मुंबई. ललित मोदी की मदद के बाद लग रहे आरोपों के बीच राजस्थान
की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने लंदन का दौरा रद्द कर दिया। राजे के ऑफिस
की ओर से कहा गया है कि हफ्ते के अंत में वह नीति आयोग के नए पैनल की
मीटिंग में हिस्सा लेंगी। जबकि पहले तय कार्यक्रमों के तहत 27 जून को
उन्हें लंदन में निवेशकों की एक बैठक में हिस्सा लेना था। बता दें कि
आईपीएल के पूर्व कमिश्नर और करप्शन के आरोपी ललित मोदी भी फिलहाल ब्रिटेन
में ही रह रहे हैं। इस बीच, सहयोगी पार्टी शिवसेना ने इस मसले पर बीजेपी
सरकार पर सवाल उठाए हैं। ललित मोदी से मुलाकात को लेकर आरोपों से घिरे
मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया का बचाव करते हुए शिवसेना ने कहा है कि
इस मुद्दे को बेवजह तूल दिया जा रहा है। शिवसेना ने पूछा है कि केंद्र
सरकार इस मसले पर मारिया का साथ क्यों नहीं दे रही है?
मारिया के समर्थन में शिवसेना
शिवसेना ने मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया का खुल कर बचाव किया है।
पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा गया है कि मारिया का
बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। इसलिए उन पर उंगली नहीं उठानी चाहिए। मारिया
ने ललित मोदी से मुलाकात के मामले में तत्कालीन गृह मंत्री को सूचना दी
थी। बता दें कि मारिया ने स्वीकार किया था कि उन्होंने लंदन में ललित मोदी
से मुलाकात की थी।
कांग्रेस ने फिर मांगा वसुंधरा से इस्तीफा
राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने एक बार फिर
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से इस्तीफा मांगा है। बुधवार को भी जयपुर में
कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। पायलट ने कहा,
''महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार ललित मोदी से मुलाकात करने वाले पुलिस
कमिश्नर राकेश मारिया से तो जवाब-तलब कर रही है, लेकिन अपने नेताओं पर कुछ
नहीं बोल रही है। यह सरकार का दोहरा मापदंड है।''
ललित मोदी के डॉक्युमेंट्स में मोदी-शाह से लेकर राष्ट्रपति की सेक्रेटरी का नाम
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद लेने के बाद चर्चा में आईपीएल के
पूर्व कमिश्नर और करप्शन के आरोपी ललित मोदी ने पूरे विवाद में अब
राष्ट्रपति भवन की सेक्रेटरी का नाम लिया है। साथ ही, उन्होंने एक के बाद
एक ट्वीट, ई-मेल और कॉल रिकॉर्ड्स अपनी वेबसाइट पर पोस्ट की है। उनमें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह का भी नाम है। इस
बीच, कालाधन पर बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने ईडी से
मंगलवार को ललित मोदी के खातों के बारे में जानकारी मांगी है।
10 दिन में सामने आए कई बड़े नाम: ललित मोदी के दस्तावेजों में किन नामों को लेकर दावे?
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नाम
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ललित मोदी की तरफ से जारी दस्तावेजों में दावा
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नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
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16 सितंबर 2009 को राजस्थान रॉयल्स के वाइस प्रेसिडेंट शांतनु चारी ने
ललित मोदी को ईमेल किया। इसमें कहा कि नरेंद्र मोदी और उनके पदाधिकारियों
से मुलाकात कराई जाए। ललित ने मुलाकात का भरोसा दिलाया। नरेंद्र मोदी तब
गुजरात के सीएम थे। वे इस ईमेल से कुछ ही दिन पहले गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन
के अध्यक्ष चुने गए थे।
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अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष
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7 मार्च 2010 की सुबह 10.55 बजे ललित मोदी ने शाह को 3 मिनट के लिए
फोन किया। यह फोन आईपीएल-4 में दो नई टीमों को शामिल करने को लेकर उठे
विवाद के दूसरे दिन ही हुआ।
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शरद पवार, एनसीपी चीफ
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लंदन से बाहर जाने के लिए ट्रैवल डॉक्युमेंट मिलने के बाद कई लोगों का
शुक्रिया अदा करते जो ईमेल किया, उसमें पवार का भी नाम था। पवार का कहना
है कि उनका ऑफिस ईमेल चेक करता है। वह नहीं जानते कि क्या मोदी ने तब कोई
मेल किया था?
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सरकार की सफाई
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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा- सरकार नियमों के मुताबिक चलेगी। हम सुनिश्चित करेंगे कि ईमानदारी पूरी तरह बरकरार रहे।
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अब तक किन बड़े नामों पर लगे आरोप?
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नाम
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आरोप
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सफाई
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ओमिता पॉल, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सचिव
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ललित मोदी ने ट्वीट में आरोप लगाया कि सबसे बड़ा हवाला विवेक नागपाल
चलाते हैं, जिन्हें ओमिता पॉल के बैगमैन (गलत काम के लिए पैसा इकट्ठा करने
वाला) के रूप में जाना जाता है।''
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पॉल की तरफ से अब तक कोई बयान नहीं आया। नागपाल के बारे में बताया
जाता है कि उनकी एक कंपनी पद्मिनी टेक्नोलॉजी के खिलाफ ईडी ने जांच की थी।
कंपनी ने आईटी रिटर्न में अपनी आमदनी शून्य बताई थी। इस पर भी सवाल उठे थे।
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सुषमा स्वराज, विदेश मंत्री
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ललित मोदी पत्नी के इलाज के लिए ब्रिटेन से पुर्तगाल जाना चाहते थे।
ट्रैवल डॉक्युमेंट्स दिलाने में सुषमा ने मदद की। पति स्वराज कौशल ललित के
वकील हैं। बेटी बांसुरी भी ललित के वकीलों की टीम में रहीं।
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सुषमा ने कई ट्वीट कर सफाई दी। कहा- ललित मोदी की मदद इंसानियत के
नाते की। गृह मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी बचाव में
आए।
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वसुंधरा राजे, राजस्थान की मुख्यमंत्री
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ललित की इमिग्रेशन अर्जी का वसुंधरा ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर समर्थन किया। सीक्रेट विटनेस बनीं।
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वसुंधरा ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की। संघ और भाजपा ने भी उनके बचाव में खुलकर कोई बयान नहीं दिया।
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दुष्यंत सिंह, वसुंधरा के बेटे
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मोदी ने 2013 में बेटे दुष्यंत सिंह की कंपनी के 6000 शेयर खरीदे।
मूल्य 10 रुपए था, लेकिन मोदी ने 96 हजार रुपए/शेयर चुकाए। बिना गारंटी के
दुष्यंत की कंपनी को 11 करोड़ रुपए का लोन भी दिया।
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दुष्यंत ने कहा- मेरी कंपनी का लेन-देन पूरी तरह कानूनी था। सरकार
पहले बचाव में दिखी। लेकिन बाद में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बयान दिया
कि दुष्यंत के मामले में जांच जारी है। उन्हें अभी क्लीन चिट नहीं मिली है।
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राकेश मारिया, मुंबई पुलिस कमिश्नर
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ललित मोदी से लंदन में जाकर मुलाकात क्यों की? जबकि उन पर ईडी के मामले चल रहे हैं।
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मारिया ने जवाब में कहा कि मोदी ने अंडरवर्ल्ड से खतरा होने का अंदेशा
जताया था। उनके वकील के जोर देने पर मुलाकात की। इस बारे में तत्कालीन गृह
मंत्री आर.आर. पाटिल को भी बताया था।
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कैसे सामने आया था मामला?
ब्रिटेन के अखबार द संडे टाइम्स के मुताबिक, जुलाई 2014 में ललित मोदी
ने पत्नी मीनल मोदी की पुर्तगाल में कैंसर सर्जरी से पहले विदेश मंत्री
सुषमा स्वराज से संपर्क किया। मोदी को ब्रिटेन से बाहर जाने की इजाजत नहीं
मिल रही थी। सुषमा ने ब्रिटेन स्थित भारतीय मूल के सांसद कीथ वाज से बात
की। उन्हें बताया कि अगर मोदी को ट्रैवल डॉक्युमेंट्स दिए जाते हैं, तो
इससे भारत-ब्रिटेन के संबंधों पर असर नहीं पड़ेगा। सुषमा की इसी मदद से
सरकार बैकफुट पर आ गई। जो सरकार एक साल तक बेदाग गवर्नेंस का प्रचार कर रही
थी, उसी की विदेश मंत्री पर किसी को अनुचित फायदा पहुंचाने का आरोप लग
गया।
ललित मोदी के खिलाफ फेमा की एक जांच पूरी
ललित मोदी के खिलाफ ईडी के 16 मामले चल रहे हैं। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग
केस में एक एफआईआर भी हुई है। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की एक
रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने आईपीएल के मीडिया राइट्स देने के 2009 के एक
मामले में मोदी के खिलाफ जांच पूरी कर ली है। जांच में पाया गया है कि
सिंगापुर की मल्टी स्क्रीन मीडिया सैटेलाइट (एमएसएम) कंपनी से वर्ल्ड
स्पोर्ट्स ग्रुप (डब्ल्यूएसजी) को 425 करोड़ रुपए का भुगतान करने को कहा
गया था। जबकि डब्ल्यूएसजी का बीसीसीआई से ऐसा कोई समझौता हुआ ही नहीं था।
लिहाजा, इसमें फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट का उल्लंघन हुआ है।
ललित मोदी के खिलाफ 5 और मामले, ईडी के 16 शो कॉज नोटिस
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शिकायत
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ललित मोदी पर आरोप
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13 जुलाई 2011 की शिकायत। इस पर ईडी ने एक नोटिस भेजा।
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आईएमजी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स मार्केटिंग एजेंसी को आईपीएल के कंसल्टेंट के रूप में नियुक्त किया। आरबीआई की मंजूरी के बिना ऐसा हुआ।
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17 नवंबर 2011 की शिकायत। इसे लेकर ईडी ने मोदी को 11 नोटिस भेजे।
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आईपीएल का दूसरा सीजन साउथ अफ्रीका में हुआ। लेकिन देश से बाहर
लेन-देन के लिए आरबीआई की मंजूरी नहीं ली गई। मोदी के अलावा श्रीनिवासन,
शशांक मनोहर जैसे बड़े पदाधिकारी भी इस मामले में आरोपी।
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16 फरवरी 2012। एक नोटिस भेजा गया।
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आरबीआई की मंजूरी के बिना आईपीएल में फॉरेन प्लेयर्स को गारंटी दी गई।
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22 अगस्त 2012। ललित मोदी को 2 नोटिस भेजे गए।
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विदेशी कंपनियों को ठेका देते वक्त उनसे विदेशी मुद्रा में परफॉर्मेंस डिपॉजिट लिया गया। इसमें भी आरबीआई की मंजूरी नहीं ली गई।
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19 जनवरी 2015। 1 नोटिस।
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सोनी को एक कॉन्ट्रैक्ट देते वक्त गारंटी ली गई। फेमा का उल्लंघन हुआ।
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