रेल यात्री अगले 35 दिनों तक संबंधित ट्रेन की जानकारी लेने के बाद
ही अपने घर से रेलवे स्टेशन के लिए निकलें। मध्य प्रदेश के इटारसी स्टेशन
का सिग्नल सिस्टम (आरआरआई) फेल होने के कारण समूचे भारत में रेलवे का ट्रेन
परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
देश के पूर्व-पश्चिम दिशा की ट्रेनें बड़ी संख्या में रद कर दी गईं हैं। वहीं, उत्तर-दक्षिण दिशा की ट्रेनों का मार्ग बदलकर चलाया जाएगा। इससे यात्री ट्रेनें 6-10 घंटे की देरी से गंतव्य पहुंचेगी।
रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गत दिवस आग लगने से मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन का रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई) सिस्टम जलकर खाक हो गया। रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात अजय शुक्ला ने पत्रकारों को बताया कि आग लगने से पैनल व प्वाइंट्स को जोड़ने वाली वायरिंग जल गई है। इसकी मरम्मत में कम से कम 35 दिन का समय लगेगा। इसलिए आगामी 22 जुलाई से पहले ट्रेनों का परिचालन पटरी पर आने की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें तीन से छह माह का वक्त लगेगा। अजय शुक्ला ने बताया कि नया पैनल लगाने की स्थिति में अधिकतम आठ माह का समय लग सकता है।
उन्होंने बताया कि इटारसी भारतीय रेलवे का सबसे महत्वपूर्ण व मध्य में रेलवे स्टेशन है। यहां से देश की चारो ओर जाने वाली ट्रेनों का आवागमन होता है। इटारसी से हर रोज लगभग 150 यात्री ट्रेनें व 60 मालगाड़ियां गुजरती हैं। 22 जुलाई तक 70 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें रद रहेंगी। जबकि दो दर्जन मालगाड़ियों का परिचालन संभव होगा। उत्तर-दक्षिण दिशा की ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया जाएगा। जानकारों के मुताबिक अगले 35 दिनों में 2500 ट्रेनें रद होंगी और 5000 ट्रेनें होंगी प्रभावित।
रेलवे बोर्ड सदस्य यातायात अजय शुक्ला ने बताया कि ट्रेनों के रद होने की जानकारी यात्रियों को 48 घंटे पहले दी जाएगी। यात्री रेलवे पूछताछ सेवा 139 से इसकी जानकारी कर सकते हैं। इसके अलावा विज्ञापनों के जरिए लोगों को सूचना दी जाएगी। टिकट रद कराने के लिए स्टेशनों पर विशेष व्यवस्था की गई है।
देश के पूर्व-पश्चिम दिशा की ट्रेनें बड़ी संख्या में रद कर दी गईं हैं। वहीं, उत्तर-दक्षिण दिशा की ट्रेनों का मार्ग बदलकर चलाया जाएगा। इससे यात्री ट्रेनें 6-10 घंटे की देरी से गंतव्य पहुंचेगी।
रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गत दिवस आग लगने से मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन का रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई) सिस्टम जलकर खाक हो गया। रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात अजय शुक्ला ने पत्रकारों को बताया कि आग लगने से पैनल व प्वाइंट्स को जोड़ने वाली वायरिंग जल गई है। इसकी मरम्मत में कम से कम 35 दिन का समय लगेगा। इसलिए आगामी 22 जुलाई से पहले ट्रेनों का परिचालन पटरी पर आने की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें तीन से छह माह का वक्त लगेगा। अजय शुक्ला ने बताया कि नया पैनल लगाने की स्थिति में अधिकतम आठ माह का समय लग सकता है।
उन्होंने बताया कि इटारसी भारतीय रेलवे का सबसे महत्वपूर्ण व मध्य में रेलवे स्टेशन है। यहां से देश की चारो ओर जाने वाली ट्रेनों का आवागमन होता है। इटारसी से हर रोज लगभग 150 यात्री ट्रेनें व 60 मालगाड़ियां गुजरती हैं। 22 जुलाई तक 70 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें रद रहेंगी। जबकि दो दर्जन मालगाड़ियों का परिचालन संभव होगा। उत्तर-दक्षिण दिशा की ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया जाएगा। जानकारों के मुताबिक अगले 35 दिनों में 2500 ट्रेनें रद होंगी और 5000 ट्रेनें होंगी प्रभावित।
रेलवे बोर्ड सदस्य यातायात अजय शुक्ला ने बताया कि ट्रेनों के रद होने की जानकारी यात्रियों को 48 घंटे पहले दी जाएगी। यात्री रेलवे पूछताछ सेवा 139 से इसकी जानकारी कर सकते हैं। इसके अलावा विज्ञापनों के जरिए लोगों को सूचना दी जाएगी। टिकट रद कराने के लिए स्टेशनों पर विशेष व्यवस्था की गई है।
No comments:
Post a Comment