सेहत - टिप्स : घरेलू उपचार
1. अपनी दवा ठंडे पानी से मत लें।
2. पांच बजे शाम के बाद भारी खाना न खाएं।
3. सुबह में रात की अपेक्षा ज्यादा पानी पियें.
4. सोने का सबसे बेहतर समय 10 बजे रात से 4 बजे सुबह होता है।
5. खाना खाने के तुरंत बाद न ही सोयें या न ही लेटे.
6. फ़ोन कॉल बाएं कान से सुनें।
7. जब मोबाइल फ़ोन बिलकुल डिस्चार्ज हो रहा हो तो उस समय फ़ोन न सुने क्योंकि उस समय रेडिएशन
1000 गुना ज्यादा होता है।
8. चार्ज में लगे फ़ोन से फ़ोन न ही करें, न ही रिसीव करें. उस समय रेडिएशन ज्यादा निकलता है।
दांत दर्द-
*दांत का दर्द अगर परेशान कर रहा हो तो पांच लौंग पीस कर उसमे निम्बू का रस निचोड़कर दांतो पर मलने से
दर्द दूर होता है।

*दांत में कीड़ा लगने पर दांतो के नीचे लौंग को रखना या लौंग का तेल लगाना चाहिए।
*पांच लौंग एक ग्लास पानी में उबालकर इसमें कुल्ले करने से दर्द ठीक हो जाता है।
*नीम की कोंपलों को उबाल कर कुल्ले करने से दांतो का दर्द जाता रहता है।
*दर्द वाले दांत पर कपूर लगाएं। दांत में छेद हो तो उसमे कपूर भर दें। दर्द दूर होगा, कीड़े भी मर जाएंगे।
*गर्म पानी में मिलकर कुल्ले करने से दांत दर्द में लाभ होता है। नित्य रात को सोने से पहले गर्म पानी में
नमक डाल कर गरारे करके सोने से दांतों में कोई रोग नहीं होता।
*अदरक के टुकड़े पर नमक डालकर दर्द वाले दांतो में दबाएं, आराम मिलेगा।
खजूर-
*खजूर को शीतकालीन का फल माना गया है। इसकी तासीर ठंडी होती है इसलिए यह पित्त के अनेक रोगों में
*लाभदायक हता है। शरीर के विकास के लिए यह श्रेष्ठ फल है। आइये जानें इसके फ़ायदे।
*सुखी खांसी होने पर दिन में दो बार सुबह और शाम खजूर खाने से लाभ होता है।
*खजूर का सेवन करने से पाचन-क्रिया ठीक होती है। पेट के दर्द और कब्ज़ के लिए लाभकारी है।
*दूध के साथ खजूर खाने से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है।
*खजूर और दही खाने से पेचिश में लाभ होता है।
*गुठली निकाले हुए दो खजूरों में थोड़ा सा शुद्ध घी, दो दाने काली मिर्च मिलकर एक महीना खाएं और ऊपर से
दूध पिएं। इस तरह आपको अद्भुत शक्ति मिलेगी।
मेथी -
*भले ही इसे कफ और ज्वर का कारक माना जाता रहा हो लेकिन यह शरीर की कई कृमियों का विनाश करती है ।
*हम बात कर रहे है मेथी की । इसे खाने से भूख बढ़ती है और कमर व पीठ दर्द में लाभ होता हैं । आइए जाने
इसके फ़ायदे ।
*आग से जलने पर दानेदार मेथी को पानी में पीसकर लेप लगाने से जलन दूर हो जाती हैं ।
*दानेदार मेथी की फंकी गर्म पानी के साथ लेने से पेट दर्द ठीक हो जाता हैं।
*अगर भूख ना लगती हो तो 7 ग्राम मेथी दाने में थोड़ा सा घी डालकर सके जब यह लाल होने लगे तो उतार कर
ठंढा करें फिर पीस लें । इसके बाद इसमें शहद मिलाकर डेढ़ महीने तक चाटे ,भूख बढऩे लगेगी।
*डायबिटीज के रोगियों के लिए भी यह काफ़ी लाभदायक हैं । इसके सेवन से शरीर में शुगर लेवल कम होने के
साथ कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम होने लगता हैं ।
2. पांच बजे शाम के बाद भारी खाना न खाएं।
3. सुबह में रात की अपेक्षा ज्यादा पानी पियें.
4. सोने का सबसे बेहतर समय 10 बजे रात से 4 बजे सुबह होता है।
5. खाना खाने के तुरंत बाद न ही सोयें या न ही लेटे.
6. फ़ोन कॉल बाएं कान से सुनें।
7. जब मोबाइल फ़ोन बिलकुल डिस्चार्ज हो रहा हो तो उस समय फ़ोन न सुने क्योंकि उस समय रेडिएशन
1000 गुना ज्यादा होता है।
8. चार्ज में लगे फ़ोन से फ़ोन न ही करें, न ही रिसीव करें. उस समय रेडिएशन ज्यादा निकलता है।
*दांत का दर्द अगर परेशान कर रहा हो तो पांच लौंग पीस कर उसमे निम्बू का रस निचोड़कर दांतो पर मलने से
दर्द दूर होता है।

*दांत में कीड़ा लगने पर दांतो के नीचे लौंग को रखना या लौंग का तेल लगाना चाहिए।
*पांच लौंग एक ग्लास पानी में उबालकर इसमें कुल्ले करने से दर्द ठीक हो जाता है।
*नीम की कोंपलों को उबाल कर कुल्ले करने से दांतो का दर्द जाता रहता है।
*दर्द वाले दांत पर कपूर लगाएं। दांत में छेद हो तो उसमे कपूर भर दें। दर्द दूर होगा, कीड़े भी मर जाएंगे।
*गर्म पानी में मिलकर कुल्ले करने से दांत दर्द में लाभ होता है। नित्य रात को सोने से पहले गर्म पानी में
नमक डाल कर गरारे करके सोने से दांतों में कोई रोग नहीं होता।
*अदरक के टुकड़े पर नमक डालकर दर्द वाले दांतो में दबाएं, आराम मिलेगा।
खजूर-
*खजूर को शीतकालीन का फल माना गया है। इसकी तासीर ठंडी होती है इसलिए यह पित्त के अनेक रोगों में
*लाभदायक हता है। शरीर के विकास के लिए यह श्रेष्ठ फल है। आइये जानें इसके फ़ायदे।
*सुखी खांसी होने पर दिन में दो बार सुबह और शाम खजूर खाने से लाभ होता है।
*खजूर का सेवन करने से पाचन-क्रिया ठीक होती है। पेट के दर्द और कब्ज़ के लिए लाभकारी है।
*दूध के साथ खजूर खाने से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है।
*खजूर और दही खाने से पेचिश में लाभ होता है।
*गुठली निकाले हुए दो खजूरों में थोड़ा सा शुद्ध घी, दो दाने काली मिर्च मिलकर एक महीना खाएं और ऊपर से
दूध पिएं। इस तरह आपको अद्भुत शक्ति मिलेगी।
मेथी -
*भले ही इसे कफ और ज्वर का कारक माना जाता रहा हो लेकिन यह शरीर की कई कृमियों का विनाश करती है ।
*हम बात कर रहे है मेथी की । इसे खाने से भूख बढ़ती है और कमर व पीठ दर्द में लाभ होता हैं । आइए जाने
इसके फ़ायदे ।
*आग से जलने पर दानेदार मेथी को पानी में पीसकर लेप लगाने से जलन दूर हो जाती हैं ।
*दानेदार मेथी की फंकी गर्म पानी के साथ लेने से पेट दर्द ठीक हो जाता हैं।
*अगर भूख ना लगती हो तो 7 ग्राम मेथी दाने में थोड़ा सा घी डालकर सके जब यह लाल होने लगे तो उतार कर
ठंढा करें फिर पीस लें । इसके बाद इसमें शहद मिलाकर डेढ़ महीने तक चाटे ,भूख बढऩे लगेगी।
*डायबिटीज के रोगियों के लिए भी यह काफ़ी लाभदायक हैं । इसके सेवन से शरीर में शुगर लेवल कम होने के
साथ कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम होने लगता हैं ।
काली मिर्च के गुण
काली मिर्च औषधीय गुणों से युक्त
एक मसाला है जो स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत फायदेमंद है। पिपरीन नामक
तत्त्व के कारण इसका स्वाद सबसे अनोखा है। काली मिर्च में आयरन, पोटेशियम,
मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक, क्रोमियम, विटामिन ए और सीए और अन्य पोषक
तत्त्व मौजूद हैं। काली मिर्च का प्रयोग खाने में किया जाता है। इसके सेवन
से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचा जा सकता है। वजन घटाने के अलावा यह
सर्दी,जुकाम में भी बहुत फायदेमंद है।
कैंसर को रोकता है-
काली मिर्च कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से शरीर की सुरक्षा करता है। ब्रेस्ट कैंसर को होने से रोकने में काली मिर्च काफी सहायक है। काली मिर्च के नियमित सेवन से स्तन कैंसर की गांठ नहीं बनती है। काली मिर्च में विटामिन सीए, विटामिन एए, फ्लैवोनॉयड्स कारोटेन्स और अन्य एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह कैंसर को रोकने में मदद करते हैं।
अपच और दस्त-
अपच, दस्त, कब्ज और अम्लता करने के लिए काली मिर्च का सेवन कीजिए, यह पाचन शक्ति भी बढ़ाती है। काली मिर्च टेस्ट बड्स से पेट को संकेत भेजता है और हाइड्रोक्लोरिक एसिड का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करता है। इस एसिड से पेट की पाचन क्रिया सही होती है। यह एसिड सभी भोजन सामग्री को पचाने में सहायक है।
वजन भी घटाए-
नियमित काली मिर्च का सेवन करने से वजन पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है। इसमें शक्तिशाली फाइटोन्यूट्रीसियंस होते हैं जो वसा की बाहरी परत को तोड़ने में सहायक होते हैं और इससे शरीर में अतिरिक्त वसा जमा नहीं हो पाती है।
पेट में गैस बने तो-
काली मिर्च पेट की गैस से राहत दिलाती है। काली मिर्च में वातहर गुण पाया जाता है, इसके सेवन से पेट में गैस नहीं बनती है और पेट ठीक रहता है। काली मिर्च शरीर की ये समस्या दूर करने में सबसे कारगर साबित होती है। इसके अलावा अगर पेट फूल गया हो या दर्द हो रहा हो, तो भी काली मिर्च का सेवन करने से आराम मिलता है।
कैंसर को रोकता है-
काली मिर्च कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से शरीर की सुरक्षा करता है। ब्रेस्ट कैंसर को होने से रोकने में काली मिर्च काफी सहायक है। काली मिर्च के नियमित सेवन से स्तन कैंसर की गांठ नहीं बनती है। काली मिर्च में विटामिन सीए, विटामिन एए, फ्लैवोनॉयड्स कारोटेन्स और अन्य एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह कैंसर को रोकने में मदद करते हैं।
अपच और दस्त-
अपच, दस्त, कब्ज और अम्लता करने के लिए काली मिर्च का सेवन कीजिए, यह पाचन शक्ति भी बढ़ाती है। काली मिर्च टेस्ट बड्स से पेट को संकेत भेजता है और हाइड्रोक्लोरिक एसिड का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करता है। इस एसिड से पेट की पाचन क्रिया सही होती है। यह एसिड सभी भोजन सामग्री को पचाने में सहायक है।
वजन भी घटाए-
नियमित काली मिर्च का सेवन करने से वजन पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है। इसमें शक्तिशाली फाइटोन्यूट्रीसियंस होते हैं जो वसा की बाहरी परत को तोड़ने में सहायक होते हैं और इससे शरीर में अतिरिक्त वसा जमा नहीं हो पाती है।
पेट में गैस बने तो-
काली मिर्च पेट की गैस से राहत दिलाती है। काली मिर्च में वातहर गुण पाया जाता है, इसके सेवन से पेट में गैस नहीं बनती है और पेट ठीक रहता है। काली मिर्च शरीर की ये समस्या दूर करने में सबसे कारगर साबित होती है। इसके अलावा अगर पेट फूल गया हो या दर्द हो रहा हो, तो भी काली मिर्च का सेवन करने से आराम मिलता है।
रविवार, 14 दिसंबर 2014
सूखे मेवे खाने से पहिले भिगोएँ.
मेवों का जिसमें संतृप्त वसा एवं कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है, का प्रतिदिन सेवन किया जाए, तो हृदय रोग की आशंका कम हो सकती है। अक्सर हम कुछ मेवों को खाने से पहले पानी में भिगो देते हैं और फिर उसका सेवन करते हैं। क्या आपको मालूम है इसके पीछे
का कारण ठीक अनाज की तरह मेवों में भी फीटिक एसिड पाया जाता है जो कि उसे खराब होने से बचाने का काम करता है और पकने का
मौका देता है। अगर मेवे को बिना भिगोए खाया जाए तो इसमें मौजूद एसिड उसे ठीक से पचने नहीं देता। मेवे को कुछ घंटे भिगो कर
खाने पर उसमें से एसिड निकल जाता है और मौजूदा एंजाइम बेअसर हो जाता है, जिससे वह आसानी से पच जाता है। ऐसा करने से मेवे
में मौजूद विटामिन और पोषक तत्व भी शरीर दृारा असानी से ग्रहण कर लिया जाता है। अगर मेवे को हल्के गरम पानी में भिगो दें, तो
उसका छिलका आराम से निकाला जा सकता है। अगर पानी में थोड़ा सा नमक भी मिला दिया जाए तो एंजाइम बेअसर हो जाते हैं। सूखे मेवे खाने के स्वास्थ्य लाभ मेवे को पानी में भिगोने का एक और फायदा यह भी है कि ऐसा करने से धूल अवशेषों और टैनिन से
छुटकारा मिल जाता है। जिस पानी में मेवे भिगोए गए थे उसका प्रयोग खाना बनाते वक्त नहीं करना चाहिये, क्योंकि इसमें घातक पदार्थ हो सकते हैं।
कौन से मेवे कितने घंटे भिगोना चाहिए -
अखरोट- 8 घंटे
बादाम- 12 घंटे
कद्दू के बीज- 7 घंटे
पाइन नट- 8 घंटे
हेजल नट- 8 घंटे
काजू- 6 घंटे
अलसी का बीज-6 घंटे
अल्फला बीज- 12 घंटे




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