क्या आपका बच्चा लगातार दस्त से परेशान रहता है? तथा इस बीमारे के कारण
वह खेल-कूद व पढ़ाई में पीछे रह जाता है। दस्त से होने वाली कमजोरी बच्चों
को सुस्त बना देती है। इस वजह से उनका मन किसी भी काम में नहीं लगाता है।
इस समस्या से निजात पाने के लिए हम आज 7 घरेलू उपचार लेकर आएं हैं। जो आपके बच्चे की सेहत को सुधारने में तथा उसे दस्त मक्त रहने में मदद करेंगे।
1 मेथी दाना:
मेथी के दाने बहुत गरम होते हैं जिसके कारण इसे दस्त के इलाज में बहुत फायदेमंद माना जाता है। आमतौर पर मेथी के दानों के सेवन से कई लोगों को कब्ज की शिकायत होती है। अतः इसका इस्तेमाल दस्त से निजात पाने के लिए किया जाए तो यह विपरित दिशा में काम करेंगे। इसके लिए आप दिन में 2-3 बार एक चम्मच भिगोए हुए मेथी के दानों को एक कप दही में मिलाकर खाएं।
2 अदरक:
डायरिया के इलाज में अदरक एक स्वस्थ व प्रभावी विकल्प है। अदरक खाने को पचाने में मदद करता है तथा पाचन स्वास्थ्य को बनाए रखता है। हालांकि, दस्त से निजात पाने के लिए उच्चरक्तचाप से पीडित लोगों को इसके इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए।
3 एप्पल साइडर सिरका:
एप्पल साइडर सिरके में मौजूद जीवाणुरोधी गुण दस्त को बढ़ाने वाले बैक्टीरीया से लड़ने में मदद करते हैं। एप्पल साइडर सिरके में मौजूद पेक्टिन नामक रसायन आपके पेट को ठंडक व आराम प्रदान करते हैं। इन फायदों के कारण सेब के सिरके को बहुत गुणकारी माना जाता है।
4 केले:
सेब के सिरके की तरह केले में भी पेक्टिन होता है। पेक्टिन, अंतडियों के आस-पास एक सुरक्षात्मक परत का निर्माण करता है तथा अंतडों में मौजूद अधित द्रव पदार्थ को सोखता है। इसके अलावा, केलों में पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो इलेक्ट्रोलाइट्स को घटाने में मदद करते हैं।
5 दही:
दही में 'लाइव-क्लटर्स' नामक बैक्टीरिया होता है। यह बैक्टीरिया दस्त से छुटकारा पाने के लिए लैक्टिक एसिड को उत्पन्न करता है तथा अंतडों को एक सुरक्षात्मक कवच प्रदान करता है।
6 सफेद चावल:
चावल जल्दी पच जाते हैं तथा इन में मौजूद स्टार्च दस्त से निजात पाने का एक अच्छा घरेलू उपचार है। दस्त के दौरान चावलों का सेवन पुलाव या बिरयानी के रुप में ना करें, अतः आपकी समस्या और बढ सकती है। सफेद चावलों को पकाकर दही या पीली दाल के साथ खाएं। चावलों को थोडा-थोडा करके कम मात्रा में खाएं।
7 आलू:चावल
के अलावा, आलू में भी भारी मात्रा में स्टार्च पाया जाता है। अतः दस्त के
इलाज में आलू के फायदेमंद विकल्प साबित होगा। इसके लिए आपको आलूओं को
उबालकर खाने की जरुरत है। उबले हुए आलूओं पर मिर्च-मसाला या चाट पाउडर
डालकर ना खाएं। साथ ही, इन्हें फ्रेंच फ्राइज़ के रुप में भी ना खाएं
क्योंकि इस तरह आपका पेट और खराब हो सकता है। इस पूरी प्रक्रिया में आपको
एक बात पर ध्यान देने की जरुरत है कि दस्त से निजात पाने के लिए आपको
स्टार्च की जरुरत है ना कि मसालेदार चटपटे व्यंजनों की।
इस समस्या से निजात पाने के लिए हम आज 7 घरेलू उपचार लेकर आएं हैं। जो आपके बच्चे की सेहत को सुधारने में तथा उसे दस्त मक्त रहने में मदद करेंगे।
मेथी के दाने बहुत गरम होते हैं जिसके कारण इसे दस्त के इलाज में बहुत फायदेमंद माना जाता है। आमतौर पर मेथी के दानों के सेवन से कई लोगों को कब्ज की शिकायत होती है। अतः इसका इस्तेमाल दस्त से निजात पाने के लिए किया जाए तो यह विपरित दिशा में काम करेंगे। इसके लिए आप दिन में 2-3 बार एक चम्मच भिगोए हुए मेथी के दानों को एक कप दही में मिलाकर खाएं।
डायरिया के इलाज में अदरक एक स्वस्थ व प्रभावी विकल्प है। अदरक खाने को पचाने में मदद करता है तथा पाचन स्वास्थ्य को बनाए रखता है। हालांकि, दस्त से निजात पाने के लिए उच्चरक्तचाप से पीडित लोगों को इसके इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए।
3 एप्पल साइडर सिरका:
एप्पल साइडर सिरके में मौजूद जीवाणुरोधी गुण दस्त को बढ़ाने वाले बैक्टीरीया से लड़ने में मदद करते हैं। एप्पल साइडर सिरके में मौजूद पेक्टिन नामक रसायन आपके पेट को ठंडक व आराम प्रदान करते हैं। इन फायदों के कारण सेब के सिरके को बहुत गुणकारी माना जाता है।
सेब के सिरके की तरह केले में भी पेक्टिन होता है। पेक्टिन, अंतडियों के आस-पास एक सुरक्षात्मक परत का निर्माण करता है तथा अंतडों में मौजूद अधित द्रव पदार्थ को सोखता है। इसके अलावा, केलों में पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो इलेक्ट्रोलाइट्स को घटाने में मदद करते हैं।
दही में 'लाइव-क्लटर्स' नामक बैक्टीरिया होता है। यह बैक्टीरिया दस्त से छुटकारा पाने के लिए लैक्टिक एसिड को उत्पन्न करता है तथा अंतडों को एक सुरक्षात्मक कवच प्रदान करता है।
6 सफेद चावल:
चावल जल्दी पच जाते हैं तथा इन में मौजूद स्टार्च दस्त से निजात पाने का एक अच्छा घरेलू उपचार है। दस्त के दौरान चावलों का सेवन पुलाव या बिरयानी के रुप में ना करें, अतः आपकी समस्या और बढ सकती है। सफेद चावलों को पकाकर दही या पीली दाल के साथ खाएं। चावलों को थोडा-थोडा करके कम मात्रा में खाएं।
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