Wednesday, 21 September 2011

धरती फटी,निकला शिवलिंग और उमड़ आया जनसैलाब.. - Miracle in bihar,Shivling occured in land - www.bhaskar.com


बिहार के बांका जिले के बौंसी प्रखंड स्थित देभलुआर गांव में अचानक जमीन फटी और भगवान शंकर का शिवलिंग बाहर निकल आया। यह खबर जंगल में आग की तरह फैली और आसपास के दर्जनों गांवों के श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंच गए। भक्तों का आना जारी है। भीड़ छंटने का नाम नहीं ले रही। हालांकि, बाद में पता लगा कि यह अंधविश्वास है। शिवलिंग को अबतक देखा नहीं गया है। फिर भी पूजा जारी है।
कैसे फैला यह अंधविश्वास ?
ग्रामीणों की मानें तो कुरावा गांव के गोपाल यादव को पहले कुष्ठ रोग था। झारखंड के बासुकीनाथ के शिव मंदिर में धरना देने से ठीक हो गया। मंदिर छोड़ने से पहले भगवान शिव ने उसे स्वप्न में बताया कि नाग के रूप में तुम्हे दर्शन दूंगा और जहां प्रकट होउंगा वहीं पर एक शिव मंदिर का निर्माण कराना।
गोपाल ने यह बात अपनी चाची को बताते हुए कहा कि यदि उसे सांप काट लेगा तो कहीं मत ले जाना। उसी जगह पर तीन दिनों तक रखे रहना और बासुकीनाथ मंदिर से भगवान का नीर लाकर पिला देना, मैं ठीक हो जाउंगा।
सांप ने काटा तो किया भगवान के निर्देशों का पालन
गोपाल को दो सप्ताह पहले सांप ने काट लिया था। भगवान के निर्देशों के अनुसार गोपाल की चाची ने वही किया जैसा उसे कहा गया था और वह जीवित हो उठा। ग्रामीणों की बातों पर यकीन करें तो उसके उठते ही धरती फटी और एक छोटा सा शिवलिंग निकल आया।
यह खबर समूचे प्रखंड में जंगल की आग की तरह फैल गई और देखते ही देखते दर्जनों गांव के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई और भीड़ की शक्ल में हजारों लोग जिनमें खासकर महिलाऐं पहुंच कर पूजा-अर्चना में भाग ले रही हैं।
लोग भजन-कीर्तन कर रात-दिन शिवलिंग की पूजा कर रहे हैं। भीड़ इस कदर बढ़ते ही जा रही है मानों भलुआर गांव में किसी बड़े यज्ञ का आयोजन किया गया हो। पास के गांव गोकुला के रामनारायण शर्मा, अवधेश राय, दिनेश यादव आदि ने बताया कि मध्य रात्रि में जमीन फट कर अचानक शिवलिंग निकल आया। जिस कारण भक्तों की भीड़ रात्रि से ही वहां जुटनी शुरु हो गयी।
क्या कहते हैं जानकार
इस घटना को पूरी तरह से अंधविश्वास करार देते हुए बताया कि जिस जमीन पर यह शिवलिंग निकला है उस पर पावर प्लांट का निर्माण किया जा रहा है। खुदाई के कारण हो सकता है कि शिवलिंग जैसा कोई पत्थर बाहर निकल आया है और लोग उसे भगवान का अवतार मानकर पूजा-अर्चना करने लगे हैं। दूसरे एक स्थानीय लोग इसे जानबूझ कर धर्मिक रूप देने की मनगढ़ंत बात बताते हुए कहा कि पावर प्लांट की विवादित जमीन पर कब्जा करने की साजिश का एक हिस्सा हो सकता है।

No comments:

Post a Comment