जकार्ता. इंडोनेशिया में मंगलवार सुबह एक मिलिट्री प्लेन मेदान
शहर के रिहाइशी इलाके में क्रैश हो गया। इस घटना में 43 लोगों की मौत हो
गई। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, हरक्यूलस प्लेन की चपेट में शहर के दो घर
और एक कार आ गई, जिसके बाद उसमें धमाका हो गया। हादसे के कुछ देर पहले ही
शहर के एयरपोर्ट से प्लेन ने उड़ान भरी थी।
मेदान शहर में दस साल के भीतर तीसरी बार कोई प्लेन क्रैश हुआ है। इससे
पहले, सितंबर 2005 में बोइंग 737 भी क्रैश हुआ था। इसमें143 लोगों की मौत
हुई थी। इसके बाद, 2009 में एक मिलिट्री एयरक्राफ्ट मेदान शहर में क्रैश
हुआ था।
एक स्थानीय निवासी ने बताया, ''मैंने देखा, प्लेन एयरपोर्ट की तरफ से आ
रहा था और हवा में इधर-उधर हिलते हुए नीचे गिर गया। इसके बाद इलाके में
केवल धुआं-धुआं था।''
इंडोनेशिया में पहले भी हुए हैं हादसे
2009 में इंडोनेशिया की मिलिट्री का ट्रांसपोर्ट प्लेन सेना और उनके
परिवार वालों को लेकर जा रहा था, जो जावा में क्रैश हो गया। इसमें 98 लोग
मारे गए थे। इसके अलावा, जकार्ता के पूर्वी इलाके में 2012 में इंडोनेशियन
एयरफोर्स का एक विमान रिहाइशी इमारत पर क्रैश हो गया था, जिसमें 9 लोग मारे
गए थे।
इंडोनिशया में बदतर है एयर सेफ्टी रिकॉर्ड?
इंडोनेशिया में एयरवर्दीनेस 61% है। यानी यहां सेफ फ्लाइट की संभावना
आधे से ही कुछ ज्यादा है। इंडोनिशयाई सरकार का 2014 का एयर ऑडिट कहता है कि
देश एयर सेफ्टी के मामले में लाओस और म्यांमार जैसे छोटे देशों से भी पीछे
है। 17 हजार छोटे द्वीपों वाले इस देश में यात्री विमान हों या सेना के
विमान, सस्ते एयरोप्लेन का इस्तेमाल किया जाता है। इस वजह से यहां एयर
ट्रेवल करने वालों के प्लेन हादसे में मारे जाने की आशंका ज्यादा रहती है।
अमेरिका से 25 गुना ज्यादा मौतें इंडोनेशिया के हवाई हादसों में
मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के स्टेटिस्टिशियन अनॉर्ल्ड
बर्नेट ने दिसंबर 2014 की अपनी स्टडी में बताया कि साउथ एशिया में हर 1.1
करोड़ एयर ट्रेवलर्स में से एक व्यक्ति विमान हादसों का शिकार होता है।
जबकि इंडोनेशिया में हर एक लाख एयर पैसेंजर्स पर एक यात्री की मौत हादसों
में हो रही है। यह रेट अमेरिका की तुलना में 25 गुना ज्यादा है। इंडोनेशिया
के खराब एयर सेफ्टी रिकॉर्ड के चलते यहां इंश्योरेंस कंपनियां एयरलाइंस से
ग्लोबल एवरेज के मुकाबले दोगुना प्रीमियम चार्ज करती हैं। यूरोपियन यूनियन
ने इंडोनेशिया की 62 कंपनियों के विमानों के यूरोप के ऊपर से उड़ने पर रोक
लगा रखी है।
क्या हैं इंडोनेशिया में खराब एयर सेफ्टी के कारण?
- रिसर्चर अनॉर्ल्ड बर्नेट के मुताबिक इंडोनेशिया में तजुर्बेकार
पायलटों की कमी है। ऐसा सिर्फ पैसेंजर एयरलाइंस के साथ नहीं है। आर्मी और
एयरफोर्स भी अच्छे पायलटों की कमी से जूझ रहे हैं।
- इंडोनेशिया में 17 हजार छोटे द्वीप और उन पर मौजूद पहाड़ भी लैंडिंग या टेक ऑफ के समय हादसों की आशंका को बढ़ा देते हैं।
एयर एशिया विमान हादसे में भी हुई थीं 162 मौतें
पिछले साल दिसंबर में एयर एशिया का प्लेन दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद
जावा के समुद्र में जा गिरा था। यह प्लेन इंडोनेशिया के सुरबाया से
सिंगापुर जा रहा था। इस पर सवार 162 लोगों की मौत हो गई थी। एयर एशिया और
मलेशियन एयरलाइंस के विमानों सहित 2014 में कई बड़े विमान हादसे हुए। इनमें
1050 यात्रियों की मौत हुई। हालांकि इस मामले में सबसे ज्यादा
दुर्भाग्यशाली वर्ष 1972 था। तब हवाई हादसों में 2429 लोगों की मौत हुई थी।
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