Tuesday, 23 June 2015

ऑनलाइन पेमेंट के लिए होगा सरकारी “पेमेंट गेट-वे”, नहीं देना होगा सर्विस चार्ज


नई दिल्ली. सरकार देश में कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई सारी रियायतें देने की तैयारी कर रही है। इसके तहत सरकारी कंपनियों से बिना सर्विस चार्ज दिए खरीदारी करने से लेकर इनकम टैक्स में छूट देने तक की सौगात मिल सकती है। इसके अलावा सरकार अपने पेमेंट गेट-वे को भी बढ़ावा देने पर विचार कर रही है, जिससे कि गांव-गांव तक क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से खरीदारी को बढ़ावा दिया जा सके।
क्या है योजना
आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश में कालेधन पर लगाम कसने के लिए कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने की बात कही थी। इसी के तहत वित्त मंत्रालय ने मसौदा तैयार किया है। इसके तहत प्लास्टिक कार्ड से लेकर मोबाइल ऐप, एम-वैलेट, नेट बैंकिंग से होने वाली खरीददारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को कई तरह की सुविधाएं देने का प्रस्ताव मसौदे में किया गया है।
रेल टिकट, पेट्रोल पंप पर सर्विस चार्ज चार्ज नहीं
मसौदे में कहा गया है आईआरसीटीटी की वेबसाइट, पेट्रोल पंप से खरीदारी, गैस एजेंसी, आवश्यक कमोडिटी प्रोडक्ट की खरीदारी पर सर्विस चार्ज नहीं लेने की जरूरत है। अभी ग्राहकों को 14 फीसदी तक सर्विस चार्ज चुकाना पड़ता है। इसके अलावा छोटी खरीदारी पर एक फीसदी तक बिल पर डिसकाउंट देने की भी बात कही गई है।
सरकार का पेमेंट गेट-वे होगा अहम
इसके अलावा सरकार के सभी विभागों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए “PayGov India” का इस्तेमाल करने की भी बात कही गई है। इसके तहत रेवेन्यू फीस, पेनॉल्टी आदि लेने पर फोकस होगा। जिससे कि शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दिया जा सके। इसमें जनधन के तहत जारी किए गए रूपे कार्ड की अहम भूमिका होगा। अभी तक 13 करोड़ से ज्यादा रूपेकार्ड जारी किए जा चुके हैं।
सरकार की आयकर में छूट देने की योजना
सरकार इसी तरह आयकर में छूट देने की भी योजना बना रही है। इसके तहत डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट लेने वाला दुकानदारों को आयकर में छूट दने का प्रावधान किया जा सकता है। साथ ही सरकार एक निश्चित सीमा तक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने पर टैक्स छूट का लाभ आम उपभोक्ताओं को दे सकती है।

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