प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विशाखापट्टनम के दौरे के बाद यह ऐलान किया। मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार और पूरा देश आंध्र प्रदेश और ओडिशा के साथ मदद के लिए तैयार खड़ा है। उन्होंने चक्रवाती तूफ़ान में मारे गए लोगों और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए हर संभव मदद का वादा किया। उन्होंने मारे गए लोगों के परिजनों को दो लाख रुपए और घायलों को पचास हजार रुपये मुआवजा देने की बात कही। मोदी ने कहा कि तकनीक की वजह से काफी मदद मिली और इस तूफान से निपटने के लिए पहले ही ऐहतियाती कदम उठा लिए गए थे।
हुदहुद तूफान से सबसे ज्यादा तबाही विशाखापट्टनम और आस−पास के इलाकों में ही हुई है। विशेष अधिकारी अरविंद कुमार के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में इस तूफान से मरने वालों की संख्या 26 हो गई है। तूफान की वजह से सैकड़ों घर तबाह हो गए हैं।
विशाखापट्टनम एयरपोर्ट की हालत भी बहुत खराब है और अगले 2−3 दिन वहां से किसी भी फ्लाइट के उड़ने की संभावना नहीं है।
इस बीच राहत और बचाव का काम जोरों पर है। सरकार की ओर से अब सारा ध्यान राहत कैंपों में लोगों की देखभाल और बिजली और संचार सिस्टम को दुरुस्त करने में लगाया जा रहा है। 80 फीसदी फोन लाइनें बंद पड़ी हैं। 45 हजार बिजली के खंबों का ऑर्डर दिया जा चुका है।
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