Saturday, 5 September 2015

कैंसर से अकेले लड़े आदेश: 12-12 लाख के लगे इंजेक्शन, बेचनी पड़ी थी हमर

मुंबई: पांच साल से कैंसर से लड़ रहे म्यूजिक कंपोजर आदेश श्रीवास्तव की शुक्रवार रात मौत हो गई। आदेश को मल्टीपल मायेलोमा (प्लाज्मा सेल्स का कैंसर) था। करीब डेढ़ महीने पहले तीसरी बार कैंसर के लक्षण उभरने के बाद उन्हें कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस बीमारी की वजह से उनकी माली हालत बेहद खराब हो गई थी। इतनी कि उन्हें अपनी कई करोड़ रुपए कीमत वाली हमर बेचनी पड़ी। उनकी पत्नी ने भी एक इंटरव्यू में बताया था कि मौत से पहले एक लाइफ सेविंग इंजेक्शन लगवाने में 12 लाख रुपए का खर्च आ रहा था। हालांकि, विजयेता के भाई ललित पंडित ने कुछ दिन पहले कहा था, ''हमने कभी किसी से पैसा नहीं मांगा है और न ही हमें पैसा चाहिए। हमें लोगों की दुआओं की जरूरत है।''
लोगों ने किया नजरअंदाज, लेकिन अकेले ही लड़े
आदेश को कैंसर होने के बारे में पहली बार 2010 में पता चला था। इसके बाद, फिल्म इंडस्ट्री ने उनको नजरअंदाज करना शुरू कर दिया। आदेश ने इंटरव्यू में कहा था, ''बीमार होना बेहद दर्दनाक है, लेकिन जिन लोगों के साथ मैंने सालों काम किया, उन्होंने जब मुझे नजरअंदाज करना शुरू किया तो इससे ज्यादा चोट पहुंची। कोई मुझसे मिलने नहीं आया।'' हालांकि, आदेश ने अकेले ही इस बीमारी से लड़ने का फैसला किया। 2010 में उन्होंने फिल्म 'राजनीति' में म्यूजिक दिया। इस फिल्म के मशहूर गाने 'मोरा पिया मोहसे बोलत नाही' को उन्होंने आवाज भी दी।
ऐसे बिगड़ी थी हालत
आदेश श्रीवास्तव अमेरिका से इलाज कराकर लौटे थे। करीब डेढ़ महीने पहले अचानक उनके नाक से खून बहने लगा। खून नहीं रुकने पर पत्नी ने उन्हें कोकिलाबेन हॉस्पिटल में एडमिट कराया था। डॉक्‍टरों की कोशिश कारगर नहीं रही। कीमोथेरेपी ने असर दिखाना बंद कर दिया। इसके बाद कीमोथेरेपी रोक दी गई थी।
रामदेव ने की थी मदद
आदेश ने एक इंटरव्यू में कहा था, 'मैं पूरी रात सो नहीं पाता था। ऐसा लगता था कि मानों पैरों में कोई सुइयां चुभो रहा है। दवाइयां तक काम नहीं कर रही थीं। स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के दो दिन बाद जब मैं वॉशरूम में गया तो शीशे में खुद को पहचान नहीं पाया। मेरे बाल गिर चुके थे और रंग गहरा हो गया था। मैं डिप्रेशन में चला गया। इसके बाद मेरी तबीयत और बिगड़ गई।'' एक अन्य इंटरव्यू में आदेश ने बताया था कि रामदेव ने उनको योग के जरिए कीमोथेरेपी के दर्दनाक असर से निजात पाने में मदद की थी।
लाइफस्टाइल बदला, लेकिन नहीं हुआ फायदा
एक मैगजीन से बातचीत में आदेश ने बताया था कि कैंसर का पता चलने के बाद उन्होंने अपनी लाइफस्टाइल में काफी बदलाव किए थे। उन्होंने शराब और सिगरेट छोड़ दिया था। वह जल्दी सो जाते थे और वक्त पर उठते थे। अपनी मसल्स को मजबूत रखने के लिए वे योग करते थे।
ड्रम सीखने गए थे मुंबई, 1982 में मिला था पहला मौका
4 सितंबर, 1966 को जबलपुर (मध्‍य प्रदेश) में जन्मे आदेश श्रीवास्तव को म्यूजिक में बेहद दिलचस्पी थी। वह शुरुआती दिनों में जबलपुर की ऑर्केस्‍ट्रा टीम में ड्रम बजाते थे और बाद में ड्रम सीखने के लिए ही मुंबई गए थे। (पढ़ें- आदेश श्रीवास्‍तव के परिवार और जबलपुर कनेक्‍शन के बारे में)
1982 में लक्ष्मीकान्त प्यारेलाल की जोड़ी के पास ड्रमर नहीं था। आदेश को एक गाने की रिकॉर्डिंग के लिए बुलाया गया और इस तरह उन्हें पहला मौका मिला।
...ऐसे मिली थी पहली फिल्‍म
एक इंटरव्यू में आदेश ने कहा था, ''जैकी श्राफ मेरा अच्छा दोस्त था। 'हीरो' फिल्म की शूटिंग के दौरान उसने ही सुधाकर बोकाड़िया से मिलवाया। इस तरह मुझे पहली फिल्म मिली। पहला गाना लता जी ने गाया। लेकिन फिल्म रिलीज ही नहीं हुई।'' (देखें आदेश श्रीवास्‍तव के कुछ RARE PHOTOS)
आदेश से जुड़ी कुछ और अहम बातें
> आदेश और विजयेता के दो बेटे अनिवेश और अवितेश हैं। विजयेता म्यूजिक कंपोजर जतिन-ललित की बहन हैं।
>आदेश ने 100 से ज्यादा फिल्मों में म्‍यूजिक दिया। 1994 में 'आओ प्यार करें' फिल्म में म्यूजिक डायरेक्टर के तौर पर बॉलीवुड में कदम रखा।
>मशहूर टीवी शो 'सा रे गा मा पा' में वे जज के तौर पर भी नजर आए थे।
>बतौर म्यूजिक डायरेक्टर उनकी आखिरी फिल्म 'वेलकम बैक' थी, जो शुक्रवार (4 सितंबर) को ही रिलीज हुई थी। शुक्रवार को ही उनका जन्मदिन था।
आदेश के कंपोज किए गए कुछ मशहूर गाने
>हाथों में आ गया जो कल रूमाल आपका (1994 आओ प्यार करें)

>क्या अदा क्या जलवे तेरे पारो (1996 शस्त्र)

>सोणा-सोणा (1998 मेजर साब)

>धन्नो की आंख (1999 लाल बादशाह)

>किसका चेहरा (2000 तरकीब)

>ये हवाएं (2001 ये हवाएं जुल्फों में तेरी)

>से शावा-शावा (2001 कभी खुशी कभी गम)

>चली-चली (2003 बागवान)
>उन्होंने कुछ गाने भी गाए। मसलन-गोरी नाल इश्क मिठा, गुस्ताखियां, शावा-शावा, सोना-सोना।
कैंसर की जंग जीतने वाले कुछ सेलिब्रिटीज
>युवराज सिंह
>लीजा रे
>मनीषा कोइराला
>अनुराग बासु
>मुमताज

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