Sunday, 12 July 2015

पूर्व मंत्री की बहू की मौत: अमन के कपड़ों पर खून के दाग क्यों नहीं, कहां है सारा का फोन?

अमनमणि और सारा सिंह की फाइल फोटो।लखनऊ. मधुमिता शुक्ला मर्डर केस में उम्रकैद की सजा काट रहे यूपी के पूर्व मंत्री अमरमणि त्रिपाठी के बेटे अमनमणि की पत्नी सारा सिंह की सं
दिग्ध मौत पर उनके परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। सारा के परिवार ने पूछा है कि अगर एक्सीडेंट इतना भयानक था कि सारा की उसमें मौत हो गई तो उसी कार में सवार अमनमणि के कपड़ों पर ब्लड स्पॉट्स क्यों नहीं थे? सारा के परिवार ने पूछा है कि सारा के दोनों मोबाइल कहां गए?
सारा की बहन ने जताई साजिश की आशंका

सारा की बहन नीति मिश्रा ने पूरे मामले को लेकर साजिश की आशंका जताई है। नीति ने कहा, “ सारा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और उसके दोनों मोबाइल हमें नहीं दिए गए हैं जबकि उसका बाकी लगेज सौंप दिया गया है। एक्सीडेंट की बात पता चलने पर हमने सारा के मोबाइल पर फोन किया तो अमन ने रिसीव किया और बताया कि सारा की मौत हो चुकी है। सारा के मोबाइल फोन कहां हैं? अमन ने अगर सारा को गोद में उठाकर ऑटो में रखा था तो उसके कपड़ों पर खून के निशान क्यों नहीं दिखे? अमन ने हमें बताया था कि वह ड्राइवर को लेकर जा रहा है लेकिन गाड़ी तो खुद अमन ड्राइव कर रहा था।”

दोनों फैमिली नहीं चाहती थीं शादी

नीति का कहना है कि सारा ने अमन से शादी का फैसला खुद लिया था और उनकी फैमिली इसके फेवर में नहीं थी। सारा के मुताबिक, “अमन के पिता अमरमणि ने भी इस शादी से खुश नहीं थे और उन्होंने अमन को घर से निकालने की धमकी दी थी। इसी वजह से सारा और अमन के बीच टेंशन था।”
सारा सिंह के परिवार को धमकी के साथ लालच भी

सारा के परिवार को धमकियां मिल रही हैं कि वह सीबीआई या किसी अन्य तरह की जांच की मांग करना बंद करें। सारा की मां सीमा और बहन नीति मिश्रा को ये धमकी भरे फोन कॉल्स मिले हैं। धमकी के साथ ही केस वापस लेने के लिए लालच भी दिया गया है।
श्मशान के रजिस्टर में क्या हुआ हेरफेर?

आरोप है कि सारा सिंह का अंतिम संस्कार जिस श्मशान घाट पर किया गया उसके रजिस्टर में भी हेरफेर किया गया है। रजिस्टर में सारा के नाम के साथ पहले वाइफ ऑफ (w/o) अमनमणि लिखा गया था। बाद में उसे काट कर डॉटर ऑफ (d/o) अशोक सिंह लिख दिया गया। नगर निगम की ओर से जारी डेथ सर्टिफिकेट में भी पति का नाम बाद में जोड़ा गया है। नाम दर्ज कराने वाले ने अमनमणि का नाम क्यों काट दिया था, इसे लेकर कुछ साफ नहीं हो पाया है।
कौन हैं अमरमणि, अमनमणि, सारा कब बनी थी बहू?

अमरमणि यूपी की सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री और तीन बार एमएलए रह चुके हैं। फिलहाल मधुमिता शुक्ला मर्डर केस में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। वहीं, बेटे अमनमणि को बीते साल अगस्त में रोड रेज के एक मामले में कोर्ट ने भगोड़ा करार दिया था। पिछले गुरुवार को फिरोजाबाद के सिरसागंज में कार एक्सीडेंट के वक्त वह सारा के साथ मौजूद था। इसमें सारा की मौत हो गई, जबकि अमनमणि को पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था। सारा की मां सीमा सिंह पहले समाजवादी पार्टी में थीं। बाद में कांग्रेस ज्वाइन कर ली। सीमा के भाई यूपी सरकार में सचिव (गृह) हैं। अमनमणि ने अपने घरवालों की मर्जी के खिलाफ जुलाई 2013 में में सारा से शादी की थी।
अमनमणि की जेल में पिटाई

अमनमणि को शुक्रवार को जेल में कैदियों ने पीट दिया था। बताया जा रहा है कि अमनमणि ने जेल में झगड़ा किया था। इसके बाद उसे आइसोलेशन सेल में रखा गया है। वह सारा के अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ था।
कैसे हुआ हादसा

सारा और अमन गुरुवार दोपहर स्विफ्ट कार में लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे। दोपहर डेढ़ बजे फिरोजाबाद के सिरसागंज में हादसा हुआ। बताया जाता है कि कार तेज रफ्तार में थी और ओवरटेक करने के दौरान डिवाइडर से टकरा गई। दोनों ने सीट बेल्ट नहीं बांध रखी थी। अचानक ब्रेक लगने की वजह से सारा उछलकर सामने के शीशे से टकरा गई। सारा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अमनमणि को मामूली चोटें आईं।

No comments:

Post a Comment