नई दिल्ली. दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट ने शनिवार को आईपीएल
स्पॉट फिक्सिंग केस में क्रिकेटर एस. श्रीसंथ, अजीत चंदीला, अंकित चव्हाण
समेत सभी 36 मुलजिमों को आरोप मुक्त कर दिया। कोर्ट ने इसकी वजह सबूतों की
कमी बताई। जब इस स्कैंडल का खुलासा हुआ था, तब ये तीनों क्रिकेटर राजस्थान
रॉयल्स टीम के मेंबर थे। लेकिन बीसीसीआई ने श्रीसंत और अंकित चव्हाण पर लगा
लाइफ बैन नहीं हटाएगा। बोर्ड का कहना है कि उसे अपनी जांच पर भरोसा है।
दोनों खिलाड़ियों पर सितंबर, 2013 में बैन लगाया गया था।
कोर्ट ने क्यों किया बरी?
एडिशनल सेशन जज नीना बंसल कृष्णा के कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। कोर्ट
ने इसी साल 23 मई को इस मामले में आरोप तय करने के लिए 25 जुलाई की तारीख
तय की थी। कोर्ट को शनिवार को इन क्रिकेटरों के खिलाफ आरोप तय करने थे।
दोपहर ढाई बजे प्राॅसिक्यूशन ने जज से और सबूत पेश करने का वक्त मांगा। जब
चार बजे कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो कोर्ट प्रॉसिक्यूशन के दलीलों से
संतुष्ट नहीं हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रॉसिक्यूशन ने
क्रिकेटरों पर आईपीएसी की धारा 120 यानी क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी के तहत आरोप
तय करने पर जोर नहीं दिया, बल्कि वे धारा 420 यानी धोखाधड़ी के तहत ही
आरोप तय करने की मांग कर रहे थे। कोर्ट ने क्रिकेटरों को इसलिए भी बरी
किया, क्योंकि उनके खिलाफ circumstantial सबूत नहीं थे। जबकि उनके खिलाफ
मकोका जैसे सख्त कानून की धाराएं लगाने की मांग की जा रही थी। इसके तहत,
ठोस सबूत होना जरूरी है। क्रिकेटरों को बरी करने का यही आधार बना।
दाऊद और छोटा शकील भी थे आरोपी
इस मामले में दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील समेत छह लोगों को फरार घोषित
किया गया था। पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि फिक्सिंग और सट्टेबाजी पर
दाऊद और शकील का कंट्रोल है। वे ही स्पॉट फिक्सिंग के दोषी हैं। पुलिस ने
कोर्ट को बताया कि 1993 के सीरियल बम धमाकों के मामले में पहले ही दाऊद और
शकील की संपत्ति की कुर्की हो चुकी है। दाऊद की मुंबई के डोंगरी जबकि शकील
की नागपाड़ा में प्रॉपर्टी थी। पुलिस ने इस मामले में दाऊद और शकील के
अलावा पाकिस्तानी जावेद चटनी, सलमान उर्फ मास्टर के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट
जारी किया था।
फैसला सुनते ही रो दिए श्रीसंथ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, श्रीसंथ उन्हें बरी किए जाने के फैसले
को सुनते ही कोर्टरूम के अंदर ही रो दिए। बाकी खिलाड़ी एक दूसरे को गले
लगाने लगे। बाद में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, ''जब मैंने कुछ
किया ही नहीं था तो एक न एक दिन बरी होना ही था। अब मैं अपनी नॉर्मल लाइफ
शुरू कर सकूंगा। मेरी बेटी जब बड़ी होकर गूगल करे तो कोई दूसरा ही श्रीसंथ
दिखाई दे। आरोपी श्रीसंथ उसे न दिखे।'' कोर्ट के बाहर जमा पत्रकारों से
उन्होंने कहा, ''मैं भगवान का शुक्रगुजार हूं। मैं फिर से ट्रेनिंग शुरू
करना चाहता हूं और उम्मीद है कि बीसीसीआई मुझे इसकी इजाजत दे देगा।'' अजीत
चंदीला ने कहा, ''इससे बड़ी राहत मेरे लिए नहीं हो सकती। यह एक बुरा सपना
था जो खत्म हो गया।''
आगे क्या?
1. श्रीसंत, चंदीला, चव्हाण अपने बैन के खिलाफ बीसीसीआई में अपील कर सकेंगे।
2. प्रॉसिक्यूशन अपर कोर्ट में इस फैसले के खिलाफ अपील कर सकता है।
3. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट में अर्जी देकर कहा है कि वह लोढ़ा कमिटी के फैसले के मद्देनजर दोबारा इस केस की जांच करना चाहती है। पुलिस को इजाजत मिली तो केस दोबारा खुलेगा।
जमानत पर थे क्रिकेटर्स
इससे पहले तीनों आरोपी क्रिकेटर सबूतों के अभाव में जमानत पर रिहा हो
गए थे। दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कुल 42 लोगों को आरोपी बनाया था। बता
दें कि पुलिस ने इस मामले में विभिन्न आरोपियों के खिलाफ 6 हजार पेज की
चार्जशीट लगाई थी। इस मामले में अदालत ने पुलिस की जांच पर ही सवाल उठाए
थे। कोर्ट ने कहा था कि पहली नजर में कोई सबूत नहीं दिखता कि आरोपियों ने
मैच फिक्स किए थे। आरोप तय करने को लेकर हुई जिरह के दौरान पुलिस ने
आरोपियों के मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी में शामिल होने के अपने दावे को
पुख्ता करने के लिए आरोपियों के बीच टेलीफोन पर बातचीत का रेफरेंस दिया था।
जान-बूझ कर एक ओवर में 14 रन देने का आरोप था
आईपीएल-6 में श्रीसंथ और बाकी खिलाड़ियों पर स्पॉट फिक्सिंग के आरोप
लगे थे। 9 मई, 2013 को हुए पंजाब और राजस्थान के बीच मैच में राजस्थान के
खिलाड़ी श्रीसंथ पर पहले से तय प्लान के मुताबिक सिग्नल देकर एक ओवर में कम
से कम 14 रन देने का आरोप था।
पुलिस ने कहा था कि 40 लाख रुपए में हुई थी डील
पुलिस का कहना था कि श्रीसंथ ने स्पॉट फिक्सिंग के लिए तौलिये को
बतौर कोड इस्तेमाल किया गया था। दिल्ली पुलिस के तत्कालीन आयुक्त नीरज
कुमार ने यह भी बताया था कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शॉन टेट भी स्पॉट
फिक्सिंग के ताजा स्कैंडल में शामिल थे। उन्होंने बताया था कि इनका
मास्टरमाइंड देश से बाहर बैठा है। उन्होंने यह भी बताया था कि एक ओवर की
फिक्सिंग के लिए 40 लाख रुपये की डील थी। पुलिस के मुताबिक पांच, नौ और 15
मई, 2013 के मैच में फिक्सिंग होनी थी। लेकिन, 5 मई के मैच में चंडीला
सिग्नल देना ही भूल गए थे। नतीजतन उन्हें पेशगी के 20 लाख रुपये बुकी को
लौटाने पड़े थे।
श्रीसंथ को 2013 में 16 मई को स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में गिरफ्तार
किया गया था। एक महीने बाद वह जमानत पर छूट गए थे, लेकिन बीसीसीआई ने उनपर
लाइफटाइम बैन लगा दिया।
500 घंटे की ऑडियो रिकॉर्डिंग, 6000 पेज की चार्जशीट, फिर भी सबूत रह गए कम
आज क्या हुआ?
- दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में क्रिकेटरों पर आरोप तय होने थे
- कोर्ट ने 42 में से 36 आरोपियों को बरी कर दिया
- कोर्ट को आरोप तय करने लायक सबूत नहीं मिले
- बरी होने के बाद खुशी से रो दिए श्रीसंथ
- कहा- यही चाहता था कि बेटी बड़ी होकर गूगल करे तो आरोपी श्रीसंथ न दिखे
पहले क्या हुआ था?
- मई 2013 में गिरफ्तार हुए थे एस. श्रीसंथ, अजीत चंदीला और अंकित चव्हाण
- जून 2013 में श्रीसंत और चव्हाण को और सितंबर 2013 में चंदीला को मिली थी बेल
- सितंबर 2013 में बीसीसीआई ने श्रीसंथ और चव्हाण पर लाइफटाइम बैन लगाया
- नवंबर 2013 में दिल्ली पुलिस ने टोटल 6000 पेज की चार्जशीट दायर की
- 500 घंटे की ऑडियो रिकॉर्डिंग होने का पुलिस ने दावा किया
- कुल 42 लोगों के खिलाफ चार्जशीट हुई, इनमें अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील भी शामिल थे
- मई 2014 में कोर्ट ने दाऊद और उसके गुर्गों की प्रॉपर्टी अटैच करने को कहा, उन्हें भगोड़ा करार दिया गया
- मई 2015 में पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा
दिल्ली पुलिस के मुताबिक यह थी स्पॉट फिक्सिंग?
- दिल्ली पुलिस के मुताबिक 9 और 15 मई 2013 को आईपीएल के मैच में स्पॉट फिक्सिंग हुई। फिक्सिंग में शामिल क्रिकेटर कमर पर रूमाल बांधकर, अपनी घड़ी, ब्रेसलेट या लॉकेट घुमाकर या स्ट्रैचिंग कर अगले ओवर में ज्यादा रन देने के सिग्नल देते थे।
- चंदीला को इशारा कर एक ओवर में कम से कम 14 रन देने होते थे। उसे 40 लाख रुपए मिलने थे। वह इशारा करना भूल गया।
- श्रीसंथ ने एक मैच में कमर पर रूमाल बांधकर बॉलिंग की, ज्यादा रन दिए। जबकि बिना रूमाल बांधे बॉलिंग की तो कम रन दिए।
- अंकित चव्हाण को एक ओवर में 14 रन देने के लिए 60 लाख रुपए में बुक किया गया था
- स्पॉट फिक्सिंग में अंडरवर्ल्ड के साथ राजस्थान रॉयल्स के ये क्रिकेटर शामिल थे।
- दाऊद के दो गुर्गे अनीस इब्राहिम और छोटा शकील मुंबई के किसी सुनील दुबई से संपर्क में थे।
- सुनील दुबई किसी टिकू और टिकू चांद जीजू मंडल के संपर्क में था।
- इसी जीजू ने चंदीला, श्रीसंथ और चव्हाण को स्पॉट फिक्सिंग के लिए राजी किया।
No comments:
Post a Comment