नई दिल्ली. विदेश मंत्री सुषमा स्वराज
द्वारा पाकिस्तान को लेकर दिखाए गए सख्त रुख के 24 घंटे के अंदर ही सीमा
पार से संघर्ष विराम का उल्लंघन किया गया है। रविवार रात से सोमवार दोपहर
तक पाकिस्तान की ओर से तीन बार भारतीय चौकियों पर फायरिंग की गई है। सोमवार
दोपहर हुई फायरिंग में भारतीय सेना का एक जवान घायल हुआ है। हालांकि
सोमवार को दोपहर में जब पाकिस्तान की ओर से तीसरी बार फायरिंग की गई और
इसमें भारतीय जवान घायल हुआ तब भारतीय सेना ने पाकिस्तान को इसका माकूल
जवाब दिया।
रविवार रात तीन बजे और फिर सोमवार सुबह छह और दोपहर बारह बजे फायरिंग
की गई। ये फायरिंग पुंछ के कृष्णा घाटी और हीरानगर सेक्टर में की गई। एक
टीवी चैनल के मुताबिक भारतीय सेना ने इसका जवाब नहीं दिया था लेकिन दोपहर
में हुई फायरिंग के बाद भारत ने मुंहतोड़ जवाब दिया। डिफेंस के पीआरओ ले.
कर्नल मनीष मेहता ने कहा, ''रविवार और सोमवार की दरमियानी रात पाकिस्तान की
ओर से फायरिंग की गई। पहली बार रात तीन बजे और दूसरी बार सुबह छह बजे।
सोमवार दोपहर 11.30 बजे हुई फायरिंग में बीएसएफ के एक जवान के दोनों पैरों
में गोलियां लगी हैं। उसे अस्पताल में एडमिट कराया गया है।'' इसके बाद
भारतीय सेना ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया तो पाक की ओर से फायरिंग रुक
गई। खबर लिखे जाने तक फायरिंग बंद थी। मेहता ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से
बिना किसी उकसावे के फायरिंग की गई थी।
सुषमा ने दी थी चेतावनी
भारतीय सैन्य सूत्रों के मुताबिक सीजफायर उल्लंघन के ये मामले पुंछ के
कृष्णागति सेक्टर में हुए। इसके पहले पिछले महीने भी पाकिस्तान की और से
जम्मू के आरएसपुरा में फायरिंग की गई थी। बता दें कि रविवार को भारतीय
सेना ने कुपवाड़ा जिले के तंगधार में तीन आतंकियों को ढेर कर दिया था।
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने रविवार को पाकिस्तान को लेकर सख्त रुख
दिखाते हुए कहा था कि अगर सीमा पर गोली चली तो चुप नहीं बैठेंगे। स्वराज ने
कहा, "पाकिस्तान से बातचीत हमने तीन सिद्धांतों पर की। पहला, हम सभी
मुद्दों का हल शांतिपूर्ण तरीके से हल करना चाहते हैं। दूसरा, बातचीत सिर्फ
भारत और पाकिस्तान के बीच होगी, कोई तीसरा पक्ष नहीं होगा। बातचीत की
बुनियाद अहिंसा की पृष्ठभूमि पर होगी।"
पिछले साल हुई थी 44 साल में सबसे भारी फायरिंग
पाकिस्तान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा 2313 किलोमीटर लंबी है। वहीं,
जम्मू कश्मीर में नियंत्रण रेखा 772 किलामीटर लंबी है। पिछले साल अगस्त के
बाद पाकिस्तान की भारी गोलीबारी के कारण एलओसी के आसपास के गांवों के 32
हजार लोगों को अपने घर छोड़कर जाना पड़ा था। 1971 के बाद यह पहला मौका था
जब अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर पाकिस्तान की तरफ से इतनी ज्यादा
गोलीबारी हुई थी।
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कितनी बार संघर्ष विराम उल्लंघन
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जम्मू में फायरिंग
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पुंछ में फायरिंग
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2013
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347
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93
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15
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2014
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562
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61
|
59
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*आंकड़े पीआईबी के मुताबिक
12 साल पहले हुआ था संघर्ष विराम समझौता
भारत-पाकिस्तान के बीच संघर्ष विराम समझौता नवंबर 2003 में हुआ था।
दोनों देशों के बीच यह तय हुआ था कि अंतरराष्ट्रीय सीमा और एलओसी पर
फायरिंग नहीं होगी। लेकिन पाकिस्तान ने हर साल कई-कई बार संघर्ष विराम का
उल्लंघन किया। इससे पहले 1949 में कराची एग्रीमेंट के बाद सीजफायर लागू हुआ
था। इसे 1972 के शिमला समझौते के वक्त एलओसी में तब्दील कर दिया गया। बाद
में वाजपेयी सरकार के वक्त 2003 में दोबारा सीजफायर लागू कराया गया।
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