नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भाजपा की मुख्यमंत्री पद की
उम्मीदवार किरण बेदी के प्रचार का काम देख रहे नरेंद्र टंडन ने इस्तीफा दे
दिया है। इस्तीफा देने के बाद नरेंद्र टंडन ने बेदी पर हुक्म चलाने और
अपमानित करने का आरोप लगाया है। पिछले दस सालों से भाजपा से जुड़े रहे टंडन
का इस्तीफा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने स्वीकार कर लिया है।
सतीश उपाध्याय की ओर से नरेंद्र टंडन का इस्तीफा स्वीकार करने की बात तब
आई, जब नरेंद्र टंडन यह कह चुके थे कि मैं अपनी इस्तीफा वापस ले रहा हूं और
मैं भाजपा का समर्पित कार्यकर्ता था और रहूंगा। सतीश उपाध्याय ने कहा है
कि मुझे मालूम नहीं था कि टंडन का इस्तीफा केंद्रीय कार्यालय से अस्वीकार
कर दिया गया है और उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है।
आपको बताते चलें, पूर्व आइपीएस ऑफिसर किरण बेदी अपनी दबंग छवि के लिए जानी जाती है। जब उन्हें भाजपा की मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया था, तो पार्टी के कई नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी। कुछ नेताओं ने तो यहां तक कह दिया था कि पार्टी को तानाशाह नहीं चाहिए। टंडन का कहना है कि उन्होंने (किरण बेदी) मुझे कई मुद्दों पर अपमानित किया। वह जिस तरह से बात करती हैं, वो सहन करना मुश्किल होता है।
गौरतलब है कि दिल्ली में 7 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन चुनावों से ऐन पहले नरेंद्र टंडन का इस्तीफा देना भाजपा के चुनाव प्रचार को प्रभावित कर सकता है।
आपको बताते चलें, पूर्व आइपीएस ऑफिसर किरण बेदी अपनी दबंग छवि के लिए जानी जाती है। जब उन्हें भाजपा की मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया गया था, तो पार्टी के कई नेताओं ने नाराजगी जाहिर की थी। कुछ नेताओं ने तो यहां तक कह दिया था कि पार्टी को तानाशाह नहीं चाहिए। टंडन का कहना है कि उन्होंने (किरण बेदी) मुझे कई मुद्दों पर अपमानित किया। वह जिस तरह से बात करती हैं, वो सहन करना मुश्किल होता है।
गौरतलब है कि दिल्ली में 7 फरवरी को विधानसभा चुनाव होने हैं। इसके लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन चुनावों से ऐन पहले नरेंद्र टंडन का इस्तीफा देना भाजपा के चुनाव प्रचार को प्रभावित कर सकता है।
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