Monday, 2 February 2015

छोटे कारोबारियों को आसानी से मिलेगा लोन, जानें क्या है पूरी प्रक्रिया

सरकार का देश के लघु और मध्यम आकार के उद्यमों (एसएमई) पर फोकस है। एसएमई सेक्टर के लिए सरकार कई कदम उठा रही है। ऐसे में इन उद्यमियों को अपने कारोबार को विस्तार देने के लिए लोन की जरूरत भी बढ़ी रही है। छोटी कंपनियों की संख्‍या बढ़ने से फाइनेंस कंपनियों को अपना दायरा बढ़ाने का बेहतरीन अवसर मिल रहा है। सरकारी बैंकों के अलावा डीसीबी और यस बैंक जैसे निजी बैंकों और एल एंड टी जैसे एनबीएफसी के एसएमई लोन पोर्टफोलियो में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंकाें को सलाह दिया था कि वे माइक्रो और स्‍मॉल एंटरप्राइजेज को तरजीही आधार पर लोन दें। एसएमई को आसानी से लोन मिल इसके लिए बैंकों की तरफ से अलग से लोन काउंटर और एसएमई ब्रांच की भी व्‍यवस्‍था दी जा रही है।
बैंक को विश्‍वास में लेना बड़ी चुनौती
नए कारोबार करने वाले उद्यमी के लिए बैंक को विश्वास दिलाना काफी मुश्किल होता है कि वह एक विश्वसनीय ग्राहक है। नया कारोबारी को बैंक लोन देने से पहले लोन लेने वाले का बैकग्राउंड, क्रेडिट हिस्ट्री, संपत्ति, देनदारी, शिक्षा, बिजनेस में अनुभव, बिजनेस प्लान और बिजनेस का सफल होने का संभावना को आंकती है। बैंक में लोन लेने से पहले अच्छी तरह से शोध किया हुआ बिजनेस प्लान बैंक में जमा करना चाहिए। बेहतर बिजनेस प्लान यह दर्शाता है कि आप अपने बिजनेस के प्रति अभी से कितना सजग है। बैंक इसी को आधार बनाकर नए उद्यमी को लोन देते हैं।
बैंक से कभी भी जरूरत से अधिक लोन नहीं लेना चाहिए। यह आपके क्रेडिट हिस्ट्री को प्रभावित करता है। बैंक से लोन लेने के लिए पेशेवर बिजनेस प्लान बहुत जरूरी होता है। आपको बिजनेस शुरू करने से पहले उससे जुड़े हर पहलुओं की गहरी जानकारी होनी चाहिए।

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