पेरिस : फ्रांस
की राजधानी के पेरिस के समीप एक इस्लामी कार्यक्रम में टॉपलेस होकर आईं दो
महिलाओं को जबरन खींचकर कार्यक्रम स्थल से बाहर निकाले जाने का मामला
सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक दोनों महिलाएं अपने शरीर के
ऊपरी हिस्से में कुछ भी नहीं पहना था और दोनों ने अपने शरीर पर 'मुस्लिम
विरोधी नारे' लिखे थे। बताया जाता है कि दोनों महिलाएं फीमेन ग्रुप के
'सेक्सट्रीमिस्ट' से संबंध रखती हैं। यह घटना शनिवार की है।
'द लोकल' की रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो से पता चलता है कि पेरिस के निकट पोनटोआएज में आयोजित कांफ्रेंस में स्टेज पर दो इमाम 'वूमेन एंड इस्लाम' विषय पर अपनी बात रख रहे होते हैं इसी दौरान दो महिलाएं टॉपलेस होकर तेजी से मंच पर पहुंचती हैं और कार्यक्रम में व्यवधान उपस्थित करने की कोशिश करती हैं। दोनों इमाम अर्धनग्न महिलाओं को देख स्टेज से हट जाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक दोनों महिलाएं अल्जीरिया और ट्यूनीशिया मूल की बतायी गई हैं। दोनों ने अपने शरीर के ऊपरी हिस्से पर 'मुस्लिम विरोधी' नारे लिखे थे। महिलाओं ने अपने शरीर पर लिखा था, 'कोई मुझे झुका नहीं सकता, मैं अपनी पैगंबर खुद हूं।' यही नहीं, स्टेज पर महिलाओं ने जोर-जोर से नारे लगाए। महिलाओं का यह बर्ताव देख इमाम पहले हैरान हुए और फिर वहां से निकल गए।
इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों सहित करीब 15 लोगों का एक समूह स्टेज पर पहुंचा और महिलाओं को रोकने की कोशिश की। तस्वीरों में दिखा कि दोनों महिलाएं कई लोगों के बीच घिरी हुई हैं। ऐसा भी लगा कि कुछ लोगों ने महिलाओं को लात से पिटाई की और थप्पड़ भी जड़े।
'बजफीड फ्रांस' की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई है कि पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले एक महिला की काफी पिटाई की गई। वहीं, कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा है कि वह इस घटना को लेकर मामला दर्ज कराएंगे। जबकि फीमेन की प्रमुख इना श्वेचेंको ने दोनों महिलाओं का समर्थन किया है। इना श्वेचेंको ने कहा, 'दोनों इमाम यह बहस करने की प्रक्रिया में थे कि आपको अपनी पत्नी को पीटना चाहिए अथवा नहीं।'
गौरतलब है कि फीमेन ग्रुप की सदस्य कई मौकों पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर प्रदर्शन कर चुकी हैं। यह संगठन साल 2008 में यूक्रेन में बना था लेकिन अब ये पेरिस से संचालित होता है। संगठन महिलाओं पर अत्याचार, धार्मिक कट्टरपंथ समेत कई मुद्दों के विरोध में ऐसे ही कई टॉपलेस प्रदर्शन कर चुका है।
'द लोकल' की रिपोर्ट के मुताबिक वीडियो से पता चलता है कि पेरिस के निकट पोनटोआएज में आयोजित कांफ्रेंस में स्टेज पर दो इमाम 'वूमेन एंड इस्लाम' विषय पर अपनी बात रख रहे होते हैं इसी दौरान दो महिलाएं टॉपलेस होकर तेजी से मंच पर पहुंचती हैं और कार्यक्रम में व्यवधान उपस्थित करने की कोशिश करती हैं। दोनों इमाम अर्धनग्न महिलाओं को देख स्टेज से हट जाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक दोनों महिलाएं अल्जीरिया और ट्यूनीशिया मूल की बतायी गई हैं। दोनों ने अपने शरीर के ऊपरी हिस्से पर 'मुस्लिम विरोधी' नारे लिखे थे। महिलाओं ने अपने शरीर पर लिखा था, 'कोई मुझे झुका नहीं सकता, मैं अपनी पैगंबर खुद हूं।' यही नहीं, स्टेज पर महिलाओं ने जोर-जोर से नारे लगाए। महिलाओं का यह बर्ताव देख इमाम पहले हैरान हुए और फिर वहां से निकल गए।
इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों सहित करीब 15 लोगों का एक समूह स्टेज पर पहुंचा और महिलाओं को रोकने की कोशिश की। तस्वीरों में दिखा कि दोनों महिलाएं कई लोगों के बीच घिरी हुई हैं। ऐसा भी लगा कि कुछ लोगों ने महिलाओं को लात से पिटाई की और थप्पड़ भी जड़े।
'बजफीड फ्रांस' की रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की गई है कि पुलिस के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले एक महिला की काफी पिटाई की गई। वहीं, कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा है कि वह इस घटना को लेकर मामला दर्ज कराएंगे। जबकि फीमेन की प्रमुख इना श्वेचेंको ने दोनों महिलाओं का समर्थन किया है। इना श्वेचेंको ने कहा, 'दोनों इमाम यह बहस करने की प्रक्रिया में थे कि आपको अपनी पत्नी को पीटना चाहिए अथवा नहीं।'
गौरतलब है कि फीमेन ग्रुप की सदस्य कई मौकों पर महिलाओं के अधिकारों को लेकर प्रदर्शन कर चुकी हैं। यह संगठन साल 2008 में यूक्रेन में बना था लेकिन अब ये पेरिस से संचालित होता है। संगठन महिलाओं पर अत्याचार, धार्मिक कट्टरपंथ समेत कई मुद्दों के विरोध में ऐसे ही कई टॉपलेस प्रदर्शन कर चुका है।
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