Tuesday, 29 September 2015

फेसबुक ने तिरंगे की डीपी पर दी सफाई

किन शाम को खबरें सुनने को मिली कि फेसबुक लोगों के तिरंगे वाली डीपी अपनाने को इंटरनेट.ऑर्ग को भारत में बढ़ावा देने की संस्तुति मांग रहा है जिससे कि भारतीय इंटरनेट पर फेसबुक का एकाधिकार हो जाएगा। चूंकि यह भ्रम की स्थिति फेसबुक के एक इंजीनियर के द्वारा एक गलत शब्द इंटरनेट ऑर्ग के इस्तेमाल से बनी। जिस पर अब फेसबुक ने अपनी सफाई दे दी है।  
 
इसपर जवाब देते हुए फेसबुक के प्रवक्ता ने हफिंगटन पोस्ट को बताया कि तिरंगे वाली डीपी और इंटरनेट.ऑर्ग के बीच किसी तरह का कनेक्शन नहीं है। प्रवक्ता ने कहा, ‘निश्चित रूप से डिजिटल इंडिया के लिए प्रोफाइल पिक्चर को बदलना और इंटरनेट.ऑर्ग के बीच कोई संबंध नहीं है।
 
एक इंजीनियर ने कोड के हिस्से के शॉर्टहैंड नाम के तौर पर गलती से ‘इंटरनेट.ऑर्ग प्रोफाइल पिक्चर’ शब्द का इस्तेमाल किया। लेकिन इस प्रॉडक्ट का इंटरनेट.ऑर्ग के लिए रजिस्टर्ड सपोर्ट के साथ कोई कनेक्शन नहीं है।’ 
फेसबुक ने कहा कि कन्फ्यूजन को दूर करने के लिए हम कोड को बदल रहे हैं। इससे पहले, रेडिट पर कुछ यूजर्स ने पोस्ट लिखा कि डिजिटल इंडिया के समर्थन में अपनी डीपी बदलने से आप ऑटोमैटिकली इंटरनेट.ऑर्ग को अपना समर्थन दे देते हैं।
 
इंटरनेट.ऑर्ग फेसबुक की एक विवादास्पद पहल रही है जिसका उद्देश्य मुफ्त में बेसिक इंटरनेट की सर्विस ऐसे लोगों को उपलब्ध कराना है जो इंटरनेट का फुल वर्जन इस्तेमाल कर पाने में सक्षम नहीं हैं। आलोचक कहते हैं कि फेसबुक की पहल का उद्देश्य दुनिया की गरीब लोगों को यह विश्वास दिलाना है कि इंटरनेट का मतलब सिर्फ फेसबुक है।
 
इसका सीधा फायदा इस सोशल साइट को ही पहुंचेगा। ऐसे विचार मीडिया रिपोर्ट के जरिए भी कई जगह चर्चा में आए लेकिन यह चेक करने की कोशिश नहीं की कि html कोड का असल मतलब क्या है?

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