Monday, 14 September 2015

UN में भारत की बड़ी सफलता, सुरक्षा परिषद के विस्तार पर चर्चा के लिए राजी हुई महासभा

संयुक्त राष्ट्र: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता की कोशिशों को आज चीन के सहयोग से बड़ी सफलता मिली है।

संयुक्त राष्ट्र के करीब 200 सदस्य राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग पर चर्चा की मांग करते दस्तावेज की भाषा पर अगले एक साल तक चर्चा के लिए राजी हो गए हैं। सुरक्षा परिषद इस वैश्विक संगठन में निर्णय लेने वाला शीर्ष अंग है। इस परिषद में 15 सदस्य होते हैं, जिनमें पांच राष्ट्र अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन, और फ्रांस स्थाई सदस्य हैं।

संयुक्त राष्ट्र के इतिहास में यह पहला मौका है, जब महासभा के विभिन्न सदस्य राष्ट्रों से इस सुधार प्रस्ताव के लिए अपने लिखित सुझाव दिए हैं। हालांकि अमेरिका, चीन और रूस ने इस कवायद में शामिल ना होकर भारत के इस प्रयास में अड़ंगा डालने की कोशिश की।

चीन ने कुछ यूं की मदद...
चीन सुरक्षा परिषद के विस्तान की कड़ा विरोध करता रहा है, लेकिन उसने सुधार के ढांचे पर एक साल तक चर्चा के इस प्रस्ताव पर वोटिंग के लिए आज जोर नहीं डाला। चीन अगर वोटिंग पर जोर डालता, तो भारत को दूसरे देशों को अपने पक्ष में करने के लिए खासी मेहनत करनी पड़ सकती थी।

वहीं अमेरिका और  रूस ने भारत की सदस्यता का मौखिक रूप से जरूर समर्थन किया था, लेकिन इस पर कोई लिखित आश्वासन नहीं दिया।

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