Ghost....कई साल पहले जुड़वां भाई फ्रेंक और विलियम बिल वाटसन को उनके दादा ने एक कहानी सुनाई थी। पेनसिल्वेनिया रेलरोड कंपनी की एक फाइल के मुताबिक फिलाडेल्फिया और कोलंबिया रेलरोड बिछाने के दौरान 57 आयरिश मजदूरों की रहस्यमयी तरीके से मृत्यु हो गई थी। उस दौरान एक ग्रामीण घाटी में मालवर्न और फ्रेजर के बीच काम चल रहा था।
मजदूरों के शरीर तुरंत वहीं दफना दिए गए थे। फिर एक बार रात में एक आदमी ने वहां हरे और नीले रंग के भूतों को नाचते देखा था। ये कहानी बच्चों के दिमाग में बैठ गई। बड़े होकर उन्होंने मजदूरों की उस गुमनाम कब्रों को तलाशने का और मौत के कारण का पता लगाने का मन बना लिया।अगस्त 1832 की इस घटना के बारे में कोई नहीं जानता था। फ्रेंक और बिल के दादा जोसफ ट्रिपिकेन पेनसिल्वेनिया रेलरोड के प्रेसीडेंट के सेक्रेटरी थे। उन्होंने करीब पांच दशक तक कंपनी के लिए काम किया था और इस हादसे की फाइल अपने पास रख ली थी। दादा की मौत के बाद डॉक्टर फ्रेंक वाटसन ने भाई विलियम, अर्ल शैंडेलमीर और जॉन एटेस के साथ रिसर्च शुरू की। इस मिशन को उन्होंने ‘द डफीज कट प्रोजेक्ट’ नाम दिया। फाइल पर नजर दौड़ाने से उन्हें जून 1889 में एक अखबार में छपी खबर नजर आई। ये सितंबर 1832 में एक आदमी द्वारा वहां भूत देखे जाने की खबर थी। इससे उन्हें पता चला कि उस समय वहां एक ब्रिज की भराई का काम चल रहा था। उन्हें लगा कि उस समय वहां कालरा फैला था और शायद मजदूरों की मौत इसी से हुई होगी। 2002 में खुदाई का काम शुरू हुआ और एक दिन उन्हें कंकाल मिल गए। 6-7 कंकाल निकाले जाने के बाद कहानी ने नया मोड़ ले लिया। किसी के सिर पर चोट और किसी में बंदूक की गोली जैसा छेद था। इससे ये तो साफ हो गया कि मजदूर कालरा से नहीं मरे थे। फिर इस सामूहिक हत्याकांड का क्या कारण था। करीब दो सदियां गुजर गईं लेकिन इस राज से परदा नहीं उठ सका है। राज है गहरा 1832 में पेनसिल्वेनिया रेलरोड की एक लाइन बिछाने के दौरान 57 आयरिश मजदूर मारे गए थे। उनकी मौत का कारण करीब दो सदी बाद भी राज बना हुआ है।
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