मुद्रास्फीति में नरमी से रिजर्व बैंक के लिए इस महीने
मुख्य नीतिगत दर में 0.25 फीसदी कटौती की गुंजाइश पैदा होती है। यह बात
वैश्विक ब्रोकरेज कंपनियों ने कही। वित्तीय सेवा क्षेत्र की प्रमुख
कंपनियों एचएसबीसी, डीबीएस, बैंक ऑफ अमेरिका मेरिल लिंच (बोफा-एमएल) और
भारतीय स्टेट बैंक को उम्मीद है कि आरबीआई इस महीने होने वाली मौद्रिक नीति
समीक्षा के दौरान 0.25 फीसदी की कटौती करेगा। वैश्विक जिंस मूल्य में
गिरावट के बीच खुदरा और थोक मूल्य आधारित मुद्रास्फीति अगस्त में घटकर 3.66
फीसदी रह गई जो पिछले महीने 3.69 फीसदी थी। इधर थोकमूल्य सूचकांक आधारित
मुद्रास्फीति लगातार 10वें महीने शून्य से नीचे रही और अगस्त माह में शून्य
से 4.95 फीसदी नीचे रही और जुलाई में शून्य से 4.05 फीसदी नीचे रही थी।
डीबीएस ने कहा, 'मुद्रास्फीति में नरमी से आरबीआई
को इस महीने 0.25 फीसदी की कटौती की गुंजाइश मिलती है।' बोफा-एमएल ने एक
रिपोर्ट में कहा, 'हमें अब और भरोसा है कि 29 सितंबर को आरबीआई नीतिगत दर
में 0.25 फीसदी की कटौती करेगा।' रिपोर्ट में कहा गया कि खुदरा
मुद्रास्फीति लगातार दूसरे साल खराब मॉनसून के बावजूद आरबीआई के जनवरी 2016
तक 6 फीसदी रहने के अनुमान के अनुरूप है। एचएसबीसी के मुताबिक आरबीआई
कमजोर मॉनसून की आशंका को लेकर चिंतित है लेकिन केंद्रीय बैंक को इस बात से
सहूलियत होगी कि इसका तोड़ मौजूद है। एसबीआई रिसर्च ने एक रिपोर्ट में
कहा, 'सितंबर में फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना का अब
यथास्थिति की ओर झुकाव है। हम यह उम्मीद बरकरार रख सकते हैं कि आरबीआई 29
सितंबर को ब्याज दर में 0.25 फीसदी की कटौती करेगा।'
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