सरहद पर चार दिनों से जारी तनाव के बीच रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने
पाकिस्तान को कड़े शब्दों में चेताया है. नई दिल्ली में गुरुवार को प्रेस
कांफ्रेंस के दौरान जेटली ने कहा कि पाकिस्तान अगर अब भी बाज नहीं आया तो
उसे 'महंगी कीमत' चुकानी होगी.
रक्षा मंत्री ने कहा कि अपनी भूमि की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है और
सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान यह जिम्मेदारी बखूबी निभा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि बाढ़ के बाद से वहां कई आतंकवादी भी मारे गए हैं. यानी
फायरिंग के पीछे घुसपैठिए आतंकियों को भारत में प्रवेश करवाने का मकसद भी
हो सकता है. ऊपर से फायरिंग करके घुसपैठियों को नीचे से भारत में घुसने के
लिए कवर मुहैया कराया जाता है.
उधर पाकिस्तान सीनाजोरी से बाज नहीं आ
रहा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत को चेताने वाले अंदाज में
कहा है कि वह भी भारत को जवाब दे सकता है. एक चैनल से बातचीत में पाकिस्तान
के विदेश विभाग के प्रवक्ता तसनीम असलम ने कहा, 'हम भी जवाब दे सकते
हैं.'

गौरतलब
है कि पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चार दिनों से
भारत के रिहायशी इलाकों पर फायरिंग कर रहा है. इस फायरिंग में 8 नागरिकों
की मौत हो चुकी है और 85 जख्मी हो गए. इतना ही नहीं, फायरिंग के चलते 7000
लोग अपने घर छोड़कर कैंपों में रह रहे हैं.
बुधवार रात की फायरिंग में भी कुल आठ लोग घायल हो गए.
'लगातार सीजफायर तोड़ रहा पाक'
वित्त मंत्री के साथ रक्षा मंत्री
का काम-काज संभालने वाले अरुण जेटली ने कहा, 'पाकिस्तान लगातार
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सीजफायर का उल्लंघन कर रहा है. भारत एक जिम्मेदार
देश है जो आक्रमण नहीं करता. लेकिन अपने नागरिकों और भूमि की पूर्ण रक्षा
करना हमारी जिम्मेदारी है. बीएसएफ पूरी काबिलियत के साथ जरूरी कदम उठा रही
है. पाकिस्तान को समझ लेना चाहिए कि इस तरह के हमले का हमारी सेना प्रभावी
जवाब देगी. अगर वह इस तरह ही आगे बढ़ते रहे तो पाकिस्तान को इसकी बड़ी कीमत
चुकानी होगी. ये संदेश उन तक पहुंचा भी है और आगे बढ़ते रहे तो पहुंचता भी
रहेगा.'
'बिलावल के बयान पर बोलने की जरूरत नहीं'युद्ध
के सवाल पर रक्षा मंत्री ने कहा कि मैं इस पर कुछ नहीं बोलूंगा. अगर
पाकिस्तान सीमा पर शांति चाहता है तो जो कर रहा है, उसे तुरंत रोके. विपक्ष
के हमलों के सवाल पर उन्होंने कहा कि पहले नेता यह पता करें कि हमारी सेना
पाकिस्तान को किस तरह जवाब दे रही है, फिर कोई प्रतिक्रिया दें. एक
पत्रकार ने जब बिलावल भुट्टो के बयान पर उनकी राय जाननी चाही तो उन्होंने
कहा कि इस पर प्रतिक्रिया देने की जरूरत नहीं है.
इससे पहले गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि प्रधानमंत्री सरहद की
गतिविधियों पर नजर रखे हुए हैं. उन्हें इस बारे में कुछ भी बोलने की जरूरत
नहीं है, क्योंकि बीएसएफ पाकिस्तान को ठोस जवाब दे रही है. हम बीएसएफ के
जवाब से बहुत संतुष्ट हैं.
संकट के वक्त चुनाव प्रचार में लगे हैं PM: कांग्रेस
अरुण जेटली के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस ने ऐसे समय में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चुनाव प्रचार अभियान पर निकलने की आलोचना की
है. कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा, 'आखिर जेटली ने कुछ बोला. संकट के
समय पीएम और रक्षा मंत्री गायब रहे. जेटली जी अस्वस्थ थे, मैं समझ सकता
हूं. लेकिन मोदी लगातार चुनाव प्रचार में लगे हैं. वह हरियाणा और
महाराष्ट्र दोनों देशों के भविष्य के मुख्यमंत्री की तरह बर्ताव कर रहे
हैं.'
'देश के पास अलग रक्षा मंत्री क्यों नहीं?'
जेटली की विपक्ष को नसीहत पर आनंद शर्मा ने कहा, 'जेटली के लिए यह कहना
आसान है कि विपक्ष को जिम्मेदार होना चाहिए. मेरा सवाल है कि क्या पीएम ने
विपक्ष को पाक और चीन की घुसपैठ पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया? राष्ट्रीय
मुद्दे के लिए हम एक राष्ट्र के रूप में एक साथ खड़े हैं.'
कांग्रेस ने अलग रक्षा मंत्री न होने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा,
'प्रधानमंत्री के पास पड़ोसी देशों के लिए कोई संतुलित नीति नहीं है. पांच
महीनों से देश के पास अलग रक्षा मंत्री नहीं है. अतिरिक्त कार्यभार के रूप
में जेटली यह काम कर रहे हैं. चीन से सीमा विवाद पर प्रधानमंत्री ने अब तक
विशेष सलाहकार नियुक्त नहीं किया है.'
सब कुछ ठीक हो जाएगा: मोदी
इससे पहले पाकिस्तान की फायरिंग पर चुप्पी तोड़ते हुए प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सिर्फ इतना कहा कि जल्दी ही सब ठीक हो जाएगा.
सख्त विदेश नीति का वादा करने वाले प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठ रहे
थे. कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी मोदी की चुप्पी पर सवाल उठाए थे.
नवाज ने बुलाई सुरक्षा कमेटी की बैठक
उधर भारत की जवाबी कार्रवाई से पाकिस्तान बौखला गया है. नवाज शरीफ ने
सुरक्षा कमेटी की बैठक बुलाई है. खबर है कि पाकिस्तानी हुक्मरान भारत के
खिलाफ रणनीति बनाने में जुट गए हैं. पाकिस्तान पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष
इमरान खान और आतंकी हाफिज सईद तक नवाज शरीफ की उनके कथित 'लचर' रवैये के
लिए आलोचना कर रहे हैं.