Tuesday, 30 June 2015

हेलमेट की अहमियत समझाने जमीन पर आए भगवान गणेश और यम

मदुरै।  तमिलनाडु में दो पहिया वाहन चालकों के लिए हेलमेट पहनने के नियम की अनिवार्यता कल से लागू हो जाएगी और ऐसे में सरकार लोगों में हेलमेट पहनने  संबंधी जागरकता पैदा करने के लिए भगवान गणेश और मृत्यु के देवता यम की मदद ले रही है। कांचीपुरम में क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय ने एक फ्लेक्स बोर्ड लगाया है जिसमें भगवान गणेश यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि आपको मेरी तरह सिर नहीं मिलेगा, हेलमेट पहनिए और अपने सिर की रक्षा कीजिए। 
फेसबुक और व्हाट्सऐप जैसी सोशल मीडिया साइटों पर फ्लेक्स बोर्ड की यह फोटो वायरल हो गई है। पौराणिक कथा के अनुसार भगवान गणेश ने भगवान शिव को उनकी पत्नी पार्वती से मिलने नहीं दिया था जिसके बाद भगवान शिव ने गुस्से में आकर अपने पुत्र गणेश का सिर काट दिया था लेकिन बाद में उन्होंने एक हाथी का सिर प्रत्यारोपित कर दिया था। मदुरै में आरटीओ अधिकारियों ने भी हेलमेट की महत्ता दर्शाने के लिए एक दिलचस्प तरीका चुना है। वहां कुछ लोग भगवान यम का वेश बनाकर मुख्य स्थानों पर नुक्कड़ नाटक कर रहे हैं।
मदुरै उच्च न्यायालय ने हेलमेट न पहनने के कारण हुई मौतों पर चिंता जाहिर की थी जिसके बाद सरकार ने घोषणा की थी कि एक जुलाई से दोपहिया वाहन चालकों और वाहन पर पीछे बैठने वालों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य होगा। अदालत ने सरकार को इस संबंध में लोगों के बीच जागरकता पैदा करने को कहा था जिसके मद्देनजर अधिकारियों ने ऐसी मुहिम शुरू की हैं जो सब का ध्यान अपनी ओर खींच रही हैं।
परिवहन अधिकारियों ने बताया कि बड़े स्तर पर मुहिम शुरू की गई है क्योंकि सरकार चाहती है कि लोग इस बात को समझें कि हेलमेट पहनना उनके लिए कितना जरूरी है। अदालत द्वारा हस्तक्षेप करने और आठ जून को कड़ा आदेश सुनाने से पहले पुलिस हेलमेट पहनने पर अधिक जोर नहीं देती थी।

दबाव में ट्रटने के बजाय मरना पसंद करूंगा : शाहरुख खान

मुंबई : बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान का कहना है कि वे दबाव में सबसे अच्छा काम करते हैं।
शाहरुख ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘मैं महसूस करता हूं कि जब किसी प्रक्रार का दबाव नही होता है तो जीवन आलसी हो जाता है। जब आप कुछ नया करने की कोशिश करते हैं तो आप असफल होते हैं..जब आप असफल होते हैं तो आपको बुरा लगता है.लेकिन आपको प्रयास जारी रखना है और दबाव में टूटना नही है।’
शाहरुख ने कल रात लग्जरी घड़ी के ब्रांड टैग ह्युअर के एक कार्यक्रम में बताया कि मेरे जीवन में कई बार बुरे क्षण आए जब मेरी स्थिति खराब हुई, लेकिन मैं कभी भी दबाव में नही टूटता। ऐसा हो सकता कि इसके कारण एक दिन मैं मर जाउं लेकिन मैं दबाव में नही टूटूंगा।

महाराष्ट्र सरकार में घोटालों के मुद्दे पर गुटबाजी, शिवसेना ने भी पंकजा-तावड़े से इस्तीफे की मांग की

महाराष्ट्र में एक के बाद एक कथित घोटाले सामने आने से जहां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की नेतृत्व वाली भाजपा सरकार परेशान है वहीं इन घोटालों के मुद्दे पर गुटबाजी भी उभर कर सामने आने लगी है।

इस गुटबाजी की वजह से 206 करोड़ रूपए के चिक्की घोटाले के आरोप में कथित रूप से घिरी राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री पंकजा मुंडे अलग-थलग दिख रही हैं जबकि 191 करोड़ रूपए के अग्निशमन यंत्र की खरीदी के ठेके की मंजूरी देने के मामले में अनियमितता के आरोप का सामने करने वाले राज्य के शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े के बचाव में वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार और सहकारिता मंत्री चंद्रकांत पाटील खुलकर आगे आए हैं।

इधर सरकार में शामिल शिवसेना के सांसद अरविंद सावंत ने  घोटालों के आरोपों में घिरे पंकजा और तावड़े से इस्तीफे की मांग की और बेदाग साबित करने के लिए जांच के सामने आने के लिए कहा है।

भाजपा के दिग्गज नेता दिवंगत गोपीनाथ मुंडे की बेटी और मंत्री पंकजा का नाम कथित घोटाले में तब उछला जब वह विदेश में थीं। मंगलवार को वह मुंबई लौटीं और एयरपोर्ट के बाहर अपना शक्ति प्रदर्शन किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं के सामने खुद को बेदाग बताया।

वह मीडिया के सामने बुधवार को आएंगी और अपना पक्ष रखेंगी। लेकिन अग्निशमन यंत्र के मामले में तावड़े का नाम जैसे ही उछला तो राज्य के दो मंत्री पाटील और मुनगंटीवार ने उनके साथ प्रेस कांफ्रेंस करके सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्णय करने की प्रक्रिया में कोई अनियमितता नहीं हुई और एक पैसे का भी घोटाला नहीं हुआ है।

तावड़े की तरह सरकार के किसी मंत्री ने पंकजा का बचाव नहीं किया है। अलबत्ता पंकजा ने ब्लॉग के जरिए अपनी सफाई दी थी। इस बीच मुख्यमंत्री ने आरोप लगाने वाली पार्टी कांग्रेस से सबूत देने की बात कही। इसके बाद मंगलवार को कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन सावंत ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को एक हजार पन्नों के सबूत पेश किए और जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पंकजा से इस्तीफे की भी मांग की है।

उधर सरकार में एकजुटता नहीं होने के सवाल पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रावसाहेब दानवे ने सफाई दी है कि राज्य सरकार एकजुट होकर काम कर रही है और मंत्रियों के बीच कोई विवाद नहीं है।

सीरिया में आईएस ने पहली बार दो महिलाओं का सिर कलम किया

बेरुत : सीरिया में इस्लामिक स्टेट समूह ने जादू-टोना के आरोप में दो महिलाओं का सिर कलम कर दिया। सीरिया में इस तरह से पहली बार महिलाओं को मौत की सजा दी गई है। द सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स मॉनिटर ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
संस्था प्रमुख रामी अब्दुल रहमान ने बताया कि इस्लामिक स्टेट समूह ने डेर इज्जोर प्रांत में दो महिलाओं का सिर कलम कर दिया और समूह द्वारा इस तरीके से महिलाओं को मारने के बारे में संस्था को पहली बार जानकारी मिली है। ब्रिटेन स्थित संस्था ने बताया कि सोमवार और रविवार को इन्हें मारा गया और जिसमें दो दंपति शामिल थे। दोनों मामलों में, महिलाओं को उनके पति के साथ मारा गया और दोनों दंपति पर ‘जादू-टोना’ का आरोप लगाया गया था।
इस्लामिक स्टेट समूह वीभत्स तरीके से मौत की सजा देने के लिए बदनाम है और व्यभिचार के आरोपों में महिलाओं को पत्थर से मारने की सजा दी जाती है। लेकिन संस्था ने बताया कि उसे पहली बार महिलाओं का सिर कलम करने के बारे में पता चला।

बांग्‍लादेश में टीम इंडिया का 'सिर मुंडकर' उडाया जा रहा है मजाक, देखें वीडियो


नयी दिल्ली : बांग्लादेश में भारतीय क्रिकेट के खिलाफ वनडे श्रृंखला जीतने का जश्‍न अभद्र तरीके से मनाया जा रहा है. अपने देश के क्रिकेटरों को हीरो और भारतीय खिलाडियों को निचा दिखाया जा रहा है. बांग्‍लादेश के एक अखबार ने भारतीय क्रिकेट टीम के प्रति अनादर दिखाते हुए एक विज्ञापन प्रकाशित किया है जिसमें सात भारतीय क्रिकेटरों के सिर आधे मुड़े हुए हैं.
इस विज्ञापन में एकदिवसीय मैचों में भारतीय बल्लेबाजी क्रम को तहस नहस करने वाले बांग्लादेशी युवा तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को एक फर्जी 'कटर' का विज्ञापन करते हुए दिखाया गया है जो उनके 'आफ कटर' का परिचायक है.
भारतीय खिलाडियों ने एक बैनर पकडा हुआ है जिस पर अंकित है 'हम लोगों ने इसका प्रयोग कर लिया है. आप भी इसक प्रयोग कर सकते हैं.' इस बैनर के साथ आधे मुडे खिलाडियों में कप्तान महेन्द्र सिंह धौनी, आजिंक्य रहाणे, रोहित शर्मा, विराट कोहली, रविंद्र जडेजा, शिखर धवन और आर अश्विन को दिखाया गया है.
गौरतलब हो बांग्‍लादेश में एक टेस्‍ट और तीन वनडे मैच की श्रृंखला खेलने गयी टीम इंडिया का प्रदर्शन काफी खराब रहा था. टेस्‍ट मैच तो ड्रॉ रहा, लेकिन वनडे में टीम इंडिया को बांग्‍लादेश के खिलाफ 2-1 से श्रृंखला गंवानी पड़ी थी. इसके बाद से टीम इंडिया की चौतरफा आलोचना की जानी लगी थी.
महेंद्र सिंह धौनी की कप्‍तानी पर भी सवाल उठाये गये. कई पूर्व खिलाडियों ने तो उन्‍हें कप्‍तानी छोड़ देने की सलाह भी दे डाली. हालांकि सुनील गावस्‍कर,सौरव गांगुली जैसे दिग्‍गज खिलाडियों ने धौनी की कप्‍तानी की प्रसंशा करते हुए उनकी आलोचना को गलत बताया.

सनी देओल की विवादित फिल्म मोहल्ला अस्सी' की रिलीज पर रोक


सनी देओल
फिल्म 'मोहल्ला अस्सी' के आपत्तजिनक ट्रेलर के रिलीज के बाद यह फिल्म लगातार विवादों में बनी हुई है. हाल ही में इस फिल्म के खिलाफ अर्जी दायर करने के बाद दिल्ली के तीस हजारी कोर्ट ने इस फिल्म पर रोक लगा दी है.इस फिल्म के खिलाफ दायर की गई याचिका में लिखा गया है कि इस फिल्म में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई है. इस याचिका के मद्देनजर तीसहजारी कोर्ट ने मंगलवार को फिलहाल इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी है. इस फिल्म में एक्टर सनी देओल , रवि किशन और साक्षी तंवर अहम किरदार अदा कर रहे हैं.
इसके अलावा इस फिल्म के खिलाफ मुजफ्फरपुर कोर्ट में भी मुकदमा दर्ज किया गया है. यही नहीं इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने भी इस फिल्म की झलकियों को लेकर सेंसर बोर्ड को नोटिस जारी किया है.
'मोहल्ला अस्सी' काशीनाथ सिंह के हिंदी उपन्यास 'काशी का अस्सी' पर आधारित है. फिल्म के लीक हुए ट्रेलर में भगवान शिव का भेष धरे एक व्यक्ति को गाली देते दिखाया गया है. हालांकि फिल्म के डायरेक्टर चंद्रप्रकाश द्विवेदी ने कहा था कि उनकी फिल्म का गलत प्रचार करने की कोशि‍श की जा रही है.

थरूर का पॉलीग्राफ टेस्ट कराने को अर्जी लगाएगी एसआइटी -

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : सुनंदा पुष्कर हत्या मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआइटी) ने उनके पति पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर का भी पॉलीग्राफ टेस्ट कराने का निर्णय लिया है। एसआइटी जांच की अनुमति के लिए एक सप्ताह के अंदर पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी लगाएगी। कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद ही थरूर का पॉलीग्राफ टेस्ट होगा। इस प्रक्रिया में करीब एक महीने का वक्तलग सकता है।
सूत्रों की मानें तो थरूर अभी यूरोप में है। इस हफ्ते में दिल्ली लौटने की संभावना है। उसके बाद ही एसआइटी कोर्ट में अर्जी लगाएगी। एसआइटी अब तक छह संदिग्ध लोगों का पॉलीग्राफ टेस्ट करा चुकी है। इनमें शशि थरूर का चालक बजरंगी, उनका घरेलू सहायक नारायण, दो दोस्त डॉक्टर संजय दिवान व सुनील टाकरू, पीए राकेश कुमार शर्मा व ओएसडी शिव कुमार प्रसाद शामिल हैं। एसआइटी ने जांच रिपोर्ट कोर्ट को सौंप दी है।
इस मसले पर पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी कई बार कह चुके हैं कि एसआइटी जिस संदिग्ध से जांच करना जरूरी समझेगी, जांच की जाएगी। माना जा रहा है कि दो महीने के भीतर दिल्ली पुलिस अंतिम खुलासा कर देगी। पिछले छह महीने में एसआइटी हर पहलुओं पर विस्तृत तरीके से जांच कर चुकी है। लंदन से सुनंदा की विसरा रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है। एसआइटी उन्हीं का पॉलीग्राफ टेस्ट करा रही है, जिनसे बार-बार पूछने पर भी घटना की सत्यता के बारे में जानकारी नहीं मिल पाई। उनके कई झूठ पकड़े गए हैं।
गौरतलब है कि शशि थरुर की सुनंदा पुष्कर से वर्ष 2010 में शादी हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही थरूर का पाकिस्तान की पत्रकार मेहर तरार से प्रेम संबंध को लेकर सुनंदा से झगड़ा होने लगा था। मारपीट होने के साथ ही बात काफी आगे तक बढ़ गई थी। 17 जनवरी 2014 की शाम सुनंदा का शव चाणक्यपुरी स्थित होटल लीला पैलेस के कमरा नंबर-345 में मिला था। मामले में पुलिस ने करीब एक साल बाद 1 जनवरी 2015 को अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया था।

राहत: पेट्रोल 31 पैसे, डीजल 71 पैसे सस्ता

जनता को महंगाई से राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल के दाम घटाए गए हैं। पेट्रोल 31 पैसे प्रति लीटर और डीजल 71 पैसे प्रति लीटर सस्ता हो गया है। यह खबर तब आई है, जब आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव रखा है कि कुछ चीजों पर वैट (VAT) 20 फीसदी से बढ़ाकर 30 फीसदी कर दिया जाए।

दिल्ली में वैट बढ़ाने पर पेट्रोल के दाम 8 रुपये प्रति लीटर और डीजल के दाम 9 रुपये प्रति लीटर बढ़ सकते हैं। राहत भरी बात है कि देशभर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम कर दी गईं हैं।


बीते सोमवार को दिल्ली सरकार के बजट के बाद जानकार वैट बढ़ाने के इरादे के तौर पर देख रहे हैं। फिलहाल दिल्ली में पेट्रोल पर 20% और डीजल पर 12.5% वैट है। कई राज्यों में पेट्रोल पर वैट की दरें 25 से 30% के बीच हैं।

धौलपुर महल विवाद: BJP का कांग्रेस पर पलटवार, पेश किया 1965 का दस्तावेज

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के धौलपुर हाउस के कथित मालिकाना हक को लेकर विवाद हो गया है. राजस्थान बीजेपी ने कांग्रेस नेता जयराम रमेश के आरोपों के जवाब में नया दस्तावेज पेश किया है.
जयराम रमेश के आरोपों के बाद राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष अशोक परनामी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में 1965 का एक दस्तावेज पेश किया जिसके मुताबिक भारत सरकार ने धौलपुर हाउस महाराजा हेमंत सिंह के नाम कर दिया था.
अशोक परनामी ने कहा, '1965 के इस दस्तावेज के सामने 1949 का वह दस्तावेज कहां टिकता है जो जयराम रमेश दिखा रहे थे.' बीजेपी नेता राजेंद्र राठौड़ ने इस मामले में जयराम रमेश को बहस करने की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मामले में टुकड़ों में दस्तावेज दिखा रही है जो मानहानि करते हैं. उन्होंने कहा कि अगर वह गलत निकले तो इस्तीफा देने को तैयार हैं.
जयराम ने दिखाया पुराना दस्तावेज?
अशोक परनामी ने कहा कि जयराम ने 1949 का रिकॉर्ड दिखाया है, जबकि दिसंबर 1956 में सरकार ने हेमंत सिंह को राजा के रूप में मान्यता दी थी. 22 नवंबर 1958 को धौलपुर पैलेस के बदले कैसरबाग पैलेस की अदला-बदली हुई थी. 2010 में केंद्र और राज्य दोनों जगह कांग्रेस सरकारें थीं और नेशनल हाईवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने दुष्यंत को मुआवजा दिया. 2013 में कांग्रेस ने कहा कि दो लोगों ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की है तब भी कांग्रेस केंद्र में थी. बीजेपी नेता ने कहा, 'हम सीबीआई जांच के लिए तैयार हैं.'
जयराम रमेश ने लगाया है आरोप
गौरतलब है कि कांग्रेस नेता जयराम नरेश ने मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस करके कुछ दस्तावेज पेश किए थे और उनके हवाले से दावा किया था कि धौलपुर महल राजस्थान सरकार की संपत्ति है. उन्होंने कहा, 'दुष्यंत सिंह ने उस महल के एवज में महज 2 करोड़ रुपये का मुआवजा लिया था. यह नंबर वन घोटाला है. इसकी जांच की जानी चाहिए.'

रमेश ने कहा कि कई सारे सबूत होने के बाद भी बीज्पी उस महल पर दुष्यंत के मालिकाना हक को साबित करने की कोशिश कर रही है.

91 हजार रु. के बिल पर केजरीवाल की सफाई- घर नहीं, दफ्तर में खर्च हुई बिजली

नई दिल्ली. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के सरकारी घर का अप्रैल-मई महीने में बिजली बिल 91 हजार रुपए आया है। सीएम का घर दिल्ली के सिविल लाइंस में स्थित है। मीडिया में खबर आते ही केजरीवाल सरकार ने सफाई देते हुए कहा है कि यह बिल केजरीवाल के घर नहीं बल्कि उनके दफ्तर का है।
केजरीवाल सरकार की सफाई- जनता के लिए लगाए हैं एसी-कूलर
केजरीवाल के मीडिया सलाहकार नगेंद्र शर्मा ने कहा है, ''यह प्रचारित करना कि ये केजरीवाल के घर का बिल है बिल्कुल झूठ है। इस बिल में कैंप ऑफिस में लगने वाले जनता दरबार हॉल और घर का बिल शामिल है।'' दिल्ली सरकार ने एक प्रेस रिलीज के जरिए बताया है कि केजरीवाल का सरकारी आवास दो हिस्सों में बंटा है। एक हिस्से में सीएम परिवार के साथ रहते हैं और दूसरा हिस्सा उनके दफ्तर के रूप में इस्तेमाल होता है। दावा किया गया है कि घर का बिजली का बिल प्रति महीने 10-15 हजार रुपए रहता है, जबकि बाकी बिल दफ्तर में यूज होने वाली बिजली का है। आप ने यह भी सफाई देने की कोशिश की है कि दफ्तर में केजरीवाल जनता के लिए काम करते हैं और वहां जो एसी-कूलर लगाए गए हैं वो जनता के लिए लगे हैं।
आरटीआई में हुआ खुलासा
एक आरटीआई के जवाब में केजरीवाल के घर के बिजली बिल का खुलासा हुआ है। वकील और आरटीआई एक्टिविस्ट विवेक गर्ग द्वारा मांगी गई आरटीआई के जवाब में दिल्ली सरकार के जनरल एडमिनिस्ट्रेशन डिपार्टमेंट ने केजरीवाल के घर के बिजली बिल की जानकारी दी है। जवाब के साथ 91 हजार रुपए के बिजली बिल की कॉपी भी भेजी है।
बीजेपी का दावा- एक लाख से ज्यादा है बिल
केजरीवाल के घर के बिजली बिल को लेकर दिल्ली बीजेपी ने आप सरकार पर निशाना साधा है। बीजेपी का दावा है कि केजरीवाल के सरकारी घर का बिजली बिल 91 हजार नहीं, एक लाख रुपए से ज्यादा है। दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता प्रवीण कपूर ने कहा, ''दिल्ली के मुख्यमंत्री के घर का बिजली बिल 91 हजार नहीं, बल्कि 1 लाख रुपए से ज्यादा है। हम चाहते हैं कि आप के सभी मंत्रियों के घरों-दफ्तरों के बिजली बिल को सार्वजनिक किया जाए।'' बीजेपी ने दावा किया है कि दिल्ली के सीएम आवास पर बिजली के दो मीटर लगे हैं। एक मीटर से 55 हजार और दूसरे मीटर से 48 हजार (कुल 103000 रु) का बिल आया है। हालांकि, आरटीआई में दो महीने का बिजली बिल 91 हजार बिल होने की जानकारी दी गई है।
आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा- 30-32 एसी का इस्तेमाल करते हैं केजरीवाल
बीजेपी की आरटीआई सेल से जुड़े विवेक गर्ग ने कहा है कि जब केजरीवाल बेंगलुरू से अपना इलाज करा कर लौटे और नए घर में शिफ्ट हुए तो उन्होंने कहा था कि उनके बंगले से सभी एसी हटाए जाएं। वे एसी का इस्तेमाल नही करना चाहते हैं। गर्ग ने कहा कि सच्चाई ये है वे 30 से 32 एसी का इस्तेमाल करते हैं। ये एक भद्दा मजाक है और जनता के पैसे का दुरुपयोग किया जा रहा है।

इंडोनेशियाः शहर के रिहाइशी इलाके में क्रैश हुआ मिलिट्री प्लेन, 43 की मौत

जकार्ता. इंडोनेशिया में मंगलवार सुबह एक मिलिट्री प्लेन मेदान शहर के रिहाइशी इलाके में क्रैश हो गया। इस घटना में 43 लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, हरक्यूलस प्लेन की चपेट में शहर के दो घर और एक कार आ गई, जिसके बाद उसमें धमाका हो गया। हादसे के कुछ देर पहले ही शहर के एयरपोर्ट से प्लेन ने उड़ान भरी थी।
मेदान शहर में दस साल के भीतर तीसरी बार कोई प्लेन क्रैश हुआ है। इससे पहले, सितंबर 2005 में बोइंग 737 भी क्रैश हुआ था। इसमें143 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद, 2009 में एक मिलिट्री एयरक्राफ्ट मेदान शहर में क्रैश हुआ था।
एक स्थानीय निवासी ने बताया, ''मैंने देखा, प्लेन एयरपोर्ट की तरफ से आ रहा था और हवा में इधर-उधर हिलते हुए नीचे गिर गया। इसके बाद इलाके में केवल धुआं-धुआं था।''
इंडोनेशिया में पहले भी हुए हैं हादसे
2009 में इंडोनेशिया की मिलिट्री का ट्रांसपोर्ट प्लेन सेना और उनके परिवार वालों को लेकर जा रहा था, जो जावा में क्रैश हो गया। इसमें 98 लोग मारे गए थे। इसके अलावा, जकार्ता के पूर्वी इलाके में 2012 में इंडोनेशियन एयरफोर्स का एक विमान रिहाइशी इमारत पर क्रैश हो गया था, जिसमें 9 लोग मारे गए थे।
इंडोनिशया में बदतर है एयर सेफ्टी रिकॉर्ड?
इंडोनेशिया में एयरवर्दीनेस 61% है। यानी यहां सेफ फ्लाइट की संभावना आधे से ही कुछ ज्यादा है। इंडोनिशयाई सरकार का 2014 का एयर ऑडिट कहता है कि देश एयर सेफ्टी के मामले में लाओस और म्यांमार जैसे छोटे देशों से भी पीछे है। 17 हजार छोटे द्वीपों वाले इस देश में यात्री विमान हों या सेना के विमान, सस्ते एयरोप्लेन का इस्तेमाल किया जाता है। इस वजह से यहां एयर ट्रेवल करने वालों के प्लेन हादसे में मारे जाने की आशंका ज्यादा रहती है।
अमेरिका से 25 गुना ज्यादा मौतें इंडोनेशिया के हवाई हादसों में
मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के स्टेटिस्टिशियन अनॉर्ल्ड बर्नेट ने दिसंबर 2014 की अपनी स्टडी में बताया कि साउथ एशिया में हर 1.1 करोड़ एयर ट्रेवलर्स में से एक व्यक्ति विमान हादसों का शिकार होता है। जबकि इंडोनेशिया में हर एक लाख एयर पैसेंजर्स पर एक यात्री की मौत हादसों में हो रही है। यह रेट अमेरिका की तुलना में 25 गुना ज्यादा है। इंडोनेशिया के खराब एयर सेफ्टी रिकॉर्ड के चलते यहां इंश्योरेंस कंपनियां एयरलाइंस से ग्लोबल एवरेज के मुकाबले दोगुना प्रीमियम चार्ज करती हैं। यूरोपियन यूनियन ने इंडोनेशिया की 62 कंपनियों के विमानों के यूरोप के ऊपर से उड़ने पर रोक लगा रखी है।
क्या हैं इंडोनेशिया में खराब एयर सेफ्टी के कारण?
- रिसर्चर अनॉर्ल्ड बर्नेट के मुताबिक इंडोनेशिया में तजुर्बेकार पायलटों की कमी है। ऐसा सिर्फ पैसेंजर एयरलाइंस के साथ नहीं है। आर्मी और एयरफोर्स भी अच्छे पायलटों की कमी से जूझ रहे हैं।
- इंडोनेशिया में 17 हजार छोटे द्वीप और उन पर मौजूद पहाड़ भी लैंडिंग या टेक ऑफ के समय हादसों की आशंका को बढ़ा देते हैं।
एयर एशिया विमान हादसे में भी हुई थीं 162 मौतें
पिछले साल दिसंबर में एयर एशिया का प्लेन दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद जावा के समुद्र में जा गिरा था। यह प्लेन इंडोनेशिया के सुरबाया से सिंगापुर जा रहा था। इस पर सवार 162 लोगों की मौत हो गई थी। एयर एशिया और मलेशियन एयरलाइंस के विमानों सहित 2014 में कई बड़े विमान हादसे हुए। इनमें 1050 यात्रियों की मौत हुई। हालांकि इस मामले में सबसे ज्यादा दुर्भाग्यशाली वर्ष 1972 था। तब हवाई हादसों में 2429 लोगों की मौत हुई थी।

Wednesday, 24 June 2015

सिंगल होने के 8 ऐसे फायदे, जिन्‍हें जानकर जल उठेंगी अापकी सहेलियां

क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि आपकी सहेलियां आपको सिंगल स्टेटस की वजह से चिढ़ाती हैं? क्या वो आपको कई जगहों पर सिर्फ इसलिए नहीं ले जाती हैं क्योंकि आप सिंगल हैं तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं.
अगर उनके पास पार्टनर है तो सिंगल होने की वजह से आपके पास भी कुछ ऐसे प्लस प्‍वॅइंट्स हैं जो उनके पास नहीं हैं. इन बातों को जानने के बाद आप खुद को उनसे कमतर आंकना छोड़ देंगी और प्राउडली कह सकेंगी कि हां, मैं सिंगल हूं.
1. इससे पता चलता है कि आपका स्टैंडर्ड हाई है
अगर आप सिंगल का टैग सुन-सुनकर परेशान हो चुकी हैं तो ऐसा फील करना छोड़ दीजिए. इसका सीधा मतलब ये है कि आपका स्टैंडर्ड काफी हाई है और अभी तक आपको कोई ऐसा नहीं मिला जो आपके स्टैंडर्ड को मैच कर सके. ऐसे में किसी गलत आदमी के साथ से बेहतर है कि आप अकेली ही रहें.
2. अपने लिए वक्त निकालने की जरूरत नहीं
हर इंसान का सबसे मजबूत रिश्ता खुद से होता है. ऐसे में खुद के लिए वक्त होना बहुत जरूरी है. सिंगल होने का ये सबसे बड़ा फायदा है कि आपको अपने लिए वक्त निकालने की जरूरत नहीं है. आपका वक्त केवल और केवल आपके लिए है. जिसे आप खुद को बेहतर से बेहतर बनाने में लगा सकती हैं.
3. दूसरों को समझने का वक्त
कई बार सही इंसान की तलाश करने के दौरान आपका सामना बुरे लोगों से भी होगा. आपके पास वक्त है और इस वक्त का इस्तेमाल आप लोगों को परखने में कर सकती हैं. इस दौरान आप ये भी समझ पाएंगी कि आपको अपने पार्टनर में क्या चाहिए और क्या नहीं चाहिए.
4. पुराने संबंधों पर रोने से बेहतर है, सिंगल होना
कई बार ऐसा होता है कि आप जिसके साथ जिन्दगी बिताने के सपने सजाते हैं वो अधूरे ही रह जाते हैं. या कई बार ऐसा भी होता है कि संबंध बहुत कड़वाहट के साथ खत्म होते हैं. ऐसे में बेहतर है कि आप नेगेटिव रिश्तों का बोझ उठाने से बचें.
5. आप अपनी प्रतिभा को निखार सकती हैं
आप सिंगल हैं तो अपनी चीजों को करने के लिए आपको किसी से आज्ञा लेने की जरूरत नहीं है. आप जो करना चाहती है, अपने करियर को जिस तरह संवारना चाहती हैं, कर सकती हैं. सिंगल होने की वजह से आपका पूरा फोकस अपने काम पर होता है और आप अपना बेस्ट दे सकती हैं.
6. ट्रैवल
सिंगल होने के सबसे बड़े फायदों में से एक यह है कि आप जहां चाहें अपनी मर्जी से घूम सकती हैं. अगर आप किसी के साथ हैं या तो ये थोड़ा कठिन हो जाता है. जरूरी नहीं कि आप जहां घूमने जाना चाहती हैं आपका पार्टनर भी वहीं जाना चाहे . या फिर उसे भी उस वक्त छुट्टी मिले जब आपकी छुट्टी हो. ऐसे में तो सिंगल होकर आप अपनी मर्जी से कहीं भी आ-जा सकती हैं.
7. आप अपने पैशन को पहचान सकती हैं
रिश्ते में बंधने के बाद आपकी प्राथमिकताएं बदल जाती हैं और आपका अपना पैशन कहीं किसी कोने में दफन हो जाता है. अगर आप कुछ ऐसा करना चाहती हैं जो वाकई ढर्रे से हटकर है तो, इससे अच्छा मौका शायद कभी न मिले.
8. आप खुद को फंसा हुआ महसूस नहीं करेंगी
एक बार रिश्ते में पड़ जाने के बाद उससे निकल पाना बहुत कठिन हो जाता है. भले ही आप उस रिश्ते से खुश न हों फिर भी उसे निभाने के लिए मजबूर हो जाती हैं. भावनात्मक लगाव के चलते आप अलग होने की बात भी नहीं सोच पाती हैं और खुद को बंधन में महसूस करने लगती हैं. ऐसी स्थिति से तो बेहतर है कि आप सिंगल ही रहें.
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इंदौर: प्रेमी जोड़ों को लूटकर करते थे गैंगरेप, 2 साल में 45 लड़कियों को बनाया शिकार

इंदौर. यहां पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो पिकनिक स्पॉट पर आने वाले लव कपल्स को टारगेट बनाता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह पहले ऐसे कपल्स से लूटपाट और बाद में लड़कियों से गैंगरेप करता था। मंगलवार को गिरफ्तार गिरोह के सरगना ने दो साल में 45 लड़कियों से रेप करने और कुछ के वीडियो बनाने की बात कबूली है। पुलिस आरोपियों से आगे पूछताछ कर रही है।
क्या कहना है पुलिस का
पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए बताया, “इंदौर से करीब 16 किलोमीटर दूर कजलीगढ़ पिकनिक स्पॉट है। यहां कपल्स भी आते हैं। कुछ दिनों पहले यहां छह स्टूडेंट से लूट की घटना हुई थी और जांच के दौरान एक नाबालिग सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।” पांच आरोपियों को पांच दिन पहले गिरफ्तार किया गया था जबकि गिरोह का सरगना मंगलवार को पुलिस के हत्थे चढ़ पाया।

पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने हैरान कर देने वाले खुलासे किए। पुलिस ने आगे बताया, “गिरोह एकांत में बैठे कपल्स को घेर लेता, लड़के को लूटकर बांध देते और लड़की के साथ गैंगरेप कर उसका वीडियो भी बना लेते। पीड़ित तुरंत पुलिस को सूचना नहीं दे सके, इसलिए उनके मोबाइल का सिमकार्ड निकालकर फेंक देते थे। कपल्स बदनामी के डर से पुलिस को शिकायत नहीं करते थे। इसी का फायदा बदमाश उठाते रहे।”
ब्लैकमेल भी किया
गिरोह के सरगना का नाम श्रीराम कालूसिंह है। पुलिस ने कहा है कि आरोपी वीडियो को सार्वजनिक करने की धमकी देकर बाद में कुछ लोगों से पैसा भी वसूल कर चुके हैं। इन बदमाशों से कुछ हथियार भी बरामद किए गए हैं। पुलिस अब आरोपियों से रेप के वीडियो बरामद करने में जुट गई है। पुलिस ने इस गिरोह का शिकार बने कुछ लोगों से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने शिकायत दर्ज कराने से इनकार कर दिया।

राजपथ पर योग के दौरान मोदी पर लगा तिरंगे के अपमान का आरोप, शिकायत दर्ज

पुड्डुचेरी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मंगलवार को पुड्डुचेरी पुलिस स्टेशन में एक दलित एक्टिविस्ट ने शिकायत दर्ज कराई है। उन पर राष्‍ट्रीय झंडे के अपमान का आरोप लगाया गया है। अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस के मौके पर 21 जून (रविवार) को राजपथ पर योग करते हुए पीएम के गले में तीन रंगों वाली एक चुनरी थी। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि मोदी ने अपने गले में तिरंगा लपेटा था और उन्होंने राष्‍ट्रीय झंडे का अपमान किया है।
क्या है आपत्ति
आपत्ति दर्ज कराने वाले का दावा है कि मोदी ने योग करते हुए तिरंगा गले में लपेट रखा था। उससे कई बार अपना मुंह पोंछा था। वह जब योग कर रहे थे, तो जमीन पर कई बार तिरंगा छू भी गया था। कई बार उनके पैर से भी तिरंगा सटा था। इस तरह उन्‍होंने राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया।
पुलिस का बयान
पुलिस ने कहा, ''दलित सेना के स्टेट जनरल सेक्रेटरी सुंदर ने मामला दर्ज कराया है। उनका कहना है कि उन्हें वाट्सऐप पर ऐसी तस्वीरें मिली हैं, जिनमें लग रहा है कि मोदी राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर रहे हैं। गले में अगर तिरंगा झुलाया जा रहा है और उससे योग करते हुए पसीना पोंछा जा रहा है तो यह ध्वज का अपमान है।'' शिकायतकर्ता की मांग पर मोदी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
हाल ही में अमिताभ-अभिषेक के खिलाफ हुआ है मुकदमा
तिरंगे के अपमान से जुड़ी शिकायतों में राष्ट्रीय गौरव अपमान रोकथाम अधिनियम 1971 और फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002 के तहत धाराएं लगती हैं। अमिताभ बच्चन और उनके बेटे अभिषेक बच्चन पर भी शरीर पर तिरंगा ओढ़ने के मामले में इन्हीं दो कानूनों के तहत गाजियाबाद कोर्ट में 18 जून को मुकदमा दायर किया गया है।
क्या कहते हैं नियम?
फ्लैग कोड ऑफ इंडिया 2002 के सेक्शन-4 में राष्ट्रध्वज के इस्तेमाल से जुड़े प्रावधान हैं। इसमें कहा गया है कि किसी भी स्थिति में यह सुनिश्चित होना चाहिए कि राष्ट्रध्वज जानबूझकर जमीन पर न गिराया जाए। शहीदों के अंतिम संस्कार के अलावा राष्ट्रध्वज को ओढ़ा या लपेटा भी नहीं जा सकता। वहीं, राष्ट्रीय गौरव अपमान रोकथाम अधिनियम 1971 की धारा 2 कहती है कि कमर के नीचे पहने वाले जाने वाले ड्रेस में भी राष्ट्रध्वज का इस्तेमाल नहीं हो सकता। राष्ट्रध्वज को जानबूझकर जमीन या पानी से छूने देना अपमान की श्रेणी में आएगा। कानून में पहली बार के अपराध के लिए सजा का प्रावधान स्पष्ट नहीं है। यह जरूर कहा गया है कि दूसरी बार दोषी पाए जाने पर अधिकतम एक साल की सजा हो सकती है।
उमा भारती को देना पड़ा था इस्तीफा
राष्ट्रध्वज के अपमान के एक मामले के चलते उमा भारती को 2004 में मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था। उमा के खिलाफ हुबली में तिरंगा यात्रा के दौरान राष्ट्रध्वज का अपमान करने का मामला दर्ज हुआ था। एक मैगजीन में उनकी तिरंगे साथ तस्वीर छपी थी। हुबली की कोर्ट ने उनके नाम अरेस्ट वारंट जारी कर दिया था। हालांकि, अप्रैल 2015 में उन्हें हुबली के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट ने बरी कर दिया।

ललित मोदी विवाद: वसुंधरा का लंदन दौरा रद्द, शिवसेना ने बीजेपी पर उठाए सवाल

मुंबई. ललित मोदी की मदद के बाद लग रहे आरोपों के बीच राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने लंदन का दौरा रद्द कर दिया। राजे के ऑफिस की ओर से कहा गया है कि हफ्ते के अंत में वह नीति आयोग के नए पैनल की मीटिंग में हिस्सा लेंगी। जबकि पहले तय कार्यक्रमों के तहत 27 जून को उन्हें लंदन में निवेशकों की एक बैठक में हिस्सा लेना था। बता दें कि आईपीएल के पूर्व कमिश्नर और करप्शन के आरोपी ललित मोदी भी फिलहाल ब्रिटेन में ही रह रहे हैं। इस बीच, सहयोगी पार्टी शिवसेना ने इस मसले पर बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए हैं। ललित मोदी से मुलाकात को लेकर आरोपों से घिरे मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया का बचाव करते हुए शिवसेना ने कहा है कि इस मुद्दे को बेवजह तूल दिया जा रहा है। शिवसेना ने पूछा है कि केंद्र सरकार इस मसले पर मारिया का साथ क्यों नहीं दे रही है?
मारिया के समर्थन में शिवसेना
शिवसेना ने मुंबई पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया का खुल कर बचाव किया है। पार्टी के मुखपत्र 'सामना' के संपादकीय में लिखा गया है कि मारिया का बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। इसलिए उन पर उंगली नहीं उठानी चाहिए। मारिया ने ललित मोदी से मुलाकात के मामले में तत्कालीन गृह मंत्री को सूचना दी थी। बता दें कि मारिया ने स्वीकार किया था कि उन्होंने लंदन में ललित मोदी से मुलाकात की थी।
कांग्रेस ने फिर मांगा वसुंधरा से इस्तीफा
राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट ने एक बार फिर मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से इस्तीफा मांगा है। बुधवार को भी जयपुर में कांग्रेस की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। पायलट ने कहा, ''महाराष्ट्र में बीजेपी की सरकार ललित मोदी से मुलाकात करने वाले पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया से तो जवाब-तलब कर रही है, लेकिन अपने नेताओं पर कुछ नहीं बोल रही है। यह सरकार का दोहरा मापदंड है।''
ललित मोदी के डॉक्युमेंट्स में मोदी-शाह से लेकर राष्ट्रपति की सेक्रेटरी का नाम
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से मदद लेने के बाद चर्चा में आईपीएल के पूर्व कमिश्नर और करप्शन के आरोपी ललित मोदी ने पूरे विवाद में अब राष्ट्रपति भवन की सेक्रेटरी का नाम लिया है। साथ ही, उन्होंने एक के बाद एक ट्वीट, ई-मेल और कॉल रिकॉर्ड्स अपनी वेबसाइट पर पोस्ट की है। उनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी प्रेसिडेंट अमित शाह का भी नाम है। इस बीच, कालाधन पर बनाई गई स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने ईडी से मंगलवार को ललित मोदी के खातों के बारे में जानकारी मांगी है।
10 दिन में सामने आए कई बड़े नाम: ललित मोदी के दस्तावेजों में किन नामों को लेकर दावे?
नाम
ललित मोदी की तरफ से जारी दस्तावेजों में दावा
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री
16 सितंबर 2009 को राजस्थान रॉयल्स के वाइस प्रेसिडेंट शांतनु चारी ने ललित मोदी को ईमेल किया। इसमें कहा कि नरेंद्र मोदी और उनके पदाधिकारियों से मुलाकात कराई जाए। ललित ने मुलाकात का भरोसा दिलाया। नरेंद्र मोदी तब गुजरात के सीएम थे। वे इस ईमेल से कुछ ही दिन पहले गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष चुने गए थे।
अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष
7 मार्च 2010 की सुबह 10.55 बजे ललित मोदी ने शाह को 3 मिनट के लिए फोन किया। यह फोन आईपीएल-4 में दो नई टीमों को शामिल करने को लेकर उठे विवाद के दूसरे दिन ही हुआ।
शरद पवार, एनसीपी चीफ
लंदन से बाहर जाने के लिए ट्रैवल डॉक्युमेंट मिलने के बाद कई लोगों का शुक्रिया अदा करते जो ईमेल किया, उसमें पवार का भी नाम था। पवार का कहना है कि उनका ऑफिस ईमेल चेक करता है। वह नहीं जानते कि क्या मोदी ने तब कोई मेल किया था?
सरकार की सफाई
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा- सरकार नियमों के मुताबिक चलेगी। हम सुनिश्चित करेंगे कि ईमानदारी पूरी तरह बरकरार रहे।
अब तक किन बड़े नामों पर लगे आरोप?
नाम
आरोप
सफाई
ओमिता पॉल, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की सचिव
ललित मोदी ने ट्वीट में आरोप लगाया कि सबसे बड़ा हवाला विवेक नागपाल चलाते हैं, जिन्हें ओमिता पॉल के बैगमैन (गलत काम के लिए पैसा इकट्ठा करने वाला) के रूप में जाना जाता है।''
पॉल की तरफ से अब तक कोई बयान नहीं आया। नागपाल के बारे में बताया जाता है कि उनकी एक कंपनी पद्मिनी टेक्नोलॉजी के खिलाफ ईडी ने जांच की थी। कंपनी ने आईटी रिटर्न में अपनी आमदनी शून्य बताई थी। इस पर भी सवाल उठे थे।
सुषमा स्वराज, विदेश मंत्री
ललित मोदी पत्नी के इलाज के लिए ब्रिटेन से पुर्तगाल जाना चाहते थे। ट्रैवल डॉक्युमेंट्स दिलाने में सुषमा ने मदद की। पति स्वराज कौशल ललित के वकील हैं। बेटी बांसुरी भी ललित के वकीलों की टीम में रहीं।
सुषमा ने कई ट्वीट कर सफाई दी। कहा- ललित मोदी की मदद इंसानियत के नाते की। गृह मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह भी बचाव में आए।
वसुंधरा राजे, राजस्थान की मुख्यमंत्री
ललित की इमिग्रेशन अर्जी का वसुंधरा ने अपना नाम गोपनीय रखने की शर्त पर समर्थन किया। सीक्रेट विटनेस बनीं।
वसुंधरा ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की। संघ और भाजपा ने भी उनके बचाव में खुलकर कोई बयान नहीं दिया।
दुष्यंत सिंह, वसुंधरा के बेटे
मोदी ने 2013 में बेटे दुष्यंत सिंह की कंपनी के 6000 शेयर खरीदे। मूल्य 10 रुपए था, लेकिन मोदी ने 96 हजार रुपए/शेयर चुकाए। बिना गारंटी के दुष्यंत की कंपनी को 11 करोड़ रुपए का लोन भी दिया।
दुष्यंत ने कहा- मेरी कंपनी का लेन-देन पूरी तरह कानूनी था। सरकार पहले बचाव में दिखी। लेकिन बाद में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बयान दिया कि दुष्यंत के मामले में जांच जारी है। उन्हें अभी क्लीन चिट नहीं मिली है।
राकेश मारिया, मुंबई पुलिस कमिश्नर
ललित मोदी से लंदन में जाकर मुलाकात क्यों की? जबकि उन पर ईडी के मामले चल रहे हैं।
मारिया ने जवाब में कहा कि मोदी ने अंडरवर्ल्ड से खतरा होने का अंदेशा जताया था। उनके वकील के जोर देने पर मुलाकात की। इस बारे में तत्कालीन गृह मंत्री आर.आर. पाटिल को भी बताया था।
कैसे सामने आया था मामला?
ब्रिटेन के अखबार द संडे टाइम्स के मुताबिक, जुलाई 2014 में ललित मोदी ने पत्नी मीनल मोदी की पुर्तगाल में कैंसर सर्जरी से पहले विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से संपर्क किया। मोदी को ब्रिटेन से बाहर जाने की इजाजत नहीं मिल रही थी। सुषमा ने ब्रिटेन स्थित भारतीय मूल के सांसद कीथ वाज से बात की। उन्हें बताया कि अगर मोदी को ट्रैवल डॉक्युमेंट्स दिए जाते हैं, तो इससे भारत-ब्रिटेन के संबंधों पर असर नहीं पड़ेगा। सुषमा की इसी मदद से सरकार बैकफुट पर आ गई। जो सरकार एक साल तक बेदाग गवर्नेंस का प्रचार कर रही थी, उसी की विदेश मंत्री पर किसी को अनुचित फायदा पहुंचाने का आरोप लग गया।
ललित मोदी के खिलाफ फेमा की एक जांच पूरी
ललित मोदी के खिलाफ ईडी के 16 मामले चल रहे हैं। उन पर मनी लॉन्ड्रिंग केस में एक एफआईआर भी हुई है। अंग्रेजी अखबार हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईडी ने आईपीएल के मीडिया राइट्स देने के 2009 के एक मामले में मोदी के खिलाफ जांच पूरी कर ली है। जांच में पाया गया है कि सिंगापुर की मल्टी स्क्रीन मीडिया सैटेलाइट (एमएसएम) कंपनी से वर्ल्ड स्पोर्ट्स ग्रुप (डब्ल्यूएसजी) को 425 करोड़ रुपए का भुगतान करने को कहा गया था। जबकि डब्ल्यूएसजी का बीसीसीआई से ऐसा कोई समझौता हुआ ही नहीं था। लिहाजा, इसमें फॉरेन एक्सचेंज मैनेजमेंट एक्ट का उल्लंघन हुआ है।
ललित मोदी के खिलाफ 5 और मामले, ईडी के 16 शो कॉज नोटिस
शिकायत
ललित मोदी पर आरोप
13 जुलाई 2011 की शिकायत। इस पर ईडी ने एक नोटिस भेजा।
आईएमजी इंटरनेशनल स्पोर्ट्स मार्केटिंग एजेंसी को आईपीएल के कंसल्टेंट के रूप में नियुक्त किया। आरबीआई की मंजूरी के बिना ऐसा हुआ।
17 नवंबर 2011 की शिकायत। इसे लेकर ईडी ने मोदी को 11 नोटिस भेजे।
आईपीएल का दूसरा सीजन साउथ अफ्रीका में हुआ। लेकिन देश से बाहर लेन-देन के लिए आरबीआई की मंजूरी नहीं ली गई। मोदी के अलावा श्रीनिवासन, शशांक मनोहर जैसे बड़े पदाधिकारी भी इस मामले में आरोपी।
16 फरवरी 2012। एक नोटिस भेजा गया।
आरबीआई की मंजूरी के बिना आईपीएल में फॉरेन प्लेयर्स को गारंटी दी गई।
22 अगस्त 2012। ललित मोदी को 2 नोटिस भेजे गए।
विदेशी कंपनियों को ठेका देते वक्त उनसे विदेशी मुद्रा में परफॉर्मेंस डिपॉजिट लिया गया। इसमें भी आरबीआई की मंजूरी नहीं ली गई।
19 जनवरी 2015। 1 नोटिस।
सोनी को एक कॉन्ट्रैक्ट देते वक्त गारंटी ली गई। फेमा का उल्लंघन हुआ।

MBBS और आठ बार गोल्ड मेडलिस्ट, बच्चे के नाम पर मांग रही जमानत

ग्वालियर. प्री-पीजी घोटाले की आरोपी डाॅ. रिचा जौहरी की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने मंगलवार को खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि घोटाले के कारण कई योग्य उम्मीदवार मेडिकल में प्रवेश पाने से वंचित हो गए।
जस्टिस यूसी माहेश्वरी व जस्टिस एमसी गर्ग की डिविजन बेंच में मंगलवार को डाॅ. रिचा जौहरी की ओर से जमानत याचिका पेश की गई। इसमें कहा कि वह एमबीबीएस में गोल्ड मेडलिस्ट रही है। साथ ही, उसे पढ़ाई के दौरान आठ गोल्ड मेडल मिले हैं। प्री-पीजी में भी उसकी 30वीं रैंक आई थी। उसे झूठा फंसाया गया है। उसके 11 माह का छोटा बच्चा है, इसलिए मानवीय आधार पर उसे जमानत दी जाए।
कोर्ट में शासन की ओर से अधिवक्ता प्रबल प्रताप सिंह सोलंकी ने तर्क रखा कि आरोपी छात्रा को प्री-पीजी परीक्षा में जो प्रश्न आते थे, उन्हें करने के बाद वह ओएमआर शीट में शेष गोले खाली छोड़ कर आई थी। इन गोलों को बाद में व्यापमं के पूर्व संचालक योगेश उपरीत की सहायता से भरा गया था। साथ ही, आरोपी छात्रा पूछताछ में एसआईटी का सहयोग नहीं कर रही है। कोर्ट ने सुनवाई के बाद आरोपी छात्रा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। उल्लेखनीय है कि जबलपुर के वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डाॅ. एमएस जौहरी की बेटी रिचा जौहरी पर प्री-पीजी परीक्षा फर्जी तरीके से पास करने का आरोप है। इस मामले में आरोपी पिता डाॅ. जौहरी पहले से ही पुलिस हिरासत में हैं।
क्लेट विवाद : कोर्ट से 15 छात्रों को राहत, एनएलआईयू में ही पढ़ सकेंगे
कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लेट) की अलॉटमेंट सूची में हुई गड़बड़ी से प्रदेश के जिन पंद्रह स्टूडेंट्स को च्वाइस लॉक करने के बावजूद नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी भोपाल से बाहर कर दिया गया था, उन्हें हाईकोर्ट जबलपुर ने राहत दी है। मंगलवार को हाईकोर्ट ने अपने फैसले में इन सभी पंद्रह स्टूडेंट्स के पूर्व में हुए एडमिशन को ही यथावत रखने को कहा है। साथ ही, एनएलआईयू भोपाल, क्लेट कन्वीनर राममनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी लखनऊ, टीसीएस और प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा विभाग मध्य प्रदेश शासन को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब 10 अगस्त को होगी।
डाॅ. गुलाब व शक्ति सिंह की अर्जी खारिज
प्रीपीजी घोटाले के आरोपी भाजपा नेता डाॅ.गुलाब सिंह किरार आैर उसके पुत्र शक्ति सिंह किरार की अग्रिम जमानत याचिका सेशन कोर्ट ने मंगलवार को खारिज कर दी। शासन की ओर से अधिवक्ता सुसेन्द्र सिंह परिहार ने कहा कि शक्ति सिंह ने 2011 की प्रीपीजी परीक्षा अवैध रूप से पास की है। इसका खुलासा दलाल नवीन शर्मा ने पुलिस को दिए अपने बयान में किया। उल्लेखनीय है कि पुलिस डाॅ. गुलाब सिंह किरार व उनके पुत्र शक्ति सिंह किरार को तलाश कर रही है।

SSC में निकली है 6578 पदों की वैकेंसी, 12वीं पास करें अप्लाइ 51158829237

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पटना डेस्क. कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) में बड़े पैमाने पर वैकेंसी अनाउंस हुई है। कुल पदों की संख्या 6578 है। इच्छुक कैंडिडेट्स ऑनलाइन अप्लाइ कर सकते हैं। एसएससी के अलावा आंध्र प्रदेश फिशिंग कॉरपोरेशन, सेंट्रल एक्साइज एंड कस्टम्स डिपार्टमेंट, पुणे; सेंट्रल मेकैनिकल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, एयर पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड, स्वास्थ्य विभाग, हरियाणा सरकार, एमएमटीसी लिमिटेड, भारतीय रिजर्व बैंक और उत्तर प्रदेश ग्रामीण आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान में निकली है।
कर्मचारी चयन आयोग
कुल पोस्ट : 6578
पोस्ट का नाम : पोस्टल असिस्टेंट/ सॉर्टिंग असिस्टेंट (3523 पद), डाटा एंट्री ऑपरेटर (2049 पद), लोअर डिवीजनल क्लर्क (1006 पद)
योग्यता: मान्यता प्राप्त बाेर्ड से 12वीं पास होना जरूरी
एज : मिनिमम 18 अधिकतम 27 वर्ष
ऐसे करें अप्लाइ : योग्य उम्मीदवार वेबसाइट के माध्यम से आॅनलाइन अप्लाइ कर सकते हैं
सिलेक्शन : रिटेन एग्जाम, टाइपिंग टेस्ट/ स्किल टेस्ट, टाइपराइटिंग टेस्ट के आधार पर
लास्ट डेट : 10 जुलाई, 2015 (पार्ट 1)/13 जुलाई, 2015 (पार्ट 2)

Tuesday, 23 June 2015

ऑनलाइन पेमेंट के लिए होगा सरकारी “पेमेंट गेट-वे”, नहीं देना होगा सर्विस चार्ज


नई दिल्ली. सरकार देश में कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए कई सारी रियायतें देने की तैयारी कर रही है। इसके तहत सरकारी कंपनियों से बिना सर्विस चार्ज दिए खरीदारी करने से लेकर इनकम टैक्स में छूट देने तक की सौगात मिल सकती है। इसके अलावा सरकार अपने पेमेंट गेट-वे को भी बढ़ावा देने पर विचार कर रही है, जिससे कि गांव-गांव तक क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड से खरीदारी को बढ़ावा दिया जा सके।
क्या है योजना
आम बजट में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने देश में कालेधन पर लगाम कसने के लिए कैशलेस ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने की बात कही थी। इसी के तहत वित्त मंत्रालय ने मसौदा तैयार किया है। इसके तहत प्लास्टिक कार्ड से लेकर मोबाइल ऐप, एम-वैलेट, नेट बैंकिंग से होने वाली खरीददारी को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए उपभोक्ताओं को कई तरह की सुविधाएं देने का प्रस्ताव मसौदे में किया गया है।
रेल टिकट, पेट्रोल पंप पर सर्विस चार्ज चार्ज नहीं
मसौदे में कहा गया है आईआरसीटीटी की वेबसाइट, पेट्रोल पंप से खरीदारी, गैस एजेंसी, आवश्यक कमोडिटी प्रोडक्ट की खरीदारी पर सर्विस चार्ज नहीं लेने की जरूरत है। अभी ग्राहकों को 14 फीसदी तक सर्विस चार्ज चुकाना पड़ता है। इसके अलावा छोटी खरीदारी पर एक फीसदी तक बिल पर डिसकाउंट देने की भी बात कही गई है।
सरकार का पेमेंट गेट-वे होगा अहम
इसके अलावा सरकार के सभी विभागों को ऑनलाइन ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए “PayGov India” का इस्तेमाल करने की भी बात कही गई है। इसके तहत रेवेन्यू फीस, पेनॉल्टी आदि लेने पर फोकस होगा। जिससे कि शहरी इलाकों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दिया जा सके। इसमें जनधन के तहत जारी किए गए रूपे कार्ड की अहम भूमिका होगा। अभी तक 13 करोड़ से ज्यादा रूपेकार्ड जारी किए जा चुके हैं।
सरकार की आयकर में छूट देने की योजना
सरकार इसी तरह आयकर में छूट देने की भी योजना बना रही है। इसके तहत डेबिट या क्रेडिट कार्ड से पेमेंट लेने वाला दुकानदारों को आयकर में छूट दने का प्रावधान किया जा सकता है। साथ ही सरकार एक निश्चित सीमा तक ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने पर टैक्स छूट का लाभ आम उपभोक्ताओं को दे सकती है।

2005 से पहले छपे नोट बदलने और गैस सब्सिडी लेने के लिए अब हैं केवल 7 दिन

नई दिल्ली. अगर आपके पास 2005 से पहले छपा कोई नोट है तो उसे फौरन नजदीकी बैंक शाखा में जमा करें। ऐसा नहीं करने पर आपका नोट बेकार हो जाएगा। आरबीआई ने इन नोटों को चलन से हटाने के लिए इसकी समय सीमा 30 जून तक बढ़ाई थी, जो सात दिन में खत्म होने वाली है। वहीं, गैस सब्सिडी लेने के लिए बैंक अकाउंट को गैस एजेंसी से लिंक कराने के लिए भी 30 तक ही आखिरी मौका है। ऐसा नहीं करने पर आपको कभी एलपीजी सब्सिडी नहीं मिलेगी।
ऐसे पहचान सकते हैं पुराने नोट
बता दें कि 2005 से पहले के नोटों के पीछे छापे जाने का साल नहीं लिखा गया है। रिजर्व बैंक ने कहा कि 2005 से पहले के नोट को बाजार से हटाने के पीछे कुछ सुरक्षा कारण हैं, क्योंकि उनमें 2005 के बाद छपे नोटों की तुलना में सुरक्षा फीचर्स कम हैं।
कैसे बदल सकते हैं पुराने नोट
पुराने नोट लेकर उस बैंक में जाएं जहां आपका खाता है। अगर खाता नहीं है तो अपना ऐड्रेस और फोटो आईडी प्रूफ लेकर बैंक जाना होगा। 50 हजार रुपए से ज्यादा के नोट बदलने हैं, तो पैन कार्ड भी ले जाना होगा। आम लोग 30 जून तक किसी बैंक की किसी भी शाखा में जाकर पुराने नोट बदल सकते हैं। लोग चाहें तो इन नोटों के बदले नकद ले सकते हैं या अपने बैंक खाते में पैसे जमा करा सकते हैं।
डेडलाइन के बाद क्‍या?
30 जून के बाद इन नोटों को बदलने के लिए उस बैंक में खाता होना या पहचान और आवास का प्रमाण देना जरूरी होगा।
आरबीआई ने क्यों लिया था नोट बदलने का फैसला?
आरबीआई ने जनवरी 2014 में फैसला लिया था कि 2005 से पहले छपे नोट हटाए जाएंगे। इसके पीछे दो वजहें थीं- काला धन रोकना और जाली नोटों को पकड़ना।
दो बार बढ़ चुकी है डेडलाइन
पुराने नोट हटाने की डेडलाइन दो बार बढ़ाई जा चुकी है। केंद्रीय बैंक ने इन नोटों को बदलने के लिए पहले 31 मार्च, 2014 तक का समय दिया था। बाद में इसे बढ़ाकर पहले 01 जनवरी, 2015 और फिर 30 जून, 2015 किया गया।
आरबीआई को कैसे महसूस हुआ था कि काला धन और जाली नोट बढ़ रहे हैं?
23 दिसंबर, 2005 तक आरबीआई की ओर से जारी नोटों का मूल्य 4 लाख करोड़ रुपए था। लेकिन दिसंबर 2013 में यह बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपए हो गया। यानी भारतीय मुद्रा में 8 लाख करोड़ रुपए की बढ़ोत्तरी हो गई। जबकि ये अतिरिक्त नोट आरबीआई ने छापे ही नहीं थे। यानी इसके सीधे-सीधे दो कारण थे। या तो वर्षों से छुपाकर रखा गया काला धन मार्केट में आ गया या जाली नोटों की संख्या बढ़ गई।
कब-कितने नकली नोट पकड़े गए
- संसद में दी गई केंद्र की जानकारी के मुताबिक, साल 2014 में पकड़े गए नकली नोटों की संख्या 3,03,817 है। असली नोटों में इनकी वैल्यू 14.8 करोड़ रुपए है।
- 2011 में कुल 24.7 करोड़ रुपए (राशि) के नकली नोट पकड़े गए थे।
काफी कम बचे हैं 2005 से पुराने नोट
आरबीआई की प्रिंसिपल चीफ जनरल मैनेजर (कम्युनिकेशन) अल्पना किलवाला ने बताया कि 2005 से पहले छपे कुछ हजार नोट ही बाजार में बचे हैं। आरबीआई ने लोगों से कहा है कि ऐसे नोटों को 30 जून से पहले बैंक की ब्रांच में जाकर बदल लें। आरबीआई के मुताबिक, जनवरी 2014 में 2005 से पहले छपे 164 करोड़ नोट छोड़े गए थे। इन नोटों का मूल्य 21,750 करोड़ रुपए है। इनमें 500 और 1000 के नोट भी शामिल हैं। अफसरों के मुताबिक, ज्यादातर नोट बदले जा चुके हैं और अब केवल कुछ हजार नोट ही बाजार में बचे हैं, जिन्हें बदला जाना बाकी है।

Saturday, 20 June 2015

मैच रेफरी की निगाह में सिर्फ कप्तान धोनी ही थे दोषी, दिए थे 3 ऑप्शन

ढाका. बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को धक्का मारने के आरोप में मैच फीस का 75 फीसदी गंवाने वाले टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को ही रेफरी ने पूरी तरह से दोषी माना था। खबरों की मानें तो आईसीसी रेफरी सिर्फ धोनी को ही दोषी मान रहे थे और उन्हें तीन ऑप्शन दिए थे। मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ का पहला ऑप्शन था, आरोप को स्वीकार करो और दंड भुगतो। दूसरा, आरोप को स्वीकार करके कम से कम दंड की अपील करो और तीसरा, दोनों (धोनी और मुस्तफिजुर) दंड भुगतो। भारतीय कप्तान ने उप कप्तान विराट कोहली, टीम डायरेक्टर रवि शास्त्री और मैनेजर विश्वरूप डे से मीटिंग के बाद तीसरा ऑप्शन स्वीकार कर लिया। बता दें कि आचार संहिता के उल्लंघन का दोषी पाते हुए दोनों पर मैच फीस का क्रमश: 75 तथा 50 फीसदी जुर्माना लगा है। सूत्रों की मानें तो आईसीसी द्वारा सिर्फ धोनी को दोषी करार दिए जाने पर बीसीसीआई कप्तान के पक्ष में अपील करती।
क्या था पूरा मामला
भारतीय पारी के 25वें ओवर में धोनी एक रन लेते समय अपना पदार्पण मैच खेल रहे और 'मैन ऑफ द मैच' मुस्तफिजुर से गेंदबाजी छोर पर टकरा गए। इस टक्कर में मुस्तफिजुर को चोट लगी और इलाज के लिए उन्हें ओवर बीच में छोड़ मैदान से बाहर जाना पड़ा। इस बीच फील्ड अंपायरों ने भी हस्ताक्षेप किया और दोनों खिलाड़ियों से बात की। दरअसल, मुस्तफिजुर गेंदबाजी के बाद भारतीय बल्लेबाजों के रन लेने के रास्ते में कई बार आए और इसे लेकर अंपायर ने उन्हें हिदायत भी दी। धोनी से पूर्व मुस्तफिजुर मैच में रोहित शर्मा से भी एक बार टकरा चुके थे, जिसे लेकर भारतीय बल्लेबाज ने अपनी नाराजगी जताई थी। बांग्लादेश ने यह मैच 79 रनों से जीता।
ये हुआ सुनवाई में
आईसीसी के अनुसार, "दोनों खिलाड़ियों ने शुरू में आरोप नहीं माना, जिसके बाद मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ द्वारा सुनवाई की जरूरत पड़ी। सुनवाई के दौरान टेलीविजन रिप्ले का सहारा लिया गया। साथ ही अंपायरों, दोनों टीमों के प्रबंधक और दोनों खिलाड़ी भी सुनवाई में मौजूद रहे।" मैच रेफरी के अनुसार सुनवाई के दौरान धोनी ने अपने बचाव में कहा कि गेंदबाज गलत जगह पर खड़ा था और उन्हें लगा कि दौड़ने के दौरान वह उससे टकरा जाएंगे। इसलिए उन्होंने अपने हाथों से गेंदबाज को दूर करने की कोशिश की।
मैच रेफरी का बयान, मुस्तफिजुर ने मानी गलती
मैच रेफरी ने सुनवाई के बाद कहा, "मेरी नजर में धोनी ने जानबूझकर मुस्तफिजुर को धक्का दिया जो कि सही नहीं था। अगर उनके और रन दौड़ रहे सुरेश रैना के बीच बहुत कम अंतर था तो भी धोनी इतने अनुभवी हैं कि वे इस स्थिति को टाल सकते थे।" वहीं, शुरू में अपनी गलती नहीं मान रहे मुस्तफिजुर ने सुनवाई में सवाल पूछे जाने पर अपनी गलती मान ली और मिली सजा को स्वीकार कर लिया।

केजरीवाल के विज्ञापन पर मचा बवाल, भाजपा ने झूठ का पुलिंदा बताया

कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार का महिमामंडन करने वाले नए टेलीविजन विज्ञापन पर सवाल खड़े किये हैं, जबकि दिल्ली महिला आयोग ने विज्ञापन को महिलाओं को अपमानित करने वाला करार दिया है।

भाजपा के प्रवक्ता जीवीएल नरसिम्हा राव ने कहा कि एक तरफ तो केजरीवाल सरकार के पास सफाई कर्मचारियों का वेतनमान देने के लिए पैसे नहीं हैं, वहीं वह अपना गुणगान करने वाले विज्ञापन पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। राव ने केजरीवाल सरकार के विज्ञापन को झूठ का पुलिंदा करार दिया है।

भाजपा ने इस विज्ञापन को उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करार देते हुए धमकी दी कि अगर इसे तुरंत नहीं हटाया गया तो वह शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाएगी।

पार्टी के राष्ट्रीय सचिव आरपी सिंह ने एक बयान जारी कर बताया था कि हालांकि इस विज्ञापन में केजरीवाल का चेहरा नहीं दिखाया जा रहा है, लेकिन बार-बार उनका नाम लेकर उन्हें गरीबों का मसीहा बताया जा रहा है, जबकि अन्य दल के नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और मीडिया को खलनायक की तरह पेश किया जाना अदालती आदेश का घोर उल्लंघन है।

कांग्रेस के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि विज्ञापन में 11 बार केजरीवाल का नाम आना पार्टी में व्यक्ति पूजा का द्योतक है।

फिल्म रिव्यू: एबीसीडी-2 डांस के दीवानों के लिए महा मेला

दो साल पहले आई 'एबीसीडी' फिल्म देख दिल में एक ख्वाहिश जगी थी कि बॉलीवुड में विशुद्ध रूप से डांस पर आधारित फिल्में बनती रहनी चाहिए। पारंपरिक या पॉप संस्कृति से जन्मे ब्रेक डांस से आगे की बात करती 'एबीसीडी' नए जमाने में नए दौर के डांस का चित्रण करती दिखी। तब मन में एक सवाल भी उठा था कि आखिर हमारे यहां डांस पर आधारित फिल्में इतनी कम क्यों बनती हैं? 'एबीसीडी 2' इस कड़ी में सार्थक प्रयास लगता है, जो एक बार फिर सिर्फ और सिर्फ डांस और डांसरों की बात करती है। डांस आधारित फिल्म की सबसे बड़ी जरूरत अगर डांस है तो वो इसमें कूट-कूट कर भरा है। मगर डांस के साथ इमोशनल टच भी जरूरी है। तो क्या इस पहलू पर भी ध्यान दिया गया है? आइए बताते हैं, लेकिन इससे पहले जरा कहानी...

रेमो डिसूजा की इस फिल्म को आप एक नई कहानी के रूप में ही लें, सीक्वल से न जोड़ें। मुंबई के एक डांस ग्रुप 'मुंबई स्टनर्स' की उस समय थू-थू होती है, जब उन्हें चोर, कॉपीकैट कह एक रियालिटी शो से बाहर कर दिया जाता है। आरोप है कि इस ग्रुप ने प्रतियोगिता में फिलीपीन्स के एक डांस ग्रुप के स्टेप्स चोरी कर परफॉर्म किया है। ग्रुप का लीड डांसर सुरेश उर्फ सुरू (वरुण धवन) की फजीहत इस वजह से भी ज्यादा होती है, क्योंकि वह एक मशहूर क्लासिकल डांसर का बेटा है।

इस चोरी से सुरू के साथी विनी (श्रद्धा कपूर), राघव (राघव जुयाल) और वेरनोम (सुशांत पुजारी) की भी खूब बदनामी होती है। अपने माथे से बदनामी का ये दाग मिटाने के लिए सुरू वर्ल्ड हिप हॉप डांसिंग चैम्पियनशिप में हिस्सा लेने के लिए लास वेगास जाने का प्लान बनाता है। एक दिन उसकी नजर विष्णु (प्रभुदेवा) पर पड़ती है। सुरू चाहता है कि नया डांस ग्रुप बनाने में विष्णु उसकी मदद करे। मान-मनौव्वल के बाद विष्णु मान जाता है। ग्रुप में धर्मेश उर्फ डी (धर्मेश येलंदे) और विनोद (पुनीत पाठक) जैसे नए डांसरों की एंट्री होती है और किसी तरह से बेंगलुरु में ऑडिशन राउंड जीतने के बाद ये सभी लास वेगास पहुंच जाते हैं, लेकिन तभी विष्णु की असलियत सबके सामने आ जाती है जो यहां डांस चैम्पियनशिप जीतने के लिए आया ही नहीं था।

फिल्म के दो पहलू हैं। एक तो वो जिसमें भव्यता है, चकाचौंध है, अंतर्राष्ट्रीय स्तर का हिप हॉप डांस है, लास वेगास की चमक है, बहुत स्तर पर बड़े पैमाने पर शूट किए गए डांस सीन्स वगैरह हैं। दूसरा पहलू है फिल्म की कहानी, कलाकारों का संघर्ष, एक विश्वस्तरीय प्रतियोगिता की असलियत आदि। फिल्म पहले पहलू को जोरदार तरीके से रखने में कामयाब रही है, पर दूसरे पहलू में उतनी सहजता नहीं है। मुंबई में नालासोपारा के एक डांस ग्रुप 'फिक्टिशियस' के अपने दम पर लास वेगास में वर्ल्ड हिप हॉप डांस चैम्पियनशिप में पहुंचने की असल कहानी का चित्रण करती है यह फिल्म, लेकिन परत दर परत उनके संघर्ष और डांस सीखने में लगने वाली जी-तोड़ मेहनत को प्रभावी ढंग से सामने नहीं ला पाती। प्रभुदेवा के किरदार को बेवजह रहस्यमयी बनाया गया है।

एक डांस ग्रुप के गुरु के रूप में उनसे और काम लिया जा सकता था। इसी तरह से आलिव का किरदार जबरदस्ती ठूंसा लगता है। गीत-संगीत पहले जैसा नहीं है, लेकिन अलग है, इसलिए बुरा नहीं है और फिल्म के साथ फबता है। क्लाईमैक्स को उन्होंने पहले से अधिक प्रभावी, भव्य और असरदार बनाया है। इसमें दो राय नहीं कि इसका 3डी इफेक्ट हिंदी फिल्मों में अब तक के सबसे अच्छा इफेक्ट्स हैं। इन प्रभावों की वजह से आप शुरुआत से ही इसकी गिरफ्त में आने लगते हैं। डांस के तमाम दृश्य ऐसे हैं, जो पहले कभी नहीं देखे व न ही महसूस किए गए हैं। भव्यता में यह 'हैप्पी न्यू ईयर' से दो-चार नहीं, दस कदम आगे है। 'सुन साथियां...' और 'बेजुबान फिर से...' गीत सुनने में सबसे ज्यादा अच्छे लगते हैं। फिल्मांकन में 'चुनर...' 'हे गणराया...' और 'टैटू...' सबसे अच्छे हैं। ग्रैंड कैनन में फिल्माया गया 'टैटू...' गीत सपनों सरीखा है।

हिप हॉप गीत-संगीत और डांस की दुनिया बेहद अलग है। युवा पीढ़ी के अलावा बहुत ज्यादा लोग इसकी रिद्म और टेस्ट से परिचित शायद नहीं होंगे। इसलिए इस फिल्म में जो कुछ हो रहा है वो शायद बहुतेरे लोगों के पल्ले न पड़े, लेकिन आज एक पूरी पीढ़ी ऐसी भी है, जो इसकी दीवानी है। ये फिल्म ऐसे ही दीवानों के लिए है, जो सिर्फ और सिर्फ डांस जानते हैं, उसकी बात करना जानते हैं।  

कलाकार: वरुण धवन, श्रद्धा कपूर, प्रभुदेवा, धर्मेश येलन्दे, लॉरेन गॉटलिब, राघव जुयाल, पुनीत पाठक, सुशांत पुजारी
निर्देशन-कहानी:  रेमो डिसूजा 
निर्माता: सिद्धार्थ रॉय कपूर
संगीत:  सचिन-जिगर
संवाद:  मयूर पुरी 
पटकथा:  रेमो डिसूजा, तुषार हीरानंदानी
गीत: मयूर पुरी, प्रिया सरैया, डी. सोलदिर्ज, रिमि नीक

तो आजकल हेजल कीच को डेट कर रहे हैं युवराज

भारतीय स्टार क्रिकेटर युवराज सिंह के लिए बॉलीवुड अभिनेत्रियों के साथ नाम जुड़ना कोई नई बात नहीं रही। अब युवी के साथ एक नई अभिनेत्री का नाम जुड़ गया है। युवराज सिंह आजकल बॉलीवुड स्टार सलमान की फिल्म की हिरोइन हेजल कीच को डेट कर रहे हैं। हेजल सलमान खान की फिल्म 'बॉडीगार्ड' में काम कर चुकी हैं।

खबरों के अनुसार कुछ महीने पहले ही दोनों की मुलाकात हुई और अब ये दोस्ती कुछ ज्यादा ही गहरी हो गई है। इस बारे में अभी दोनों ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, लेकिन जानकारों के अनुसार आजकल ये काफी समय साथ में बिता रहे हैं।

हालांकि कुछ समय पहले तक युवी को असिन के साथ देखा गया। सूत्रों ने बताया कि युवराज ने असिन को एक प्यारा सा नाम भी दिया था...वो उनको 'असैसिन' (Assassin) कहकर पुकारते थे। हालांकि असिन ने इस बारे में कभी कोई टिप्पणी नहीं की है।

वैसे युवी का बॉलीवुड से पुराना नाता हैं। उनके अफेयर की चर्चा आए दिन खबरों में रहती हैं। किम शर्मा के साथ उनका नाम काफी वक्त तक जुड़ा रहा। हालांकि बाद में दोनों का ब्रेकअप हो गया। इसके अलावा युवराज का नाम दीपिका पादुकोण, नेहा धूपिया और प्रिटी जिंटा के साथ भी जोड़ चुका है। जिस पर प्रिटी जिंटा ने सफाई देते हुए कहा था कि उन्‍होंने कभी भी युवराज को डेट नहीं किया।

पांच आदतें, जो आपको हमेशा रखेंगी थकान से दूर

रातभर अच्छी नींद लेने के बावजूद सुबह थकान से जूझना हर तीसरे व्यक्ति की परेशानी है। इससे जहां आपका पूरा दिन खराब हो जाता है, वहीं दोपहर तक आपका पूरा शरीर टूटने लगता है। लेकिन आपने क्या कभी सोचा है कि आखिर ऐसा हो क्यूं रहा है। देर से खाना और मोबाइल पर खेलने जैसी आदतें आपकी थकान की वजह हो सकती हैं। आइए जानते हैं रोजमर्रा की कुछ ऐसी आदतों के बारे में, जिन्हें सुधारकर आप ताजगी से भर जाएंगे।
भरपूर पीएं पानी
गर्मी के मौसम में पानी की कमी से थकान होने लगती है और आप चाहें कितना भी आराम कर लें, आपके शरीर में थकावट बरकरार रहती है। नेचुरल हाइड्रेशन काउंसिल के शोधकर्ताओं के मुताबिक, कम पानी रक्त के स्तर को कम करता है, जिससे शरीर को अधिक मेहनत करनी पड़ती है।
शराब को करें मना
कई लोगों का मानना है कि रात में शराब पीने से उन्हें अच्छी नींद आएगी। लेकिन इससे नींद खराब हो जाती है। वाशिंगटन स्टेट यूनिवर्सिटी के एक शोध के मुताबिक, शराब का सेवन शरीर में सुस्ती पैदा करता है और रातभर आपकी नींद खुलती रहती है।
मोबाइल से तौबा
हर वक्त मोबाइल से चिपके रहने की आदत से तौबा कर लें। सोने से पहले फोन चेक करने की आदत से आपकी नींद खराब होती है क्योंकि सोने के दौरान भी आदमी की दिमाग में मोबाइल चलता रहता है। मोबाइल से निकलने वाली नीली रोशनी दिमाग के लिए खतरनाक है और यह सुस्ती पैदा करती है।
व्यायाम जरूरी
व्यायाम को थकान से जोड़ना सरासर गलत है, बल्कि व्यायाम ताजगी और भरपूर नींद लाने में काफी सहायक है। यूनिवर्सिटी ऑफ जॉर्जिया के एक शोध के मुताबिक, जो वयस्क हफ्ते में तीन दिन कम से कम 20 मिनट के लिए व्यायाम करते हैं। उन्हें थकान बिल्कुल भी नहीं होती है।
भोजन करें जल्दी
देर रात में भोजन करने की आदत आपकी सुस्ती का कारण हो सकती है। कई लोग ऑफिस या पार्टी के चक्कर में देर रात तक खाना खाते हैं, जिससे रात में नींद में परेशानी होती है। इससे आपका पूरा दिन खराब हो सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, रात में जल्दी खाना आपको चुस्ती देता है।

मुंबईः आ सकता है हाई टाइड, रिटेल कारोबारियों को 500 करोड़ का नुकसान

मुंबई. दस साल बाद मुंबई में रिकॉर्ड बारिश से शुक्रवार को न केवल लोगों का जन जीवन प्रभावित हुआ बल्कि सड़कों पर पानी भरने के कारण शहर की 80 प्रतिशत दुकानें बंद रही जिस कारण फुटकर (रिटेल) सामान बेचने वाले दुकानदारों को करीब 500 करोड़ का नुकसान हुआ। मुंबई ट्रेड एसोसिएशन के मेंबर्स का दावा है कि बारिश और पानी भरने के कारण मुंबई में शुक्रवार को 3.5 लाख में से अधिकांश दुकानें बंद थी, इसी वजह से यह नुकसान झेलना पड़ा है। इस बीच, शनिवार को एक बार फिर मौसम विभाग ने हाई टाइड की चेतावनी दी है। बीएमसी ने भी लोगों को सतर्क करते हुए कहा है, ''समुद्र में दोपहर बाद करीब 15 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं।'' आईएमडी (मुंबई) के डायरेक्टर वी.के. राजीव ने कहा, "शनिवार को भी ऊंची लहरें उठने की संभावना है। अगर भारी बारिश तेज होती है तो समस्या और बढ़ सकती है।" बता दें कि शुक्रवार को दोपहर में करीब 15 फीट ऊंची लहरें उठी थीं।
दस साल बाद हुई इतनी बारिश
गुरुवार-शुक्रवार को हुई भारी बारिश से में जनजीवन शनिवार को भी प्रभावित रहा। गुरुवार को हुई बारिश ने पिछले दस साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इससे पहले 2005 में इतनी बारिश हुई थी। गुरुवार सुबह आठ बजे से शुक्रवार सुबह आठ बजे तक करीब 300 एमएम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले 36 घंटे तक मुंबई में भारी बारिश की संभावना से इनकार नहीं किया है। मुंबई के सांताक्रूज में इससे पहले 24 जून 2007 में 209.6 एमएम बारिश दर्ज की गई थी। मौसम विभाग के सूत्रों का कहना है कि पिछले कुछ सालों में जून में इतनी बारिश का रिकॉर्ड नहीं है।
बीएमसी ने कहा- आज भी लोग न निकले घरों से
बीएमसी चीफ अजय मेहता ने कहा, ''शनिवार को भी भारी बारिश का खतरा बरकरार है। लोगों से घर से बाहर न निकलने की अपील की गई है।'' रेलवे ने भी लोगों को इमरजेंसी होने पर ही घरों से निकलने की सलाह दी है। हालांकि, शनिवार को लोकल ट्रेनों की सर्विस सामान्य है। बता दें कि 70-80 लाख लोग रोजाना लोकल ट्रेन से सफर करते हैं। इससे पहले शुक्रवार को भारी बारिश के बाद सड़कों पर जल जमाव के कारण मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने लोगों को घरों से नहीं निकलने की सलाह दी थी।
निकलने लगा है इलाकों से पानी, लोकल ट्रेनों की आवाजाही शुरू
शुक्रवार रात से लेकर शनिवार सुबह तक तेज बारिश न होने से मुंबई में अब सड़कों से पानी धीरे-धीरे निकलने लगा है। हालांकि, शनिवार की सुबह भी रुक-रुक के बारिश हो रही है, जिसके चलते लोगों की परेशानी बनी हुई है। शुक्रवार को बारिश के कारण सबसे ज्यादा लोकल ट्रेनों पर असर पड़ा था, लेकिन शनिवार को सुबह से अभी तक लोकल ट्रेनों की सर्विस सामान्य है।
मीठी नदी खतरे के निशान से ऊपर, करंट लगने से हुई दो की मौत
मुंबई में बहने वाली मीठी नदी में पानी का लेवल खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। हाई टाइड से सुमद्र किनारे वाले इलाकों में डिजास्टर की आशंका को देखते हुए नेवी के हेलिकॉप्टरों को अलर्ट पर रखा गया था। शुक्रवार को बारिश के बाद करंट लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी।

समुद्र से बनी बिजली से जगमगाएगा देश

केंद्र सरकार देश को बिजली क्षेत्र में सशक्त बनाने में जुट चुकी है। इसके लिए सरकार समुद्र के अंदर विंड एनर्जी फॉर्म लगाने का मन बना रही है। केंद्र सरकार की भावी योजना है कि 2022 तक पूरे देश में 24 घंटे बिजली उपलब्ध कराई जा सके। इसके लिए सरकार नए स्रोतों की तलाश में जुट गई है। विंड एनर्जी फॉर्म के निमार्ण के लिए केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) इस पॉलिसी को केंद्रीय मंत्रिमंडल तक भेजने जा रही है।

समुद्र के अंदर लगेंगे टरबाइन
विंड एनर्जी दो तरह की होती है। एक ऑनशोर और दूसरा ऑफशोर। अभी भारत में समुद्र के किनारे खुली जगह में टरबाइन लगा कर पवन ऊर्जा का उत्पादन किया जाता है। इसे ऑनशोर विंड एनर्जी कहा जाता है। इससे अब तक 20 हजार मेगावाट से अधिक बिजली का उत्पादन हो रहा है। सरकार का अनुमान है कि वर्ष 2031 तक ऑनशोर विंड एनर्जी से 1 लाख 91 हजार मेगावाट बिजली मिलने की संभावना है। लेकिन अब मंत्रालय ने समुद्र के अंदर टरबाइन लगाकर पवन ऊर्जा उत्पादन शुरू करने का निर्णय लिया है। इसे ऑफशोर विंड एनर्जी कहा जाता है। इसके लिए मंत्रालय ने ग्लोबल प्रेक्टिस के आधार पर विशेषज्ञों के सहयोग से एक पॉलिसी तैयार की है। मंत्रालय के एक अधिकारी बताते हैं कि हम ऑफशोर विंड एनर्जी को लेकर काफी उत्साहित हैं और चाहते हैं कि अगले साल बिडिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। ऐसे में पॉलिसी जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखी जाएगी और जरूरी मंजूरी मिलने के बाद हम पूरी तैयारी से इसे प्लान को जमीन पर ले आंएगे।

क्या है पॉलिसी में
ड्राफ्ट पॉलिसी के मुताबिक सबसे पहले नेशनल ऑफशोर विंड एनर्जी अथॉरिटी बनाई जाएगी। यह अथॉरिटी ऑफेशोर एनर्जी के क्षेत्र में सर्वे और आकलन कराएगी। यह अथॉरिटी ऑफशोर विंड एनर्जी प्रोजेक्ट डेवलपर से संपर्क भी करेगी और उन्हें आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराएगी। खासकर इन डेवलपर के लिए सिंगल विंडो एजेंसी की व्यवस्था की जाएगी। मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में ऑफशोर विंड एनर्जी स्टीयरिंग कमेटी का गठन होगा, जो इससे संबंधित सभी डेवलपमेंट पर नजर रखेगी। जहाजरानी मंत्रालय व राज्य मेरीटाइम बोर्ड द्वारा बंदरगाह संबंधी ढुलाई संबंधी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्रीय विद्युत नियामक आयोग और राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा ऑफशोर विंड एनर्जी के उत्पादन, ट्रांसमिशन और बिजली की खरीद संबंधी गाइडलाइंस तैयार की जाएंगी।

समुद्र के अंदर विकसित होंगे फार्म
तट से समु्द्र के भीतर लगभग 12 समु्द्री मील (लगभग 22 किलोमीटर) के दायरे में ऑफशोर विंड फार्म विकसित किए जाएंगे। इसके साथ साथ लगभग 200 समुद्री मील के दायरे में रिसर्च एंड डेवलपमेंट के लिए विकसित किया जाएगा। समुद्र क्षेत्र को अलग-अलग ब्लॉक के रूप में चिंहित किया जाएगा। जहां विंड फार्म विकसित करने के लिए आवश्यक स्टडी की जाएगी। इसके बाद प्रोजेक्ट डेवलपर को आमंत्रित किया जाएगा और उन्हें सिंगल विंडो क्लीयरेंस दी जाएगी। बिजली उत्पादन व ग्रिड कनेक्टविटी की व्यवस्था की जाएगी। इन डेवलपर को इंसेंटिव देने का भी प्रावधान किया गया है। इसमें टैक्स हॉलीडे, कस्टम-एक्साइज ड्यूटी में छूट जैसे इंसेंटिव दिए जा सकते हैं।

यहां हैं संभावनाएं
मंत्रालय की एक रिपोर्ट बताती है कि अभी तमिलनाडु के रामेश्वरम के उत्तर और कन्या कुमारी के दक्षिण में 2000 मेगावाट बिजली उत्पादन की संभावना है। इसके अलावा गुजरात और महाराष्ट्र में ऑफशोर विंड प्रोजेक्ट लगाए जा सकते हैं।

महंगे होंगे प्रोजेक्ट
मंत्रालय का मानना है कि ऑफशोर विंड फार्म, ऑनशोर विंड फार्म के मुकाबले डेढ़ से दो गुना महंगे होंगे, क्योंकि समुद्र के अंदर टरबाइन लगाने का खर्च अधिक होगा। हालांकि ऑनशोर विंड फार्म के मुकाबले ऑफशोर विंड फार्म में एक टरबाइन 3 से 5 मेगावाट अधिक बिजली पैदा होगी।

महंगे स्मार्टफोन की चाहत में लड़की ने बेचा अपना शरीर!

 नई दिल्ली: नासमझी किस हद तक खतरनाक साबित हो सकती है इसका एक नजारा गुजरात के वडोदरा में देखने तको मिला. यहां 13 साल की की एक लड़की ने महज महंगे स्मार्टफोन की चाहत में अपने शरीर को बेचना शुरू कर दिया. जी हां, लड़की अपने दोस्तों के हाथ में महंगे स्मार्टफोन देखकर ऐसा लालच चढ़ा कि उसने वेश्यावृत्ति का धंधा अपना लिया.
यह लड़की अपने घर वालों की नज़र से बचकर करीब एक साल से इस घिनौने कारनामें को अंजाम दे रही थी. इस लड़की पर ऐसा नशा चढ़ा कि उसने अपने ग्राहकों को अपने घर में ही बुलाना शुरू कर दिया. इस पूरी घटना की जानकारी लड़की की मां को तब हुई जब लड़की अनजाने में गर्भवती हो गई. लड़की ने इसकी जानकारी अपनी मां को दी. लड़की की ऐसी घिनौनी करतूत के बारे में जानकर लड़की की मां के होश उड़ गए.

मां ने इस घटना की जानकारी होते ही बेटी को अच्छे काउंसलर के पास ले गई. पहले तो लड़की ने काउंसलर के किसी भी सवाल का जवाब देने से मना कर दिया. इसके बाद लड़की ने अपनी करतूत पर किसी भी तरह का पछतावा करने के बजाए खुद को सही साबित करने की जद्दोजहद करने लगी. 

काउंसलर उसे यह बताते-बताते थक गए कि उसने जो किया वह ना केवल सामाजिक तौर पर गलत है, बल्कि कानून की नजर में भी अपराध है. बहुत देर तक समझाने के बाद लड़की ने बताया कि उसके दोस्तों के पास महंगे महंगे गैजेट्स थे.  इन्हीं की चाहत में उसने लड़की ने यह गलग कदम उठाया.

दरअसल लड़की की मां ने उसे आणद के रहने वाले एक परिवार से गोद लिया था. लड़की की मां वडोदरा में परचून कू दुकान चलाती थी. इसकी वजह से वह लड़की के महंगे मोबाइल के शौक को पूरा नहीं कर पा रही थी. लेकिन उसे इस बात का बिल्कुल भी इख्तियार नहीं था कि लड़की अपेन इस शौक को पूरा करने के लिए वेश्यावृत्ति के रास्ते पर निकल पड़ेगी.

लड़की ने मां के इस अंजानेपन का फायदा उठाते हुए लड़की ने अपने घर पर अपने ग्राहकों को बुलाने लगी. इस लड़की की काउंसलिंग करने वाले अभयम सर्विस के काउंसलर ने बताया, 'लड़की ने अपनी करतूत को जायज ठहराने की हर संभव कोशिश की. दरअसल, वह एक ऐसी जिद्दी लड़की है, जो गलत संगति में पड़ गई थी. उसके करीबी दोस्तों को उसकी इन हरकतों के बारे में पता था लेकिन किसी ने इसके बारे में चर्चा नहीं की.'

ललित मोदी वीजा मामला: आम आदमी पार्टी ने सुषमा के इस्तीफे की मांग को लेकर किया प्रदर्शन

नयी दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं ने यहां सुषमा स्वराज के आवास के सामने विरोध प्रदर्शन किया और ललित मोदी प्रकरण में विदेश मंत्री के इस्तीफे की मांग की। आप के पालम क्षेत्र की विधायक भावना गौड़ समेत पार्टी के 300 से अधिक कार्यकर्ता मध्य दिल्ली में लुटियन क्षेत्र में उनके आवास के सामने विरोध प्रदर्शन किया।
आप कार्यकर्ताओं ने राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बर्खास्त करने की भी मांग की। विरोध प्रदर्शन के समय हालांकि सुषमा स्वराज अपने आवास में मौजूद नहीं थी। विदेश मंत्री संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से जुड़े एक समारोह में हिस्सा लेने अमेरिका रवाना हो गई है।
आप की युवाई इकाई के नेता विकास योगी ने कहा, मोदी सरकार ने कहा था कि न खायेंगे और खाने देंगे। ऐसी स्थिति में भाजपा और सरकार की नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वह सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को बर्खास्त करे जिन्होंने ललित मोदी की मदद की।
विरोध प्रदर्शन के दौरान किसी को हिरासत में नहीं लिया गया हालांकि पुलिस, आप कार्यकर्ताओं को बसों से रेडक्रॉस मेट्रो स्टेशन तक ले गए।
भाषा

Friday, 19 June 2015

इंटरनेशनल योगा डेः ईसाई संगठन ने 21 जून के आयोजन पर उठाए सवाल

नई दिल्ली. 21 जून को इंटरनेशनल योगा डे को लेकर कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं की आपत्ति के बीच अब एक ईसाई संगठन ने भी संडे के इसके आयोजन को लेकर सवाल उठाए हैं। नागालैंड बाप्टिस्ट चर्च काउंसिल (एनबीसीसी) ने केन्द्र सरकार के योगा डे आयोजन पर आपत्ति जताई है। एनबीसीसी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रविवार को ऐसे कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है और अगर इसके लिए जोर-जबरदस्ती की गई तो इसे संविधान की ओर से दी गई धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन माना जाएगा। देश में योग को किसी धर्म विशेष से जोड़कर नहीं देखने की अपील की जा रही है, लेकिन एनबीसीसी का कहना है कि इसकी जड़ें हिंदू धर्म से जुड़ी हुई हैं।
बता दें कि 21 जून को रविवार है और रविवार को देश भर में छुट्टी होती है। ईसाई समाज के लोग रविवार को चर्च में प्रार्थना के लिए जाते हैं। संगठन ने इस दिन योग कार्यक्रम रखने को धार्मिक भवनाएं आहत करने वाला बताया है।
हमले की आशंका, खुफिया एजेंसी ने किया सतर्क
खुफिया एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर दिल्ली में आतंकी हमले से संबंधित अलर्ट जारी किया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने राजपथ के आसपास इलाकों में दो दिनों तक गुब्बारा, पतंग आदि उड़ाने पर बैन लगा दिया है। 21 जून को करीब 40 हजार लोग राजपथ पर योग करने वाले हैं।
योगा डे को लेकर पलटी उत्तराखंड सरकार
उत्तराखंड की कांग्रेस शासित सरकार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस न मनाने के अपने फैसले से पलट गई है। हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार ने ऑफिशियली इस समारोह को मनाने का डिसीजन लिया है। इतना ही नहीं सीएम हरीश रावत खुद 21 जून को राज्य स्तरीय योग वर्कशॉप की अध्यक्षता करने जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने अपनी राज्य सरकारों को योग कार्यक्रमों के प्रति उत्साह दिखाने के लिए पहले ही सचेत कर दिया है। इसलिए रावत का फैसला कांग्रेस हाईकमान को धत्ता बताने जैसा माना जा रहा है।
अब सीएम बनेंगे वर्कशॉप के चीफ गेस्ट
21 जून को को विश्व योग दिवस के अवसर पर देहरादून के पवेलियन ग्राउंड में राज्यस्तरीय वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री हरीश रावत चीफ गेस्ट होंगे। राज्य के प्रमुख सचिव ओम प्रकाश ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस कार्यक्रम में राज्य के हेल्थ सेक्रेटरी सुरेंद्र सिंह नेगी भी आएंगे।
पहले किया था किनारा
इससे पहले हरीश रावत ने 17 को देहरादून में कहा था, “हम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का हिस्सा नहीं बनेंगे, क्योंकि हमारी इस बारे में ढोल पीटने में दिलचस्पी नहीं है।” रावत ने ये भी कहा था कि उत्तराखंड शारीरिक और मानसिक देखभाल की प्राचीन भारतीय पद्धति को प्रोत्साहन देने के पक्ष में है और इसके लिए उसकी अपनी योजना है, हम सितंबर से योग को प्रोत्साहन देने के लिए जल्द ही विस्तृत कार्य योजना के साथ आएंगे।
फैसला बदलने को लेकर चुप्पी
हालांकि बुधवार के योग दिवस न मनाने के फैसले को एक दिन बाद ही रावत सरकार ने क्यों बदल दिया, इस पर कोई सफाई सरकार की ओर से नहीं दी गई है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार को ऐसा लगता है कि अगर इस योग दिवस से दूर रहा गया तो जनता में इसका गलत संकेत जा सकता है क्योंकि उत्तराखंड का योग से बहुत प्राचीन संबंध है। योग राज्य के पर्यटन और आर्थिक कारणों से भी जुड़ा है। हरिद्वार में पतंजलि योग पीठ और शांतिकुंज जैसे प्रसिद्ध योग संस्थान भी हैं।

जुरासिक वर्ल्ड रिव्यू: नया पार्क लेकिन आफतें और मुश्किलें पुरानी

कुछ चीजों-बातों के साथ हम बडे़ होते हैं। 1993 में निर्देशक स्टीवन स्पीलबर्ग द्वारा शुरू की गई 'जुरासिक पार्क' फिल्म सीरीज एक ऐसी ही कहानी है, जिसे देख कर एक पूरी पीढ़ी जवान हुई है। 'जुरासिक वर्ल्ड' इस सिरीज की चौथी किस्त है, जिसमें कहानी के नाम पर यूं तो कुछ खास नया नहीं है, लेकिन पृथ्वी के सबसे विशालकाय जीव डायनोसोर की वजह से यह आकर्षण आज भी ज्यों का त्यों बना हुआ है।
इंसान की महत्वाकांक्षाओं और विज्ञान के टकराव से पैदा हुए मानव निर्मित डायनोसोर की यह कहानी उसी पार्क से शुरू होती है, जहां इसके पहले भाग का अंत हुआ था। जुरासिक पार्क फिर से खुल गया है। इसका नया मालिक है साइमन मसरानी (इरफान), जिसने इसके पूर्व मालिक जॉन हैमंड की तरह इसे भव्य बनाने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी। पानी की तरह पैसा बहाया है, ताकि लोग यहां आकर मजे कर सकें।

पार्क की वरिष्ठ मैनेजर क्लेर (ब्रेस डालास हावर्ड) के दो भांजे जाक (निक रॉबिन्सन) और गैरी (ताय सिंपकिंस) पार्क घूमने आये हैं। उधर ऑवेन ग्रीडी (क्रिस प्रैट) नामक एक पूर्व जांबाज सिपाही पार्क में छोटे डायनोसोर्स यानी रैप्टर्स पर एक प्रयोग कर रहा है। ऑवेन का मानना है कि रैप्टर्स से दोस्ती कर उन्हें अपने कहे अनुसार चलाया जा सकता है, जबकि पार्क में काम कर रहे सुरक्षा प्रमुख  विक हॉस्किंस (विंसेंट डी'ओनोफ्रियो)  इन रैप्टर्स को सेना के काम में लाने का सपना देखता है।
और एक दिन उसकी यही मौकापरस्ती पार्क में तूफान पैदा कर देती है। पता चलता है कि अलग-अलग डीएनए से बनाया गया एक डायनोसोर अपने बाड़े से निकल गया है। ऑवेन को उसे वापस लाने की जिम्मेदारी दी जाती है, लेकिन तब तक पार्क में तबाही मच जाती है।

अपने पहले भाग से इस बार की कहानी बस थोड़ी ही अलग लगती है। वही पार्क है, उसी तरह के डायनोसोर हैं, उन्हें देखने की उसी तरह की दीवानगी है, उसी तरह के खतरे हैं, झटके हैं वगैरह वगैरह। फिर भी दो घंटे की यह फिल्म बांधे रखती है। शुरू से लेकर अंत तक बस रोमांच ही रोमांच। ये रोमांच है 3डी का। कुछ अन्य 3डी फिल्मों के मुकाबले इस फिल्म में हमला कर देने वाले या अपनी ओर लपकने वाले पल कम हैं, लेकिन एक जंगल की खूबसूरती, विशालकाय डायनोसोर की लड़ाई वगैरह 3डी में काफी अच्छे लगते हैं।

एक रूखे और जांबाज जवां मर्द के रूप में क्रिस प्रैट ठीक लगे हैं और ब्रेस डालास का काम मनोरंजन का स्तर बढ़ा देता है। इरफान की मौजूदगी मजा कम और सोचने पर ज्यादा मजबूर करती है। आखिर विश्व का आठवां सबसे अमीर आदमी इतना आम कैसे हो सकता है। फिर भी इन सब बातों से परे ये फिल्म पुरानी यादों के साथ मनोरंजन करती है। उन बच्चों को शायद ज्यादा मजा आएगा, जिन्होंने इसके पहले दो भागों की सिर्फ कहानी सुनी है। उन्हें कभी सिनेमाघर में नहीं देखा।

पाकिस्तानी सेना के हवाई हमलों में 20 आतंकी ढेर

पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों ने शुक्रवार को अफगानिस्तान की सीमा से लगते अशांत उत्तर पश्चिमी कबाइली क्षेत्र में आतंकी ठिकानों पर बमबारी की जिसमें कम से कम 20 आतंकवादी मारे गए। सेना ने इस इलाके में तालिबान के खिलाफ व्यापक अभियान छेड़ रखा है।

हवाई हमले खैबर जिले में किए गए जो एक तरफ से अफगानिस्तान की सीमा से लगता है और दूसरी तरफ खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की राजधानी पेशावर से लगता है। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों में किए गए हवाई हमलों में 20 आतंकवादी मारे गए जिनमें उनके कुछ महत्वपूर्ण कमांडर भी शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि हमलों में 18 आतंकवादी घायल हुए हैं। स्वतंत्र सूत्रों से सूचना की पुष्टि नहीं हो पाई क्योंकि यह इलाका दूरदराज का है और पत्रकारों की सीमाओं से बाहर है। आज का हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान के सेना प्रमुख राहील शरीफ खैबर में सेना के अग्रिम मोर्चों के दौरे पर हैं। सेना के अनुसार जनरल शरीफ ने कहा कि आतंकवाद को देश से पूरी तरह खत्म कर दिया जाएगा।

इंटरनेशनल योगा डेः ईसाई संगठन ने 21 जून के आयोजन पर उठाए सवाल

नई दिल्ली. 21 जून को इंटरनेशनल योगा डे को लेकर कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं की आपत्ति के बीच अब एक ईसाई संगठन ने भी संडे के इसके आयोजन को लेकर सवाल उठाए हैं। नागालैंड बाप्टिस्ट चर्च काउंसिल (एनबीसीसी) ने केन्द्र सरकार के योगा डे आयोजन पर आपत्ति जताई है। एनबीसीसी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि रविवार को ऐसे कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है और अगर इसके लिए जोर-जबरदस्ती की गई तो इसे संविधान की ओर से दी गई धार्मिक स्वतंत्रता का उल्लंघन माना जाएगा। देश में योग को किसी धर्म विशेष से जोड़कर नहीं देखने की अपील की जा रही है, लेकिन एनबीसीसी का कहना है कि इसकी जड़ें हिंदू धर्म से जुड़ी हुई हैं।
बता दें कि 21 जून को रविवार है और रविवार को देश भर में छुट्टी होती है। ईसाई समाज के लोग रविवार को चर्च में प्रार्थना के लिए जाते हैं। संगठन ने इस दिन योग कार्यक्रम रखने को धार्मिक भवनाएं आहत करने वाला बताया है।
हमले की आशंका, खुफिया एजेंसी ने किया सतर्क
खुफिया एजेंसियों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर दिल्ली में आतंकी हमले से संबंधित अलर्ट जारी किया है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने राजपथ के आसपास इलाकों में दो दिनों तक गुब्बारा, पतंग आदि उड़ाने पर बैन लगा दिया है। 21 जून को करीब 40 हजार लोग राजपथ पर योग करने वाले हैं।
योगा डे को लेकर पलटी उत्तराखंड सरकार
उत्तराखंड की कांग्रेस शासित सरकार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस न मनाने के अपने फैसले से पलट गई है। हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार ने ऑफिशियली इस समारोह को मनाने का डिसीजन लिया है। इतना ही नहीं सीएम हरीश रावत खुद 21 जून को राज्य स्तरीय योग वर्कशॉप की अध्यक्षता करने जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस ने अपनी राज्य सरकारों को योग कार्यक्रमों के प्रति उत्साह दिखाने के लिए पहले ही सचेत कर दिया है। इसलिए रावत का फैसला कांग्रेस हाईकमान को धत्ता बताने जैसा माना जा रहा है।
अब सीएम बनेंगे वर्कशॉप के चीफ गेस्ट
21 जून को को विश्व योग दिवस के अवसर पर देहरादून के पवेलियन ग्राउंड में राज्यस्तरीय वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यशाला में मुख्यमंत्री हरीश रावत चीफ गेस्ट होंगे। राज्य के प्रमुख सचिव ओम प्रकाश ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस कार्यक्रम में राज्य के हेल्थ सेक्रेटरी सुरेंद्र सिंह नेगी भी आएंगे।
पहले किया था किनारा
इससे पहले हरीश रावत ने 17 को देहरादून में कहा था, “हम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का हिस्सा नहीं बनेंगे, क्योंकि हमारी इस बारे में ढोल पीटने में दिलचस्पी नहीं है।” रावत ने ये भी कहा था कि उत्तराखंड शारीरिक और मानसिक देखभाल की प्राचीन भारतीय पद्धति को प्रोत्साहन देने के पक्ष में है और इसके लिए उसकी अपनी योजना है, हम सितंबर से योग को प्रोत्साहन देने के लिए जल्द ही विस्तृत कार्य योजना के साथ आएंगे।
फैसला बदलने को लेकर चुप्पी
हालांकि बुधवार के योग दिवस न मनाने के फैसले को एक दिन बाद ही रावत सरकार ने क्यों बदल दिया, इस पर कोई सफाई सरकार की ओर से नहीं दी गई है। लेकिन सूत्रों का कहना है कि सरकार को ऐसा लगता है कि अगर इस योग दिवस से दूर रहा गया तो जनता में इसका गलत संकेत जा सकता है क्योंकि उत्तराखंड का योग से बहुत प्राचीन संबंध है। योग राज्य के पर्यटन और आर्थिक कारणों से भी जुड़ा है। हरिद्वार में पतंजलि योग पीठ और शांतिकुंज जैसे प्रसिद्ध योग संस्थान भी हैं।

मेरा स्वभाव शर्मीला है : श्रद्धा कपूर

पर्दे पर मुखर किरदारों को रंग देने वाली अभिनेत्री श्रद्धा कपूर का कहना है कि वास्तविक जीवन में वह बिल्कुल उलट हैं। वर्ष 2010 में अभिताभ बच्चन अभिनीत 'तीन पत्ती' से अभिनय की दुनिया में कदम रखने वाली श्रद्धा कहती हैं कि वह शर्मीले स्वभाव की हैं।
   
'तीन पत्ती' बॉक्स ऑफिस पर धमाल नहीं मचा पाई। इसके बाद श्रद्धा दो साल पहले 'आशिकी 2' में नवोदित गायिका के रूप में दर्शकों का ध्यान आकष्ट करने में सफल रहीं। इस फिल्म में नायक आदित्य राय कपूर थे जिनके साथ श्रद्धा के रोमांस की खबरें भी आईं।
   
शर्मीला और संकोची स्वभाव होने का दावा करने वाली श्रद्धा को लगता है कि शोहरत उनके स्वभाव को बदल नहीं पाई और लोगों के बीच जाने पर आज भी उन्हें झिझक महसूस होती है।
   
श्रद्धा ने कहा वास्तविक जीवन में मैं शर्मीले स्वभाव की हूं। मैं बहुत सोशल नहीं हूं। अपने परिवार वालों और मित्रों के साथ ही मैं खुल कर बात कर पाती हूं। वैसे मैं थोड़ा मुखर जरूर हुई हूं लेकिन दिल से...आज भी संकोची हूं।
   
उन्होंने कहा कि कई बार मुझे लगता है कि मुझे खुद को बदलना चाहिए और स्वयं को अच्छी तरह अभिव्यक्त करना चाहिए। लोग मुझे अक्सर ऐसा कहते हैं क्योंकि मैं एक कलाकार हूं लेकिन अगर मेरे पास कुछ कहने के लिए नहीं है तो मैं कह ही नहीं सकती। खुद को बदलने के लिए मुझे कुछ समय चाहिए।

एक विलेन की अदाकारा खुद को भाग्यशाली मानती हैं कि फिल्म उद्योग में उनकी छोटी सी ही सही, जो पहचान बनी है वह उनके काम की वजह से बनी है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण उनकी अमिताभ बच्चन से मुलाकात है।
   
श्रद्धा ने बताया बच्चन के साथ अब मैं ज्यादा बेहतर महसूस करती हूं। मैं 'पीकू' की सफलता पर आयोजित पार्टी में उनसे मिली और वह तो बहुत गर्मजोशी के साथ मुझसे मिले। मुझे बहुत ताज्जुब हुआ। मैंने उनके साथ 'तीन पत्ती' की थी। उनका सामना करने से मैं झिझक रही थी।
   
कई कलाकार अपनी फिल्मों की प्रमोशन संबंधी गतिविधियों को लेकर शिकायत करते हैं लेकिन श्रद्धा को अपने काम से जुड़ा यह पहलू अच्छा लगता है। फिलहाल वह 'एबीसीडी 2' के प्रमोशन में व्यस्त हैं।
   
रेमो डिसूजा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में श्रद्धा के नायक वरूण धवन हैं। इस फिल्म को श्रद्धा अपने लिए खास मानती हैं क्योंकि पहली बार उन्होंने एक डांसर की भूमिका निभाई है। 'एबीसीडी 2' वर्ष 2013 में बनी एबीसीडी की सीक्वल है।

नहीं जमी रंगीली फैमिली

किसी को खाता-कमाता देख कोई खुश होता है भला! पिछले दिनों फिल्म मंडी में अजीब कानाफूसी चल रही थी। कुछ लोग तनु-मनु के बारे में बतिया रहे थे। कह रहे थे, 'यार ये तनु-मनु ने बड़ा दुखी कर दिया। उतरने का नाम ही नहीं ले रही। भई, दूसरों को भी धंधा करने दो। बताओ, अब भी सैंकड़ों सनीमाघर घेरे बैठी है।'
इसमें कोई दो राय नहीं कि बीते दो-तीन हफ्तों से बॉलीवुड में 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' का और उधर चीन में 'पीके' का हल्ला मचा हुआ है, जिसकी वजह से पिछले हफ्ते रिलीज हुई फिल्म 'दिल धड़कने दो' को तगड़ा झटका लगा है। जोया अख्तर की इस फिल्म को एक हफ्ते में बस ठीक-ठाक सा ही कलेक्शन मिला है।
इस फिल्म को पहले दिन 10.53 करोड़ की  ओपनिंग मिली। दूसरे दिन 12.27 करोड़ और तीसरे दिन (रविवार) फिल्म ने 14.25 करोड़ रुपये बटोरे। बताया जाता है कि 37.05 करोड़ के वीकएंड के साथ फिल्म की शुरुआत को ठीक माना गया। एक आस बंधी दिखी कि यह फिल्म अपने पहले सोमवार को कोई कमाल करेगी, पर सोमवार को फिल्म ने रविवार के मुकाबले आधे से भी कम कलेक्शन किया। 5.77 करोड़ के साथ फिल्म को पहले सोमवार को भारी झटका लगा और 42.82 करोड़ के साथ फिल्म ने आगे बढ़ना शुरू किया। मंगलवार को 5.09 करोड़, बुधवार को 4.48 करोड़ बटोर कर फिल्म 52.39 करोड़ तक जा पहुंची।
एक बड़े बजट और बड़ी स्टारकास्ट वाली फिल्म के लिए यह कलेक्शन काफी कम है। इस लिहाज से भी कि फिल्म को समीक्षकों से अच्छी रेटिंग मिली थी। इसके दूसरी ओर फिल्म को विदेश में थोड़ा बेहतर रिस्पॉन्स मिला है। इस फिल्म ने अपने पहले वीकएंड में विदेश में 3.5 मिलियन यानी 22.38 करोड़ रुपये बटोरे हैं। अपने वर्ल्डवाइड कलेक्शन के साथ यह फिल्म अब 70 करोड़ की तरफ बढ़ तो रही है, लेकिन तनु वेड्स मनु... और इस हफ्ते रिलीज हुई अंग्रेजी फिल्म 'जुरासिक वर्ल्ड' इसके लिए मुसीबत बन सकते हैं। जानकारी के अनुसार 'जुरासिक वर्ल्ड' को 'हमारी अधूरी कहानी' के लगभग बराबर ही सिनेमाघर मिले हैं। गर्मी की छुट्टियां, 3डी का क्रेज, एक हिट फ्रेंचाइजी और जबरदस्त फन होने की वजह से यह फिल्म न केवल 'दिल धड़कने दो' को मुसीबत में डाल सकती है, बल्कि 'हमारी अधूरी कहानी' के लिए भी परेशानी का सबब बन सकती है।
उधर 'तनु वेड्स मनु रिटर्न्स' अपने तीसरे हफ्ते में 136.69 करोड़ बटोर चुकी है और अपने वर्ल्डवाइड कलेक्शन (180.10 करोड़) के साथ अब तेजी से 200 करोड़ की तरफ बढ़ रही है। और अगर इसने 200 करोड़ का आंकड़ा छू लिया तो यह सफलता प्रतिशत में आमिर खान की फिल्म 'पीके' को काफी पीछे छोड़ देगी। शायद इसीलिए इन दिनों कंगना को 'लेडी खान' कह कर पुकारा जा रहा है।

फिल्म 'सरबजीत' में काम करने से इरफान का इंकार

फिल्म अभिनेता इरफान खान ने निर्देशक ओमुंग कुमार की आने वाली फिल्म 'सरबजीत' में काम करने को लेकर लगायी जा रही अटकलों पर विराम लगा दिया है और कहा है वह इस फिल्म में काम नहीं कर रहे हैं। यह फिल्म पाकिस्तान में मारे गये भारतीय कैदी सरबजीत सिंह के जीवन पर आधारित है।
   
टॉम हैंक्स के साथ हॉलीवुड की अपनी फिल्म 'इनफर्नो' की बुडापेस्ट में इन दिनों शूटिंग कर रहे इरफान ने बताया कि उनसे फिल्म में काम करने के लिए संपर्क नहीं किया गया।
   
इरफान (48) ने एक बयान में कहा कि मुझसे सरबजीत की भूमिका निभाने के लिए संपर्क नहीं किया गया। यह खबर सही नहीं है। अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन सरबजीत की बहन दलबीर कौर की भूमिका निभा रही हैं जो लाहौर जेल से अपने भाई की रिहाई के लिए संघर्ष करती हैं।
   
इस फिल्म की शूटिंग इस साल अक्तूबर में शुरू होगी और उम्मीद है कि मई 2016 में यह फिल्म सिनेमा घरों में प्रदर्शित होगी।

राम गोपाल वर्मा ने 'किलिंग वीरप्पन' की शूटिंग शुरू की

डायरेक्टर राम गोपाल वर्मा ने अपनी पहली कन्नड़ फिल्म 'किलिंग वीरप्पन' की शूटिंग शुरू कर दी है. यह फिल्म चंदन तस्कर वीरप्पन पर आधारित है. वर्मा ने गुरुवार को ट्विटर पर इसकी जानकारी दी और एक तस्वीर भी शेयर की.
यह फिल्म तेलुगू, तमिल और हिंदी में भी रिलीज होगी. फिल्म में राजकुमार के बेटे शिवराजकुमार मुख्य रोल में हैं. शिवराजकुमार उस अधिकारी की भूमिका में होंगे, जिसके हाथों वीरप्पन मारा जाता है, वहीं नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा के युवा छात्र को तस्कर वीरप्पन की भूमिका के लिए चुना गया है.
फिल्म को बी.वी.मंजुनाथ, बी.एस.सुधिंद्र और शिवप्रकाश.ई मिल कर प्रोड्यूस  कर रहे हैं. फिल्म में एक्ट्रेस यांगा शेट्टी और पारुल यादव भी हैं.

सचिन को भारत रत्न के खिलाफ याचिका मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में स्वीकार

जबलपुर : मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने उस याचिका को स्वीकार कर लिया है जिसमें कथित तौर पर सम्मान की ‘प्रतिष्ठा’ का इस्तेमाल ‘व्यावसायिक उत्पादों का प्रचार करके पैसा कमाने’ पर महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को दिए भारत रत्न को वापस लेने की मांग की गई है।
मुख्य न्यायाधीश ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति के.के. त्रिवेदी की पीठ ने कल सहायक सालीसिटर जनरल को निर्देश दिया कि वह पता करें कि क्या भारत रत्न हासिल करने वालों के लिए उच्चतम न्यायालय के कुछ दिशानिर्देश (क्या करें और क्या नहीं) हैं या नहीं और एक हफ्ते में जवाब दें।
याचिकाकर्ता भोपाल निवासी वीके नासवाह ने कहा कि तेंदुलकर काफी लोकप्रिय है क्योंकि क्रिकेट में देश के लिए कई विश्व रिकार्ड बनाए हैं। नासवाह ने तेंदुलकर पर आरोप लगाया कि उन्होंने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान की ‘प्रतिष्ठा’ का इस्तेमाल करके व्यावसायिक उत्पादों का प्रचार किया और पैसा कमाया जो सर्वोच्च नागरिक सम्मान की मर्यादा, विरासत और सिद्धांतों के खिलाफ है।
नासवाह ने कहा कि तेंदुलकर को नैतिक आधार पर यह पुरस्कार लौटा देना चाहिए और अगर वह ऐसा नहीं करते हैं तो केंद्र सरकार को उनसे यह सम्मान छीन लेना चाहिए। तेंदुलकर अवीवा लाइफ इंश्योरेंस, बूस्ट, एमआरएफ, ल्यूमिनस और रीयल्टी फार्म अमित एंटरप्राइज सहित 12 से अधिक ब्रांड का प्रचार करते हैं।

तीस्ता सीतलवाड़ के दो NGO को गृह मंत्रालय का नोटिस

सोशल वर्कर तीस्ता सीतलवाड़ और उनके पति के दो गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को कथित रूप से विदेशी चंदा नियमन कानून (एफसीआरए) का उल्लंघन करने के मामले में गृह मंत्रालय ने नोटिस भेजा है।

इसका जवाब देने के लिए उन्हें 15 दिन का समय दिया गया है। तीस्ता और उनके पति जावेद आनंद द्वारा चलाए जाने वाले एनजीओ सबरंग ट्रस्ट और सिटिजंस फॉर जस्टिस ऐंड पीस (सीजेपी) को दो दिन पहले नोटिस जारी किए गए।

मंत्रालय के अधिकारियों ने इस साल अप्रैल में इन दोनों संगठनों के दफ्तरों में जाकर उनके रिकॉर्ड और खातों की जांच की थी। इसके बाद ये नोटिस जारी किए गए हैं। सूत्रों ने बताया कि जांच में पाया गया कि दोनों एक मैगजीन 'कम्युनलिज्म कॉम्बैट' चलाते हैं और इसके सह-संपादक हैं। वे अपनी कंपनी सबरंग कम्युनिकेशंस ऐंड पब्लिशिंग प्राइवेट लिमिटेड के मुद्रक और प्रकाशक भी हैं।


उन्हें कथित रूप से विदेशी चंदा मिला है। विदेशी चंदा नियमन कानून के तहत किसी भी रजिस्टर्ड अखबार का कोई भी संवाददाता, कॉलम लिखने वाला, कार्टूनिस्ट, संपादक, मालिक, मुद्रक अथवा प्रकाशक विदेशी योगदान को स्वीकार नहीं कर सकता है।

दोनों का दूसरा एनजीओ सीजेपी है। यह गुजरात में 2002 में हुए दंगों के शिकार लोगों के मामलों को लड़ने में उनकी मदद करता रहा है। संगठन को 2008-09 से लेकर 2013-14 के बीच 1.18 करोड रुपये की विदेशी सहायता मिली है।

नोटिस के मुताबिक इसमें से 80 प्रतिशत से अधिक राशि यानी करीब 95 लाख रुपये कानूनी सहायता पर खर्च किए गए। एनजीओ का पंजीकरण जहां एक तरफ 'शैक्षणिक और आर्थिक कार्यों' के लिए किया गया था, वहीं इसे कानूनी सहायता जैसी गतिविधियों के लिए विदेशी सहायता प्राप्त हुई है, जो कि 'सामाजिक' कार्यों के तहत आती है। इस लिहाज से एनजीओ ने एफसीआरए नियमों का उल्लंघन किया है।

संगठन के बिल-चालान की जांच परख में पाया गया कि सबरंग ट्रस्ट ने विदेशी चंदों के लिए खोले गए खातों से सिटी बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को 12 लाख रुपये का भुगतान किया जो सीतलवाड़ और आनंद के क्रेडिट कार्ड की सुविधा के एवज में किया गया। गृह मंत्रालय के नोटिस में कहा गया है, 'एफसीआरए 2010 के प्रावधानों के तहत विदेशी सहायता का इस्तेमाल ऐसे काम के लिए किया गया जिसकी अनुमति नहीं है। इस लिहाज से इस असोसिएशन ने एफसीआरए कानून की धारा 8 (1) ए का उल्लंघन है।'

गृह मंत्रालय की जांच में यह भी पाया गया कि आनंद ने लाहौर की यात्रा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा पॉलिसी ली और इसके लिए धन सबरंग ट्रस्ट के खाते से चुकाया गया। यहां तक कि पीपल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टी (पीयूसीएल) की बैठकों में भाग लेने के लिए किताबों और यात्रा पर जो खर्च किया गया उसे भी सबरंग ट्रस्ट के खातों में डाल दिया गया। यह भी कानून का उल्लंघन है।

मंत्रालय की जांच में यह भी पाया गया कि सबरंग ट्रस्ट ने कथित तौर पर 50 लाख रुपये की राशि को एससीपीपीएल को ट्रांसफर किया, जो कि एफसीआरए के तहत पंजीकृत नहीं है। एफसीआरए कानून के नियमों के तहत विदेशी चंदे से मिली राशि को गैर-एफसीआरए खातों में हस्तांतरित नहीं किया जा सकता। जांच के दौरान और भी कई तरह की विसंगतियां पाई गई हैं।

विश्व योग दिवस के लिए सजा राजपथ, तैयारियां पूरी

राजपथ पर अन्तरराष्ट्रीय योग दिवस के पूर्वाभ्यास के साथ ही योग दिवस की तैयारियां पूरी हो गई हैं। रविवार की सुबह कड़ी सुरक्षा-व्यवस्था के बीच पहला योग दिवस मनाया जाएगा। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वहां रहेंगे लेकिन वे योग नहीं करेंगे अलबत्ता लोगों को संबोधित करेंगे। राजपथ पर 35 हजार लोग योगाभ्यास करेंगे।

आयुष मंत्रालय के अनुसार रविवार को सुबह सात बजे 6.40 बजे योग दिवस कार्यक्रम शुरू होगा। आयुष मंत्री और प्रधानमंत्री के संक्षिप्त संबोधन के बाद सात बजे योग प्रदर्शन शुरू होगा जो 7.33 बजे तक चलेगा। शुक्रवार को इसी समय पर पूर्वाभ्यास का भी आयोजन किया गया जिसमें 12 हजार से भी ज्यादा लोगों ने योगासन किए।

राजपथ पर 23 एलईडी स्क्रीन-राजपथ पर करीब 35 हजार लोगों के कार्यक्रम में शामिल होने का अनुमान है। उनकी सुविधा के लिए 23 एलईडी स्क्रीनें जगह-जगह  पर लगाई गई हैं जिससे लोग आसन देकर अभ्यास कर सकेंगे। योगाभ्यास में शामिल होने वालों में केंद्रीय मंत्री, सांसद, सचिव, सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, राजनयिक, गणमान्य व्यक्ति, एनसीसी कैडेट, स्कूली बच्चे, अर्धसैनिक बलों के जवान आदि शामिल होंगे।

आम जनता नहीं पहुंचे राजपथ-आयुष मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे किसी गलतफहमी में आकर राजपथ पर नहीं पहुंचे। वहां सिर्फ उन्हीं लोगों को प्रवेश दिया जाएगा जिन्हें निमंत्रण दिया गया है। बिना निमंत्रण पत्र के राजपथ पर किसी को भी प्रवो नहीं दिया जाएगा।

15 योगासन होंगे-राजपथ पर 33 मिनट के योगाभ्यास के दौरान 15 योगासन किए जाएंगे। इस बारे में आयुष मंत्रालय ने पहले ही एक पुस्तिका जारी कर दी थी। कार्यक्रम की शुरूआत में प्रार्थना होगी। फिर शरीर के शिथिलीकरण के प्रयास होंगे जिसमें शरीर को दाएं-बाएं, आगे-पीछे घुमाना शामिल है। इसके बाद आसन शुरू होंगे। जिनमें ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन, भद्रासन, अर्ध उष्ट्रासन, शशांकासन, वक्रासन, भजुंगासन, शलभासन, मकरासन, सेतुबंधासन, पवन मुक्तासन तथा शवासन शामिल हैं। इसके बाद कपालभाति, प्रणायाम अनुलोम विलोम, भ्रामरी प्रणायाम, ध्यान आदि होगा। अंत में संकल्प और शक्तिपाठ के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। पूरा कार्यक्रम सिर्फ 33 मिनट का है।

प्रशिक्षित लोग हो रहे हैं शामिल-योग कार्यक्रम में जो 35 हजार लोग शामिल हो रहे हैं, उन्हें उपरोक्त क्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया है। बलों के जवानों, एनसीसी कैडेट को बकायदा इसके लिए ट्रेनिंग दी गई। उन्हीं केंद्रीय कर्मियों को आमंत्रित किया गया है जो नियमित योग करते हैं। उन्हें पिछले कुछ दिनों से मोरारजी देसाई योग संस्थान में ट्रेनिंग भी दी जा रही है।

मोदी के साथ मंच पर बाबा-योग दिवस कार्यक्रम के लिए बने मंच में प्रधानमंत्री मोदी के साथ योग गुरू बाबा रामदेव भी नजर आ सकते हैं। छह लोग मंच पर होंगे जिनमें आयुष मंत्री श्रीपाद नाईक, आयुष सचिव निलंजन सान्याल, योगाचार्य एचआर नगेन्द्र, हंसा जयदेव, स्वामी आत्मप्रिय नंदा शामिल हो सकते हैं।

सोनिया, राहुल एवं केजरीवाल को भी न्यौता
राजपथ पर आयोजित होने वाले विश्व योग दिवस में देश की सभी जानी-मानी राजनीतिक हस्तियों को आमंत्रित किया गया है। इसमें कांग्रेसध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी समेत दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी शामिल हैं।

आयुष मंत्री श्रीपाद नाईक ने हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि सभी सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों को योग दिवस समारोह में शामिल होने के लिए निमंत्रण भेजा गया है। विशेष रूप से निमंत्रण पाने वालों में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी एवं महासचिव राहुल गांधी भी शामिल हैं। हालांकि सांसद होने के नाते भी उन्हें आमंत्रित किया गया है।

नाईक के अनुसार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी आयुष मंत्रालय की तरफ से निमंत्रण भेजा गया है। दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग को भी आमंत्रित किया गया है। यह पूछने पर कि क्या सोनिया, राहुल, केजरीवाल आदि योग दिवस में शामिल होंगे, नाईक ने कहा कि हमने नियंत्रण दिया है, लेकिन शामिल होना या नहीं होने उनकी इच्छा पर निर्भर करता है।

अगले 35 दिनों में 2500 ट्रेनें रद होंगी और 5000 ट्रेनें होंगी लेट

रेल यात्री अगले 35 दिनों तक संबंधित ट्रेन की जानकारी लेने के बाद ही अपने घर से रेलवे स्टेशन के लिए निकलें। मध्य प्रदेश के इटारसी स्टेशन का सिग्नल सिस्टम (आरआरआई) फेल होने के कारण समूचे भारत में रेलवे का ट्रेन परिचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है।
देश के पूर्व-पश्चिम दिशा की ट्रेनें बड़ी संख्या में रद कर दी गईं हैं। वहीं, उत्तर-दक्षिण दिशा की ट्रेनों का मार्ग बदलकर चलाया जाएगा। इससे यात्री ट्रेनें 6-10 घंटे की देरी से गंतव्य पहुंचेगी।

रेल मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गत दिवस आग लगने से मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन का रूट रिले इंटरलॉकिंग (आरआरआई) सिस्टम जलकर खाक हो गया। रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात अजय शुक्ला ने पत्रकारों को बताया कि आग लगने से पैनल व प्वाइंट्स को जोड़ने वाली वायरिंग जल गई है। इसकी मरम्मत में कम से कम 35 दिन का समय लगेगा। इसलिए आगामी 22 जुलाई से पहले ट्रेनों का परिचालन पटरी पर आने की संभावना नहीं है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें तीन से छह माह का वक्त लगेगा। अजय शुक्ला ने बताया कि नया पैनल लगाने की स्थिति में अधिकतम आठ माह का समय लग सकता है।

उन्होंने बताया कि इटारसी भारतीय रेलवे का सबसे महत्वपूर्ण व मध्य में रेलवे स्टेशन है। यहां से देश की चारो ओर जाने वाली ट्रेनों का आवागमन होता है। इटारसी से हर रोज लगभग 150 यात्री ट्रेनें व 60 मालगाड़ियां गुजरती हैं। 22 जुलाई तक 70 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें रद रहेंगी। जबकि दो दर्जन मालगाड़ियों का परिचालन संभव होगा। उत्तर-दक्षिण दिशा की ट्रेनों को मार्ग बदलकर चलाया जाएगा। जानकारों के मुताबिक अगले 35 दिनों में 2500 ट्रेनें रद होंगी और 5000 ट्रेनें होंगी प्रभावित।

रेलवे बोर्ड सदस्य यातायात अजय शुक्ला ने बताया कि ट्रेनों के रद होने की जानकारी यात्रियों को 48 घंटे पहले दी जाएगी। यात्री रेलवे पूछताछ सेवा 139 से इसकी जानकारी कर सकते हैं। इसके अलावा विज्ञापनों के जरिए लोगों को सूचना दी जाएगी। टिकट रद कराने के लिए स्टेशनों पर विशेष व्यवस्था की गई है।

बारिश से बेहाल मुंबई की मदद को नौसेना तैयार

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बारिश से बेहाल मुंबई की मदद को नौसेना तैयार
मुंबई: भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को कहा कि वह भारी बारिश से बेहाल मुंबई को हरसंभव मदद मुहैया कराने के लिए तैयार है।

नौसेना के एक अधिकारी ने कहा, 'भारतीय नौसेना मुंबई को हरसंभव मदद पहुंचाने के लिए तैयार है।' उन्होंने कहा, 'मानक संचालन प्रक्रियाओं के मुताबिक, नौसेना ने मुंबई में बचाव और चिकित्सा दलों के साथ गोताखोरों और हवादार नौकाओं का इंतजाम किया है।'

अधिकारी ने कहा कि कोलाबा में सी किंग हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं और नौसेना बृहन्मुंबई नगर निगम और अन्य नागरिक प्रशासन के संपर्क में है।

रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता सीतांशु कर ने ट्वीट कर कहा, 'मुंबई में बचाव दलों की बड़े पैमाने पर तैनाती की गई है।'

मुंबई और आसपास के इलाके गुरुवार शाम से हो रही भारी बारिश की वजह से जलमग्न हो गए हैं। लगातार हो रही बारिश से महाराष्ट्र के दूसरे हिस्सों में भी जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है।