Saturday, 5 September 2015

11 दिन में 10 आतंकियों को खत्म कर शहीद हुआ कमांडो, अाखिरी सफर में सैकड़ों जुटे

श्रीनगर: आतंकियों से मोर्चा लेते हुए सेना के स्पेशल फोर्सेज के कमांडो लांस नायक मोहन नाथ गोस्वामी गुरुवार को शहीद हो गए थे।गोस्वामी ने 11 दिन के भीतर 10 आतंकियों को मार गिराया, बल्कि सज्जाद नाम के आतंकी को जिंदा पकड़ने में मदद की। रक्षा मंत्रालय की ओर से भी बयान जारी करके उनकी तारीफ की गई है। इसमें कहा गया, लांस नायक मोहन गोस्वामी ने जान देने से पहले 11 दिन में 10 आतंकियों का खात्मा करके इतिहास रच दिया। उधर, नैनीताल के लालकुआं में शनिवार को मोहन गोस्वामी की शवयात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए। लोगों ने पाकिस्तान विरोधी नारे भी लगाए।
उधमपुर में डिफेंस स्पोक्सपर्सन कर्नल एसडी गोस्वामी ने कहा, ''मोहन नाथ गोस्वामी कश्मीर घाटी में बीते 11 दिनों में हुए तीन आतंक विरोधी ऑपरेशंस में सक्रिय तौर पर शामिल थे। इसमें 10 आतंकियों को खत्म किया गया, जबकि एक को जिंदा पकड़ने में कामयाबी मिली।'' बता दें कि गोस्वामी उत्तराखंड के हल्द्वानी के इंदिरा नगर गांव के रहने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी और सात साल की बेटी है।
ऐसे दिया मिशन को अंजाम
>पहला ऑपरेशन 23 अगस्त को हंदवाड़ा में। यहां लश्कर के तीन आतंकी मारे गए।
>दूसरा ऑपरेशन 26 और 27 अगस्त को रफियाबाद में। यहां भी तीन आतंकी मारे गए, जबकि सज्जाद को पकड़ने में कामयाबी मिली।
>तीसरा ऑपरेशन बुधवार देर रात कुपवाड़ा के हफरुदा के जंगलों में। चार आतंकी मारे गए, लेकिन यह उनका आखिरी मिशन साबित हुआ।
2002 में पैराकमांडोज यूनिट में हुए थे शामिल
स्पोक्सपर्सन के मुताबिक, गोस्वामी ने 2002 में सेना के पैराकमांडोज यूनिट में जाने की पहल की थी। कुछ ही दिनों में उन्होंने अपनी यूनिट के सबसे टफ कमांडो होने का रुतबा हासिल किया। गोस्वामी ने अपनी यूनिट की सभी ऑपरेशंस में शामिल होने में दिलचस्पी दिखाई। वह कई कामयाब एंटी टेररिस्ट ऑपरेशन का हिस्सा रहे।

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