नागपुर। भारतीय वनडे टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने हाल ही में टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव की बांग्लादेश में अपने तरीके से गेंदबाजी करने के लिए अप्रत्यक्ष रूप से आलोचना की थी बावजूद इसके उमेश का मानना है कि वो भारतीय टीम में अपनी पेस की वजह से हैं।
धौनी द्वारा की गई आलोचना पर बिना कोई टिप्पणी किए हुए उमेश ने कहा कि तेज गेंदबाजी के साथ लाइन और लेंथ को बरकरार रखना मुश्किल काम था। उमेश ने कहा कि तेज गेंदबाज के लिए एक ही दिशा में गेंदबाजी करना आसान नहीं होता। 130-135 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले मीडियम पेसर गेंजबाज के लिए ये आसान होता है। मैं हमेशा गेंदबाजी में कुछ नया करने की कोशिश करता हूं मगर कई बार मेरी कोशिश कामयाब नहीं होती और मुझे इसकी कीमत रन देकर चुकानी पड़ती है।
उमेश के मुताबिक हर गेंदबाज अगल होता है। मैं मुस्ताफिजुर रहमान की तरह और वो मेरी तरह गेंदबाजी नहीं कर सकते। किसी मीडियम पेसर के मुकाबले गेंदबाजी के वक्त गेंद को छोड़ने का मेरा तरीका अलग होता है। अगर मैं इसमें बदलाव करूंगा तो इसका असर मेरी गेंदबाजी पर पड़ेगा। मैं भारतीय टीम में अपनी रफ्तार की वजह से हूं और इसकी रफ्तार के दम पर मैंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकेट भी लिए हैं। गौरतलब है कि उमेश वर्ल्ड कप 2015 में एक गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी थे। उन्होंने वर्ल्ड कप में 18 विकेट लिए थे।
धौनी द्वारा की गई आलोचना पर बिना कोई टिप्पणी किए हुए उमेश ने कहा कि तेज गेंदबाजी के साथ लाइन और लेंथ को बरकरार रखना मुश्किल काम था। उमेश ने कहा कि तेज गेंदबाज के लिए एक ही दिशा में गेंदबाजी करना आसान नहीं होता। 130-135 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले मीडियम पेसर गेंजबाज के लिए ये आसान होता है। मैं हमेशा गेंदबाजी में कुछ नया करने की कोशिश करता हूं मगर कई बार मेरी कोशिश कामयाब नहीं होती और मुझे इसकी कीमत रन देकर चुकानी पड़ती है।
उमेश के मुताबिक हर गेंदबाज अगल होता है। मैं मुस्ताफिजुर रहमान की तरह और वो मेरी तरह गेंदबाजी नहीं कर सकते। किसी मीडियम पेसर के मुकाबले गेंदबाजी के वक्त गेंद को छोड़ने का मेरा तरीका अलग होता है। अगर मैं इसमें बदलाव करूंगा तो इसका असर मेरी गेंदबाजी पर पड़ेगा। मैं भारतीय टीम में अपनी रफ्तार की वजह से हूं और इसकी रफ्तार के दम पर मैंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकेट भी लिए हैं। गौरतलब है कि उमेश वर्ल्ड कप 2015 में एक गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी थे। उन्होंने वर्ल्ड कप में 18 विकेट लिए थे।
नागपुर।
भारतीय वनडे टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने हाल ही में टीम के तेज
गेंदबाज उमेश यादव की बांग्लादेश में अपने तरीके से गेंदबाजी करने के लिए
अप्रत्यक्ष रूप से आलोचना की थी बावजूद इसके उमेश का मानना है कि वो भारतीय
टीम में अपनी पेस की वजह से हैं।
धौनी द्वारा की गई आलोचना पर बिना कोई टिप्पणी किए हुए उमेश ने कहा कि तेज गेंदबाजी के साथ लाइन और लेंथ को बरकरार रखना मुश्किल काम था। उमेश ने कहा कि तेज गेंदबाज के लिए एक ही दिशा में गेंदबाजी करना आसान नहीं होता। 130-135 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले मीडियम पेसर गेंजबाज के लिए ये आसान होता है। मैं हमेशा गेंदबाजी में कुछ नया करने की कोशिश करता हूं मगर कई बार मेरी कोशिश कामयाब नहीं होती और मुझे इसकी कीमत रन देकर चुकानी पड़ती है।
उमेश के मुताबिक हर गेंदबाज अगल होता है। मैं मुस्ताफिजुर रहमान की तरह और वो मेरी तरह गेंदबाजी नहीं कर सकते। किसी मीडियम पेसर के मुकाबले गेंदबाजी के वक्त गेंद को छोड़ने का मेरा तरीका अलग होता है। अगर मैं इसमें बदलाव करूंगा तो इसका असर मेरी गेंदबाजी पर पड़ेगा। मैं भारतीय टीम में अपनी रफ्तार की वजह से हूं और इसकी रफ्तार के दम पर मैंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकेट भी लिए हैं। गौरतलब है कि उमेश वर्ल्ड कप 2015 में एक गेंदबाज के तौर पर भारतीय टीम की तरफ से सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले खिलाड़ी थे। उन्होंने वर्ल्ड कप में 18 विकेट लिए थे।
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धौनी द्वारा की गई आलोचना पर बिना कोई टिप्पणी किए हुए उमेश ने कहा कि तेज गेंदबाजी के साथ लाइन और लेंथ को बरकरार रखना मुश्किल काम था। उमेश ने कहा कि तेज गेंदबाज के लिए एक ही दिशा में गेंदबाजी करना आसान नहीं होता। 130-135 किलोमीटर की रफ्तार से गेंदबाजी करने वाले मीडियम पेसर गेंजबाज के लिए ये आसान होता है। मैं हमेशा गेंदबाजी में कुछ नया करने की कोशिश करता हूं मगर कई बार मेरी कोशिश कामयाब नहीं होती और मुझे इसकी कीमत रन देकर चुकानी पड़ती है।
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