरत होगी कि यह युवक कोई आम युवक नहीं बल्कि तमिलनाडु काडर के आईएएस अफसर यू सहायम हैं।
दरअसल पिछले कई दिनों से तमिलनाडु के मेलुर गांव के कब्रिस्तान में लाशों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आ रहा था। उन्हें किसी ने गोपनीय जानकारी दी थी कि मानसिक रूप से विक्षिप्त एक शख्स को मार कर यहीं दफ़ना दिया गया था, गांव के लोगों ने कहा कि यहां मिले चार कंकाल उनके रिश्तेदारों के हैं।
मदुरई और आस-पास के लोगों को सहायम की वह तस्वीर देख कर कोई अचरज नहीं हुआ। वे जानते थे कि ऐसा करना इस अफसर के लिए तो निहायत ही आम बात है। उन्हें गैर कानूनी खनन की जांच करने के लिए बनी समिति का प्रमुख बनाया गया।
उन्होंने गांव वालों को आश्वस्त किया कि वे किसी सूरत में उनकी हिफाजत करेंगे। वे सबूत नष्ट नहीं होने देंगे, इसलिए वे ख़ुद वहां जा कर पहरेदारी करने लगे।
उन्होंने चारों कंकालों का मुआयना खुद किया और उनके नमूने जांच के लिए भेजे। जांच से पता चलेगा कि ये कंकाल गांव के ही किसी परिवार के हैं या किसी और के।
सहायम का 20 साल में 20 बार तबादला हो चुका है। सहायम ने ग़ैर-क़ानूनी खनन से जुड़े आंकड़े इकट्ठा किए। उन्होंने घपले के कारण सरकार को हुए 16,000 करोड़ रुपए के घाटे का पता लगाया और उसकी पूरा वैज्ञानिक सबूत इकट्ठा किया।
हमारे देश में नौकरशाहों पर हमेशा भ्रष्ट होने के आरोप लगते रहते हैं लेकिन ऐसा कतई नहीं है कि देश में ईमानदार अफसरों की कोई कमी है। एक ऐसे ही ईमानदार व जुझारू आईएएस अधिकारी का कारनामा सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
तमिलनाडु के मदुरई जिले के एक गांव की तस्वीर सोशल मीडिया में वायरल हो रही है जिसमें एक सजीला युवक कब्रिस्तान में खाट पर लेटा हुआ है। आपको यह जानकर हैरत होगी कि यह युवक कोई आम युवक नहीं बल्कि तमिलनाडु काडर के आईएएस अफसर यू सहायम हैं।
दरअसल पिछले कई दिनों से तमिलनाडु के मेलुर गांव के कब्रिस्तान में लाशों के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आ रहा था। उन्हें किसी ने गोपनीय जानकारी दी थी कि मानसिक रूप से विक्षिप्त एक शख्स को मार कर यहीं दफ़ना दिया गया था, गांव के लोगों ने कहा कि यहां मिले चार कंकाल उनके रिश्तेदारों के हैं।
मदुरई और आस-पास के लोगों को सहायम की वह तस्वीर देख कर कोई अचरज नहीं हुआ। वे जानते थे कि ऐसा करना इस अफसर के लिए तो निहायत ही आम बात है। उन्हें गैर कानूनी खनन की जांच करने के लिए बनी समिति का प्रमुख बनाया गया।
उन्होंने गांव वालों को आश्वस्त किया कि वे किसी सूरत में उनकी हिफाजत करेंगे। वे सबूत नष्ट नहीं होने देंगे, इसलिए वे ख़ुद वहां जा कर पहरेदारी करने लगे।
उन्होंने चारों कंकालों का मुआयना खुद किया और उनके नमूने जांच के लिए भेजे। जांच से पता चलेगा कि ये कंकाल गांव के ही किसी परिवार के हैं या किसी और के।
सहायम का 20 साल में 20 बार तबादला हो चुका है। सहायम ने ग़ैर-क़ानूनी खनन से जुड़े आंकड़े इकट्ठा किए। उन्होंने घपले के कारण सरकार को हुए 16,000 करोड़ रुपए के घाटे का पता लगाया और उसकी पूरा वैज्ञानिक सबूत इकट्ठा किया।
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