कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा को अब हवाई
अड्डों पर सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ेगा क्योंकि आज सरकार ने उन्हें जामा
तलाशी की छूट पाए लोगों की सूची से हटा दिया। इससे पहले उन्होंने इस मुददे
को लेकर कई बार सोशल मीडिया में उठाया था।
प्रियंका के 46 वर्षीय व्यवसायी पति वाड्रा को अब तक एसपीजी सुरक्षा पाए व्यक्तियों के साथ यात्रा करने की स्थिति में हवाई अड्डों पर जामा तलाशी से छूट प्राप्त थी। प्रियंका को एसपीजी सुरक्षा हासिल है।
नागर विमानन राज्य मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने वाड्रा को यह सुविधा उस समय के लिए दी थी जब वह किसी एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के साथ यात्रा कर रहे हों। अब उन्होंने स्वयं इस सूची से उनका नाम हटाने को कहा है।
नागर विमानन मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने घरेलू हवाई अड्डों पर जामा तलाशी से छूट पाए लोगों की सूची की समीक्षा की थी तथा वाड्रा का नाम इसमें नहीं है। मंत्रालय के आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वाड्रा ने बताया, बहुत खूब। उन्होंने जो कुछ किया मैं उससे बहुत खुश हूं।
उन्होंने बाद में फेसबुक पर टिप्पणी की, मैं इस बात की सराहना करता हूं कि अब वीवीआईपी सूची में मेरा नाम नहीं होगा। मुझे लगता है कि अब इस मुद्दे का पटाक्षेप हो चुका है और इसे मेरे खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मेरी शुभकामनाएं।
दो दिन पहले वाड्रा ने फेसबुक पर अपनी पोस्ट में कहा था कि वह चाहते हैं कि हवाई अड्डे पर जामा तलाशी की सूची से छूट पाए लोगों की सूची में से उनका नाम हटा दिया जाए। उन्होंने पोस्ट में कहा कि योजना है कि भारत के हवाई अड्डों के प्रत्येक टर्मिनल पर जाऊं और वीवीआईपी सूची में अपने नाम पर एक सफेद टेप चिपका कर उसके ऊपर अपने हस्ताक्षर कर दूं। फिर देखिए।
वाड्रा का नाम सूची से हटाए जाने से एक दिन पहले नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू ने कहा था कि सरकार ऐसा करने की प्रक्रिया में है। जामा तलाशी से छूट संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और विशेष संरक्षण समूह (एसपीजी) की सुरक्षा पाए लोगों को दी जाती है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं उनके पुत्र राहुल गांधी तथा उनकी पुत्री प्रियंका शामिल हैं। उन्हें विभिन्न हवाई अड्डों पर उन सुरक्षा जांच से नहीं गुजरना पड़ता जो अन्य प्रत्येक यात्री के लिए अनिवार्य होती है।
भाजपा ने विवादास्पद भूमि सौदों को लेकर वाड्रा पर कई बार निशाना साधा था और उन पर उनकी पत्नी को प्राप्त वीआईपी सुरक्षा विशेषाधिकार का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया था। पिछले हफ्ते सरकार ने उनका नाम वीआईपी सूची से हटाने की किसी योजना से इंकार कर दिया था। इस पर वाड्रा ने यह आरोप लगा दिया कि उनकी छवि को बिगाड़ने की यह साजिश है।
कांग्रेस प्रवक्ता टाम वडक्कन ने कहा कि इस बारे में प्रियंका ने स्वयं कहा था, वाड्रा ने कहा था यह वास्तव में एसपीजी नियम पुस्तिका से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, या वाड्रा परिवार या गांधी परिवार में कोई इसे नहीं चाहता था।
प्रियंका के 46 वर्षीय व्यवसायी पति वाड्रा को अब तक एसपीजी सुरक्षा पाए व्यक्तियों के साथ यात्रा करने की स्थिति में हवाई अड्डों पर जामा तलाशी से छूट प्राप्त थी। प्रियंका को एसपीजी सुरक्षा हासिल है।
नागर विमानन राज्य मंत्री महेश शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने वाड्रा को यह सुविधा उस समय के लिए दी थी जब वह किसी एसपीजी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के साथ यात्रा कर रहे हों। अब उन्होंने स्वयं इस सूची से उनका नाम हटाने को कहा है।
नागर विमानन मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने घरेलू हवाई अड्डों पर जामा तलाशी से छूट पाए लोगों की सूची की समीक्षा की थी तथा वाड्रा का नाम इसमें नहीं है। मंत्रालय के आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वाड्रा ने बताया, बहुत खूब। उन्होंने जो कुछ किया मैं उससे बहुत खुश हूं।
उन्होंने बाद में फेसबुक पर टिप्पणी की, मैं इस बात की सराहना करता हूं कि अब वीवीआईपी सूची में मेरा नाम नहीं होगा। मुझे लगता है कि अब इस मुद्दे का पटाक्षेप हो चुका है और इसे मेरे खिलाफ इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। मेरी शुभकामनाएं।
दो दिन पहले वाड्रा ने फेसबुक पर अपनी पोस्ट में कहा था कि वह चाहते हैं कि हवाई अड्डे पर जामा तलाशी की सूची से छूट पाए लोगों की सूची में से उनका नाम हटा दिया जाए। उन्होंने पोस्ट में कहा कि योजना है कि भारत के हवाई अड्डों के प्रत्येक टर्मिनल पर जाऊं और वीवीआईपी सूची में अपने नाम पर एक सफेद टेप चिपका कर उसके ऊपर अपने हस्ताक्षर कर दूं। फिर देखिए।
वाड्रा का नाम सूची से हटाए जाने से एक दिन पहले नागर विमानन मंत्री अशोक गजपति राजू ने कहा था कि सरकार ऐसा करने की प्रक्रिया में है। जामा तलाशी से छूट संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों और विशेष संरक्षण समूह (एसपीजी) की सुरक्षा पाए लोगों को दी जाती है। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं उनके पुत्र राहुल गांधी तथा उनकी पुत्री प्रियंका शामिल हैं। उन्हें विभिन्न हवाई अड्डों पर उन सुरक्षा जांच से नहीं गुजरना पड़ता जो अन्य प्रत्येक यात्री के लिए अनिवार्य होती है।
भाजपा ने विवादास्पद भूमि सौदों को लेकर वाड्रा पर कई बार निशाना साधा था और उन पर उनकी पत्नी को प्राप्त वीआईपी सुरक्षा विशेषाधिकार का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया था। पिछले हफ्ते सरकार ने उनका नाम वीआईपी सूची से हटाने की किसी योजना से इंकार कर दिया था। इस पर वाड्रा ने यह आरोप लगा दिया कि उनकी छवि को बिगाड़ने की यह साजिश है।
कांग्रेस प्रवक्ता टाम वडक्कन ने कहा कि इस बारे में प्रियंका ने स्वयं कहा था, वाड्रा ने कहा था यह वास्तव में एसपीजी नियम पुस्तिका से जुड़ा मामला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, या वाड्रा परिवार या गांधी परिवार में कोई इसे नहीं चाहता था।
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