Monday, 20 October 2014

पाकिस्तान में दीवाली पर हिंदुओं को लड़नी पड़ रही है छुट्टी के लिए लड़ाई


इस्लामाबाद. पाकिस्तान में रह रहे हिंदू समुदाय ने प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से दीवाली के मौके पर सरकारी छुट्टी की मांग की है। पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के पैट्रन-इन-चीफ और पाकिस्तान की सत्ताधारी पीएमएल (नवाज) के सांसद रमेश कुमार वंकवानी ने कहा है कि सरकारी छुट्टी घोषित होने पर अल्पसंख्यक समुदाय के उस एहसास को कम करेगा, जिसके तहत उन्हें लगता है कि वे वंचित हैं।   

वंकवानी के मुताबिक, 'हम देशभक्त पाकिस्तानी हैं और सालाना त्योहार पर सार्वजनिक छुट्टी हमारा संवैधानिक अधिकार है। मैं इस मुद्दे को नेशनल असेंबली में उठाउंगा। इस देश में कोई पार्टी अल्पसंख्यकों के मुद्दे उठाने को लेकर गंभीर नहीं है। वंकवानी का कहना है कि मलेशिया, नेपाल, श्रीलंका, म्यांमार, मॉरिशस, गयाना, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, सूरीनाम, सिंगापुर, फिजी, बांग्लादेश और भारत जैसे देशों में दीवाली पर छुट्टी होती है।' वंकवानी की शिकायत है कि पाकिस्तान में जो हिंदू दीवाली के दिन ऑफिस नहीं जाता है, उसे गैर-हाजिर माना जाता है। पाकिस्तान सरकार ने हर हिंदू सांसद को अपने क्षेत्र में हिंदू समाज के बीच बांटने के लिए दस लाख रुपए की राशि जारी की है। 
दीवाली से पहले सूरत के एक कारोबारी ने अपने कर्मचारियों को नई कार, हीरे की जूलरी और घर जैसे गिफ्ट से मालामाल कर दिया है। सूरत में ऋषिकेश एक्सपोर्टर नाम से हीरा कारोबार करने वाले कंपनी के मालिक पालकी सावजीभाई ढोलकिया ने अपने 200 कर्मचारियों को घर, 525 को डायमंड जूलरी और 491 को नई कार भेंट की है। ढोलकिया ने सालाना टारगेट पूरा होने पर अपने कर्मचारियों को खुश करने के लिए 50 करोड़ रुपए का बजट अलग से रखा था। कंपनी के 1200 कर्मचारियों को चुनकर उन्हें बेशकीमती तोहफे दिए गए। ऋषिकेश एक्सपोर्टर के एक कर्मचारी ने इस बात की पुष्टि की है कि उसे डायमंड जूलरी मिली है जबकि एक अन्य कर्मचारी ने बतौर तोहफा कार मिलने की बात कही है।

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