नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी पर फर्जी कंपनियों से चंदा लेने का आरोप लगाने वाले 'आवाम'
नाम के एनजीओ ने अब पार्टी पर काले धन को व्हाइट बनाने का आरोप लगाया है।
आवाम की ओर से मंगलवार को किए गए प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा गया कि आम आदमी
पार्टी ने जिन फर्जी कंपनियों से चंदा लिया, वो कैश देकर चेक के जरिए लिए
गए। आवाम का यह भी आरोप है कि इन कंपनियों का काम इस तरीके से कालेधन को
वाइटमनी में बदलने का है और इसके बदले में वे कुछ कमीशन भी लेती हैं। आवाम
एनजीओ के लोगों ने प्रेस के सामने कुछ चेक भी दिखाए। आवाम ने दावा किया कि
इन चेकों पर हस्ताक्षर नहीं हैं और उन्होंने कैश देने का वादा करके इन
कंपनियों से ये चेक हासिल किए थे।
बता दें कि आप वॉलंटियर्स एक्शन मंच (आवाम) नाम के इस एनजीओ के
कार्यकर्ता गोपाल गोयल ने सोमवार को ही प्रेस कॉन्फ्रेंस करके दावा किया
था कि आप ने चार फर्जी कंपनियों-गोल्डमाइन बिल्डकॉन प्राइवेट लिमिटेड,
इनफोलेंस सॉफ्टवेयर सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, सन विजन एजेंसी, स्काई लाइन
मैटल एंड एलॉय प्राइवेट लिमिटेड से 2 करोड़ रुपए का चंदा लिया है। इस पर केजरीवाल
ने कहा था कि कि पार्टी चंदे का चेक लेती है और यह पता नहीं करती कि चेक
देने वाले ने पैसा किस तरह कमाया है। केजरीवाल के चेक लेने के दावे पर आवाम
ने यह नया खुलासा किया है। वहीं, वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि आम
आदमी पार्टी की सच्चाई सामने आ गई है और यह साबित हो चुका है कि वे गलत ढंग
से धन जुटाने में लगे हुए हैं।
आप ने कहा, जांच करा ले बीजेपी
आवाम के ताजा आरोपों पर आम आदमी पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके
पलटवार किया है। पार्टी ने कहा है कि अगर उन्होंने वाकई किसी से कालाधन
लिया है तो उनकी जांच करा ली जाए। मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में आप नेता
योगेंद्र यादव ने कहा कि उन्होंने मुख्य न्यायधीश से अपील की है कि वो
एसआईटी के जरिए आम आदमी पार्टी, बीजेपी और कांग्रेस तीनों के फंडिंग की
पूरी-पूरी जांच करें और जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ कार्रवाई करे।
वहीं, आप नेता कुमार विश्वास ने कहा कि आवाम के पीछे बीजेपी है। विश्वास ने
जेटली के बयान को लेकर उन पर निशाना साधते हुए कहा कि वित्त मंत्री को
शायद हवाला की जानकारी नहीं है। अगर किसी को लगता है कुछ गड़बड़ी है तो सभी
पार्टियां जांच के लिए सामने आ जाएं। विश्वास के मुताबिक, उन्होंने अमित शाह
और सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर जांच में शामिल होने के लिए कहा है।
वहीं, आप नेता मीरा सान्याल ने कहा कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम बेहद पुख्ता
है और नॉर्म्स काफी कड़े हैं। अगर बीजेपी जानना चाहती है कि इन कंपनियों के
पीछे कौन हैं, तो उनके पास सत्ता है तो वे पांच मिनट में पता कर सकते हैं।
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