Wednesday, 24 June 2015

MBBS और आठ बार गोल्ड मेडलिस्ट, बच्चे के नाम पर मांग रही जमानत

ग्वालियर. प्री-पीजी घोटाले की आरोपी डाॅ. रिचा जौहरी की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मंगलवार को खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि घोटाले के कारण कई योग्य उम्मीदवार मेडिकल में प्रवेश पाने से वंचित हो गए।
जस्टिस यूसी माहेश्वरी व जस्टिस एमसी गर्ग की डिविजन बेंच में मंगलवार को डाॅ. रिचा जौहरी की ओर से जमानत याचिका पेश की गई। इसमें कहा कि वह एमबीबीएस में गोल्ड मेडलिस्ट रही है। साथ ही, उसे पढ़ाई के दौरान आठ गोल्ड मेडल मिले हैं। प्री-पीजी में भी उसकी 30वीं रैंक आई थी। उसे झूठा फंसाया गया है। उसके 11 माह का छोटा बच्चा है, इसलिए मानवीय आधार पर उसे जमानत दी जाए।
कोर्ट में शासन की ओर से अधिवक्ता प्रबल प्रताप सिंह सोलंकी ने तर्क रखा कि आरोपी छात्रा को प्री-पीजी परीक्षा में जो प्रश्न आते थे, उन्हें करने के बाद वह ओएमआर शीट में शेष गोले खाली छोड़ कर आई थी। इन गोलों को बाद में व्यापमं के पूर्व संचालक योगेश उपरीत की सहायता से भरा गया था। साथ ही, आरोपी छात्रा पूछताछ में एसआईटी का सहयोग नहीं कर रही है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी छात्रा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। उल्लेखनीय है कि जबलपुर के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डाॅ. एमएस जौहरी की बेटी रिचा जौहरी पर प्री-पीजी परीक्षा फर्जी तरीके से पास करने का आरोप है। इस मामले में आरोपी पिता डाॅ. जौहरी पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं।
क्लेट विवाद : कोर्ट से 15 छात्रों को राहत, एनएलआईयू में ही पढ़ सकेंगे
कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लेट) की अलॉटमेंट सूची में हुई गड़बड़ी से प्रदेश के जिन पंद्रह स्टूडेंट्स को च्वाइस लॉक करने के बावजूद नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी भोपाल से बाहर कर दिया गया था, उन्हें हाईकोर्ट जबलपुर ने राहत दी है। मंगलवार को हाईकोर्ट ने अपने फैसले में इन सभी पंद्रह स्टूडेंट्स के पूर्व में हुए एडमिशन को ही यथावत रखने को कहा है। साथ ही, एनएलआईयू भोपाल, क्लेट कन्वीनर राममनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी लखनऊ, टीसीएस और प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 10 अगस्त को होगी।
डाॅ. गुलाब व शक्ति सिंह की अर्जी खारिज
प्रीपीजी घोटाले के आरोपी भाजपा नेता डाॅ.गुलाब सिंह किरार आैर उसके पुत्र शक्ति सिंह किरार की अग्रिम जमानत याचिका सेशन कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दी। शासन की ओर से अधिवक्ता सुसेन्द्र सिंह परिहार ने कहा कि शक्ति सिंह ने 2011 की प्रीपीजी परीक्षा अवैध रूप से पास की है। इसका खुलासा दलाल नवीन शर्मा ने पुलिस को दिए अपने बयान में किया। उल्लेखनीय है कि पुलिस डाॅ. गुलाब सिंह किरार व उनके पुत्र शक्ति सिंह किरार को तलाश कर रही है।

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