Tuesday, 24 February 2015

सूखे मेवे खाने से पहिले भिगोएँ.

सूखे मेवे बहुत शक्तिवर्द्धक होते हैं। ये मस्तिष्क एवं शरीर के लिये टॉनिक समान हैं, जो उन्हें स्वस्थ एवं पुष्ट बनाते हैं। यदि 35 ग्राम 
मेवों   का जिसमें संतृप्त वसा एवं कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है, का प्रतिदिन सेवन किया जाए, तो हृदय रोग की आशंका कम हो सकती है। अक्सर हम कुछ मेवों को खाने से पहले पानी में भिगो देते हैं और फिर उसका सेवन करते हैं। क्या आपको मालूम है इसके पीछे 
का कारण ठीक अनाज की तरह मेवों में भी फीटिक एसिड पाया जाता है जो कि उसे खराब  होने  से बचाने का काम करता है और पकने का 
मौका देता है। अगर मेवे को बिना भिगोए खाया जाए तो इसमें मौजूद एसिड उसे ठीक से पचने नहीं देता। मेवे को कुछ घंटे भिगो कर 
खाने पर उसमें से एसिड निकल जाता है और मौजूदा एंजाइम बेअसर हो जाता है, जिससे वह आसानी से पच जाता है। ऐसा करने से मेवे 
में मौजूद विटामिन और पोषक तत्व भी शरीर दृारा असानी से ग्रहण कर लिया जाता है। अगर मेवे को हल्के गरम पानी में भिगो दें, तो 
उसका छिलका आराम से निकाला जा सकता है। अगर पानी में थोड़ा सा नमक भी मिला   दिया जाए तो एंजाइम बेअसर हो जाते हैं। सूखे मेवे खाने के स्वास्थ्य लाभ मेवे को पानी में भिगोने का एक और फायदा यह भी है कि ऐसा करने से धूल अवशेषों और टैनिन से 
छुटकारा मिल जाता है। जिस पानी में मेवे भिगोए गए थे उसका प्रयोग खाना बनाते वक्त नहीं करना चाहिये, क्योंकि इसमें घातक पदार्थ हो सकते हैं। 
कौन से मेवे कितने घंटे भिगोना चाहिए -
अखरोट- 8 घंटे 
बादाम- 12 घंटे
कद्दू के बीज- 7 घंटे 
पाइन नट- 8 घंटे
 हेजल नट- 8 घंटे
काजू- 6 घंटे
अलसी का बीज-6 घंटे
अल्फला बीज- 12 घंटे
ध्यान दें-अगर आप किसी भी मेवे को 8 घंटे तक भिगोने वाले हैं तो उसे प्रयोग करने से पहले एक बार ताजे पानी से अवश्य धो लें। 

गुरुवार, 4 दिसंबर 2014

मूंगफली के स्वास्थ्य वर्धक गुण


सर्दियों के मौसम में गर्मागर्म मूंगफली का स्वाद ही कुछ और होता है लेकिन बात जब आपकी सेहत से जुड़ी हो तो इसके 

फायदों की कोई कमी नहीं है।

मूंगफली के फायदों से पहले बात करते हैं इसमें मौजूद पोषक तत्वों की। करीब 100 ग्राम मूंगफली में आपको 567 


कैलोरी, 49 ग्राम फैट्स जिसमें सात ग्राम सैचुरेटेड 40 ग्राम अनसैचुरेटेड फैट्स, जीरो कोलेस्ट्रॉल, सोडियम 18 मिलीग्राम, 

पोटैशियम 18 मिलीग्राम, कार्बोहाइड्रेट, फोलेट, विटामिन्स, प्रोटीन, फाइबर आदि अच्छी मात्रा में हैं।

फर्टिलिटी बढ़ती है-

मूंगफली में फोलेट अच्छी मात्रा में है। कई शोधों में माना जा चुका है कि जो महिलाओं 700 माइक्रोग्राम फोलिक एसिड 

वाली डाइट का सेवन करती हैं उनके
गर्भवती होने व गर्भस्थ शिशुओं की सेहत में 70 प्रतिशत तक का फायदा होता है।
 

ब्लड शुगर पर नियंत्रण-
 

एक चौथाई कप मूंगफली के सेवन से शरीर को 35 प्रतिशत तक मैगनीज मिलता है जो फैट्स पर नियंत्रण और 

मेटाबॉलिज्म ठीक रखता है। इसका नियमित सेवन खून में शुगर की मात्रा संतुलित रखता है।
 

तेज दिमाग के लिए-
 

मूंगफली में विटामिन बी3 अच्छी मात्रा में है जो दिमाग के लिए फायदेमंद है। यह याददाश्त बढ़ाने में काफी मददगार है।
 

स्टोन से छुटकारा-
 

कई शोधों में यह प्रमाणित हो चुका है कि एक मुट्ठी मूंगफली का नियमित सेवन 



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गॉल ब्लैडर में स्टोन के रिस्क को 25 प्रतिशत कम करता है।

हर्बल  दवा से गाल ब्लाडर  में १० एम् एम्  साईज तक की पथरी  समाप्त  करने के लिए वैध्य  दामोदर से ९८२६७ ९५६५६ पर 

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द‌िल के दौरे से बचाव-
 

मूंगफली में मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स अच्छी मात्रा में होते हैं जो दिल की सेहत के लिए फायदेमंद है। 

इसके अलावा, यह धमनियों के ब्लॉकेज के रिस्क को भी कम करने में मदद करता है।
 

वजन घटाने में फायदेमंद
 

शोधों में मानी जा चुका है कि जो लोग रोज मूंगफली का सेवन करते हैं उन्हें वजन घटाने में दूसरों की अपेक्षा दोगुनी 

आसानी होती है।

कब्ज मिटाने के सरल उपचार

 रोगी आहार-विहार में असंयम के कारण कब्ज का शिकार होता है। कब्ज से ही दुनिया-भर की बीमारियाँ होती हैं। अपना आहार विहार सुसंयमित कर लें तो कभी कोई बीमारी नहीं होगी। असंयम के कारण कभी कोई रोग हो भी जाये तो प्राकृतिक चिकित्सा के माध्यम से उसका धैर्यपूर्वक इलाज कराना चाहिए। ऐसा कोई रोग नहीं जो प्राकृतिक चिकित्सा से अच्छा नहीं किया जा सकता हो। प्राकृतिक चिकित्सा प्राणीमात्र के लिए वरदान है। अत: पहले संयम से रहकर कब्ज मिटाइए।

* रात का रखा हुआ सवा लीटर पानी हर रोज सुबह सूर्योदय से पूर्व बासी मुँह पीने से कभी कब्जियत नहीं होगी तथा अन्य रोगों से सुरक्षा होगी।

* रात्रि में पानी के साथ

2 से 5 ग्राम त्रिफला चूर्ण का सेवन करने से अथवा 3-4 तोला (40-50 ग्राम) मुनक्का (काली द्राक्ष) को रात्रि में ठण्डे पानी में भीगोकर सुबह उन्हें मसलकर, छानकर थोड़े दिन पीने से कब्जियत मिटती है।

* एक हरड़ खाने अथवा 2 से 5 ग्राम हरड़ के चूर्ण को गर्म पानी के साथ लेने से कब्ज मिटती है।
चौथी प्रयोग: गुडुच का सेवन लंबे समय तक करने से कब्ज के रोगी को लाभ होता है।

*  कड़ा मल होने व गुदाविकार की तकलीफ में जात्यादि तेल या मलहम को शौच जाने के बाद अंगुली से गुदा पर लगायें। इससे 7 दिन में ही रोग ठीक हो जायगा। साथ में पाचन ठीक से हो ऐसा ही आहार लें। छोटी हरड़ चबाकर खायें।

*एक गिलास सादे पानी में एक नींबू का रस एवं
दो-तीन चम्मच शहद डालकर पीने कब्ज मिट जाता है।














* एक चम्मच सौंफ का चूर्ण और 2-3 चम्मच गुलकन्द प्रतिदिन दोपहर के भोजन के कुछ समय पश्चात् लेने से कब्ज दूर होने में सहायता मिलती है।

 कब्ज सब रोगों का मूल है। अत: पेट को सदैव साफ रखना चाहिए। रात को देर से कुछ भी न खायें तथा भोजन के बाद दो घंटे तक न सोयें। मैदे से बनी वस्तुएँ एवं दही अधिक न खायें। बिना छने (चोकरयुक्त) आटे का सेवन, खूब पके पपीते का सेवन एवं भोजन के पश्चात् छाछ का सेवन करने से कब्जियत मिटती है।

स्वस्थ रहने के आसान उपाय

1.सुबह जल्दी उठो और




4- 6 किलोमीटर रोज टहलो। संभव हो तो शाम को भी थोड़ा टहलो।

2. टहलते समय नाक से लम्बी- लम्बी सांसें लो तथा यह भावना करो कि टहलने से 2. टहलते समय नाक से लम्बी- लम्बी सांसें लो तथा यह भावना करो कि टहलने से आप अपने स्वास्थ्य को संवार रहे हैं।

3. टहलने के अलावा, दौडऩा, साइकिल चलाना, घुड़सवारी, तैरना या कोई भी खेलकूद, व्यायाम के अच्छे उपाय हैं। स्त्रियां चक्की पीसना,,
रस्सीकूदना, पानी भरना, झाड़ू- पोछा लगाना आदि घर के कामों में भी अच्छा व्यायाम कर सकती हैं। रोज थोड़े समय छोटे बच्चों के साथ खेलना, 10- 15 मिनट



खुलकर हंसना भी अच्छे व्यायाम के अंग हैं।

4. प्रात: टहलने के बाद भूख अच्छी लगती है। इस समय पौष्टिक पदार्थों का सेवन करें।



अंकुरित अन्न, भीगी मूंगफली, आंवला या इससे बना कोई पदार्थ, संतरा या मौसम्मी का रस अच्छे नाश्ता का अंग होते हैं।

5. भोजन सादा करो एवं उसे प्रसाद रूप में ग्रहण करो, शांत, प्रसन्न और निश्चिन्तता पूर्वक करो और उसे अच्छी तरह चबाचबा कर खाओ। खाते समय न बात करो और न हंसो। एकाग्र चित्त होकर भोजन करना चाहिए।

6. भूख से कम खाओ अथवा आधा पेट खाओ, चौथाई पानी के लिए एवं चौथाई पेट हवा के लिए खाली छोड़ो।

7. भोजन में रोज


अंकुरित अन्न अवश्य शामिल करो। अंकुरित अन्न में पौष्टिकता एवं खनिज लवण गुणात्मक मात्रा में बढ़ जाते हैं। इनमें मूंग सर्वोत्तम है। चना, अंकुरित या भीगी मूंगफली इसमें थोड़ी मेथी दाना एवं चुटकी भर- अजवायन मिला लें तो यह कई रोगों का प्रतिरोधक एवं प्रभावी ईलाज है।

8. मौसम की ताजा



हरी सब्जी और ताजे फल खूब खाओ। जितना हो सके कच्चे खाओ अन्यथा आधी उबली/ उबली तथा कम मिर्च- मसाले, खटाई की सब्जियां खाओ। एक ग्रास रोटी के साथ चार ग्रास सब्जी के अनुपात का प्रयास रखो।

9. आटा चोकर समेत खाओ, सम्भव हो तो हाथ का पिसा हुआ खाओ। जौ, गेहूं, चना, सोयाबीन का मिस्सी रोटी का आटा सुपाच्य एवं पौष्टिक होता है। पौष्टिकता की दृष्टि से रोटी में हरी सब्जी, पालक, मेथी, बथुआ आदि पत्तीदार सब्जी मिलाकर बनायें / खायें। दलिया / खिचड़ी में भी पत्तीदार एवं हरी सब्जियाँ मिलाकर पौष्टिकता बढ़ाई जा सकती है। सब्जियों के सूप का नित्य सेवन पौष्टिक एवं हलके भोजन का अच्छा अंग हो सकता है।

10  भोजन के साथ पानी कम से कम पियो। दोपहर के भोजन के घंटे भर बाद पानी पियें । भोजन यदि कड़ा और रूखा हो तो 2- 4 घूंट पानी अवश्य पियें।

11. प्रात: उठते ही खूब पानी पियो। दोपहर भोजन के थोड़ी देर बाद छाछ और रात को सोने के पहले उष्ण दूध अमृत समान है।

12. दिन में कम से कम दो-तीन  लीटर पानी अवश्य पियो|
धूम्रपान, मादक पेय- पदार्थ (जरदा, गुटखा, सॉफ्ट ड्रिंक जैसे कोकाकोला, पेप्सी इत्यादि एवं शराब आदि) सर्वथा छोड़ दो।

14. चाय- कॉफी आदि के स्थान पर सादा ठंडा या गुनगुना पानी, नींबू पानी, छाछ, गाजर, पालक चुकन्दर, लौकी, टमाटर इत्यादि सब्जियों का एव मौसम्मी या संतरा, पपीता इत्यादि फलों के रस का उपयोग लाभकारी होता है।

15. डाइबीटीज (शक्कर) के रोगी को शक्कर या उससे बने पदार्थों से पूर्ण परहेज करना चाहिए। फलों में अधिक मीठे फल का सेवन कम करें। फल के रस के बजाय फल खायें।

16. मैथि दाना  और करेला  मधुमेह रोग की राम बाण  दवा है| मैथी दाना 
रोज 18/24 घंटे पानी में, जहां तक संभव हो सके मिट्टी के बर्तन में भिगोयें। दूसरे दिन सुबह नाश्ते के पहले या बाद में दानामेथी का पानी पी लें। दानामेथी अंकुरित कर सलाद में या नमक, नींबू लगाकर भी खा सकते हैं।  

घरेलू नुस्खे सरल उपचार

सेहत - टिप्स : घरेलू उपचार

1. अपनी दवा ठंडे पानी से मत लें।

2. पांच बजे शाम के बाद भारी खाना न खाएं।

3. सुबह में रात की अपेक्षा ज्यादा पानी पियें.

4. सोने का सबसे बेहतर समय 10 बजे रात से 4 बजे सुबह होता है।

5. खाना खाने के तुरंत बाद  न ही सोयें या न ही लेटे.

6. फ़ोन कॉल बाएं  कान से सुनें।

7. जब मोबाइल फ़ोन बिलकुल डिस्चार्ज हो रहा हो तो उस समय फ़ोन न सुने क्योंकि उस समय रेडिएशन 

1000 गुना ज्यादा होता है।

8. चार्ज में लगे फ़ोन से फ़ोन न ही करें, न ही रिसीव करें. उस समय रेडिएशन ज्यादा निकलता है।

दांत दर्द-

*दांत का दर्द अगर परेशान कर रहा हो तो पांच लौंग पीस कर उसमे निम्बू का रस निचोड़कर दांतो पर मलने से  

दर्द दूर होता है। 

*दांत में कीड़ा लगने पर दांतो के नीचे लौंग को रखना या लौंग का तेल लगाना चाहिए। 

*पांच लौंग एक ग्लास पानी में उबालकर इसमें  कुल्ले करने से दर्द ठीक हो जाता है। 

*नीम की कोंपलों को  उबाल कर कुल्ले करने से दांतो का दर्द जाता रहता है। 

*दर्द वाले दांत पर कपूर लगाएं। दांत में छेद हो तो उसमे कपूर भर दें। दर्द दूर होगा, कीड़े भी मर जाएंगे।

*गर्म पानी में मिलकर कुल्ले करने से दांत  दर्द में लाभ होता है। नित्य रात को सोने से पहले गर्म पानी में 

नमक डाल कर गरारे करके सोने से दांतों  में कोई रोग नहीं होता। 

*अदरक के टुकड़े पर नमक डालकर दर्द वाले दांतो में दबाएं, आराम मिलेगा। 

खजूर-

*खजूर को शीतकालीन का फल माना गया है। इसकी तासीर ठंडी होती है इसलिए यह पित्त के अनेक रोगों में 

*लाभदायक हता है। शरीर के विकास के लिए यह श्रेष्ठ फल है। आइये जानें इसके फ़ायदे। 

*सुखी खांसी होने पर दिन में दो बार सुबह और शाम खजूर खाने से लाभ होता है। 

*खजूर का सेवन करने से पाचन-क्रिया ठीक होती है। पेट के दर्द और कब्ज़ के लिए लाभकारी है। 

*दूध के साथ खजूर खाने से शारीरिक दुर्बलता दूर होती है। 

*खजूर और दही खाने से पेचिश में लाभ होता है। 

*गुठली निकाले हुए दो खजूरों में थोड़ा सा शुद्ध घी, दो दाने काली मिर्च मिलकर एक महीना खाएं और ऊपर से 

दूध पिएं। इस तरह आपको अद्भुत शक्ति मिलेगी।

मेथी -

*भले ही इसे कफ और ज्वर का कारक माना जाता रहा हो लेकिन यह शरीर की कई कृमियों का विनाश करती है । 
*हम बात कर रहे है मेथी की । इसे खाने से भूख बढ़ती है और कमर व पीठ दर्द में लाभ होता हैं । आइए जाने 

इसके फ़ायदे । 

*आग से जलने पर दानेदार मेथी को पानी में पीसकर लेप लगाने से जलन दूर हो जाती हैं । 

*दानेदार मेथी की फंकी गर्म पानी के साथ लेने से पेट दर्द ठीक हो जाता हैं। 

*अगर भूख ना लगती हो तो 7 ग्राम मेथी दाने में थोड़ा सा घी डालकर सके जब यह लाल होने लगे तो उतार कर 

ठंढा करें फिर पीस लें । इसके बाद इसमें शहद मिलाकर डेढ़ महीने तक चाटे ,भूख बढऩे लगेगी। 

*डायबिटीज के रोगियों के लिए भी यह काफ़ी लाभदायक हैं । इसके सेवन से शरीर में शुगर लेवल कम होने के 

साथ  कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी कम होने लगता हैं ।

काली मिर्च के गुण



काली मिर्च औषधीय गुणों से युक्त एक मसाला है जो स्वास्थ्य के लिहाज से बहुत फायदेमंद है। पिपरीन नामक तत्त्व के कारण इसका स्वाद सबसे अनोखा है। काली मिर्च में आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, जिंक, क्रोमियम, विटामिन ए और सीए और अन्य पोषक तत्त्व मौजूद हैं। काली मिर्च का प्रयोग खाने में किया जाता है। इसके सेवन से कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से बचा जा सकता है। वजन घटाने के अलावा यह सर्दी,जुकाम में भी बहुत फायदेमंद है।
कैंसर को रोकता है-
काली मिर्च कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से शरीर की सुरक्षा करता है।  ब्रेस्ट कैंसर को होने से रोकने में काली मिर्च काफी सहायक है। काली मिर्च के नियमित सेवन से स्तन कैंसर की गांठ नहीं बनती है। काली मिर्च में विटामिन सीए, विटामिन एए, फ्लैवोनॉयड्स कारोटेन्स और अन्य एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। यह कैंसर को रोकने में मदद करते हैं।
अपच और दस्त-
अपच, दस्त, कब्ज और अम्लता करने के लिए काली मिर्च का सेवन कीजिए, यह पाचन शक्ति भी बढ़ाती है। काली मिर्च टेस्ट बड्स से पेट को संकेत भेजता है और हाइड्रोक्लोरिक एसिड का उत्पादन करने के लिए प्रेरित करता है। इस एसिड से पेट की पाचन क्रिया सही होती है। यह एसिड सभी भोजन सामग्री को पचाने में सहायक है।


वजन भी घटाए-
नियमित काली मिर्च का सेवन करने से वजन पर भी नियंत्रण पाया जा सकता है। इसमें शक्तिशाली फाइटोन्यूट्रीसियंस होते हैं जो वसा की बाहरी परत को तोड़ने में सहायक होते हैं और इससे शरीर में अतिरिक्त वसा जमा नहीं हो पाती है।




पेट में गैस बने तो-
काली मिर्च पेट की गैस से राहत दिलाती है। काली मिर्च में वातहर गुण पाया जाता है, इसके सेवन से पेट में गैस नहीं बनती है और पेट ठीक रहता है। काली मिर्च शरीर की ये समस्या दूर करने में सबसे कारगर साबित होती है। इसके अलावा अगर पेट फूल गया हो या दर्द हो रहा हो, तो भी काली मिर्च का सेवन करने से आराम मिलता है।

रविवार, 14 दिसंबर 2014

सूखे मेवे खाने से पहिले भिगोएँ.

सूखे मेवे बहुत शक्तिवर्द्धक होते हैं। ये मस्तिष्क एवं शरीर के लिये टॉनिक समान हैं, जो उन्हें स्वस्थ एवं पुष्ट बनाते हैं। यदि 35 ग्राम 

मेवों   का जिसमें संतृप्त वसा एवं कोलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है, का प्रतिदिन सेवन किया जाए, तो हृदय रोग की आशंका कम हो सकती है। अक्सर हम कुछ मेवों को खाने से पहले पानी में भिगो देते हैं और फिर उसका सेवन करते हैं। क्या आपको मालूम है इसके पीछे 

का कारण ठीक अनाज की तरह मेवों में भी फीटिक एसिड पाया जाता है जो कि उसे खराब  होने  से बचाने का काम करता है और पकने का 

मौका देता है। अगर मेवे को बिना भिगोए खाया जाए तो इसमें मौजूद एसिड उसे ठीक से पचने नहीं देता। मेवे को कुछ घंटे भिगो कर 


खाने पर उसमें से एसिड निकल जाता है और मौजूदा एंजाइम बेअसर हो जाता है, जिससे वह आसानी से पच जाता है। ऐसा करने से मेवे 

में मौजूद विटामिन और पोषक तत्व भी शरीर दृारा असानी से ग्रहण कर लिया जाता है। अगर मेवे को हल्के गरम पानी में भिगो दें, तो 

उसका छिलका आराम से निकाला जा सकता है। अगर पानी में थोड़ा सा नमक भी मिला   दिया जाए तो एंजाइम बेअसर हो जाते हैं। सूखे मेवे खाने के स्वास्थ्य लाभ मेवे को पानी में भिगोने का एक और फायदा यह भी है कि ऐसा करने से धूल अवशेषों और टैनिन से 

छुटकारा मिल जाता है। जिस पानी में मेवे भिगोए गए थे उसका प्रयोग खाना बनाते वक्त नहीं करना चाहिये, क्योंकि इसमें घातक पदार्थ हो सकते हैं। 

कौन से मेवे कितने घंटे भिगोना चाहिए -

अखरोट- 8 घंटे 
बादाम- 12 घंटे
कद्दू के बीज- 7 घंटे 


पाइन नट- 8 घंटे
 हेजल नट- 8 घंटे


काजू- 6 घंटे
अलसी का बीज-6 घंटे
अल्फला बीज- 12 घंटे

बच्चों के दस्त को ठीक करने वाले 7 प्रभावी घरेलू उपचार

क्या आपका बच्चा लगातार दस्त से परेशान रहता है? तथा इस बीमारे के कारण वह खेल-कूद व पढ़ाई में पीछे रह जाता है। दस्त से होने वाली कमजोरी बच्चों को सुस्त बना देती है। इस वजह से उनका मन किसी भी काम में नहीं लगाता है।
इस समस्या से निजात पाने के लिए हम आज 7 घरेलू उपचार लेकर आएं हैं। जो आपके बच्चे की सेहत को सुधारने में तथा उसे दस्त मक्त रहने में मदद करेंगे।
बच्चों के दस्त को ठीक करने वाले 7 प्रभावी घरेलू उपचार
1 मेथी दाना:
मेथी के दाने बहुत गरम होते हैं जिसके कारण इसे दस्त के इलाज में बहुत फायदेमंद माना जाता है। आमतौर पर मेथी के दानों के सेवन से कई लोगों को कब्ज की शिकायत होती है। अतः इसका इस्तेमाल दस्त से निजात पाने के लिए किया जाए तो यह विपरित दिशा में काम करेंगे। इसके लिए आप दिन में 2-3 बार एक चम्मच भिगोए हुए मेथी के दानों को एक कप दही में मिलाकर खाएं।
बच्चों के दस्त को ठीक करने वाले 7 प्रभावी घरेलू उपचार
2 अदरक:
डायरिया के इलाज में अदरक एक स्वस्थ व प्रभावी विकल्प है। अदरक खाने को पचाने में मदद करता है तथा पाचन स्वास्थ्य को बनाए रखता है। हालांकि, दस्त से निजात पाने के लिए उच्चरक्तचाप से पीडित लोगों को इसके इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए।
बच्चों के दस्त को ठीक करने वाले 7 प्रभावी घरेलू उपचार


3 एप्पल साइडर सिरका:

एप्पल साइडर सिरके में मौजूद जीवाणुरोधी गुण दस्त को बढ़ाने वाले बैक्टीरीया से लड़ने में मदद करते हैं। एप्पल साइडर सिरके में मौजूद पेक्टिन नामक रसायन आपके पेट को ठंडक व आराम प्रदान करते हैं। इन फायदों के कारण सेब के सिरके को बहुत गुणकारी माना जाता है।
बच्चों के दस्त को ठीक करने वाले 7 प्रभावी घरेलू उपचार
4 केले:
सेब के सिरके की तरह केले में भी पेक्टिन होता है। पेक्टिन, अंतडियों के आस-पास एक सुरक्षात्मक परत का निर्माण करता है तथा अंतडों में मौजूद अधित द्रव पदार्थ को सोखता है। इसके अलावा, केलों में पोटेशियम भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो इलेक्ट्रोलाइट्स को घटाने में मदद करते हैं।
बच्चों के दस्त को ठीक करने वाले 7 प्रभावी घरेलू उपचार
5 दही:
दही में 'लाइव-क्लटर्स' नामक बैक्टीरिया होता है। यह बैक्टीरिया दस्त से छुटकारा पाने के लिए लैक्टिक एसिड को उत्पन्न करता है तथा अंतडों को एक सुरक्षात्मक कवच प्रदान करता है।
बच्चों के दस्त को ठीक करने वाले 7 प्रभावी घरेलू उपचार


6 सफेद चावल:

चावल जल्दी पच जाते हैं तथा इन में मौजूद स्टार्च दस्त से निजात पाने का एक अच्छा घरेलू उपचार है। दस्त के दौरान चावलों का सेवन पुलाव या बिरयानी के रुप में ना करें, अतः आपकी समस्या और बढ सकती है। सफेद चावलों को पकाकर दही या पीली दाल के साथ खाएं। चावलों को थोडा-थोडा करके कम मात्रा में खाएं।
बच्चों के दस्त को ठीक करने वाले 7 प्रभावी घरेलू उपचार
7 आलू:चावल के अलावा, आलू में भी भारी मात्रा में स्टार्च पाया जाता है। अतः दस्त के इलाज में आलू के फायदेमंद विकल्प साबित होगा। इसके लिए आपको आलूओं को उबालकर खाने की जरुरत है। उबले हुए आलूओं पर मिर्च-मसाला या चाट पाउडर डालकर ना खाएं। साथ ही, इन्हें फ्रेंच फ्राइज़ के रुप में भी ना खाएं क्योंकि इस तरह आपका पेट और खराब हो सकता है। इस पूरी प्रक्रिया में आपको एक बात पर ध्यान देने की जरुरत है कि दस्त से निजात पाने के लिए आपको स्टार्च की जरुरत है ना कि मसालेदार चटपटे व्यंजनों की।

Friday, 20 February 2015

जिम में याराना बढ़ा रहे हैं दीपिका और रणबीर

खबर थी कि दीपिका पादुकोण 'तमाशा' के सेट पर अपने एक्स बॉयफ्रेंड रणबीर कपूर से ज्यादा बात नहीं करती, लेकिन अब दोनों के बीच फिर से दोस्ती बढ़ रही है. 'मिड डे' की खबर के मुताबिक, रणबीर और दीपिका फिल्म की शूटिंग के बाद जिम में एक साथ वर्क आउट जा रहे हैं.
पहले यह भी खबरें आई थीं कि इम्तियाज अली की फिल्म तमाशा की शूटिंग के लिए जब विदेश जाना था तो रणबीर और दीपिका ने अलग-अलग फ्लाइट की टिकट बुक कराने के लिए कहा था. यहां तक कि उन्होंने होटल में भी एक फ्लोर में रुकने से मना कर दिया था. लेकिन अब शायद दोनों पुरानी खटास को दूर करने के मूड में हैं.
फिल्म की यूनिट के एक सदस्य ने बताया, 'दोनों बेस्ट फ्रेंड नहीं हैं, लेकिन एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं. दोनों शूटिंग के बाद एक साथ कुछ वक्त भी बिता लेते हैं, ले‍किन इससे ज्यादा दोनों के बीच कुछ नहीं है. दोनों अपनी फिटनेस को लेकर अलर्ट रहते हैं और जिम में एक साथ वर्क आउट कर रहे हैं.'

विधायकों की जान बचाने के लिए दिया इस्तीफा, सदन में था हाथापाई का खतरा: मांझी

बेहद चौंकाने वाले घटनाक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद जेडीयू से निष्कासित जीतनराम मांझी ने शुक्रवार सुबह प्रेस कॉन्फ्रेंस की. उन्होंने स्पीकर के आचरण पर सवाल उठाए और अपने मंत्रियों-विधायकों को धमकी दिए जाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, 'विधानसभा में हाथापाई का खतरा था, हमने अपने विधायकों की जान और सदस्यता बचाने के लिए मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छोड़ी.'
उन्होंने कहा, 'हमारे मंत्रियों को विधायकों को जान से मारने की धमकी लगातार दी जा रही थी. मोबाइल में धमकी भरे मेसेज आ रहे थे. हमें खुद भी धमकी भरे मैसेज आए, जिसके बारे में आप सब लोग जानते ही हैं. हमारे विधायक रामेश्वर पासवान के घर 10 अजनबी लोग जमे हुए थे और उनसे इधर-उधर की बात की जा रही थी.' मांझी ने आरोप लगाया कि उनको यानी एक महादलित को प्रताड़ित किया गया और नीतीश कुमार भीष्म पितामह बने सब कुछ देखते रहे.
गौरतलब है कि शुक्रवार को मांझी को विधानसभा में बहुमत साबित करना था. लेकिन सदन की कार्यवाही से ठीक पहले वह राज्यपाल से मिलने पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंप दिया. राज्यपाल ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया और नई सरकार बनने तक उन्हें कार्यभार संभालने को कहा.
पत्रकारों से बात करते हुए मांझी ने कहा, 'इसके अलावा और विधायकों के साथ भी ऐसा ही हो रहा है. माननीय राज्यपाल से हमने गुप्त मतदान की बात कही थी. लेकिन राज्यपाल ने कहा कि संविधान में गुप्त मतदान का प्रावधान नहीं है.'  इस बीच जीतन राम मांझी के इस्तीफे पर बीजेपी नेता नंद किशोर यादव का कहना है कि कौरवों ने अभिमन्यु का वध कर दिया है. बिहार की ये दुर्दशा सिर्फ और सिर्फ नीतीश कुमार ने की  है.
'हमारे पास अब भी बहुमत'
हालांकि मांझी ने अब भी अपने पास बहुमत होने का दावा किया. उन्होंने कहा, 'अब भी हमारे पक्ष में 40 से 52 जेडीयू विधायक हैं, लेकिन गुप्त मतदान न होने पर उनकी जान को खतरा हो सकता था और उनकी सदस्यता भी रद्द की जा सकती थी.  यह सब देखते हुए हमने इस्तीफा सौंपना ही बेहतर समझा. अगर गुप्त मतदान होता तो हमारे पास कम से कम 200 विधायकों का समर्थन था. अगर हम आज विधानसभा में जाते तो बहुत सी बातें सामने आती. वहां पहले से ही बहुत इंतजाम किए गए थे. यह सब देखते हुए हमने इस्तीफा दिया. अब राज्यपाल संवैधानिक उपाय करें. सरकार बनाने का न्योता अपने विवेक से जिसे देना हो दें. हम दलित परिवार से हैं और ऐसे दलित परिवार से जिसका कोई राजनीतिक इच्छा नहीं रही है. लेकिन नीतीश कुमार ने हमें मुख्यमंत्री बनाया.'
'रबर स्टैंप CM नहीं था'
मांझी ने एक बार फिर जेडीयू नेतृत्व पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री बनने के बाद हमने 2-3 महीना काम किया लेकिन अपनी मर्जी से कुछ नहीं किया. मंत्रिमंडल में हमारा कोई निर्णय नहीं होता था. लोग हमें रबर स्टैंप और रिमोट सीएम कहने लगे. यह देखकर हमारा स्वाभिमान जागा और हमने अपने तरीके से काम करना शुरू किया. हमें 2 महीने भी अपने तरीके से काम नहीं करने दिया गया. किसी को नौकरी से भी निकाला जाता है तो कारण बताया जाता है हमें बिना कारण बताए पार्टी से निकाल दिया गया.'
लालू बोले, 'BJP में न जाएं मांझी'
मांझी के इस्तीफे के बाद सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने विधानभवन पहुंचे नीतीश कुमार से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह फैसला बजट सत्र से पहले ही हो जाना चाहिए था. उन्होंने कहा कि मुझे इस्तीफे की खबर की आधिकारिक जानकारी अभी नहीं है, लेकिन यह सही है तो यह बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था. इससे बीजेपी का पर्दाफाश हो गया है. उन्होंने विश्वास मत से पहले जोड़-तोड़ की कोशिश का आरोप भी लगाया. आरजेडी अध्यक्ष लालू यादव ने जीतनराम मांझी को बीजेपी में न जाने की सलाह दी है. उन्होंने कहा कि मांझी को पहले ही इस्तीफा दे देना चाहिए था, लेकिन बीजेपी से हाथ मिलाकर उन्होंने अपना भविष्य खराब कर लिया.

Film review: बदले से बदलाव की कहानी है 'बदलापुर'

फिल्म का नाम: बदलापुर- डोन्ट मिस द बिगिनिंग
डायरेक्टर: श्रीराम राघवन
स्टार कास्ट: वरुण धवन, नवाजुद्दीन सिद्दीकी, विनय पाठक, हुमा कुरैशी, दिव्या दत्ता, राधिका आप्टे, मुरली शर्मा
अवधि: 134 मिनट
सर्टिफिकेट: A
रेटिंग: 4 स्टार
'बदला' और भारतीय फिल्मों में बदले का इतिहास बहुत पुराना है. कभी मां और बाप की मौत का बदला, कभी बीवी और बहन के साथ बलात्कार का बदला. कभी दुश्मनों के बीच लड़ाई के साथ बदला तो कभी पुश्तैनी बदले की कहानी! हर दशक में बदला लेने की कहानी को डायरेक्टर्स ने अपने-अपने अंदाज में सस्पेंस और ड्रामा के तौर पर पेश किया है. अब 2015 में कुछ ऐसी ही बदले की कहानी लेकर आए हैं डायरेक्टर श्रीराम राघवन.
कहानी में कितना दम
फिल्म शुरू होने से पहले एक कथन आता है Axe forgets But Tree Remembers यानी कुल्हाड़ी तो भूल जाती है, लेकिन पेड़ को याद रहता है कि उसको किसने काटा था. इस एक शुरुआती कथन से ही बदले का माहौल बनाने की कोशिश की है डायरेक्टर श्रीराम राघवन ने.
'बदलापुर', कहानी है रघु (वरुण धवन) की, जो एक एड एजेंसी में काम करता है. उसका एक हंसता-खेलता परिवार है. लेकिन एक बैंक में चोरी के दौरान कुछ ऐसा वाकया होता है, जिसकी वजह से उसकी बीवी मिशा (यामी गौतम) और बेटे की मौत हो जाती है. चोरी के जुर्म में पुलिस के हाथ आता है लायक (नवाजुद्दीन सिद्दीकी). अब यहां से कहानी अगले पड़ाव पर जाती है. रघु के मन में बार-बार बीवी और बच्चे की तस्वीरें चलती रहती है और वह बदला लेने की तड़प बढ़ती जाती है. बदला लेने के लिए रघु को लगभग 15 साल इंतजार भी करना होता है. फिर अलग-अलग तरीके से बदला लिया जाता है. आखि‍रकार एक बहुत बड़ा निष्कर्ष सामने आता है. अगर आप यह फिल्म देखने जा रहे हैं तो ध्यान रखें कि इसकी शुरुआत ना छूटने पाए.
क्यों देखें बदले की कहानी
फिल्म का हर किरदार आपको सोचने पर विवश करता है. रघु के रूप में वरुण धवन का अलग ही फ्लेवर दर्शकों के सामने है. वह अब तक हंसी-मजाक करते नजर आते थे, लेकिन उनका यह रूप सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला होगा. वरुण ने फिल्म में दो अलग-अलग उम्र को निभाया है.

फिल्म की एक्ट्रेस में झिमली के रूप में हुमा कुरैशी हो या कंचन उर्फ कोको के रूप में राधिका आप्टे. समाज सेवी के किरदार में दिव्या दत्ता हो या रघु की पत्नी के रूप में यामी गौतम. सभी हसीन लगी हैं.
फिल्म में एक ऐसा किरदार भी है, जिसके पर्दे पर आने का आपको इंतजार रहता है. 'लायक' को जिस हरफनमौला अंदाज में नवाजुद्दीन ने निभाया है वह आपको फिल्म देखने के घंटों बाद भी याद रखने पर मजबूर कर देता है.
'बदलापुर' की कास्टिंग, लिखावट और निर्देशन तीनों की भूमिका में श्रीराम राघवन ने अपनी छाप छोड़ी है. कहना गलत नहीं होगा कि इस फिल्म से उन्होंने 'एजेंट विनोद' की नाकामयाबी का बदला लिया है.
फिल्म की एक और खासियत है इसके गाने. खास बात यह है कि फिल्म का कोई भी गाना इसकी गति को धीमा नहीं करता.
क्यों ना देखें
'बदलापुर' एक एडल्ट फिल्म है. हिंसक है. यानी अगर आप वयस्क नहीं हैं तो ये फिल्म आपको बिल्कुल नहीं देखनी चाहिए.

Thursday, 19 February 2015

IBT के दावे पर प्रिटी जिंटा का ट्वीट- कितनी बार कहूं कि युवराज के साथ डेट नहीं किया

मुंबई. बॉलीवुड एक्ट्रेस प्रिटी जिंटा ने इन खबरों का खंडन किया है कि वह इंडियन क्रिकेटर युवराज सिंह के साथ कभी डेटिंग पर गईं। प्रिटी ने ट्वीट किया, "मैं कितनी बार कहूंगी कि मैंने युवराज के साथ डेट नहीं किया।" इंटरनेशनल बिजनेस टाइम्स (आईबीटी) ने अपने एक आर्टिकल में कहा था कि प्रिटी जिंटा उन 9 बॉलीवुड एक्ट्रेस में शामिल हैं, जिन्होंने युवराज के साथ डेटिंग की है। एक अन्य ट्वीट में प्रिटी ने कहा, "इस तरह के सस्ते कमेंट्स हमारे काम करने की जगह के कारण होते हैं। प्लीज, बार-बार ये मत लिखिए कि युवराज और प्रिटी रिलेशनशिप में हैं।"
 
आईबीटी ने अपने आर्टिकल में कहा था कि युवराज जब प्रिटी की आईपीएल टीम किंग्स इल��वन पंजाब के कप्तान थे तो कई मौकों पर उन्हें युवराज के साथ देखा गया था। अखबार ने ये भी लिखा कि ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि प्रिटी इस वक्त तक अपने पूर्व ब्वॉयफ्रेंड नेस वाडिया से अलग हो चुकी थीं। आईबीटी ने यहां तक लिखा कि युवराज और प्रिटी को किस करते हुए भी देखा गया था।
बता दें कि वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया में नहीं चुने गए युवराज को हाल ही में दिल्ली डेयरडेविल्स की आईपीएल टीम ने 16 करोड़ रुपए में खरीदा है।

वर्ल्‍ड कप: BCCI ने खारिज की पत्‍नी या गर्लफ्रेंड साथ रखने की क्रिकेटर्स की मांग

नई दिल्ली. टीम इंडिया के खिलाड़ियों द्वारा आईसीसी विश्व कप-2015 के मैचों के दौरान अपनी पत्नियों या गर्ल फ्रेंड्स को साथ रखने की मांग एक बार फिर खारिज हो गई है। भारतीय टीम के खिलाड़ियों ने पिछले रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ शानदार जीत के बाद बीसीसीआई से एक बार फिर मांग की थी कि टीम होटल में पत्नियों और गर्ल फेंड्स को साथ रखने की अनुमति दी जाए। पर बोर्ड ने उनकी मांग को फिर ठुकरा दिया है।
बता दें कि विश्व कप शुरू होने से पहले बोर्ड ने खिलाड़ियों को स्पष्ट कर दिया था कि विश्व कप मैचों के दौरान वह अपने साथ अपनी पत्नी या गर्ल फ्रेंड्स नहीं रख सकेंगे।
पहले क्वार्टर फाइनल तक पहुंचें, फिर होगा विचार
इस बीच बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि खिलाड़ियों को फिलहाल अपने खेल पर ध्यान देना चाहिए। विश्व कप में गए टीम के खिलाड़ियों को कहा गया है कि पहले वह क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे फिर बोर्ड उनकी इस मांग पर विचार करेगा कि वे अपने साथ पत्नियों और गर्ल फ्रेंड्स को रख सकेंगे कि नहीं।
कई देश के खिलाड़ियों को पत्नी,गर्ल फ्रेंड्स साथ रखने की इजाजत
टीम इंडिया के खिलाड़ियों को भले ही विश्व कप के दौरान अपनी पत्नी और गर्ल फ्रेंड्स को साथ रखने की इजाजत नहीं हो लेकिन कई देशों के खिलाड़ियों को अपनी पत्नी और गर्ल फ्रेंड साथ रखने की अनुमति है। ऑस्ट्रेलिया, साउथ अफ्रीका जैसी कई टीमों के बोर्ड ने वाइफ और गर्लफ्रेंड्स को साथ रखने की इजाजत दे रखी है।
वहीं बीसीसीआई का कहना है कि टीम इंडिया का कोई खिलाड़ी चाहे तो वह अपनी पत्नी या गर्ल फ्रेंड को मैच के दौरान स्टेडियम में ला सकता है लेकिन वह अपने साथ टीम होटल में उसे नहीं रख सकता।
वर्ल्ड कप शुरू होने के पहले ही बीसीसीआई ने लगा दी थी रोक
वर्ल्ड कप के दौरान टीम इंडिया के प्लेयर्स का ध्यान खेल से न 'भटके' इसलिए बीसीसीआई ने टूर्नामेंट शुरू होने से पहले ही खिलाड़ियों को अपने साथ पत्नी या गर्ल फ्रेंड रखने पर रोक लगा दी थी। पिछले तीन महीने से टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में है। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले टीम इंडिया के नए कप्तान (टेस्ट) विराट कोहली की गर्ल फ्रेंड बॉलीवुड एक्ट्रेस गर्लफ्रेंड अनुष्का शर्मा कोहली के साथ थीं। यह लव बर्ड ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में हर मौके पर साथ नजर आया था। पिछले वर्ल्ड कप के दौरान भी क्रिकेटरों को अपने साथ वाइफ या गर्लफ्रेंड रखने पर मनाही थी।

Monday, 16 February 2015

IPL: किसी भी क़ीमत पर युवराज सिंह को ख़रीदना चाहता था दिल्ली डेयर डेविल्स

इंडियन प्रीमियर लीग के आठवें सत्र के लिये रिकॉर्ड 16 करोड़ रुपए में बिके हरफनमौला युवराज सिंह ने आज कहा कि वह भारत के पूर्व कोच गैरी कर्स्टन के साथ खेलने का मौका मिलने से खुश हैं।

युवराज ने कहा,‘‘जब नीलामी हो रही थी, तब मैं सो रहा था। मुझे तब पता चला जब मेरे घर में कुछ मेहमान आये और मुझे इसके बारे में बताया। सबसे अच्छी बात यह है कि मैं कर्स्टन के साथ खेल सकूंगा। मैने उनके साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और उम्मीद है कि दिल्ली के लिये उसे दोहरा सकूंगा।’’

कर्स्टन ने कहा कि उनकी टीम युवराज को हर हालत में खरीदने को तत्पर थी। उन्होंने कहा,‘‘हमने पिछले साल से सबक लिया है। इस बार हमें जो खिलाड़ी चाहिये, उसके लिये हम बड़ी बोली लगाने को तैयार थे। हमें युवराज हर हालत में चाहिये था और यह उसके लिये भी अच्छा है।’’

उन्होंने कहा,‘‘युवराज की मौजूदगी टीम को मजबूत बनाती है। पिछले साल की नीलामी में हमें लगा कि हमारे पास अच्छी टीम है। हमने सोचा था कि उन खिलाड़ियों को लेने की कोशिश करती है जो बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।’’

यह पूछने पर कि दिल्ली का कप्तान कौन होगा, उन्होंने कहा कि इस पर बाद में फैसला किया जायेगा। उन्होंने कहा,‘‘अभी कोई फैसला नहीं किया है। मैथ्यूज भी कप्तानी की दौड़ में है। कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जो उनकी अंतरराष्ट्रीय टीम में सीनियर खिलाड़ी हैं और एंजेलो भी उनमें से हैं।’’

दिल्ली डेयरडेविल्स के सीईओ हेमंत दुआ ने कहा कि युवराज टीम में आइकन खिलाड़ी की कमी पूरी करेंगे और यह प्रायोजकों के लिये अच्छी बात होगी। उन्होंने कहा,‘‘हमें नहीं लगा था कि युवराज की बोली इतनी ऊंची जायेगी। वह काफी उपयोगी खिलाड़ी है। क्रिकेट के अलावा भी उसका अलग करिश्मा है। वह टीम के लिये बड़ा ब्रांड होंगे और प्रायोजकों को यह पसंद आयेगा। हमें टीम में आइकन खिलाड़ी की कमी खल रही थी।’’ उन्होंने कहा कि वह टीम में युवराज को चाहते थे जिन्होंने इस साल घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।

दुआ ने कहा,‘‘हमें हर हालत में उसे लेना था। वह काफी प्रतिभाशाली और उसके आने से टीम मजबूत हुई है। उसने घरेलू सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है और वह इसे बरकरार रखना चाहता है।’’

इंडियन प्रीमियर लीग के आठवें सत्र के लिये रिकॉर्ड 16 करोड़ रुपए में बिके हरफनमौला युवराज सिंह ने आज कहा कि वह भारत के पूर्व कोच गैरी कर्स्टन के साथ खेलने का मौका मिलने से खुश हैं।
युवराज ने कहा,‘‘जब नीलामी हो रही थी, तब मैं सो रहा था। मुझे तब पता चला जब मेरे घर में कुछ मेहमान आये और मुझे इसके बारे में बताया। सबसे अच्छी बात यह है कि मैं कर्स्टन के साथ खेल सकूंगा। मैने उनके साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और उम्मीद है कि दिल्ली के लिये उसे दोहरा सकूंगा।’’
कर्स्टन ने कहा कि उनकी टीम युवराज को हर हालत में खरीदने को तत्पर थी। उन्होंने कहा,‘‘हमने पिछले साल से सबक लिया है। इस बार हमें जो खिलाड़ी चाहिये, उसके लिये हम बड़ी बोली लगाने को तैयार थे। हमें युवराज हर हालत में चाहिये था और यह उसके लिये भी अच्छा है।’’
उन्होंने कहा,‘‘युवराज की मौजूदगी टीम को मजबूत बनाती है। पिछले साल की नीलामी में हमें लगा कि हमारे पास अच्छी टीम है। हमने सोचा था कि उन खिलाड़ियों को लेने की कोशिश करती है जो बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।’’
यह पूछने पर कि दिल्ली का कप्तान कौन होगा, उन्होंने कहा कि इस पर बाद में फैसला किया जायेगा। उन्होंने कहा,‘‘अभी कोई फैसला नहीं किया है। मैथ्यूज भी कप्तानी की दौड़ में है। कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जो उनकी अंतरराष्ट्रीय टीम में सीनियर खिलाड़ी हैं और एंजेलो भी उनमें से हैं।’’
दिल्ली डेयरडेविल्स के सीईओ हेमंत दुआ ने कहा कि युवराज टीम में आइकन खिलाड़ी की कमी पूरी करेंगे और यह प्रायोजकों के लिये अच्छी बात होगी। उन्होंने कहा,‘‘हमें नहीं लगा था कि युवराज की बोली इतनी ऊंची जायेगी। वह काफी उपयोगी खिलाड़ी है। क्रिकेट के अलावा भी उसका अलग करिश्मा है। वह टीम के लिये बड़ा ब्रांड होंगे और प्रायोजकों को यह पसंद आयेगा। हमें टीम में आइकन खिलाड़ी की कमी खल रही थी।’’ उन्होंने कहा कि वह टीम में युवराज को चाहते थे जिन्होंने इस साल घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
दुआ ने कहा,‘‘हमें हर हालत में उसे लेना था। वह काफी प्रतिभाशाली और उसके आने से टीम मजबूत हुई है। उसने घरेलू सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है और वह इसे बरकरार रखना चाहता है।’’
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इंडियन प्रीमियर लीग के आठवें सत्र के लिये रिकॉर्ड 16 करोड़ रुपए में बिके हरफनमौला युवराज सिंह ने आज कहा कि वह भारत के पूर्व कोच गैरी कर्स्टन के साथ खेलने का मौका मिलने से खुश हैं।
युवराज ने कहा,‘‘जब नीलामी हो रही थी, तब मैं सो रहा था। मुझे तब पता चला जब मेरे घर में कुछ मेहमान आये और मुझे इसके बारे में बताया। सबसे अच्छी बात यह है कि मैं कर्स्टन के साथ खेल सकूंगा। मैने उनके साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और उम्मीद है कि दिल्ली के लिये उसे दोहरा सकूंगा।’’
कर्स्टन ने कहा कि उनकी टीम युवराज को हर हालत में खरीदने को तत्पर थी। उन्होंने कहा,‘‘हमने पिछले साल से सबक लिया है। इस बार हमें जो खिलाड़ी चाहिये, उसके लिये हम बड़ी बोली लगाने को तैयार थे। हमें युवराज हर हालत में चाहिये था और यह उसके लिये भी अच्छा है।’’
उन्होंने कहा,‘‘युवराज की मौजूदगी टीम को मजबूत बनाती है। पिछले साल की नीलामी में हमें लगा कि हमारे पास अच्छी टीम है। हमने सोचा था कि उन खिलाड़ियों को लेने की कोशिश करती है जो बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं।’’
यह पूछने पर कि दिल्ली का कप्तान कौन होगा, उन्होंने कहा कि इस पर बाद में फैसला किया जायेगा। उन्होंने कहा,‘‘अभी कोई फैसला नहीं किया है। मैथ्यूज भी कप्तानी की दौड़ में है। कुछ ऐसे खिलाड़ी हैं जो उनकी अंतरराष्ट्रीय टीम में सीनियर खिलाड़ी हैं और एंजेलो भी उनमें से हैं।’’
दिल्ली डेयरडेविल्स के सीईओ हेमंत दुआ ने कहा कि युवराज टीम में आइकन खिलाड़ी की कमी पूरी करेंगे और यह प्रायोजकों के लिये अच्छी बात होगी। उन्होंने कहा,‘‘हमें नहीं लगा था कि युवराज की बोली इतनी ऊंची जायेगी। वह काफी उपयोगी खिलाड़ी है। क्रिकेट के अलावा भी उसका अलग करिश्मा है। वह टीम के लिये बड़ा ब्रांड होंगे और प्रायोजकों को यह पसंद आयेगा। हमें टीम में आइकन खिलाड़ी की कमी खल रही थी।’’ उन्होंने कहा कि वह टीम में युवराज को चाहते थे जिन्होंने इस साल घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।
दुआ ने कहा,‘‘हमें हर हालत में उसे लेना था। वह काफी प्रतिभाशाली और उसके आने से टीम मजबूत हुई है। उसने घरेलू सत्र में अच्छा प्रदर्शन किया है और वह इसे बरकरार रखना चाहता है।’’
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OMG! अब पुरुषों को सेवन करनी होगी गर्भ निरोधक गोली…

न्‍यूयॉर्क : आमतौर पर अनचाहे गर्भ से बचने के लिए महिलाओं के लिए गर्भ निरोधक गोलियां और पुरुषों के लिए कंडोम ही प्रचलन में हैं लेकिन अब जल्द ही महिलाओं की तर्ज पर पुरुषों के लिए भी गर्भ निरोधक गोलियां बाजार में उपलब्ध होंगी।
MAN WITH PILL
आपको बता दें कि पुरुषों के इस्तेमाल योग्य दो परियोजनाओं पर वैज्ञानिक काम कर रहे हैं। इनमें से एक परियोजना के तहत एच2-गैमेनडैजोल है जिसमें शुक्राणु को पूर्ण रूप से विकसित नहीं होने दिया जाएगा। आमतौर पर अपरिपक्व शुक्राणु टेस्टिस में प्रवेश करने के बाद पूरा रूप लेते हैं लेकिन इस गर्भनिरोधक गोली को लेने के बाद शुक्राणुओं का विकास रुक जाएगा।
अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ कंसास मेडिकल सेंटर में प्रजनन जीव वैज्ञानिक जोसफ ताश ने बताया कि बिना शुक्राणु के अंडाणु फर्टाइल नहीं हो सकता। ताश इस परियोजना पर वर्ष 2001 से जुटे हुए हैं।
दूसरा संभावित कंपाउंड जेक्यू1 है जो शरीर को शुक्राणु बनाने की दशा में जाने से रोक देगा। फिलहाल शोधकर्ताओं को अभी जेक्यू1 मॉलिक्यूल की उस विशिष्ट किस्म का पता लगाना है जो कि टेस्टिकल प्रोटीन को नुकसान पहुंचाए बिना काम कर सके। हालांकि इन्हें बाजार में उपलब्ध होने में अभी काफी साल लग सकते हैं।
जाइंट किलर आयरलैंड ने पाल स्टर्लिंग, एड जायस और नील ओ ब्रायन के तूफानी अर्धशतकों की मदद से आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के अपने पहले ही मैच में वेस्टइंडीज को चार विकेट हराकर उलटफेर किया। पिछले दो विश्व कप में पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी शीर्ष टीमों को हरा चुके आयरलैंड ने स्टर्लिंग (92), जायस (84) और नील ओ ब्रायन (नाबाद 79) की पारियों की मदद से वेस्टइंडीज के 305 रन के लक्ष्य को 45.5 ओवर में ही छह विकेट पर 307 रन बनाकर हासिल कर लिया। वेस्टइंडीज की ओर से तेज गेंदबाज जिरोम टेलर ने 71 रन देकर तीन विकेट चटकाए।
इससे पहले वेस्टइंडीज ने खराब शुरुआत से उबरते हुए लेंडल सिमंस (102) के शतक और डेरेन सैमी (89) के तूफानी अर्धशतक की मदद से सात विकेट पर 304 रन बनाए थे। सिमंस और सैमी ने छठे विकेट के लिए 154 रन की साझेदारी भी की, जो छठे विकेट के लिए विश्व कप की तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है।
वेस्टइंडीज का क्षेत्ररक्षण भी काफी खराब रहा और उसके क्षेत्ररक्षकों ने चार कैच टपकाए। अर्धशतक जड़ने वाले जायस को 42 रन के निजी स्कोर पर जेसन होल्डर की गेंद पर डेरेन ब्रावो ने जीवनदान दिया जबकि नील ओ ब्रायन के दो कैच 28 और 38 रन के स्कोर पर छूटे। नील ओ ब्रायन के मामले में दुर्भाग्यशाली गेंदबाज क्रिस गेल और जिरोम टेलर रहे। सलामी बल्लेबाज विलियम पोर्टरफील्ड (23) का कैच भी आंद्रे रसेल ने अपनी ही गेंद पर छोड़ा।
वेस्टइंडीज के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरे आयरलैंड को पोर्टरफील्ड और स्टर्लिंग ने पहले विकेट के लिए 13.1 ओवर में 71 रन जोड़कर सजग शुरू दिलाई। गेल ने पोर्टरफील्ड को विकेटकीपर दिनेश रामदीन के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा।

 
 
 
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जाइंट किलर आयरलैंड ने पाल स्टर्लिंग, एड जायस और नील ओ ब्रायन के तूफानी अर्धशतकों की मदद से आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के अपने पहले ही मैच में वेस्टइंडीज को चार विकेट हराकर उलटफेर किया। पिछले दो विश्व कप में पाकिस्तान और इंग्लैंड जैसी शीर्ष टीमों को हरा चुके आयरलैंड ने स्टर्लिंग (92), जायस (84) और नील ओ ब्रायन (नाबाद 79) की पारियों की मदद से वेस्टइंडीज के 305 रन के लक्ष्य को 45.5 ओवर में ही छह विकेट पर 307 रन बनाकर हासिल कर लिया। वेस्टइंडीज की ओर से तेज गेंदबाज जिरोम टेलर ने 71 रन देकर तीन विकेट चटकाए।
इससे पहले वेस्टइंडीज ने खराब शुरुआत से उबरते हुए लेंडल सिमंस (102) के शतक और डेरेन सैमी (89) के तूफानी अर्धशतक की मदद से सात विकेट पर 304 रन बनाए थे। सिमंस और सैमी ने छठे विकेट के लिए 154 रन की साझेदारी भी की, जो छठे विकेट के लिए विश्व कप की तीसरी सबसे बड़ी साझेदारी है।
वेस्टइंडीज का क्षेत्ररक्षण भी काफी खराब रहा और उसके क्षेत्ररक्षकों ने चार कैच टपकाए। अर्धशतक जड़ने वाले जायस को 42 रन के निजी स्कोर पर जेसन होल्डर की गेंद पर डेरेन ब्रावो ने जीवनदान दिया जबकि नील ओ ब्रायन के दो कैच 28 और 38 रन के स्कोर पर छूटे। नील ओ ब्रायन के मामले में दुर्भाग्यशाली गेंदबाज क्रिस गेल और जिरोम टेलर रहे। सलामी बल्लेबाज विलियम पोर्टरफील्ड (23) का कैच भी आंद्रे रसेल ने अपनी ही गेंद पर छोड़ा।
वेस्टइंडीज के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरे आयरलैंड को पोर्टरफील्ड और स्टर्लिंग ने पहले विकेट के लिए 13.1 ओवर में 71 रन जोड़कर सजग शुरू दिलाई। गेल ने पोर्टरफील्ड को विकेटकीपर दिनेश रामदीन के हाथों कैच कराके इस साझेदारी को तोड़ा।

 
 
 
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6 साल में सबसे नीचे पहुंची थोक महंगाई दर


नई दिल्ली। जनवरी में थोक महंगाई दर में अच्छी खासी गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी में थोक महंगाई दर -0.39 फीसदी हो गई है। दिसंबर में थोक महंगाई दर 0.11 फीसदी रही थी। महंगाई दर पिछले 6 सालों में सबसे कम रही है। जनवरी में डब्ल्यूपीआई महंगाई दर जून 2009 के बाद सबसे कम रही है।
हालांकि जनवरी में खाने पीने की चीजों की महंगाई दर में बढ़ोतरी देखी गई है। जनवरी में फूड आर्टिकल्स की महंगाई दर 8 फीसदी हो गई है। जबकि दिसंबर में फूड आर्टिकल्स की महंगाई दर 5.2 फीसदी रही थी।
जनवरी में फ्यूल ग्रुप की महंगाई दर महीने दर महीने आधार पर -7.82 फीसदी के मुकाबले -10.69 फीसदी हो गई है। जनवरी में प्राइमरी आर्टिकल्स की महंगाई दर महीने दर महीने आधार पर 2.17 फीसदी से बढ़कर 3.27 फीसदी हो गई है। जनवरी में मैन्यूफैक्चर्ड प्रोडेक्ट्स की महंगाई दर 1.05 फीसदी हो गई है जबकि दिसंबर में मैन्यूफैक्चर्ड प्रोडेक्ट्स की महंगाई दर 1.57 फीसदी रही थी।
जनवरी में नॉन फूड आर्टिकल्स की महंगाई दर -4.07 फीसदी हो गई है जबकि दिसंबर में नॉन फूड आर्टिकल्स की महंगाई दर -3.06 फीसदी रही थी। जनवरी में सब्जियों की महंगाई दर महीने दर महीने आधार पर -4.78 फीसदी से बढ़कर 19.74 फीसदी हो गई है। नवंबर में डब्ल्यूपीआई महंगाई दर 0.0 फीसदी से संशोधित होकर -0.17 फीसदी हो गई है।

पूर्व कोच गैरी कर्स्टन के साथ खेलने का मौका मिलने से काफी खुश हूं: युवराज सिंह

बेंगलुरु/नई दिल्‍ली : इंडियन प्रीमियर लीग के आठवें सत्र के लिए रिकार्ड 16 करोड़ रुपये में बिके हरफनमौला युवराज सिंह ने सोमवार को कहा कि वह भारत के पूर्व कोच गैरी कर्स्टन के साथ खेलने का मौका मिलने से खुश हैं।
युवराज ने कहा कि जब नीलामी हो रही थी, तब मैं सो रहा था। मुझे तब पता चला जब मेरे घर में कुछ मेहमान आए और मुझे इसके बारे में बताया। सबसे अच्छी बात यह है कि मैं कर्स्टन के साथ खेल सकूंगा। मैने उनके साथ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है और उम्मीद है कि दिल्ली के लिये उसे दोहरा सकूंगा। कर्स्टन ने कहा कि उनकी टीम युवराज को हर हालत में खरीदने को तत्पर थी। उन्होंने कहा कि हमने पिछले साल से सबक लिया है। इस बार हमें जो खिलाड़ी चाहिये, उसके लिये हम बड़ी बोली लगाने को तैयार थे। हमें युवराज हर हालत में चाहिये था और यह उसके लिये भी अच्छा है।
उन्होंने कहा कि युवराज की मौजूदगी टीम को मजबूत बनाती है। पिछले साल की नीलामी में हमें लगा कि हमारे पास अच्छी टीम है। हमने सोचा था कि उन खिलाड़ियों को लेने की कोशिश करती है जो बड़ा अंतर पैदा कर सकते हैं। यह पूछने पर कि दिल्ली का कप्तान कौन होगा, उन्होंने कहा कि इस पर बाद में फैसला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभी कोई फैसला नहीं किया है। मैथ्यूज भी कप्तानी की दौड़ में है। कुछ ऐसे खिलाड़ी है जो उनकी अंतरराष्ट्रीय टीम में सीनियर खिलाड़ी हैं और एंजेलो भी उनमें से हैं।

पिता ने पीटा, गांव वालों ने चंदा दिया और ऐसे बनीं रेबिता चैम्पियन बॉडीबिल्डर

मुंबई। मणिपुर की रेबिता महज 23 साल की हैं। पर बॉडीबिल्डिंग में पहला इंटरनेशनल मेडल जीत लिया है। दिसंबर में मुंबई में हुई वर्ल्ड बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप में रेबिता ने ब्रॉन्ज जीता। मुंबई में हुई इस बॉडीबिल्डिंग चैम्पियनशिप में मेडल जीतने वह देश की दूसरी महिला बन गई है। रेबिता घंटों जी-तोड़ मेहनत करती हैं, लेकिन पढ़ाई नहीं छोड़ी। बायोकेमिकल इंजीनियरिंग कर रही हैं। इस साल कोर्स पूरा होने वाला है।

रेबिता जब सात साल की थीं तब घर के पड़ोस वाले स्पोर्ट्स एकेडमी में मम्मी से छिपकर चली जाती थीं। एक दिन पापा ने देख लिया तो खूब पिटाई हुई। साथ ही अल्टीमेटम मिला कि स्पोर्ट्स में जाना है तो कम से कम मैट्रिक तक की पढ़ाई पूरी करो। उसी साल घर के सामने से एक जुलूस निकला। गोल्ड मेडलिस्ट बॉक्सर दिनको सिंह आगे-आगे, पूरी भीड़ पीछे-पीछे। रेबिता ने देखा, मन में बैठा लिया कि स्पोर्ट्सपर्सन ही हीरो होते हैं। तभी ठान भी लिया कि पढूंगी भी और खेलूंगी भी।

मणिपुर में स्पोर्ट्स को अच्छा ही माना जाता है। लेकिन रेबिता के घर में पढ़ाई को ज्यादा तरजीह दी जाती थी। यही कारण था कि उनके छह भाई-बहनों में से कोई भी स्पोर्ट्स में नहीं गया। दोनों बहनें हाउसवाइफ हैं, एक भाई सोशल वर्कर, एक कॉल सेंटर एक्जीक्यूटिव तो एक जेएनयू से म्यूजिक में मास्टर्स कर रहे हैं।
रेबिता सबसे छोटी हैं। उन्होंने परिवार की बात मानी, परिवार ने उनकी। पिता किसान हैं। उनके लिए छह बच्चों को पालना आसान न था। इसलिए रेबिता को जब भी इवेंट में जाने के लिए पैसों की जरूरत पड़ी तो गांववालों ने चंदा इकट्ठा किया। उनके जिम में हिंदी की एक प्रोफेसर आती हैं। डॉ. हाउबोम आनेदी देवी। उन्होंने भी रेबिता की मदद की।
रेबिता ने जब 2011 में बॉडीबिल्डिंग की शुरुआत की तो देश में सिर्फ 4-5 महिलाएं ही इस पेशे में थीं। अभी महज 10 हैं। इसलिए रेबिता को सीधे इंटरनेशनल इवेंट में जाने का मौका मिल गया।
दिसंबर में मुंबई में वर्ल्ड बॉडी बिल्डिंग चैम्पियनशिप हुई थी। रेबिता ने इसमें ब्रॉन्ज जीता है। 2012 में बैंकॉक, 2013 में बुडापेस्ट, 2014 में मकाओ में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में भाग लिया।
लेकिन मेडल नहीं जीत पाई। हां टॉप 5 तक हमेशा पहुंची। लेकिन खुद से पक्का वादा था मेडल तो जीतना ही है। मुंबई में हुई बॉडीबिल्डिंग चैम्पियनशिप में मेडल जीतने वह देश की दूसरी महिला बन गई है। इससे पहले 2012 में उनकी सीनियर ममता ने मेडल जीता था।
कमजोरी के कारण वुशू में हारी तो मसल्स बनाने में जुट गई : बॉडीबिल्डिंग में आने की उनकी कहानी भी गजब की है।
2011 तक रेबिता बॉक्सिंग, ताइक्वांडो और वुशू खेलती थीं। वुशू में पार्ट लेने एक इवेंट में गई थी जहां चीनी खिलाड़ी ने उन्हें हरा दिया था। कारण ये था कि रेबिता बहुत कमजोर, दुबली पतली थी। तभी ठान लिया अब मसल्स बनाना है। मणिपुर में ही जिम ज्वाइन किया। वहां के इंस्ट्रक्टर ने उन्हें प्रोफेशनल बॉडीबिल्डिंग में जाने को कहा। उनके पास वुशू और बॉडीबिल्डिंग दोनों के ऑफर थे। पर चुना बॉडीबिल्डिंग।

रोज 6 घंटे रोज प्रैक्टिस, शनिवार-रविवार ट्यूशन
सुबह 4:30 बजे उठना। फिर एक घंटे में 6 किमी दौड़ना। उसके बाद ब्रैकफास्ट कर जिम जाना। सुबह 3 घंटे, शाम 3 घंटे। इस बीच पढ़ाई-कॉलेज और जब कॉलेज नहीं तो शनिवार-रविवार को ट्यूशन। रेबिता कहती हैं कि उनकी ज्यादातर पढ़ाई ट्यूशन पर ही होती है। चैम्पियनशिप के तीन महीने पहले से रूटीन बदल जाता है। हर रोज जिम में हर एक्सरसाइज के 50 सेट्स पांच-पांच बार लगाती हैं। एब्स की तो अनलिमिटेड एक्सरसाइज। पैरों से 255 किलो और चेस्ट व शोल्डर के लिए 50-80 किलो तक वजन उठाती हैं। थक जाएं या टेंशन हो या अपने से ज्यादा वजन के खिलड़ी से मुकाबले को लेकर डिप्रेशन में जाने का खतरा तो पेंटिंग करने लगती हैं।
फल खाने से पहले दूसरे को चखाती हैं, कहीं मीठा तो नहीं
रेबिता के मुताबिक बॉडी बिल्डिंग की सबसे बड़ी चुनौती है खानपान। चैम्पियनशिप के महीनों पहले से वे अपना फेवरेट चावल खाना छोड़ देती हैं। तेल तो हमेशा के लिए मना है। शुगर शरीर में न जाए इसलिए कोई भी फल खाने से पहले दूसरे को चखाती हैं। नैचुरल शुगर भी ले नहीं सकतीं।
जब पूछा कि स्पोर्ट्स में जाना था तो टेक्निकल सब्जेक्ट क्यों चुना? तो बोलीं, ये सब्जेक्ट मुझे बॉडीबिल्डिंग में भी काम आता है।
बॉडी के कैमिकल्स उनके कोर्स में पढ़ाए जाते हैं। मजा भी आता है और अपने प्रोफेशन की कई सारी छोटी बाते भी पता चल जाती हैं। अब उनका अगला टारगेट है यूनिवर्स बॉडीबिल्डिंग में मेडल जीतना। एशिया की किसी महिला ने अब तक ये नहीं जीता है।